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झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड में बिजली के तार की चपेट में आने से एक जंगली हाथी की मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध बालू कारोबार के लिए लगाए गए तारों से यह हादसा हुआ, जो हाथियों के पुराने गलियारे में स्थित था। वन विभाग और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
Bishnu mahapatra
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड में बिजली के तार की चपेट में आने से एक जंगली हाथी की मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध बालू कारोबार के लिए लगाए गए तारों से यह हादसा हुआ, जो हाथियों के पुराने गलियारे में स्थित था। वन विभाग और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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- झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड में बिजली के तार की चपेट में आने से एक जंगली हाथी की मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध बालू कारोबार के लिए लगाए गए तारों से यह हादसा हुआ, जो हाथियों के पुराने गलियारे में स्थित था। वन विभाग और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।1
- झारखंड के सरायकेला-खरसावाँ जिले में एक जंगली हाथी की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना स्थल पर अवैध बालू का भंडारण मिलने से वन्यजीव सुरक्षा और अवैध खनन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वन विभाग और पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- सरायकेला-खरसावाँ के कुकड़ू प्रखंड में करंट लगने से एक जंगली हाथी की दुखद मौत हो गई। घटना स्थल पर अवैध बालू भंडारण की जानकारी मिली है, जिससे आशंका है कि हाथियों को भगाने के लिए लगाए गए करंट वाले तार से हादसा हुआ। वन विभाग और पुलिस जांच में जुटी है, जिसने दलमा कॉरिडोर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- चांडिल अनुमंडल अंतर्गत रसुनिया पंचायत के रसुनिया गांव में दो सरकारी भवन—पंचायत भवन एवं स्वास्थ्य केंद्र—का निर्माण कार्य इन दिनों गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण विवादों में घिर गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता और मजदूरी भुगतान को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। चांडिल अनुमंडल अंतर्गत रसुनिया पंचायत के रसुनिया गांव में दो सरकारी भवन—पंचायत भवन एवं स्वास्थ्य केंद्र—का निर्माण कार्य इन दिनों गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण विवादों में घिर गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता और मजदूरी भुगतान को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत भवन का निर्माण “अभिनव इंडिया” नामक कंपनी द्वारा किया जा रहा है। हालांकि, निर्माण स्थल पर लगाए गए शिलान्यास पट्ट के अलावा कहीं भी योजना से संबंधित अनिवार्य सूचना पट (जैसे कुल लागत, संवेदक का नाम, कार्य अवधि, मजदूरी दर आदि) प्रदर्शित नहीं किया गया है, जो सरकारी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों ही भवनों के निर्माण में बेहद निम्न गुणवत्ता के ईंट, गिट्टी और बालू का उपयोग किया जा रहा है। जब इस संबंध में ठेकेदार शेख आलमगीर से शिकायत की गई, तो उन्होंने ग्रामीणों की बात सुनने से इनकार कर दिया। इसके विरोध में ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से बंद करा दिया। बुधवार को जब ग्रामीण पुनः कार्यस्थल पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि वहां अत्यंत खराब गुणवत्ता की निर्माण सामग्री रखी हुई है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया है। मजदूरों ने भी आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित मजदूरी दर से काफी कम भुगतान किया जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत कारीगरों ने बताया कि यह काम नीमडीह प्रखंड के आदारडी निवासी महावीर दास के माध्यम से पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर कराया जा रहा है। जब महावीर दास से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि उन्हें भी उचित भुगतान नहीं मिल रहा है, जिससे वे लागत कम करने के लिए अपने स्तर पर सस्ते और घटिया सामग्री का उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरी तरह मनमाने ढंग से किया जा रहा है, जिसमें न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है और न ही श्रमिकों के अधिकारों का। सबसे चिंताजनक बात यह है कि शिकायत के बावजूद संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार लोग कार्यस्थल पर आने से भी बच रहे हैं। इससे यह सवाल उठता है कि क्या क्षेत्र में प्रशासनिक निगरानी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है? ग्रामीणों की मुख्य मांगें हैं: * निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जाए। * योजना से संबंधित सभी जानकारी के साथ सूचना पट लगाया जाए। * मजदूरों को निर्धारित दर के अनुसार उचित मजदूरी दी जाए। * पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से जल्द हस्तक्षेप कर इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की है।1
- राजनगर सीएचसी में प्रसव के दौरान स्वास्थ्य सहिया एवं नवजात की मृत्यु मामले में पीड़ित परिवार से मिलने हाथीसिरिंग गांव पहुंचे माननीया सिंहभूम सांसद एवं उपायुक्त सरकारी प्रावधान के तहत 4 लाख 20 हजार रुपए का चेक प्रदान किया राजनगर प्रखंड अंतर्गत हेरमा पंचायत के हाथीसिरिंग गांव निवासी स्वर्गीय बिनीता बानरा ने निधन उपरांत आज माननीय सिंहभूम सांसद श्रीमती जोबा माझी एवं उपायुक्त सरायकेला खरसावां श्री नीतीश कुमार सिंह द्वारा सिविल सर्जन एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ उनके आवास पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की गई ।इस दौरान परिवार को सरकारी प्रावधान के तहत 4 लाख 20 हजार तत्काल सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। प्रशासन की ओर से मानवीय संवेदनाओं के तहत परिवार को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया गया। इस दौरान माननीया सांसद ने कहा कि एक मां की असामायिक मृत्यु के बाद परिवार एवं बच्चों ने जो अपूरणीय क्षति झेली है , उसकी भरपाई संभव नहीं है। सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सहायता राशि परिवार को आर्थिक संबल उपलब्ध कराने एवं कठिन परिस्थिति में सहयोग देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा तथा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उपायुक्त श्री नीतीश कुमार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन इस घटना को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है तथा स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार के लापरवाही , दुर्व्यवहार तथा कर्तव्य में कोताही स्वीकार्य नहीं होगी। प्राप्त शिकायत के आलोक में संबंधित चिकित्सकों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। साथ ही स्वास्थ्य केंदों में बेहतर कार्य संस्कृति, जवाबदेही एवं आमजनों की प्रति संवेदनशीलता व्यवहार सुनिश्चित करने हेतु सिविल सर्जन की आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है । उपायुक्त ने कहा कि बच्चों दो बेटियों की शिक्षा निरंतर जारी रखने हेतु आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा तथा आवश्यकता अनुसार आगे आवासीय विद्यालय में नामांकन सूनिश्चित करने की दिशा में पहल की जाएगी। साथ ही आश्रित पति को निकटवर्ती स्वास्थ्य केंदों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से योग्यतानुसार रोजगार से जोड़ने हेतु आवश्यक कार्य करने का आश्वासन दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि बीमा /इंश्योरेंस से संबंधित प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत नियमानुसार संबंधित राशि भी परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी। मौके पर उपस्थित स्थानीय ग्रामीण एवं सहिया दीदियों द्वारा संबंधित स्वास्थ्य केंदों में कार्यरत एएनएम की कार्यशैली एवं स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गई है। इस पर उपायुक्त द्वारा स्पष्ट किया गया कि जिन कर्मियों के कार्य में सुधार की आवश्यकता है उनके स्थानांतरण सहित आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी तथा संबंधित स्वास्थ्य केंदों में बेहतर एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने हेतु सभी आवश्यकता कदम उठाए जाएंगे, ताकि क्षेत्र के नागरिकों का स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो सके। मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी के राजनगर श्री मलाई कुमार , जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री अविनाश कुमार , एम ओ आई सी राजनगर , पुलिस पदाधिकारी एवं चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे।4
- झारखंड के सरायकेला स्थित हाथीसिरिंग गांव में प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई। सिंहभूम सांसद जोबा माझी और उपायुक्त ने पीड़ित परिवार से मिलकर ₹4 लाख की सहायता राशि दी। बेटियों की शिक्षा के लिए आवासीय विद्यालय में दाखिले और पति को नौकरी दिलाने का आश्वासन देते हुए, स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।2
- सरायकेला नगर पंचायत ने मानसून से पहले सभी वार्डों में नाली सफाई अभियान शुरू कर दिया है। नगर पंचायत अध्यक्ष के निर्देश पर सफाईकर्मी और पर्यवेक्षक मिलकर पूरे शहर की नालियों को साफ कर रहे हैं, ताकि बारिश में जलजमाव की समस्या न हो।2
- सरायकेला खरसावां जिले के कांड्रा स्थित वीडियो कॉलोनी में गंदे पानी और बजबजाती नालियों की दुर्गंध से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थानीय निवासियों को इस गंभीर समस्या के कारण रोजमर्रा के जीवन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1