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बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं, खासकर जिला परिषद कार्यालय से एक कथित वायरल वीडियो सामने आने के बाद। यह नया मामला ऐसे समय आया है जब पहले भी मुख्यमंत्री आवास के बाहर शराब की बोतलों की चर्चा और सरकारी दफ्तरों में शराब पार्टियों के आरोप लगते रहे हैं। जनता अब सीधे तौर पर पूछ रही है कि यदि शराबबंदी कानून को इतनी सख्ती से लागू किया गया है, तो इस तरह के दृश्य बार-बार क्यों सामने आ रहे हैं? लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या यह कानून सभी के लिए समान रूप से लागू होता है, या कुछ खास लोगों के लिए अलग नियम बनाए गए हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सच्चाई तो जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन इसने राज्य में शराबबंदी के क्रियान्वयन को लेकर कई बड़े और अहम प्रश्न जरूर खड़े कर दिए हैं।
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बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं, खासकर जिला परिषद कार्यालय से एक कथित वायरल वीडियो सामने आने के बाद। यह नया मामला ऐसे समय आया है जब पहले भी मुख्यमंत्री आवास के बाहर शराब की बोतलों की चर्चा और सरकारी दफ्तरों में शराब पार्टियों के आरोप लगते रहे हैं। जनता अब सीधे तौर पर पूछ रही है कि यदि शराबबंदी कानून को इतनी सख्ती से लागू किया गया है, तो इस तरह के दृश्य बार-बार क्यों सामने आ रहे हैं? लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या यह कानून सभी के लिए समान रूप से लागू होता है, या कुछ खास लोगों के लिए अलग नियम बनाए गए हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सच्चाई तो जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन इसने राज्य में शराबबंदी के क्रियान्वयन को लेकर कई बड़े और अहम प्रश्न जरूर खड़े कर दिए हैं।
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- बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं, खासकर जिला परिषद कार्यालय से एक कथित वायरल वीडियो सामने आने के बाद। यह नया मामला ऐसे समय आया है जब पहले भी मुख्यमंत्री आवास के बाहर शराब की बोतलों की चर्चा और सरकारी दफ्तरों में शराब पार्टियों के आरोप लगते रहे हैं। जनता अब सीधे तौर पर पूछ रही है कि यदि शराबबंदी कानून को इतनी सख्ती से लागू किया गया है, तो इस तरह के दृश्य बार-बार क्यों सामने आ रहे हैं? लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या यह कानून सभी के लिए समान रूप से लागू होता है, या कुछ खास लोगों के लिए अलग नियम बनाए गए हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सच्चाई तो जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन इसने राज्य में शराबबंदी के क्रियान्वयन को लेकर कई बड़े और अहम प्रश्न जरूर खड़े कर दिए हैं।1
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