उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जल जीवन मिशन की प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर घरों में साफ पानी मिलने लगे, तो अस्पतालों की भीड़ आधी हो जाएगी। यह कार्यशाला कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में आयोजित की गई थी। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने 10 लाख करोड़ रुपये की जल जीवन मिशन योजना बनाई है, जिसके तहत गांवों तक फिल्टर किया हुआ साफ पानी पहुंचाया गया है। अब इस पानी को गांव के हर घर तक पहुंचाने और उसकी नियमित आपूर्ति बनाए रखने की जिम्मेदारी सरपंचों की है। शासन ने हाल ही में एसओआर के नए आदेश जारी किए हैं, जिसके तहत ग्राम पंचायतों को 10 हजार रुपये तक के पेयजल संबंधी कार्य बिना किसी अनुमति के कराने का अधिकार मिला है। इसके साथ ही, पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक संसाधनों की खरीद हेतु 15वें वित्त आयोग और अन्य मदों से भी अनुमति दी गई है। उन्होंने सरपंचों से आग्रह किया कि वे हर घर में नल से जल पहुंचाने की इच्छाशक्ति जगाएं, जिससे जल जीवन मिशन का उद्देश्य पूरा हो सके। उनका कहना था कि सरपंच हर घर में नल से फिल्टर किया हुआ पानी पहुंचाकर पुण्य और यश दोनों कमा सकते हैं। उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि जल जीवन मिशन के तहत अकेले रीवा जिले में ही दो हजार करोड़ रुपये के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि घरों में पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी अब ग्राम पंचायतों की है, जिसमें जल जीवन मिशन और पीएचई के इंजीनियर ग्राम पंचायतों को पूरा सहयोग करेंगे तथा अधूरी पाइपलाइनों का निर्माण पूरा कराया जाएगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि पंचायतें साफ पानी की नियमित आपूर्ति करेंगी, तो उन्हें जल कर वसूल करने में भी कठिनाई नहीं होगी, और इसके लिए महिला स्वसहायता समूहों का सहयोग भी लिया जा सकता है। कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री ने समूह नलजल योजना और एकल नलजल योजना के संचालन व संधारण संबंधी जानकारी को आत्मसात करने, शंकाओं का समाधान करने और हर घर को नल से पानी देने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो सरपंच कठिन चुनाव जीत सकते हैं, उनके लिए पेयजल व्यवस्था बनाना बहुत आसान काम है। हम सभी मिलकर प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत और स्वस्थ भारत के सपने को साकार करेंगे। कार्यशाला में सांसद जनार्दन मिश्र ने ग्राम पंचायतों को समन्वय से नलजल योजना संचालित करने और पीएचई विभाग को तकनीकी बाधाएं दूर करने की बात कही, साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बोरवेल में रिचार्ज पिट बनाने का सुझाव दिया। विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति ने कार्यशाला को विकासखंड और क्लस्टर स्तर पर भी आयोजित करने की बात रखी। जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल ने सरकार का आभार व्यक्त किया। प्रभारी कलेक्टर तथा आयुक्त नगर निगम अक्षत जैन ने ग्राम पंचायतों से नलजल योजनाओं के संचालन की चुनौती स्वीकार करने और जल कर वसूली व जल स्रोतों में रिचार्ज पिट बनाने पर ध्यान देने को कहा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने नल जल योजना को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए ग्राम पंचायतों से इसे पूरी जिम्मेदारी के साथ लागू करने और गांव की विकास कार्ययोजना में पेयजल व्यवस्था संबंधी कार्यों को अनिवार्य रूप से शामिल करने का आग्रह किया। कार्यशाला में अधीक्षण यंत्री पीएचई महेन्द्र सिंह, कार्यपालन यंत्री चित्रांशु और परियोजना प्रबंधक नीतेश सिंह ने नलजल योजना के संचालन और संधारण के तकनीकी पहलुओं तथा कार्यशाला के उद्देश्यों पर विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने नलजल योजना का सफलतापूर्वक संचालन करने वाले सरपंचों, ग्राम पंचायत सचिवों और वाल्व आपरेटरों को सम्मानित भी किया। कार्यशाला में जिला पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष तथा सदस्य, सरपंच, सचिव और वाल्व एवं पंप आपरेटर उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जल जीवन मिशन की प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर घरों में साफ पानी मिलने लगे, तो अस्पतालों की भीड़ आधी हो जाएगी। यह कार्यशाला कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में आयोजित की गई थी। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने 10 लाख करोड़ रुपये की जल जीवन मिशन योजना बनाई है, जिसके तहत गांवों तक फिल्टर किया हुआ साफ पानी पहुंचाया गया है। अब इस पानी को गांव के हर घर तक पहुंचाने और उसकी नियमित आपूर्ति बनाए रखने की जिम्मेदारी सरपंचों की है। शासन ने हाल ही में एसओआर के नए आदेश जारी किए हैं, जिसके तहत ग्राम पंचायतों को 10 हजार रुपये तक के पेयजल संबंधी कार्य बिना किसी अनुमति के कराने का अधिकार मिला है। इसके साथ ही, पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक संसाधनों की खरीद हेतु 15वें वित्त आयोग और अन्य मदों से भी अनुमति दी गई है। उन्होंने सरपंचों से आग्रह किया कि वे हर घर में नल से जल पहुंचाने की इच्छाशक्ति जगाएं, जिससे जल जीवन मिशन का उद्देश्य पूरा हो सके। उनका कहना था कि सरपंच हर घर में नल से फिल्टर किया हुआ पानी पहुंचाकर पुण्य और यश दोनों कमा सकते हैं।
उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि जल जीवन मिशन के तहत अकेले रीवा जिले में ही दो हजार करोड़ रुपये के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि घरों में पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी अब ग्राम पंचायतों की है, जिसमें जल जीवन मिशन और पीएचई के इंजीनियर ग्राम पंचायतों को पूरा सहयोग करेंगे तथा अधूरी पाइपलाइनों का निर्माण पूरा कराया जाएगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि पंचायतें साफ पानी की नियमित आपूर्ति करेंगी, तो उन्हें जल कर वसूल करने में भी कठिनाई नहीं होगी, और इसके लिए महिला स्वसहायता समूहों का सहयोग भी लिया जा सकता है। कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री ने समूह नलजल योजना और एकल नलजल योजना के संचालन व संधारण संबंधी जानकारी को आत्मसात करने, शंकाओं का समाधान करने और हर घर को नल से पानी देने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो सरपंच कठिन चुनाव जीत सकते हैं, उनके लिए पेयजल व्यवस्था बनाना बहुत आसान काम है। हम सभी मिलकर प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत और स्वस्थ भारत के सपने को साकार करेंगे। कार्यशाला में सांसद जनार्दन मिश्र ने ग्राम पंचायतों को समन्वय से नलजल योजना संचालित करने और पीएचई विभाग को तकनीकी बाधाएं दूर करने की बात कही, साथ
ही जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बोरवेल में रिचार्ज पिट बनाने का सुझाव दिया। विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति ने कार्यशाला को विकासखंड और क्लस्टर स्तर पर भी आयोजित करने की बात रखी। जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल ने सरकार का आभार व्यक्त किया। प्रभारी कलेक्टर तथा आयुक्त नगर निगम अक्षत जैन ने ग्राम पंचायतों से नलजल योजनाओं के संचालन की चुनौती स्वीकार करने और जल कर वसूली व जल स्रोतों में रिचार्ज पिट बनाने पर ध्यान देने को कहा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने नल जल योजना को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए ग्राम पंचायतों से इसे पूरी जिम्मेदारी के साथ लागू करने और गांव की विकास कार्ययोजना में पेयजल व्यवस्था संबंधी कार्यों को अनिवार्य रूप से शामिल करने का आग्रह किया। कार्यशाला में अधीक्षण यंत्री पीएचई महेन्द्र सिंह, कार्यपालन यंत्री चित्रांशु और परियोजना प्रबंधक नीतेश सिंह ने नलजल योजना के संचालन और संधारण के तकनीकी पहलुओं तथा कार्यशाला के उद्देश्यों पर विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने नलजल योजना का सफलतापूर्वक संचालन करने वाले सरपंचों, ग्राम पंचायत सचिवों और वाल्व आपरेटरों को सम्मानित भी किया। कार्यशाला में जिला पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष तथा सदस्य, सरपंच, सचिव और वाल्व एवं पंप आपरेटर उपस्थित रहे।
- रीवा पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर की जा रही विवादित पोस्टों पर पैनी नजर रख रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री पर तत्काल ध्यान दिया जाए।1
- सतना जिले के नयागाँव में जन्मे दीपक त्रिपाठी आज विंध्य क्षेत्र में जनसेवा और समर्पण की एक बेमिसाल मिसाल बन चुके हैं। वे गौ सेवा को अपना परम धर्म मानते हैं और अपने कार्यों से समाज को एक नई दिशा दिखा रहे हैं। पुरुषोत्तम मास में गैवीनाथ धाम पहुँचने वाले श्रद्धालुओं के लिए वे लगातार महाप्रसाद वितरित करते हैं, और उनका यह सेवा कार्य साल भर जारी रहता है। दीपक त्रिपाठी के निस्वार्थ भाव से किए गए सेवा कार्यों की एक लंबी सूची है। कोविड काल के दौरान उन्होंने प्रतिदिन 500 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की थी। इसके साथ ही, उन्होंने 72 कन्याओं के विवाह में दहेज की पूरी सामग्री उपहार स्वरूप प्रदान की और चित्रकूट के जंगलों में बंदरों के लिए रोजाना भोजन का प्रबंध करते हैं। उनकी दिनचर्या में हर दिन तीन घंटे की पूजा के बाद समाज सेवा के लिए निकलना शामिल है। वे आदिवासी बस्तियों में कंबल, छाता और पन्नी वितरित कर जरूरतमंदों का सहारा बनते हैं। धार्मिक स्थलों पर मंदिर निर्माण, बोरवेल लगाने और शहीद स्मारकों में सहयोग देकर उन्होंने यह साबित किया है कि धन का सही उपयोग केवल जन-कल्याण में ही है। आज उनके साथी रोहित पाण्डेय “सेलौरा” के जन्मदिन के अवसर पर भी उनकी जनसेवा की यह धारा लगातार बह रही है। निस्संदेह, दीपक त्रिपाठी की सेवा योजनाएँ भविष्य में इस क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाएंगी। विंध्यवासी उन्हें अपना भरपूर आशीर्वाद और प्यार दें ताकि वे ऐसे ही नेक काम करते रहें। जय गैवीनाथ!2
- सतना जिले के तिकुरिया टोला बायपास मैहर रोड पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है, जहाँ बस और मोटरसाइकिल की भिड़ंत में रामपुर बघेलान थाना अंतर्गत चकदही निवासी दो सगे भाई, विनय यादव (उम्र 26 वर्ष) और विवेक यादव (उम्र 28 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में उनकी बहन बंदना यादव की स्थिति नाजुक बनी हुई है। परिजनों ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचने के बावजूद, जिला प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसी बात से नाराज होकर समस्त परिजनों ने सेमरिया चौराहा बस स्टैंड पर चक्का जाम कर दिया।1
- मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के धार्मिक स्थलों को आधुनिक और श्रद्धालु-मैत्रीपूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों पर नागरिकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में निरंतर सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस उद्देश्य के तहत, राज्य का एक प्रतिनिधिमंडल देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का दौरा कर रहा है। यह प्रतिनिधिमंडल उन स्थलों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, सुरक्षा, साफ-सफाई, ठहरने की सुविधाओं, परिवहन और डिजिटल सुविधाओं का गहन अध्ययन कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन अनुभवों के आधार पर मध्यप्रदेश के धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं का और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक विकास किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के मंदिरों और तीर्थों पर आने वाले श्रद्धालुओं को देश के सर्वश्रेष्ठ धार्मिक स्थलों जैसी सुविधाएं मिलें, जिससे उन्हें विश्वस्तरीय अनुभव प्राप्त हो सके। सरकार की इस योजना में महाकाल लोक उज्जैन, ओरछा रामराजा मंदिर, मैहर शारदा देवी, अमरकंटक और चित्रकूट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है। इन स्थानों पर भीड़ प्रबंधन, ऑनलाइन दर्शन, ई-वाहन, डिजिटल भुगतान, स्वच्छ शौचालय, वेटिंग हॉल और पार्किंग जैसी सुविधाओं को उन्नत किया जाएगा।1
- सतना शहर में दिनदहाड़े चेन स्नेचिंग की एक वारदात सामने आई है, जिसमें मीरा गुप्ता नाम की महिला को निशाना बनाया गया। यह घटना तब हुई जब महिला बाजार से अपने घर लौट रही थी। एक बाइक सवार नकाबपोश बदमाश ने इस वारदात को अंजाम दिया और घटना के बाद मौके से फरार हो गया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे शहर में सनसनी फैल गई है।1