गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गूंजा 62वीं वाहिनी एसएसबी परिसर भव्य झांकी के साथ भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित, 25 सितंबर को होगा विसर्जन भिनगा, 14 सितंबर। 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, भिनगा में गणेश चतुर्थी पर्व का शुभारंभ सोमवार को धार्मिक आस्था, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण के नेतृत्व में किया गया।गणेश चतुर्थी के अवसर पर वाहिनी मुख्यालय के मुख्य द्वार से पारिवारिक आवासीय परिसर होते हुए मंदिर स्थित पूजा पंडाल तक भगवान श्री गणेश की भव्य झांकी निकाली गई। ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और नृत्य के बीच बलकर्मियों, संदीक्षा सदस्यों एवं उनके बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान पूरा परिसर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से गूंज उठा।पूजा पंडाल में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री गणेश की प्रतिमा की विधिवत स्थापना कर पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भजन-कीर्तन, सामूहिक आरती एवं प्रसाद वितरण हुआ।वाहिनी परिसर में आगामी दिनों तक प्रतिदिन गणेश पूजन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पर्व का समापन 25 सितंबर 2026 को भगवान श्री गणेश की प्रतिमा के विधिवत विसर्जन एवं भंडारे के साथ होगा।इस अवसर पर कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण ने सभी बलकर्मियों एवं उनके परिवारजनों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं को जीवंत रखने के साथ-साथ आपसी भाईचारा, एकता, सद्भाव और पारिवारिक सौहार्द को मजबूत करते हैं।कार्यक्रम में संदीक्षा अध्यक्षा श्रीमती प्रेरणा शर्मा, उप कमांडेंट पीयूष सिन्हा, सहायक कमांडेंट राहुल भरत माली, सहायक कमांडेंट गौतम आजाद, चिकित्सा अधिकारी डॉ. कल्पना पाटील, अधीनस्थ अधिकारी, बलकर्मी, संदीक्षा सदस्य एवं उनके बच्चे मौजूद रहे।
गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गूंजा 62वीं वाहिनी एसएसबी परिसर भव्य झांकी के साथ भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित, 25 सितंबर को होगा विसर्जन भिनगा, 14 सितंबर। 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, भिनगा में गणेश चतुर्थी पर्व का शुभारंभ सोमवार को धार्मिक आस्था, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण के नेतृत्व में किया गया।गणेश चतुर्थी के अवसर पर वाहिनी मुख्यालय के मुख्य द्वार से पारिवारिक आवासीय परिसर होते हुए मंदिर स्थित पूजा पंडाल तक भगवान श्री गणेश की भव्य झांकी निकाली गई। ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और नृत्य के बीच बलकर्मियों, संदीक्षा सदस्यों एवं उनके बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान पूरा परिसर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से गूंज उठा।पूजा पंडाल में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री गणेश की प्रतिमा की विधिवत स्थापना कर पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भजन-कीर्तन, सामूहिक आरती एवं प्रसाद वितरण हुआ।वाहिनी परिसर में आगामी दिनों तक प्रतिदिन गणेश पूजन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पर्व का समापन 25 सितंबर 2026 को भगवान श्री गणेश की प्रतिमा के विधिवत विसर्जन एवं भंडारे के साथ होगा।इस अवसर पर कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण ने सभी बलकर्मियों एवं उनके परिवारजनों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं को जीवंत रखने के साथ-साथ आपसी भाईचारा, एकता, सद्भाव और पारिवारिक सौहार्द को मजबूत करते हैं।कार्यक्रम में संदीक्षा अध्यक्षा श्रीमती प्रेरणा शर्मा, उप कमांडेंट पीयूष सिन्हा, सहायक कमांडेंट राहुल भरत माली, सहायक कमांडेंट गौतम आजाद, चिकित्सा अधिकारी डॉ. कल्पना पाटील, अधीनस्थ अधिकारी, बलकर्मी, संदीक्षा सदस्य एवं उनके बच्चे मौजूद रहे।
- ट्रक और वैगनआर में आमने-सामने भिड़ंत, बाल-बाल बचे कार सवार श्रावस्ती। जिले के तिलकपुर से लछमन नगर जाने वाले मार्ग पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रक और वैगनआर कार की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद कुछ देर तक मौके पर लोगों की भीड़ जमा रही। दुर्घटना में वैगनआर सवार लोग बाल-बाल बच गए। गनीमत रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद सड़क पर लोगों की भीड़ जुटने से कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी संबंधित पुलिस को दी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग पर वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी से वाहन चलाने की जरूरत है। फिलहाल हादसे में किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस द्वारा घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गूंजा 62वीं वाहिनी एसएसबी परिसर भव्य झांकी के साथ भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित, 25 सितंबर को होगा विसर्जन भिनगा, 14 सितंबर। 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, भिनगा में गणेश चतुर्थी पर्व का शुभारंभ सोमवार को धार्मिक आस्था, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण के नेतृत्व में किया गया।गणेश चतुर्थी के अवसर पर वाहिनी मुख्यालय के मुख्य द्वार से पारिवारिक आवासीय परिसर होते हुए मंदिर स्थित पूजा पंडाल तक भगवान श्री गणेश की भव्य झांकी निकाली गई। ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और नृत्य के बीच बलकर्मियों, संदीक्षा सदस्यों एवं उनके बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान पूरा परिसर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से गूंज उठा।पूजा पंडाल में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री गणेश की प्रतिमा की विधिवत स्थापना कर पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भजन-कीर्तन, सामूहिक आरती एवं प्रसाद वितरण हुआ।वाहिनी परिसर में आगामी दिनों तक प्रतिदिन गणेश पूजन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पर्व का समापन 25 सितंबर 2026 को भगवान श्री गणेश की प्रतिमा के विधिवत विसर्जन एवं भंडारे के साथ होगा।इस अवसर पर कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण ने सभी बलकर्मियों एवं उनके परिवारजनों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं को जीवंत रखने के साथ-साथ आपसी भाईचारा, एकता, सद्भाव और पारिवारिक सौहार्द को मजबूत करते हैं।कार्यक्रम में संदीक्षा अध्यक्षा श्रीमती प्रेरणा शर्मा, उप कमांडेंट पीयूष सिन्हा, सहायक कमांडेंट राहुल भरत माली, सहायक कमांडेंट गौतम आजाद, चिकित्सा अधिकारी डॉ. कल्पना पाटील, अधीनस्थ अधिकारी, बलकर्मी, संदीक्षा सदस्य एवं उनके बच्चे मौजूद रहे।1
- गणेश चतुर्थी पर बाबा नागेश्वर नाथ मंदिर में हुआ गणेश पूजन, सैकड़ों श्रद्धालु रहे मौजूद1
- जैसे की आप लोग देख सकते है की मे नैपाल मे घूम रहे है ऐ एक घर दिखा है जैसे की आप लोग देख सकते है की मे नैपाल मे घूम रहे है ऐ एक घर दिखा है1
- ब्रेकिंग न्यूज़ देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ देखने को मिला इंसानियत का मिसाल हाथी का बच्चा रेलवे पटरी पर फंसने पर सुरक्षा कर्मियों ने बचाई जान1
- 18 साल से गणेश प्रतिमाओं को आकार दे रहे 11 कलाकार, सराय खास में दिखी कारीगरी बलरामपुर। सादुल्लाह नगर क्षेत्र के सराय खास में गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। यहां भगवान गणेश की प्रतिमाओं को आकार देने में जुटे है। 11 कलाकारों की टीम, जो करीब 18 वर्षों से मूर्ति निर्माण की कारीगरी करते आ रहे है।हुआ यूं कि त्योहार जैसे-जैसे नजदीक आता है, वैसे-वैसे इन कलाकारों के हाथों की कारीगरी भी रंग दिखाने लगता है। मुख्य कलाकार जय प्रकाश मौर्य के नेतृत्व में टीम गणेश भगवान के साथ-साथ विश्वकर्मा, लक्ष्मी, दुर्गा और सरस्वती समेत अलग-अलग पर्वों के लिए आकर्षक प्रतिमाएं तैयार करते है।प्रतिमा बनाने की शुरुआत बांस की पट्टियों से ढांचा तैयार करने से होते है। इसके बाद मिट्टी की परतें चढ़ाकर प्रतिमा को आकार दिया जाता है। फिर रंग-रोगन, कपड़े और सजावटी सामान से मूर्ति को अंतिम रूप दिया जाता है। कलाकारों के मुताबिक सजावट के कपड़े और कई अन्य सामान दिल्ली से मंगाए जाते हैं। इस टीम में मुख्य कलाकार जय प्रकाश मौर्य के साथ विनोद कुमार, वेद प्रकाश मौर्य, शिव प्रकाश मौर्य, लक्ष्मण प्रसाद, राम कुबेर शर्मा, मलखे चौहान और अंकित मौर्य समेत अन्य कलाकार शामिल हैं।सराय खास में तैयार हो रही ये प्रतिमाएं आसपास के गांवों और अलग-अलग क्षेत्रों में स्थापना के लिए भेजी जा रही हैं। करीब 18 वर्षों से चली आ रही इस कला ने सराय खास को मूर्ति निर्माण के क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाई है।2
- बहराइच में लन्दन मेले की धूम | भारी संख्या में पहुँच रहे लोग ! रिपोर्ट / नूर आलम वारसी रिपोर्ट / नूर आलम वारसी बहराइच में लन्दन मेले की धूम | भारी संख्या में पहुँच रहे लोग ! इस। मेले में जीरो ग्रैविटी झूला व अन्य। और भी चीजे है जलपरी भी है मौजूद !1
- नवरात्रि से पहले सड़क निर्माण की मांग, जलभराव से ग्रामीण परेशान गिलौला। श्रावस्ती जनपद के गिलौला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोट मुबारकपुर में जलभराव की समस्या से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव से समय माता मंदिर तक जाने वाले रास्ते पर बारिश का पानी जमा होने के कारण आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर लंबे समय से जलभराव की स्थिति बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से समस्या के समाधान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक नवरात्रि का पर्व नजदीक है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु समय माता मंदिर में पूजा-पाठ और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में रास्ते पर पानी भरा होने के कारण श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में परेशानी होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो नवरात्रि के दौरान समस्या और बढ़ सकती है। स्थानीय निवासी हरीश यादव, दिलीप, सुरेश और पंकज ने बताया कि रास्ते में जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। कई जगह सड़क की स्थिति भी खराब है। पैदल चलने वाले लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नवरात्रि शुरू होने से पहले सड़क का निर्माण कराया जाए और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर प्रशासन उनकी समस्या का निस्तारण कब तक करेगा। धार्मिक पर्व को देखते हुए ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सड़क निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।1