कुशीनगर जिले के पडरौना रेलवे स्टेशन मोड़ पर स्थित दुकानों पर पिछले कई महीनों से बिजली का खंभा गिरा हुआ है, जिससे स्थानीय दुकानदार बेहद भयभीत हैं। इस गंभीर समस्या पर संबंधित विभाग कोई संज्ञान लेने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। दुकानदार डर के साए में अपनी दुकानदारी करने को मजबूर हैं। वहीं, इन दुकानों पर आने वाले ग्राहक भी हादसे के डर से आगे निकल जाते हैं, जिसके चलते दुकानदारों का धंधा पूरी तरह चौपट होता जा रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि इस गिरे हुए खंभे में कई बार करंट भी उतर आता है जिससे दुकानदार और स्थानीय लोग हर वक्त डरे रहते हैं। दुकानदारों का गंभीर आरोप है कि वे इस समस्या को लेकर विभाग के अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से कई बार लिखित शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई करने की जगह उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर अन्य कार्यों में व्यस्तता दिखाई जा रही है। इस लापरवाही से परेशान दुकानदारों ने अब मीडिया से मुखातिब होकर अपनी मांग रखी है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि इस गिरे हुए बिजली के खंभे को या तो जल्द से जल्द बदला जाए या फिर इसे सीधा कर दुरुस्त किया जाए।
कुशीनगर जिले के पडरौना रेलवे स्टेशन मोड़ पर स्थित दुकानों पर पिछले कई महीनों से बिजली का खंभा गिरा हुआ है, जिससे स्थानीय दुकानदार बेहद भयभीत हैं। इस गंभीर समस्या पर संबंधित विभाग कोई संज्ञान लेने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। दुकानदार डर के साए में अपनी दुकानदारी करने को मजबूर हैं। वहीं, इन दुकानों पर आने वाले ग्राहक भी हादसे के डर से आगे निकल जाते हैं, जिसके चलते दुकानदारों का धंधा पूरी तरह चौपट होता जा रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि इस गिरे हुए खंभे में कई बार करंट भी उतर आता है जिससे दुकानदार और स्थानीय लोग हर वक्त डरे रहते हैं। दुकानदारों का गंभीर आरोप है कि वे इस समस्या को लेकर विभाग के अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से कई बार लिखित शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई करने की जगह उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर अन्य कार्यों में व्यस्तता दिखाई जा रही है। इस लापरवाही से परेशान दुकानदारों ने अब मीडिया से मुखातिब होकर अपनी मांग रखी है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि इस गिरे हुए बिजली के खंभे को या तो जल्द से जल्द बदला जाए या फिर इसे सीधा कर दुरुस्त किया जाए।
- कुशीनगर के दुदही विकासखंड के जंगल लुआठहा गांव के सामने बांसी नदी में सोमवार को एक घड़ियाल दिखाई दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। संयोग ठीक रहा कि मछली पकड़ने के लिए नदी में घुसा एक व्यक्ति बाल-बाल बच गया। नदी में घड़ियाल के तैरते हुए होने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है।1
- कुशीनगर के दुदही क्षेत्र के जंगल लुआठहा गांव के सामने सोमवार को बांसी नदी में एक विशाल घड़ियाल दिखाई देने से हड़कंप मच गया। इस दौरान नदी में मछली पकड़ने गया बिहार का 45 वर्षीय मछुआरा किशोर निषाद बाल-बाल बचा। जैसे ही किशोर मछली पकड़ने के लिए नदी में घुसा, वहां किनारे पर बैठा करीब 8 फीट लंबा घड़ियाल उसकी तरफ बढ़ने लगा। मछुआरा चिल्लाते हुए नदी से बाहर भागा और अपनी जान बचाई। इसी दौरान खेत देखने आए जंगल लुआठहा गांव के इन्द्रजीत राव और उनके साथियों ने घड़ियाल का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। दुदही विकास क्षेत्र के अंतर्गत बांसी नदी के नौगांवा, खैरवा, धोकारहा, बिंद टोली, गौरी जगदीश और पांडेय पट्टी समेत कई घाटों पर पहले भी बड़ी संख्या में घड़ियाल और मगरमच्छ आ चुके हैं। नदी में लगातार घड़ियालों की मौजूदगी के कारण अब स्थानीय मछुआरा समाज के सामने अपने व्यवसाय और आजीविका को लेकर बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है।1
- कुशीनगर के सेवरही थाना क्षेत्र के अंतर्गत गौरी जगदीशपुर की रहने वाली एक 21 वर्षीय युवती अपने प्रेमी से शादी करने के लिए अपने ही गांव के टावर पर चढ़ गई है।1
- अम्बेडकर नगर जिले में किछौछा शरीफ़ उर्स 2026 के अवसर पर 27 मोहर्रम का एक बेहद ऐतिहासिक मंज़र देखने को मिला है। इस पाक मौके पर वहाँ अकीदत का एक अनोखा समंदर उमड़ पड़ा, जिसमें लाखों की भारी भीड़ जुटी। आस्था और विश्वास का यह ऐसा अद्भुत और भव्य नज़ारा है जो पहले कभी नहीं देखा गया।1
- नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद गंडक नदी आफत बन गई है। नदी से 2.03 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके बाद अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि क्या बिहार में बाढ़ आने वाली है।1
- कुशीनगर के सेवरही थाना क्षेत्र के गौरी जगदीश में एक प्रेमिका टावर पर चढ़ गई।1