जोधपुर में वैष्णव वैरागी एकता समिति (रजिस्टर्ड) राजस्थान के त्रिवार्षिक चुनाव संरक्षक माँगीलाल नारवा एवं इंजीनियर हापूदास खाबड़ा की देखरेख में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इन चुनावों में जानकीदास थोब को अध्यक्ष चुना गया, जबकि गोरधनदास गुड़ामालानी, नरसिंहदास सुमेरपुर, बाबूदास बालोतरा एवं मदनदास नारनाड़ी उपाध्यक्ष बने। एडवोकेट धनराज वैष्णव को महासचिव, बीरमदास लुणावास को कोषाध्यक्ष तथा दुर्गादास तिवरी एवं सूरजदास बडलिया को सह सचिव का दायित्व सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त, किशनदास जानवी को संगठन सचिव नियुक्त किया गया। गिरधारी वैष्णव लीलियाँ, नेनदास रोहीचा, प्रेमदास अनवाना और धेनदास शिकारपुरा को प्रचार प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। समिति की नई कार्यकारिणी में 21 अन्य सदस्यों को भी विभिन्न दायित्व सौंपकर शपथ दिलाई गई। समिति लंबे समय से पुजारी वर्ग के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत है। यह पुजारियों की विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर समय-समय पर संबंधित विभागों और सरकार के समक्ष याचिकाएं प्रस्तुत करती रही है। समिति सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसके तहत गरीब विद्यार्थियों, बेटियों और महिलाओं के विकास हेतु कार्यशालाओं का आयोजन, सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन और भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने समाज, संस्कृति और पुजारी वर्ग के हितों के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
जोधपुर में वैष्णव वैरागी एकता समिति (रजिस्टर्ड) राजस्थान के त्रिवार्षिक चुनाव संरक्षक माँगीलाल नारवा एवं इंजीनियर हापूदास खाबड़ा की देखरेख में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इन चुनावों में जानकीदास थोब को अध्यक्ष चुना गया, जबकि गोरधनदास गुड़ामालानी, नरसिंहदास सुमेरपुर, बाबूदास बालोतरा एवं मदनदास नारनाड़ी उपाध्यक्ष बने। एडवोकेट धनराज वैष्णव को महासचिव, बीरमदास लुणावास को कोषाध्यक्ष तथा दुर्गादास तिवरी एवं सूरजदास बडलिया को सह सचिव का दायित्व सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त, किशनदास जानवी को संगठन सचिव नियुक्त किया गया। गिरधारी वैष्णव लीलियाँ, नेनदास रोहीचा, प्रेमदास अनवाना और धेनदास शिकारपुरा को प्रचार प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। समिति की नई कार्यकारिणी में 21 अन्य सदस्यों को
भी विभिन्न दायित्व सौंपकर शपथ दिलाई गई। समिति लंबे समय से पुजारी वर्ग के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत है। यह पुजारियों की विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर समय-समय पर संबंधित विभागों और सरकार के समक्ष याचिकाएं प्रस्तुत करती रही है। समिति सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसके तहत गरीब विद्यार्थियों, बेटियों और महिलाओं के विकास हेतु कार्यशालाओं का आयोजन, सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन और भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने समाज, संस्कृति और पुजारी वर्ग के हितों के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
- तिंवरी क्षेत्र में इस समय बहुत ही भयानक तूफान और बारिश का प्रकोप देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सभी से आग्रह किया गया है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें और अपने बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।1
- एक धार्मिक कार्यक्रम में दिल्ली के ख्यातनाम झांकी कलाकारों (मनोज रिया एंड पार्टी) द्वारा महाकाल भस्म आरती और राम दरबार की शानदार झांकियां प्रस्तुत की गईं। इस आयोजन में राजू माली ने कुशल मंच संचालन किया, जिसके तहत मशहूर भजन गायक प्रकाश माली, भगवत सुथार, श्याम पालीवाल और गायिका मधुबाला राव ने अपनी मधुर प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर राजू माली ने मंच से सभी दानदाताओं और प्रवासियों का सम्मान भी किया।1
- पाली जिले के कूरना गांव में एक भयंकर तूफान के साथ तेज बारिश हुई। इस भीषण तूफान के कारण एक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे उस ओर का रास्ता भी अवरुद्ध हो गया। तूफान के चलते किसी व्यक्ति के छठ के ऊपर पत्र (दस्तावेज़) भी गिर गए।1
- राजस्थान के पाली जिले में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट बदली, जहाँ भीषण गर्मी के बीच 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से धूल भरी आंधी ने दस्तक दी। आंधी के तुरंत बाद जिले भर में तेज बारिश का दौर भी शुरू हो गया, जिसने पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया। पाली शहर के साथ-साथ रोहट और आसपास के अन्य इलाकों से भी भारी आंधी और नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। एहतियात के तौर पर पूरे शहर की विद्युत आपूर्ति तुरंत बंद कर दी गई, ताकि फॉल्ट या शॉर्ट सर्किट से होने वाले हादसों को टाला जा सके। तेज अंधड़ के कारण शहर के कई स्थानों पर बिजली के पोल, दुकानों के टिन शेड और पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस अचानक हुए मौसमी बदलाव से जहाँ तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इस बीच, मौसम विभाग ने अगले 3 घंटों के लिए क्षेत्र में तेज आंधी का अलर्ट भी जारी किया है।1
- नेवर के अंदर तेज़ी से तूफान और बारिश का अनुभव किया गया है, जिसकी तीव्रता को 'कलयुग के जैसी आंधी' के समान बताया जा रहा है।1
- पाली में भाजपा युवा शक्ति ने नेता रणवीर सिंह राजपुरोहित धर्मधारी के नेतृत्व में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की शव यात्रा निकाली और उनका पुतला फूंका। इस दौरान जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया। यह विरोध प्रदर्शन राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ कथित तौर पर अमर्यादित और अभद्र भाषा का उपयोग करने के लिए किया गया, जिसे भाजपा युवा नेता राजपुरोहित ने उनकी 'छोटी मानसिकता और घटिया सोच' का परिणाम बताया। रणवीर सिंह राजपुरोहित धर्मधारी ने कहा कि जनप्रतिनिधि के मुख से ऐसे शब्द शोभा नहीं देते और बेनीवाल की पत्नी की विधानसभा चुनाव में हार के बाद उनकी बौखलाहट साफ झलक रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनता ने खींवसर विधानसभा चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत से जिताकर यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा 'सबका साथ और सबका विकास' के सिद्धांत पर चलती है। राजपुरोहित ने बेनीवाल पर आए दिन अलग-अलग जातियों और समाजों को निशाना बनाकर लोकतंत्र की सरेआम हत्या करने का भी आरोप लगाया। भाजपा युवा शक्ति ने मांग की कि हनुमान बेनीवाल समय रहते माफी मांगें और अपने शब्द वापस लें। चेतावनी दी गई कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो राजस्थान का युवा सड़कों पर उतरेगा और बेनीवाल को मुंहतोड़ जवाब देगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान 'बेनीवाल मुर्दाबाद' के नारे भी लगाए गए। इस मौके पर पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, भाजपा जिला प्रवक्ता त्रिलोक चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि, पदाधिकारीगण और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा युवा शक्ति ने कहा कि आने वाले समय में राजस्थान की जनता ऐसे लोगों को 'ईंट का जवाब पत्थर से देगी'।1
- निमाज के एक निजी अस्पताल में एक प्रसूता, रेशमा, की मौत के बाद शनिवार को क्षेत्र में भारी जनाक्रोश देखने को मिला। मृतका के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण पहले निमाज पुलिस चौकी पहुँचे, जहाँ उन्होंने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जाँच और दोषियों के ख़िलाफ़ तत्काल कार्रवाई की माँग की। इसके उपरांत, ये सभी ग्रामीण और परिजन एक जुलूस के रूप में निजी अस्पताल पहुँचे और अस्पताल के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में मृतका रेशमा की तस्वीरों वाले पोस्टर स्पष्ट रूप से दिखाई दिए और वे लगातार रेशमा को न्याय दिलाने की माँग को लेकर ज़ोरदार नारेबाज़ी कर रहे थे। अस्पताल के बाहर जुटी भीड़ में महिलाएँ, युवा और बुज़ुर्ग सभी बड़ी संख्या में मौजूद थे, जिससे यह मामला पूरे क्षेत्र में गहन चर्चा का विषय बन गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में उपचार के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण रेशमा की मृत्यु हुई। उन्होंने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जाँच के साथ-साथ ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की माँग की, यह कहते हुए कि उनके परिवार की खुशियाँ उजड़ गई हैं और अब उन्हें केवल न्याय की उम्मीद है। धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने भी इस माँग का समर्थन करते हुए चेतावनी दी है कि दोषियों पर कार्रवाई होने तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा और प्रशासन से मामले में पारदर्शी जाँच कर सच्चाई सामने लाने का आग्रह किया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालाँकि, समाचार लिखे जाने तक परिजन और ग्रामीण अपनी मांगों पर दृढ़ता से कायम थे और निजी अस्पताल के बाहर उनका धरना-प्रदर्शन लगातार जारी था।1
- पाली जिले के बिरामी के समीप जवाई और पाली को जोड़ने वाली 1400 एमएम जीआरपी मुख्य पेयजल पाइपलाइन में अचानक रिसाव हो गया है। पाइपलाइन में लीकेज की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जवाई पाइपलाइन से जुड़े सभी प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक स्टोरेज के माध्यम से जलापूर्ति सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, इस मरम्मत कार्य के चलते आगामी दो दिनों तक संबंधित इलाकों में पानी की आपूर्ति आंशिक रूप से प्रभावित रहने की संभावना है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे पानी का संयम से उपयोग करें।2