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NH-522 पर टूटा पुल बना खतरा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा हजारीबाग से बगोदर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग NH-522 पर दारू थाना के समीप बनी दोनों पुलियों की हालत काफी जर्जर हो चुकी है। एक पुल का बैरियर पूरी तरह से टूट चुका है, वहीं पुल काफी संकीर्ण भी है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। ऐसी स्थिति में कभी भी कोई वाहन अनियंत्रित होकर बड़े हादसे का शिकार हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार अखबारों में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई है, लेकिन इसके बावजूद भी शासन-प्रशासन अब तक पूरी तरह मौन है। लोगों ने जल्द से जल्द पुल की मरम्मत और सुरक्षा बैरियर लगाने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
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NH-522 पर टूटा पुल बना खतरा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा हजारीबाग से बगोदर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग NH-522 पर दारू थाना के समीप बनी दोनों पुलियों की हालत काफी जर्जर हो चुकी है। एक पुल का बैरियर पूरी तरह से टूट चुका है, वहीं पुल काफी संकीर्ण भी है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। ऐसी स्थिति में कभी भी कोई वाहन अनियंत्रित होकर बड़े हादसे का शिकार हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार अखबारों में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई है, लेकिन इसके बावजूद भी शासन-प्रशासन अब तक पूरी तरह मौन है। लोगों ने जल्द से जल्द पुल की मरम्मत और सुरक्षा बैरियर लगाने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
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- हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड क्षेत्र स्थित मेड़कुरी शिवानी नदी पुल के दोनों ओर बना अधूरा सड़क अब लोगों के लिए मौत का सौदागर बनता जा रहा है। पुल के दोनों किनारों पर सड़क का निर्माण कार्य आधा-अधूरा होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। जानकारी के अनुसार अब तक इस स्थान पर करीब 11 हादसे हो चुके हैं, जिनमें तीन लोगों की जान भी जा चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक सड़क को पूरा नहीं किया गया है। अधूरा सड़क, गड्ढे और असमान सतह के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है।1
- हजारीबाग भारत माता चौक के समीप हुई बड़ी दुर्घटना, घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस अपने जीप में ही दूसरे गंभीर व्यक्ति को खुद से ले जाकर एडमिट करवाया, प्रत्यक्ष दर्शियों ने कहा नेशनल हाईवे के द्वारा सड़क काट दिए जाने के कारण लापरवाही से मांडू की ओर से आ रही टू व्हीलर वाहन सवार एक की मौत दूसरा क्षितिज हॉस्पिटल में इलाजरत, वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी कहा कि मोटरसाइकिल और छोटी फोर व्हीलर वाहन में टक्कर हुई, प्रत्यक्ष दर्शियों ने सांसद और विधायक को भी खूब कोसा, कहा यह जो दुर्घटना घटी है यह कोई आम दुर्घटना नहीं है पूर्व में भी इस रोड में कई बार दुर्घटनाएं घट चुकी हैं मगर कोई सुध लेने वाला नहीं है बेटा हर किसी का हो सकता है सोचिए उसे घर में आज कैसा माहौल होगा जब वह अपने पुत्र की दुर्घटना में मौत की खबर सुनेगा जबकि नेशनल हाईवे के द्वारा कई दिनों से सड़क काटकर छोड़ दिया गया है पूर्व में भी कई दुर्घटनाएं घट चुकी है मगर नेशनल हाईवे कान में तेल डालकर सोया हुआ हैआय दिन दुर्घटनाएं घट रही है लोग मर रहे हैं कोई सुध लेने वाला नहीं है।1
- 📍 हजारीबाग के जामा मस्जिद रोड, इमामबाड़ा के पास रमजान के महीने में इमरती की दुकान पर हर शाम लगता है खरीदारों का जन सैलाब। इफ्तार से पहले गरमा-गरम इमरती और जलेबी लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें इस बात का सबूत हैं कि रमजान में मिठास की अपनी अलग ही अहमियत है। 🍥 इमरती और जलेबी — दिखने में एक जैसी, लेकिन स्वाद में अलग पहचान 🔸 बनाने का तरीका: जलेबी मैदे के घोल से बनाई जाती है, जबकि इमरती बिना छिलके वाली उड़द दाल के पेस्ट से तैयार होती है। 🔸 बनावट और स्वाद: मैदे की वजह से जलेबी बाहर से कुरकुरी (Crispy) और हल्की खट्टी होती है, क्योंकि इसमें खमीर (Fermentation) होता है। वहीं दाल से बनी इमरती मुलायम, स्पंजी और रसीली होती है। 🔸 आकार: जलेबी का आकार टेढ़ा-मेढ़ा (Chaotic swirls) होता है, जबकि इमरती को फूल जैसे सुंदर गोल छल्लों के डिजाइन में बनाया जाता है। 🔸 उत्पत्ति: जलेबी की जड़ें पर्शिया (ईरान) से जुड़ी हैं, जहाँ इसे “जुलाबिया” कहा जाता था। जबकि इमरती पूरी तरह भारतीय मिठाई है, जिसे मुगल काल में भारत में ही विकसित किया गया। 🔸 सेहत के नजरिए से: इमरती में दाल होने के कारण प्रोटीन और फाइबर की मात्रा थोड़ी अधिक होती है, जबकि जलेबी में फाइबर नहीं के बराबर होता है। ✨ रमजान के इस पवित्र महीने में इफ्तार की थाली हो और उसमें गरमा-गरम इमरती या जलेबी न हो, ऐसा कैसे हो सकता है? आप इफ्तार में क्या पसंद करते हैं — इमरती ❤️ या जलेबी 💛? कमेंट में जरूर बताएं! #hazaribagh #ramzan2026 #imarti #jalebi #iftarspecial #hazaribaghnews #ramzannews #love #fyp1
- हजारीबाग यूथ विंग द्वारा आयोजित 13 अप्रैल को आयोजित भव्य रक्तदान शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। आपका एक यूनिट रक्त किसी की जान बचा सकता है। रक्तदान करने वाले प्रत्येक दानवीर को संस्था की ओर से हेलमेट भेंट किया जाएगा। आइए, मानवता के इस महाअभियान का हिस्सा बनें।1
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