ऑपरेशन आहट के तहत अररिया रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी व बाल शोषण के खिलाफ जागरूकता अभियान अररिया/ रंजीत ठाकुर। रेल सुरक्षा बल (RPF) रेल प्रमंडल कटिहार के रेल सुरक्षा बल पोस्ट अररिया कोर्ट, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एवं जागरण कल्याण भारती के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को अररिया रेलवे स्टेशन परिसर में 'ऑपरेशन आहट' (AAHTU) के तहत मानव तस्करी, बाल तस्करी, बाल श्रम एवं बच्चों के शोषण के विरुद्ध व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व SI वी.के. विश्वास ने किया। वहीं जागरण कल्याण भारती के विक्रम कुमार साह एवं सगमलाल पासवान ने अभियान के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियान का उद्देश्य आम लोगों, यात्रियों एवं रेलवे परिसर से जुड़े लोगों को मानव तस्करी, बाल श्रम, बच्चों एवं महिलाओं के शोषण तथा तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर रेलवे स्टेशन परिसर में एक समन्वय बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें RPF अररिया कोर्ट के अधिकारी एवं जवानों के साथ स्थानीय दुकानदार, टेम्पो चालक, ग्रामीण तथा ट्रेन संख्या 13159 के यात्रियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान यात्रियों को मानव तस्करी के संभावित पीड़ितों की पहचान करने, बाल श्रम रोकने, बच्चों को शोषण से बचाने तथा महिलाओं एवं बच्चों से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल RPF, रेलवे अधिकारियों या स्थानीय पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया गया। जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पर्चे (पैम्फलेट) वितरित किए गए तथा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। अभियान को स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों का सकारात्मक सहयोग मिला। उपस्थित लोगों ने महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मानव तस्करी जैसे अपराधों की रोकथाम में प्रशासन और रेल सुरक्षा बल का हरसंभव सहयोग करने का भरोसा दिलाया।
ऑपरेशन आहट के तहत अररिया रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी व बाल शोषण के खिलाफ जागरूकता अभियान अररिया/ रंजीत ठाकुर। रेल सुरक्षा बल (RPF) रेल प्रमंडल कटिहार के रेल सुरक्षा बल पोस्ट अररिया कोर्ट, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एवं जागरण कल्याण भारती के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को अररिया रेलवे स्टेशन परिसर में 'ऑपरेशन आहट' (AAHTU) के तहत मानव तस्करी, बाल तस्करी, बाल श्रम एवं बच्चों के शोषण के विरुद्ध व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व SI वी.के. विश्वास ने किया। वहीं जागरण कल्याण भारती के विक्रम कुमार साह एवं सगमलाल पासवान ने
अभियान के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियान का उद्देश्य आम लोगों, यात्रियों एवं रेलवे परिसर से जुड़े लोगों को मानव तस्करी, बाल श्रम, बच्चों एवं महिलाओं के शोषण तथा तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर रेलवे स्टेशन परिसर में एक समन्वय बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें RPF अररिया कोर्ट के अधिकारी एवं जवानों के साथ स्थानीय दुकानदार, टेम्पो चालक, ग्रामीण तथा ट्रेन संख्या 13159 के यात्रियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान यात्रियों को मानव तस्करी के संभावित पीड़ितों की पहचान करने, बाल श्रम रोकने,
बच्चों को शोषण से बचाने तथा महिलाओं एवं बच्चों से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल RPF, रेलवे अधिकारियों या स्थानीय पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया गया। जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पर्चे (पैम्फलेट) वितरित किए गए तथा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। अभियान को स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों का सकारात्मक सहयोग मिला। उपस्थित लोगों ने महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मानव तस्करी जैसे अपराधों की रोकथाम में प्रशासन और रेल सुरक्षा बल का हरसंभव सहयोग करने का भरोसा दिलाया।
- आपराधिक गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर हुई थी फायरिंग, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, एक की हुई थी मौत मधेपुरा के सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के बेहरारी गांव में श्राद्ध भोज के दौरान हुई गोलीबारी मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को प्रेस वार्ता में एएसपी प्रवेंद्र भारती ने बताया कि यह घटना संदीप पहलवान और विवेक यादव के बीच लंबे समय से चले आ रहे आपसी वर्चस्व की लड़ाई में हुई थी। फायरिंग में स्थानीय रामू यादव (50) की मौत हो गई थी, जबकि एक राजकुमार (25) ल घायल हो गया था। मृतक रामू यादव का दोनों गुट से कोई संबंध नहीं था। वह भोज में खाना परोसने गया था। तभी फायरिंग शुरू हो गई। बीचबचाव के दौरान अपराधियों ने रामू यादव पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें उनकी मौत हो गई। जबकि एक युवक और एक गाय को भी गोली लगी थी। घटना 1 अगस्त की रात करीब 9 बजे बेहरारी गांव में संजय यादव के घर आयोजित श्राद्ध कर्म के दौरान हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से 15 खोखा, एक जिंदा कारतूस तथा एक राइफल का कॉकिंग हैंडल बरामद किया था। इस मामले में मृतक के बेटे श्रवण कुमार के आवेदन पर सिंहेश्वर थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। एसपी के निर्देश पर मेरे नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्य, गुप्त सूचना और लगातार छापेमारी के आधार पर 5 अगस्त को गम्हरिया थाना क्षेत्र के सिंगियोन गांव से दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में शंकरपुर थाना क्षेत्र के कबियाही वार्ड-14 निवासी विवेक यादव और मनखुश यादव शामिल हैं। दोनों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। विवेक यादव का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ शंकरपुर, छातापुर और सिंहेश्वर थानों में लूट, चोरी, हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित सात संगीन मामले पहले से दर्ज हैं। छापेमारी में सिंहेश्वर थानाध्यक्ष बिनोद कुमार सिंह, सदर थानाध्यक्ष विमलेंदू कुमार, गम्हरिया थानाध्यक्ष राघव शरण, शंकरपुर थानाध्यक्ष राजीव कुमार, रतवारा थानाध्यक्ष सुड्डू कुमार तथा डीआईयू टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- केनगर बिजली विभाग में बड़ी कार्रवाई: जेईई समेत दो टेक्निकल सहायक 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार1
- फाइनेंस कर्मी बताकर लिए चार हजार रुपये थाना में आवेदन देकर जांच कर कार्रवाई की उठाया मांग सौर बाजार थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 10 भेलवा गांव निवासी स्वर्गीय महगलाल यादव के पुत्र अर्जुन यादव सौर बाजार थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाया है। लिखित आवेदन में बताया है की बुधवार को पतरघट जाने के दौरान कपसिया पुल के समीप थाना क्षेत्र के गौरबगढ़ गांव निवासी दिनेश यादव के पुत्र आशीष कुमार फाइनेंसर का हवाला देते हुए अपने अन्य दो साथियों के साथ मेरा बाइक रोक लिया और बोला की तुम्हारे ऊपर बाइक का किस्त 21500 रुपए हो गया है जो जमा करने पर ही बाइक मिलेगा। ज्यादा कहने पर वे हथियार का भय दिखाकर मेरा बाइक ले लिया और कांप पुर्वी पंचायत के मधेपुरा टोला निवासी मनीष यादव के घर पर बाइक लगा दिया और फोन पर भद्दी भद्दी गाली और धमकी देने लगा। भयभीत हो कर हमने किसी तरह चार हजार रूपए व्यवस्था कर उसे दे दिया और बदले में वे फर्जी रशिद दे दिया और जाने के दौरान वो रशीद भी छीनकर फार दिया और बोला की अगर किसी के पास बोला तो जान से मार देंगे। पुलिस के द्वारा जांच के बाद ही घटना के असली कारणों का पता चल पाएगा आखिर वजह क्या है।1
- *प्रेस विज्ञप्ति* 73वें जन्मदिन पर मनोज कुमार भारती ने किया वृक्षारोपण, बोले– "पेड़ ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी विरासत हैं" पूर्णिया। आज के दौर में जहां जन्मदिन का मतलब अक्सर केक काटना और भव्य समारोह माना जाता है, वहीं पूर्णिया के प्रतिष्ठित रियल एस्टेट प्रोजेक्ट *BMG* के संस्थापक एवं श्रीनगर प्रखंड के झुन्नी कला पंचायत निवासी *मनोज कुमार भारती* ने अपने 73वें जन्मदिन को प्रकृति के नाम समर्पित करते हुए वृक्षारोपण किया। उनका यह कदम लोगों के लिए प्रेरणा और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश बनकर सामने आया। वृक्षारोपण के दौरान *मनोज कुमार भारती* ने कहा, "हम अपने बच्चों के लिए धन-दौलत छोड़ सकते हैं, लेकिन यदि स्वच्छ हवा, हरियाली और स्वस्थ पर्यावरण नहीं छोड़ पाए, तो हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी अधूरी रह जाएगी।" उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से वे लगातार पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं और अब तक *10,000* से अधिक पेड़-पौधे लगा चुके हैं। उनका संकल्प है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि BMG Gardenia केवल एक आवासीय परियोजना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण, हरियाली और आधुनिक जीवनशैली का प्रतीक बनने की दिशा में कार्य कर रहा है। प्रोजेक्ट परिसर में हरित वातावरण, खुले स्थान और पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और बेहतर जीवन मिल सके। BMG Gardenia पूर्णिया के भट्टा बाज़ार स्थित डीलक्स होटल के पीछे विकसित किया जा रहा एक RERA Approved Premium 2 एवं 3 BHK Luxury Flats प्रोजेक्ट है। आधुनिक सुविधाओं, बेहतर निर्माण गुणवत्ता और पूर्णिया की पहली Rooftop Swimming Pool Facility जैसी विशेषताओं के कारण यह परियोजना लोगों के बीच तेजी से अपनी पहचान बना रही है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह या किसी भी खुशी के अवसर पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए। उनका मानना है कि एक पौधा केवल पेड़ नहीं बनता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन, ऑक्सीजन, छाया और उम्मीद का आधार बनता है। स्थानीय लोगों ने भी मनोज कुमार भारती की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज को ऐसे लोगों से प्रेरणा लेनी चाहिए, जो अपने व्यक्तिगत उत्सव को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हैं। उनका जन्मदिन केवल एक व्यक्तिगत खुशी का अवसर नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक संदेश बन गया। हर पौधा भविष्य की सांस है। ऐसे समय में जब जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए चुनौती बना हुआ है, *मनोज कुमार भारती* का संदेश यह बताता है कि विकास और पर्यावरण साथ-साथ चल सकते हैं। यही सोच BMG Gardenia की कार्यशैली में भी दिखाई देती है, जहाँ आधुनिक आवास के साथ हरित और बेहतर भविष्य की परिकल्पना को साकार करने का प्रयास किया जा रहा है। *प्रेस विज्ञप्ति* 73वें जन्मदिन पर मनोज कुमार भारती ने किया वृक्षारोपण, बोले– "पेड़ ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी विरासत हैं" पूर्णिया। आज के दौर में जहां जन्मदिन का मतलब अक्सर केक काटना और भव्य समारोह माना जाता है, वहीं पूर्णिया के प्रतिष्ठित रियल एस्टेट प्रोजेक्ट *BMG* के संस्थापक एवं श्रीनगर प्रखंड के झुन्नी कला पंचायत निवासी *मनोज कुमार भारती* ने अपने 73वें जन्मदिन को प्रकृति के नाम समर्पित करते हुए वृक्षारोपण किया। उनका यह कदम लोगों के लिए प्रेरणा और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश बनकर सामने आया। वृक्षारोपण के दौरान *मनोज कुमार भारती* ने कहा, "हम अपने बच्चों के लिए धन-दौलत छोड़ सकते हैं, लेकिन यदि स्वच्छ हवा, हरियाली और स्वस्थ पर्यावरण नहीं छोड़ पाए, तो हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी अधूरी रह जाएगी।" उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से वे लगातार पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं और अब तक *10,000* से अधिक पेड़-पौधे लगा चुके हैं। उनका संकल्प है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि BMG Gardenia केवल एक आवासीय परियोजना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण, हरियाली और आधुनिक जीवनशैली का प्रतीक बनने की दिशा में कार्य कर रहा है। प्रोजेक्ट परिसर में हरित वातावरण, खुले स्थान और पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और बेहतर जीवन मिल सके। BMG Gardenia पूर्णिया के भट्टा बाज़ार स्थित डीलक्स होटल के पीछे विकसित किया जा रहा एक RERA Approved Premium 2 एवं 3 BHK Luxury Flats प्रोजेक्ट है। आधुनिक सुविधाओं, बेहतर निर्माण गुणवत्ता और पूर्णिया की पहली Rooftop Swimming Pool Facility जैसी विशेषताओं के कारण यह परियोजना लोगों के बीच तेजी से अपनी पहचान बना रही है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह या किसी भी खुशी के अवसर पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए। उनका मानना है कि एक पौधा केवल पेड़ नहीं बनता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन, ऑक्सीजन, छाया और उम्मीद का आधार बनता है। स्थानीय लोगों ने भी मनोज कुमार भारती की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज को ऐसे लोगों से प्रेरणा लेनी चाहिए, जो अपने व्यक्तिगत उत्सव को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हैं। उनका जन्मदिन केवल एक व्यक्तिगत खुशी का अवसर नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक संदेश बन गया। हर पौधा भविष्य की सांस है। ऐसे समय में जब जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए चुनौती बना हुआ है, *मनोज कुमार भारती* का संदेश यह बताता है कि विकास और पर्यावरण साथ-साथ चल सकते हैं। यही सोच BMG Gardenia की कार्यशैली में भी दिखाई देती है, जहाँ आधुनिक आवास के साथ हरित और बेहतर भविष्य की परिकल्पना को साकार करने का प्रयास किया जा रहा है।1
- हाय बीजेपी सरकार, जय जय बीजेपी सरकार Ham Garib lachar ज़ोमैटो पार्टनर ₹20 कमाते नहीं और ₹100 पेट्रोल पंप वाले सरकार न नौकरी देती है न कोई बेकार बेदी शर्मा 🙏 बस स्टैंड पेट्रोल पंप की जा रही है गाड़ी खराब हो गया मिस्त्री 12000 का बिल बनाया है1
- रोटी कमाने गया था ताबूत में लौटा: गुरुग्राम में करंट से बिहार के मधेपुरा मजदूर की मौत, CCTV ने खोली लापरवाही की कहानी घर की गरीबी दूर करने और बच्चों का भविष्य संवारने के लिए हरियाणा गया एक मजदूर लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। गुरुग्राम में निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से बिहार के मधेपुरा निवासी 28 वर्षीय अजीत कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मौत का वह खौफनाक पल कैद है। परिवार ने ठेकेदार और मकान मालिक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। दरअसल मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड की बेलारी पंचायत जहां गुरुवार को जैसे ही अजीत कुमार का शव पहुंचा, पूरे गांव में मातम छा गया। जिस बेटे के लौटने का परिवार इंतजार कर रहा था, वह तिरंगे में नहीं, बल्कि कफन में लिपटा घर पहुंचा। मां की चीखें, पत्नी का विलाप और मासूम बच्चों की बेबसी ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। अंतिम दर्शन के लिए गांव में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। 28 वर्षीय अजीत कुमार गुरुग्राम के हीरा नगर इलाके में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। तीन अगस्त की शाम वह एक निर्माणाधीन मकान में लेंटर ढलाई का काम कर रहे थे। तभी निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही मशीन में अचानक करंट उतर आया। मशीन के संपर्क में आते ही अजीत को जोरदार बिजली का झटका लगा। वह मौके पर ही गिर पड़े और बेहोश हो गए। साथी मजदूर उन्हें आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि अजीत काम में व्यस्त थे। जैसे ही उन्होंने मशीन को छुआ, तेज करंट लगा और वह कुछ ही सेकंड में जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोग उन्हें बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। यह वीडियो सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा में कथित लापरवाही की गंभीर तस्वीर भी दिखा रहा है। मृतक के छोटे भाई श्रवण कुमार ने गुरुग्राम पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि निर्माणाधीन मकान के ठीक ऊपर से बिजली का तार गुजर रहा था। इसके बावजूद न तो बिजली लाइन को सुरक्षित कराया गया और न ही मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए। उनका आरोप है कि मकान मालिक और ठेकेदार की लापरवाही के कारण ही अजीत की जान गई। शिकायत मिलने के बाद हरियाणा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है और क्या निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। अजीत कुमार की मौत ने एक पूरे परिवार का सहारा छीन लिया है। पीछे रह गई हैं उनकी पत्नी बेबी देवी, आठ साल का बेटा विशाल, चार साल की बेटी लक्ष्मी और सिर्फ दस महीने का मासूम बेटा ऋषभ। जिन बच्चों के लिए पिता दिन-रात मेहनत कर रहे थे, आज वही बच्चे अपने पिता के बिना जिंदगी बिताने को मजबूर हैं। गांव वालों का कहना है कि अजीत बेहद मेहनती और मिलनसार युवक थे। परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए वह वर्षों से दूसरे राज्य में मजदूरी कर रहे थे। अब गांव के लोग प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। रोटी कमाने निकला एक मजदूर लापरवाही का शिकार बना और अब पीछे छोड़ गया आंसुओं में डूबा परिवार। सवाल सिर्फ एक अजीत कुमार की मौत का नहीं, बल्कि उन लाखों प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा का है, जो रोज अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों के सपनों की इमारत खड़ी करते हैं। आखिर कब तक मजदूरों की जान यूं ही लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी? यही सबसे बड़ा सवाल है। बाइट --बेबी देवी, मृतक के पत्नी4
- सिकटी क्षेत्रों में दोपहर बाद हुई मूसलधार बारिश का असर सुबह से सिकटी प्रखंड में दिखने लगा। अररिया नेपाल के तराई क्षेत्र में हो रहे भारी वर्षा से सिकटी विधानसभा क्षेत्र में बाद जैसे हालात लक्ष्मीपुर में सड़कों पे पानी का सैलाब नूना का बढ़ा जलस्तर, गांवों में घुसा बाढ़ का पानी। एक नाव के सहारे ग्रामीण छात्र छात्रा जान जोखिम में डाल के पार करते सिकटी क्षेत्रों में दोपहर बाद हुई मूसलधार बारिश का असर सुबह से सिकटी प्रखंड में दिखने लगा। लगातार बारिश के कारण प्रखंड की प्रमुख नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। नूना नदी उफान पर है और उसका पानी निचले इलाकों में फैलने लगा है। इससे हजारों एकड़ में लगी धान की फसल जलमग्न हो गई है। जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहने से किसानों में फसल को लेकर चिंता बढ़ गई है। नूना नदी के किनारे बसे दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे प्रवेश कर रहा है। कई जगह घरों के आंगन तक पानी पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सिकटी से सटे पलासी प्रखंड के लक्ष्मीपुर रेलवे स्टेशन के पास सड़को पे पानी का सैलाब, छपनिया, पिपरा, बिजवार और बच्चाखाड़ी आदि पंचायत में घुसा बाढ़ का पानी सहित कई गांवों में जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित होने लगा है। नदी के निचले हिस्से में बसे होने के कारण ये गांव हर वर्ष बरसात के दौरान सबसे अधिक प्रभावित होते हैं और इस बार भी स्थिति गंभीर होती जा रही है। खेतों में लगी धान की फसल पूरी तरह पानी में डूबने लगी है। किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर में जल्द कमी नहीं आई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। सबसे अधिक परेशानी लक्ष्मीपुर गांव में है। गांव तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों के श्रमदान से बनाई गई बांस की चचरी तेज बहाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है और उसके टूटने का खतरा बढ़ गया है। चचरी बह जाने पर गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाएगा और पूरा टोला टापू में तब्दील हो जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि नूना नदी बकरा नदी का तेज बहाव लगातार चचरी को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि समय रहते सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो किसी भी समय चचरी टूट सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब पुल निर्माण की कराने की मांग की है। उनका कहना है कि संपर्क मार्ग सुरक्षित रहने से आपात स्थिति में लोगों की आवाजाही और राहत कार्य प्रभावित नहीं होंगे।1