आपराधिक गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर हुई थी फायरिंग, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, एक की हुई थी मौत मधेपुरा के सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के बेहरारी गांव में श्राद्ध भोज के दौरान हुई गोलीबारी मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को प्रेस वार्ता में एएसपी प्रवेंद्र भारती ने बताया कि यह घटना संदीप पहलवान और विवेक यादव के बीच लंबे समय से चले आ रहे आपसी वर्चस्व की लड़ाई में हुई थी। फायरिंग में स्थानीय रामू यादव (50) की मौत हो गई थी, जबकि एक राजकुमार (25) ल घायल हो गया था। मृतक रामू यादव का दोनों गुट से कोई संबंध नहीं था। वह भोज में खाना परोसने गया था। तभी फायरिंग शुरू हो गई। बीचबचाव के दौरान अपराधियों ने रामू यादव पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें उनकी मौत हो गई। जबकि एक युवक और एक गाय को भी गोली लगी थी। घटना 1 अगस्त की रात करीब 9 बजे बेहरारी गांव में संजय यादव के घर आयोजित श्राद्ध कर्म के दौरान हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से 15 खोखा, एक जिंदा कारतूस तथा एक राइफल का कॉकिंग हैंडल बरामद किया था। इस मामले में मृतक के बेटे श्रवण कुमार के आवेदन पर सिंहेश्वर थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। एसपी के निर्देश पर मेरे नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्य, गुप्त सूचना और लगातार छापेमारी के आधार पर 5 अगस्त को गम्हरिया थाना क्षेत्र के सिंगियोन गांव से दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में शंकरपुर थाना क्षेत्र के कबियाही वार्ड-14 निवासी विवेक यादव और मनखुश यादव शामिल हैं। दोनों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। विवेक यादव का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ शंकरपुर, छातापुर और सिंहेश्वर थानों में लूट, चोरी, हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित सात संगीन मामले पहले से दर्ज हैं। छापेमारी में सिंहेश्वर थानाध्यक्ष बिनोद कुमार सिंह, सदर थानाध्यक्ष विमलेंदू कुमार, गम्हरिया थानाध्यक्ष राघव शरण, शंकरपुर थानाध्यक्ष राजीव कुमार, रतवारा थानाध्यक्ष सुड्डू कुमार तथा डीआईयू टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आपराधिक गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर हुई थी फायरिंग, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, एक की हुई थी मौत मधेपुरा के सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के बेहरारी गांव में श्राद्ध भोज के दौरान हुई गोलीबारी मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को प्रेस वार्ता में एएसपी प्रवेंद्र भारती ने बताया कि यह घटना संदीप पहलवान और विवेक यादव के बीच लंबे समय से चले आ रहे आपसी वर्चस्व की लड़ाई में हुई थी। फायरिंग में स्थानीय रामू यादव (50) की मौत हो गई थी, जबकि एक राजकुमार (25) ल घायल हो गया था। मृतक रामू यादव का दोनों गुट से कोई संबंध नहीं था। वह भोज में खाना परोसने गया था। तभी फायरिंग शुरू हो गई। बीचबचाव के दौरान अपराधियों ने रामू यादव पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें उनकी मौत हो गई। जबकि एक युवक और एक गाय को भी गोली लगी थी। घटना 1 अगस्त की रात करीब 9 बजे बेहरारी गांव में संजय यादव के घर आयोजित श्राद्ध कर्म के दौरान हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से 15 खोखा, एक जिंदा कारतूस तथा एक राइफल का कॉकिंग हैंडल बरामद किया था। इस मामले में मृतक के बेटे श्रवण कुमार के आवेदन पर सिंहेश्वर थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। एसपी के निर्देश पर मेरे नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्य, गुप्त सूचना और लगातार छापेमारी के आधार पर 5 अगस्त को गम्हरिया थाना क्षेत्र के सिंगियोन गांव से दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में शंकरपुर थाना क्षेत्र के कबियाही वार्ड-14 निवासी विवेक यादव और मनखुश यादव शामिल हैं। दोनों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। विवेक यादव का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ शंकरपुर, छातापुर और सिंहेश्वर थानों में लूट, चोरी, हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित सात संगीन मामले पहले से दर्ज हैं। छापेमारी में सिंहेश्वर थानाध्यक्ष बिनोद कुमार सिंह, सदर थानाध्यक्ष विमलेंदू कुमार, गम्हरिया थानाध्यक्ष राघव शरण, शंकरपुर थानाध्यक्ष राजीव कुमार, रतवारा थानाध्यक्ष सुड्डू कुमार तथा डीआईयू टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- आपराधिक गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर हुई थी फायरिंग, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, एक की हुई थी मौत मधेपुरा के सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के बेहरारी गांव में श्राद्ध भोज के दौरान हुई गोलीबारी मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को प्रेस वार्ता में एएसपी प्रवेंद्र भारती ने बताया कि यह घटना संदीप पहलवान और विवेक यादव के बीच लंबे समय से चले आ रहे आपसी वर्चस्व की लड़ाई में हुई थी। फायरिंग में स्थानीय रामू यादव (50) की मौत हो गई थी, जबकि एक राजकुमार (25) ल घायल हो गया था। मृतक रामू यादव का दोनों गुट से कोई संबंध नहीं था। वह भोज में खाना परोसने गया था। तभी फायरिंग शुरू हो गई। बीचबचाव के दौरान अपराधियों ने रामू यादव पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें उनकी मौत हो गई। जबकि एक युवक और एक गाय को भी गोली लगी थी। घटना 1 अगस्त की रात करीब 9 बजे बेहरारी गांव में संजय यादव के घर आयोजित श्राद्ध कर्म के दौरान हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से 15 खोखा, एक जिंदा कारतूस तथा एक राइफल का कॉकिंग हैंडल बरामद किया था। इस मामले में मृतक के बेटे श्रवण कुमार के आवेदन पर सिंहेश्वर थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। एसपी के निर्देश पर मेरे नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्य, गुप्त सूचना और लगातार छापेमारी के आधार पर 5 अगस्त को गम्हरिया थाना क्षेत्र के सिंगियोन गांव से दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में शंकरपुर थाना क्षेत्र के कबियाही वार्ड-14 निवासी विवेक यादव और मनखुश यादव शामिल हैं। दोनों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। विवेक यादव का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ शंकरपुर, छातापुर और सिंहेश्वर थानों में लूट, चोरी, हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित सात संगीन मामले पहले से दर्ज हैं। छापेमारी में सिंहेश्वर थानाध्यक्ष बिनोद कुमार सिंह, सदर थानाध्यक्ष विमलेंदू कुमार, गम्हरिया थानाध्यक्ष राघव शरण, शंकरपुर थानाध्यक्ष राजीव कुमार, रतवारा थानाध्यक्ष सुड्डू कुमार तथा डीआईयू टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- फाइनेंस कर्मी बताकर लिए चार हजार रुपये थाना में आवेदन देकर जांच कर कार्रवाई की उठाया मांग सौर बाजार थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 10 भेलवा गांव निवासी स्वर्गीय महगलाल यादव के पुत्र अर्जुन यादव सौर बाजार थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाया है। लिखित आवेदन में बताया है की बुधवार को पतरघट जाने के दौरान कपसिया पुल के समीप थाना क्षेत्र के गौरबगढ़ गांव निवासी दिनेश यादव के पुत्र आशीष कुमार फाइनेंसर का हवाला देते हुए अपने अन्य दो साथियों के साथ मेरा बाइक रोक लिया और बोला की तुम्हारे ऊपर बाइक का किस्त 21500 रुपए हो गया है जो जमा करने पर ही बाइक मिलेगा। ज्यादा कहने पर वे हथियार का भय दिखाकर मेरा बाइक ले लिया और कांप पुर्वी पंचायत के मधेपुरा टोला निवासी मनीष यादव के घर पर बाइक लगा दिया और फोन पर भद्दी भद्दी गाली और धमकी देने लगा। भयभीत हो कर हमने किसी तरह चार हजार रूपए व्यवस्था कर उसे दे दिया और बदले में वे फर्जी रशिद दे दिया और जाने के दौरान वो रशीद भी छीनकर फार दिया और बोला की अगर किसी के पास बोला तो जान से मार देंगे। पुलिस के द्वारा जांच के बाद ही घटना के असली कारणों का पता चल पाएगा आखिर वजह क्या है।1
- हाय बीजेपी सरकार, जय जय बीजेपी सरकार Ham Garib lachar ज़ोमैटो पार्टनर ₹20 कमाते नहीं और ₹100 पेट्रोल पंप वाले सरकार न नौकरी देती है न कोई बेकार बेदी शर्मा 🙏 बस स्टैंड पेट्रोल पंप की जा रही है गाड़ी खराब हो गया मिस्त्री 12000 का बिल बनाया है1
- छातापुर:पिपरा के बेलौखरा में सूखा नशा पर ग्रामीणों का बड़ा फैसला नशा बेचने और पीने वालों को जुर्माना सहित पुलिस को सौंपने का लिया निर्णय, पिपरा थाना क्षेत्र में नशा मुक्त समाज बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे नशा छोड़ो जीवन जोड़ो अभियान के तहत बुधवार को थुमहा पंचायत के बेलौखरा वार्ड नंबर 4 स्थित सोनाइ बाबा मंदिर प्रांगण में ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में नशे पर लगाम लगाने को लेकर कड़े फैसले लिए गए,सर्वसम्मति से तय किया गया कि नशा बेचने वाले पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा तथा नशा पीने वाले पर 5100 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा ग्रामीणों ने कहा कि गांव में नशे के कारण युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। इसे रोकने के लिए अब सख्ती जरूरी है ।बैठक को संबोधित करते हुए समाजसेवियों ने कहा कि आज सुखा नशा प्रतिबंधित इंजेक्शन और स्मैक के कारण गांव के युवा बर्बाद हो रहे हैं। कहा कि नशे के कारण परिवार टूट रहे हैं और बच्चे अपराध की दुनिया में जा रहे हैं। इसे रोकने के लिए हर घर को जागरूक होना पड़ेगा। अगर हम अभी नहीं चेते तो आने वाली पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी। गांव को नशा मुक्त बनाना ही हमारा लक्ष्य है।लोगों ने स्थानीय थाना पुलिस से क्षेत्र में गस्त बढ़ाने की अपील की ताकि नशा कारोबारी और नशा पीने वालो में दहशत का माहौल बना रहे।इस अभियान को सफल बनाने के लिए ग्रामीणों ने एक निगरानी कमेटी का भी गठन किया। यह कमेटी गांव में हर वक्त नशा बेचने और सेवन करने वाले लोगों पर नजर रखेगी और सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करेगी। बैठक में फुलेश्वर मंडल, राहुल मंडल, कमल किशोर मंडल, रमेश मंडल, कपिलेश्वर मंडल, लालदास मंडल, रमन कुमार, मन्नु कुमार, सुभाष मंडल, अर्जुन शर्मा, चन्दु कुमार, भोला मंडल, अनुपलाल मंडलसहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। छातापुर:पिपरा के बेलौखरा में सूखा नशा पर ग्रामीणों का बड़ा फैसला नशा बेचने और पीने वालों को जुर्माना सहित पुलिस को सौंपने का लिया निर्णय, पिपरा थाना क्षेत्र में नशा मुक्त समाज बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे नशा छोड़ो जीवन जोड़ो अभियान के तहत बुधवार को थुमहा पंचायत के बेलौखरा वार्ड नंबर 4 स्थित सोनाइ बाबा मंदिर प्रांगण में ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में नशे पर लगाम लगाने को लेकर कड़े फैसले लिए गए,सर्वसम्मति से तय किया गया कि नशा बेचने वाले पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा तथा नशा पीने वाले पर 5100 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा ग्रामीणों ने कहा कि गांव में नशे के कारण युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। इसे रोकने के लिए अब सख्ती जरूरी है ।बैठक को संबोधित करते हुए समाजसेवियों ने कहा कि आज सुखा नशा प्रतिबंधित इंजेक्शन और स्मैक के कारण गांव के युवा बर्बाद हो रहे हैं। कहा कि नशे के कारण परिवार टूट रहे हैं और बच्चे अपराध की दुनिया में जा रहे हैं। इसे रोकने के लिए हर घर को जागरूक होना पड़ेगा। अगर हम अभी नहीं चेते तो आने वाली पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी। गांव को नशा मुक्त बनाना ही हमारा लक्ष्य है।लोगों ने स्थानीय थाना पुलिस से क्षेत्र में गस्त बढ़ाने की अपील की ताकि नशा कारोबारी और नशा पीने वालो में दहशत का माहौल बना रहे।इस अभियान को सफल बनाने के लिए ग्रामीणों ने एक निगरानी कमेटी का भी गठन किया। यह कमेटी गांव में हर वक्त नशा बेचने और सेवन करने वाले लोगों पर नजर रखेगी और सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करेगी। बैठक में फुलेश्वर मंडल, राहुल मंडल, कमल किशोर मंडल, रमेश मंडल, कपिलेश्वर मंडल, लालदास मंडल, रमन कुमार, मन्नु कुमार, सुभाष मंडल, अर्जुन शर्मा, चन्दु कुमार, भोला मंडल, अनुपलाल मंडलसहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।1
- कोसी कटाव से मध्य विद्यालय नदी में समाया:* महिषी के कुन्दह में ग्रामीणों ने सरकारी भूमि की मांग की1
- सुपौल जिला अंतर्गत कोसी महासेतु बाबा कुशेश्वर धाम मंदिर कमरिया का पेड़1
- रोटी कमाने गया था ताबूत में लौटा: गुरुग्राम में करंट से बिहार के मधेपुरा मजदूर की मौत, CCTV ने खोली लापरवाही की कहानी घर की गरीबी दूर करने और बच्चों का भविष्य संवारने के लिए हरियाणा गया एक मजदूर लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। गुरुग्राम में निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से बिहार के मधेपुरा निवासी 28 वर्षीय अजीत कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मौत का वह खौफनाक पल कैद है। परिवार ने ठेकेदार और मकान मालिक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। दरअसल मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड की बेलारी पंचायत जहां गुरुवार को जैसे ही अजीत कुमार का शव पहुंचा, पूरे गांव में मातम छा गया। जिस बेटे के लौटने का परिवार इंतजार कर रहा था, वह तिरंगे में नहीं, बल्कि कफन में लिपटा घर पहुंचा। मां की चीखें, पत्नी का विलाप और मासूम बच्चों की बेबसी ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। अंतिम दर्शन के लिए गांव में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। 28 वर्षीय अजीत कुमार गुरुग्राम के हीरा नगर इलाके में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। तीन अगस्त की शाम वह एक निर्माणाधीन मकान में लेंटर ढलाई का काम कर रहे थे। तभी निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही मशीन में अचानक करंट उतर आया। मशीन के संपर्क में आते ही अजीत को जोरदार बिजली का झटका लगा। वह मौके पर ही गिर पड़े और बेहोश हो गए। साथी मजदूर उन्हें आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि अजीत काम में व्यस्त थे। जैसे ही उन्होंने मशीन को छुआ, तेज करंट लगा और वह कुछ ही सेकंड में जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोग उन्हें बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। यह वीडियो सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा में कथित लापरवाही की गंभीर तस्वीर भी दिखा रहा है। मृतक के छोटे भाई श्रवण कुमार ने गुरुग्राम पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि निर्माणाधीन मकान के ठीक ऊपर से बिजली का तार गुजर रहा था। इसके बावजूद न तो बिजली लाइन को सुरक्षित कराया गया और न ही मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए। उनका आरोप है कि मकान मालिक और ठेकेदार की लापरवाही के कारण ही अजीत की जान गई। शिकायत मिलने के बाद हरियाणा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है और क्या निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। अजीत कुमार की मौत ने एक पूरे परिवार का सहारा छीन लिया है। पीछे रह गई हैं उनकी पत्नी बेबी देवी, आठ साल का बेटा विशाल, चार साल की बेटी लक्ष्मी और सिर्फ दस महीने का मासूम बेटा ऋषभ। जिन बच्चों के लिए पिता दिन-रात मेहनत कर रहे थे, आज वही बच्चे अपने पिता के बिना जिंदगी बिताने को मजबूर हैं। गांव वालों का कहना है कि अजीत बेहद मेहनती और मिलनसार युवक थे। परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए वह वर्षों से दूसरे राज्य में मजदूरी कर रहे थे। अब गांव के लोग प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। रोटी कमाने निकला एक मजदूर लापरवाही का शिकार बना और अब पीछे छोड़ गया आंसुओं में डूबा परिवार। सवाल सिर्फ एक अजीत कुमार की मौत का नहीं, बल्कि उन लाखों प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा का है, जो रोज अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों के सपनों की इमारत खड़ी करते हैं। आखिर कब तक मजदूरों की जान यूं ही लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी? यही सबसे बड़ा सवाल है। बाइट --बेबी देवी, मृतक के पत्नी4
- खबर-जनता इलाज के लिए अस्पताल जाती है, लेकिन राजस्थान में अस्पताल ही जानलेवा साबित हो रहे हैं। ✔️अब इस वीडियो को ही देखिए ✔️ चुरू में एक महिला सरकारी अस्पताल पहुंची थी, मगर डॉक्टर तक पहुंचने से पहले ही छत का प्लास्टर उसपर गिर पड़ा। BJP सरकार के भीषण भ्रष्टाचार के चलते हर तरफ इंफ्रास्ट्रक्चर ढह रहा है। इस सरकार की नजरों में लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है। दरअसल, सरकार का पूरा फोकस सिर्फ माल बटोरने और जमकर कमीशनखोरी करने पर है। जनता जिए या मरे। शर्मनाक!!1