प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में हासिल की गई विकास, सुशासन और जनकल्याण की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल योजनाओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए उन्होंने जोर दिया कि ये पहल क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए नए अवसर पैदा करेंगी। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताते हुए डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को देश की नई पहचान का आधार बताया। उन्होंने पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया। महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल देते हुए उन्होंने नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत करार दिया और युवाओं से आह्वान किया कि वे नई शिक्षा नीति और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। कार्यक्रम के दौरान दमन की जनता ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए इन विकास कार्यों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में हासिल की गई विकास, सुशासन और जनकल्याण की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल योजनाओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए उन्होंने जोर दिया कि ये पहल क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए नए अवसर पैदा करेंगी। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताते हुए डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को देश की नई पहचान का आधार बताया। उन्होंने पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया। महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल देते हुए उन्होंने नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत करार दिया और युवाओं से आह्वान किया कि वे नई शिक्षा नीति और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। कार्यक्रम के दौरान दमन की जनता ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए इन विकास कार्यों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
- Amit joshwa Maltoजमालपुर, मुंगेर, बिहारये सिर्फ bakwas औऱ झूठ ही बोल रहा 12 साल se58 min ago
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- स्कूल से घर लौटने के बाद बच्चे तब तक बेचैन महसूस करते हैं जब तक उन्हें थोड़ी देर खेलने का मौका न मिले। हाल ही में बारिश थमने के बाद, बच्चे इस समय खुले में बहुत उत्साह के साथ खेल का आनंद ले रहे हैं।1
- रायगढ़ के पुसौर स्थित ग्राम पुटकापुरी के निवासी रामदास महंत लगभग 100 दिनों बाद अपने घर सकुशल लौट आए हैं। घर वापसी के बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह से सौजन्य भेंट की, जहाँ एसएसपी ने उनके स्वास्थ्य का हाल जाना और उन्हें घर पर रहकर अपना ध्यान रखने की सलाह दी। एसएसपी ने रामदास को भरोसा दिलाया कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर वे बिना संकोच पुलिस और प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और थाना प्रभारी पुसौर हर्षवर्धन सिंह बैस भी उपस्थित थे। एसएसपी ने थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि वे समय-समय पर रामदास और उनके परिवार का कुशलक्षेम जानते रहें और आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव मदद करें। रामदास महंत मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण करीब 100 दिन पहले घर से चले गए थे, जिनका कोई पता नहीं चल पा रहा था। सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि वे राजस्थान के सिरोही जिले में हैं। इस सूचना के बाद कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिला प्रशासन और पुलिस ने त्वरित कार्यवाही की। पुसौर थाना प्रभारी ने राजस्थान के मानव सेवा आश्रम से संपर्क कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की। जिला प्रशासन ने उनकी वापसी के लिए यात्रा की पूरी व्यवस्था, आर्थिक सहायता और रेल आरक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई। इस पूरी प्रक्रिया में सांसद राधेश्याम राठिया का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। 30 जून 2026 को रामदास महंत राजस्थान से अपने गांव पहुंचे, जहां परिवार और ग्रामीणों ने भावुक होकर उनका स्वागत किया।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन की धरती से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों के दौरान विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का मुख्य लक्ष्य योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है, जिसके तहत गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ये पहल क्षेत्र में पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताते हुए डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को देश की नई पहचान का आधार बताया। साथ ही, करोड़ों लोगों तक पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने की बात भी उन्होंने दोहराई। नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए प्रधानमंत्री ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने पर जोर दिया। वहीं, युवाओं को देश का भविष्य करार देते हुए नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रमों और स्टार्टअप संस्कृति के माध्यम से उनके लिए सृजित हो रहे अवसरों का जिक्र किया। 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराते हुए उन्होंने आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी और जनभागीदारी पर बल दिया और 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत को अग्रणी शक्ति बनाने का विश्वास व्यक्त किया। इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और नई विकास परियोजनाओं के लिए आभार प्रकट किया।1
- उदयपुर में हुई अत्यधिक बारिश के चलते एक बिजली का खंभा कुछ दूरी तक पानी में डूब गया है।1
- कोरिया जिले में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), बैकुंठपुर द्वारा आयोजित A-HELP पशु सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। 23 जून से 7 जुलाई 2026 तक चले इस 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले की कुल 34 महिला पशु सखियों ने भाग लिया और प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान, प्रतिभागियों को पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, विभिन्न रोगों की पहचान एवं रोकथाम, टीकाकरण, पोषण प्रबंधन, स्वच्छ पशुपालन तथा आधुनिक पशुपालन तकनीकों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, पूर्व से कार्यरत पशु सखियों को कृत्रिम गर्भाधान (एआई) की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया गया और इससे संबंधित आवश्यक तकनीकी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करना था। समापन समारोह में सभी 34 प्रशिक्षित महिला पशु सखियों को उनके कार्य के लिए आवश्यक टूल किट प्रदान की गई। इस अवसर पर ईडीपी श्री एन. बी. जिला कार्यक्रम प्रबंधक, बिहान श्री तरुण कुमार रघुवंशी, जिला अग्रणीय प्रबंधक सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया श्री शशिभूषण पाठक, RSETI के निदेशक श्री महती बनरा तथा ऑफिस असिस्टेंट सुश्री रिंकी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- सूरजपुर जिले के कोटेया में जमीन को लेकर एक तीखी बहस छिड़ गई। यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब एक व्यक्ति ने दूसरे की जमीन पर ट्रैक्टर से जुताई कर दी, जिसके कारण यह कदम उसे महंगा पड़ा।1