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उत्तर प्रदेश के बहराइच से एक बेहद ही दर्दनाक और दुःखद खबर सामने आई है, जहाँ परिजनों के सामने ही एक मगरमच्छ ने 12 साल के बच्चे को जिंदा निगल लिया। यह खौफनाक हादसा तब हुआ जब बच्चा धान की रोपाई करने के बाद नदी में अपने हाथ-पैर धोने के लिए गया था। इसी दौरान नदी में मौजूद मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसे अपने मजबूत जबड़े में दबोच लिया। बच्चे ने खुद को बचाने के लिए काफी छटपटाहट दिखाई, जिसे देख उसके चाचा और गाँव के लोगों ने मगरमच्छ पर ईंट-पत्थर फेंककर उसे छुड़ाने की पुरजोर कोशिश की। इसके बावजूद मगरमच्छ ने बच्चे को नहीं छोड़ा, उसे पानी में दो-तीन बार पटका और फिर खींचकर गहरे पानी में ले गया। इस दिल दहला देने वाली घटना के करीब 5 घंटे बाद ग्रामीणों को बच्चे का शव बरामद हुआ, जिसका एक पैर और पेट का कुछ हिस्सा गायब था।
हर खबर पर नजर
उत्तर प्रदेश के बहराइच से एक बेहद ही दर्दनाक और दुःखद खबर सामने आई है, जहाँ परिजनों के सामने ही एक मगरमच्छ ने 12 साल के बच्चे को जिंदा निगल लिया। यह खौफनाक हादसा तब हुआ जब बच्चा धान की रोपाई करने के बाद नदी में अपने हाथ-पैर धोने के लिए गया था। इसी दौरान नदी में मौजूद मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसे अपने मजबूत जबड़े में दबोच लिया। बच्चे ने खुद को बचाने के लिए काफी छटपटाहट दिखाई, जिसे देख उसके चाचा और गाँव के लोगों ने मगरमच्छ पर ईंट-पत्थर फेंककर उसे छुड़ाने की पुरजोर कोशिश की। इसके बावजूद मगरमच्छ ने बच्चे को नहीं छोड़ा, उसे पानी में दो-तीन बार पटका और फिर खींचकर गहरे पानी में ले गया। इस दिल दहला देने वाली घटना के करीब 5 घंटे बाद ग्रामीणों को बच्चे का शव बरामद हुआ, जिसका एक पैर और पेट का कुछ हिस्सा गायब था।
More news from बिहार and nearby areas
- लुधियाना जगराओं मंडी से सरकार से यह गुजारिश की गई है कि काम के दौरान खाने और सोने का समय निर्धारित किया जाए। यहाँ मूँग दाल का सीजन छठे महीने में शुरू होता है और दो महीने तक चलता है, जिसमें सुबह उठकर फ्रेश होकर सीधे काम पर लग जाना पड़ता है और खाने तथा सोने की कोई सीमा नहीं रहती है। सरकार से अपील की गई है कि वह सुबह कम से कम 10:00 बजे भोजन करने का और रात को कम से कम 10:00 बजे सोने का समय तय करे। इस खबर को सरकार तक पहुँचाने की मांग की गई है।1
- पश्चिम चंपारण के बेतिया में मझौलिया रेलवे गुमटी के पास पंचायत के वार्ड संख्या 04 में सड़क पर बने जानलेवा गड्ढे को भरने के लिए एक युवक खुद आगे आया है। युवा समाजसेवी मनीष कुमार भास्कर उर्फ मोनू ने अपने निजी खर्च पर सड़क पर दो ट्रेलर मिट्टी और राबिस गिरवाया। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद कुदाल लेकर मिट्टी और राबिस को फैलाकर सड़क को समतल किया। युवक की इस अनूठी पहल की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की है और इसे जनहित में उठाया गया एक बड़ा कदम बताया है। दरअसल, लगातार हो रही बारिश और भारी वाहनों के आवागमन के कारण रेलवे गुमटी से लेकर मझौलिया गांव तक की सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी थी। इस खराब स्थिति के बावजूद किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस सड़क की मरम्मत कराने की जहमत नहीं उठाई। आखिरकार पूर्व समाजसेवी स्वर्गीय सुदामा साह के पुत्र मनीष कुमार ने खुद इस कार्य को अंजाम दिया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। मनीष कुमार ने बताया कि वह यह कार्य पूरी तरह से सेवा भाव से कर रहे हैं। इससे पहले भी वह नाले की सफाई कराकर सुर्खियों में आ चुके हैं।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से सांसद विजय दुबे एमपी, एमएलए कोर्ट में पेश हुए हैं। सांसद विजय दुबे के खिलाफ साल 2009 में गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर हुए एक प्रदर्शन के दौरान मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में उनके खिलाफ खड्डा और रामकोला थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। आज कोर्ट में हुई पेशी के बाद अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अगली सुनवाई या अगली तारीख पर कोर्ट इस मामले में अपना फैसला सुना सकती है।2
- पश्चिम चंपारण के पुलिस अधीक्षक ने जिले के नवलपुर, मनुआपुल और योगापट्टी थानों का औचक निरीक्षण कर वहां की कानून-व्यवस्था तथा पुलिस कार्यप्रणाली का जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर, मालखाना, हाजत, सीसीटीवी व्यवस्था और साफ-सफाई का गहन अवलोकन किया। इसके साथ ही अपराध एवं आगंतुक पंजी सहित अन्य आवश्यक अभिलेखों की विस्तृत समीक्षा की गई और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि वे आम नागरिकों के साथ विनम्र और संवेदनशील व्यवहार करें। उन्होंने प्राप्त शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने के साथ-साथ थानों में स्वच्छता, अनुशासन और बेहतर कार्य संस्कृति बनाए रखने पर जोर दिया। इस अवसर पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-1, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) बेतिया और संबंधित थानों के थानाध्यक्षों सहित सभी पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।1
- कुशीनगर जिले के सदर तहसील पड़रौना में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा नजारा देखने को मिला। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में शुरू हुए इस आयोजन में अधिकारियों ने शुरुआत में तो लोगों की शिकायतें सुनीं, लेकिन निर्धारित समय से पहले ही दोनों बड़े अधिकारियों के रवाना होते ही वहां की व्यवस्था पूरी तरह ढीली पड़ गई। कई विभागों के अधिकारी अपनी कुर्सियां खाली कर मौके से चले गए, जिससे अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए पहुंचे फरियादियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। मौके पर मौजूद कुछ अधिकारी अपने मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए, जिससे लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। बाद में मुख्य रूप से केवल तहसीलदार और लेखपाल ही मौके पर लोगों की शिकायतें सुनते रहे। इस समाधान दिवस में कुल 31 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण नहीं हो सका। राजस्व विभाग की आईं 16 शिकायतों में से सिर्फ 5 का मौके पर निस्तारण हुआ और 11 मामले लंबित रहे, जबकि पुलिस विभाग की 9 और विकास विभाग की 4 शिकायतों में से एक का भी मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। यद्यपि अधिकारियों ने संबंधित विभागों को मौके पर पहुंचकर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति ने पूरी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसके साथ ही, सदर तहसील परिसर में फरियादियों के लिए शुद्ध पेयजल, शौचालय, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और वाहन स्टैंड जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी भी सामने आई, जिससे लोगों को काफी असुविधा उठानी पड़ी। समाधान दिवस में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे बलुचहा निवासी गोपाल प्रसाद ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि वह कई वर्षों से अपनी भूमि विवाद के समाधान के लिए तहसील के चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने उनकी सहमति के बिना उनकी जमीन पर मिट्टी डलवा दी, पेड़ कटवा दिए और अवैध कब्जा कर लिया, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल सका है। त्वरित निस्तारण के दावों के बीच अधिकारियों की अनुपस्थिति और लंबित मामलों ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।3
- मनीष कश्यप दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे हैं।1
- गोपालगंज के थावे थाना क्षेत्र के गंवदरी गांव निवासी एक बर्तन विक्रेता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक की पहचान जय प्रकाश सोनी के 45 वर्षीय पुत्र राजेश सोनी के रूप में हुई है, जिनकी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई। इस घटना को लेकर परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर 10 दिन पहले राजेश के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। मौत की सूचना मिलने के बाद थावे थाने की पुलिस तुरंत सदर अस्पताल पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराने का प्रयास किया। हालांकि, परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को अपने साथ वापस घर ले गए। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1