कुशीनगर जिले के सदर तहसील पड़रौना में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा नजारा देखने को मिला। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में शुरू हुए इस आयोजन में अधिकारियों ने शुरुआत में तो लोगों की शिकायतें सुनीं, लेकिन निर्धारित समय से पहले ही दोनों बड़े अधिकारियों के रवाना होते ही वहां की व्यवस्था पूरी तरह ढीली पड़ गई। कई विभागों के अधिकारी अपनी कुर्सियां खाली कर मौके से चले गए, जिससे अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए पहुंचे फरियादियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। मौके पर मौजूद कुछ अधिकारी अपने मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए, जिससे लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। बाद में मुख्य रूप से केवल तहसीलदार और लेखपाल ही मौके पर लोगों की शिकायतें सुनते रहे। इस समाधान दिवस में कुल 31 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण नहीं हो सका। राजस्व विभाग की आईं 16 शिकायतों में से सिर्फ 5 का मौके पर निस्तारण हुआ और 11 मामले लंबित रहे, जबकि पुलिस विभाग की 9 और विकास विभाग की 4 शिकायतों में से एक का भी मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। यद्यपि अधिकारियों ने संबंधित विभागों को मौके पर पहुंचकर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति ने पूरी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसके साथ ही, सदर तहसील परिसर में फरियादियों के लिए शुद्ध पेयजल, शौचालय, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और वाहन स्टैंड जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी भी सामने आई, जिससे लोगों को काफी असुविधा उठानी पड़ी। समाधान दिवस में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे बलुचहा निवासी गोपाल प्रसाद ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि वह कई वर्षों से अपनी भूमि विवाद के समाधान के लिए तहसील के चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने उनकी सहमति के बिना उनकी जमीन पर मिट्टी डलवा दी, पेड़ कटवा दिए और अवैध कब्जा कर लिया, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल सका है। त्वरित निस्तारण के दावों के बीच अधिकारियों की अनुपस्थिति और लंबित मामलों ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
कुशीनगर जिले के सदर तहसील पड़रौना में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा नजारा देखने को मिला। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में शुरू हुए इस आयोजन में अधिकारियों ने शुरुआत में तो लोगों की शिकायतें सुनीं, लेकिन निर्धारित समय से पहले ही दोनों बड़े अधिकारियों के रवाना होते ही वहां की व्यवस्था पूरी तरह ढीली पड़ गई। कई विभागों के अधिकारी अपनी कुर्सियां खाली कर मौके से चले गए, जिससे अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए पहुंचे फरियादियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। मौके पर मौजूद कुछ अधिकारी अपने मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए, जिससे लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। बाद में मुख्य रूप से केवल तहसीलदार और
लेखपाल ही मौके पर लोगों की शिकायतें सुनते रहे। इस समाधान दिवस में कुल 31 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण नहीं हो सका। राजस्व विभाग की आईं 16 शिकायतों में से सिर्फ 5 का मौके पर निस्तारण हुआ और 11 मामले लंबित रहे, जबकि पुलिस विभाग की 9 और विकास विभाग की 4 शिकायतों में से एक का भी मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। यद्यपि अधिकारियों ने संबंधित विभागों को मौके पर पहुंचकर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति ने पूरी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसके साथ ही, सदर तहसील परिसर में फरियादियों के लिए शुद्ध पेयजल, शौचालय, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था
और वाहन स्टैंड जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी भी सामने आई, जिससे लोगों को काफी असुविधा उठानी पड़ी। समाधान दिवस में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे बलुचहा निवासी गोपाल प्रसाद ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि वह कई वर्षों से अपनी भूमि विवाद के समाधान के लिए तहसील के चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने उनकी सहमति के बिना उनकी जमीन पर मिट्टी डलवा दी, पेड़ कटवा दिए और अवैध कब्जा कर लिया, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल सका है। त्वरित निस्तारण के दावों के बीच अधिकारियों की अनुपस्थिति और लंबित मामलों ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिला अंतर्गत हाटा क्षेत्र के सुकरौली में एक किसान जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में मुख्य रूप से किसानों को श्री अन्न और प्रसिद्ध काला नमक धान की खेती के संबंध में जानकारी दी गई। इसके साथ ही, गोष्ठी में उपस्थित लोगों को प्राकृतिक खेती अपनाने की विधियों और किसानों के हित में चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।1
- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के जोगापट्टी प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ को लेकर लोगों में भारी हड़कंप मचा हुआ है और उनकी परेशानियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते स्थानीय जनता में सरकार के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों का आरोप है कि उन्हें सरकार की तरफ से कोई भी सहायता या सरकारी भाटा नहीं मिल रहा है। इस संकट के समय में लोग किसी तरह नाव के सहारे अपना घर और परिवार चला रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए कि आखिर इस बाढ़ ग्रसित क्षेत्र में लोग किस प्रकार अपना जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि जब वे सरकार चुनने के लिए वोट करते हैं, तो सरकार का भी यह कर्तव्य है कि वह केवल शहरी इलाकों पर ही ध्यान न दे। सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों और दीयरवर्ती क्षेत्रों की जनता पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए ताकि उन्हें इस विपदा से राहत मिल सके। (रिपोर्ट: नागेंद्र कुमार)1
- देवरिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) भलुअनी में शनिवार देर रात लगभग 11 बजे जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने औचक निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों के उपचार, दवाओं की उपलब्धता और प्रसव केंद्र की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से प्रसव केंद्र का जायजा लिया और प्रसव पंजिका का बारीकी से अवलोकन करते हुए प्रत्येक प्रसव मामले की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पताल आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित और व्यवस्थित प्रसव कराया जाए। इसी निरीक्षण के दौरान जब एक गर्भवती महिला प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची, तो जिलाधिकारी ने तुरंत ड्यूटी पर मौजूद एएनएम और स्टाफ नर्स को उसका सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव कराने पर बल दिया ताकि प्रसव सेवाएं सुगम और सुरक्षित ढंग से मिल सकें। डीएम मधुसूदन हुल्गी ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की और मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने की हिदायत दी ताकि मरीज संतुष्ट होकर लौटें। इसके साथ ही उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने को कहा। निरीक्षण के समय प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के बारे में जानकारी लेने पर बताया गया कि वे दिन की ड्यूटी पूरी कर चुके थे, जबकि मौके पर ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार पांडेय सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद पाए गए।4
- बिहार के बांकीपुर की जनता के दिलों में अब सिर्फ प्रशांत किशोर ही बसे हैं और हर तरफ 'अबकी बार प्रशांत किशोर विधायक' का शोर गूंज रहा है। गांव, नगर और गली-गली में केवल प्रशांत किशोर की ही चर्चा है और इस माहौल के पीछे खुद प्रशांत किशोर ही हैं। जनता के इस स्पष्ट ओपिनियन को देखते हुए अब सूबे में बीजेपी और आरजेडी का खत्म होना पूरी तरह से तय माना जा रहा है।1
- महराजगंज के निचलौल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आज उस समय हड़कंप मच गया जब जिलाधिकारी ने अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया। डीएम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और वहां भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर इलाज, मिलने वाली दवाइयों और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। इस औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई, व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई गंभीर कमियां सामने आईं। इन कमियों पर डीएम ने अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब तलब किया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और सभी व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान पूरे अस्पताल स्टाफ में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी के इस सख्त रवैये और कड़े निरीक्षण के बाद निचलौल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्थाओं में कितना सुधार आता है।1
- उत्तर प्रदेश में सांसद विजय दुबे से जुड़े एक 17 साल पुराने मामले में सुनवाई हुई है। इस मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।1
- पश्चिम चंपारण के योगापट्टी अंतर्गत भवानीपुर पंचायत में बारिश की कामना को लेकर कई स्थानों पर ब्रह्म भोज का आयोजन किया गया। भवानीपुर ब्रह्मस्थान पर आयोजित इस विशेष ब्रह्म भोज में भारी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। यहाँ पीपल के पेड़ के नीचे भगवान ब्रह्म की पूजा-अर्चना की गई और बारिश के लिए भगवान से गुहार लगाई गई। इस धार्मिक आयोजन के दौरान खीर और लिट्टी के प्रसाद का विशेष प्रबंध किया गया और ग्रामीणों के बीच इसका वितरण हुआ। इस अनुष्ठान में गाँव के बड़ी संख्या में युवक भी शामिल हुए और सभी लोगों ने भगवान पर अटूट विश्वास जताते हुए श्रद्धापूर्वक पूजा-पाठ किया।1
- उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में यदि आप किसी भी समस्या को लेकर चिंतित हैं, तो आप बिना किसी झिझक के पंडित देविशरण शास्त्री से संपर्क कर सकते हैं। पंडित देविशरण शास्त्री द्वारा लोगों का पूरा सहयोग करने की बात कही गई है, जिसके लिए संपर्क सूत्र 6307689226 उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही, आज दिनांक 19-07-2026 के लिए सभी चंद्र राशियों का राशिफल भी दिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच से एक बेहद ही दर्दनाक और दुःखद खबर सामने आई है, जहाँ परिजनों के सामने ही एक मगरमच्छ ने 12 साल के बच्चे को जिंदा निगल लिया। यह खौफनाक हादसा तब हुआ जब बच्चा धान की रोपाई करने के बाद नदी में अपने हाथ-पैर धोने के लिए गया था। इसी दौरान नदी में मौजूद मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसे अपने मजबूत जबड़े में दबोच लिया। बच्चे ने खुद को बचाने के लिए काफी छटपटाहट दिखाई, जिसे देख उसके चाचा और गाँव के लोगों ने मगरमच्छ पर ईंट-पत्थर फेंककर उसे छुड़ाने की पुरजोर कोशिश की। इसके बावजूद मगरमच्छ ने बच्चे को नहीं छोड़ा, उसे पानी में दो-तीन बार पटका और फिर खींचकर गहरे पानी में ले गया। इस दिल दहला देने वाली घटना के करीब 5 घंटे बाद ग्रामीणों को बच्चे का शव बरामद हुआ, जिसका एक पैर और पेट का कुछ हिस्सा गायब था।1