बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के जोगापट्टी प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ को लेकर लोगों में भारी हड़कंप मचा हुआ है और उनकी परेशानियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते स्थानीय जनता में सरकार के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों का आरोप है कि उन्हें सरकार की तरफ से कोई भी सहायता या सरकारी भाटा नहीं मिल रहा है। इस संकट के समय में लोग किसी तरह नाव के सहारे अपना घर और परिवार चला रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए कि आखिर इस बाढ़ ग्रसित क्षेत्र में लोग किस प्रकार अपना जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि जब वे सरकार चुनने के लिए वोट करते हैं, तो सरकार का भी यह कर्तव्य है कि वह केवल शहरी इलाकों पर ही ध्यान न दे। सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों और दीयरवर्ती क्षेत्रों की जनता पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए ताकि उन्हें इस विपदा से राहत मिल सके। (रिपोर्ट: नागेंद्र कुमार)
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के जोगापट्टी प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ को लेकर लोगों में भारी हड़कंप मचा हुआ है और उनकी परेशानियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते स्थानीय जनता में सरकार के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों का आरोप है कि उन्हें सरकार की तरफ से कोई भी सहायता या सरकारी भाटा नहीं मिल रहा है। इस संकट के समय में लोग किसी तरह नाव के सहारे अपना घर और परिवार चला रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए कि आखिर इस बाढ़ ग्रसित क्षेत्र में लोग किस प्रकार अपना जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि जब वे सरकार चुनने के लिए वोट करते हैं, तो सरकार का भी यह कर्तव्य है कि वह केवल शहरी इलाकों पर ही ध्यान न दे। सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों और दीयरवर्ती क्षेत्रों की जनता पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए ताकि उन्हें इस विपदा से राहत मिल सके। (रिपोर्ट: नागेंद्र कुमार)
- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के जोगापट्टी प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ को लेकर लोगों में भारी हड़कंप मचा हुआ है और उनकी परेशानियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते स्थानीय जनता में सरकार के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों का आरोप है कि उन्हें सरकार की तरफ से कोई भी सहायता या सरकारी भाटा नहीं मिल रहा है। इस संकट के समय में लोग किसी तरह नाव के सहारे अपना घर और परिवार चला रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए कि आखिर इस बाढ़ ग्रसित क्षेत्र में लोग किस प्रकार अपना जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि जब वे सरकार चुनने के लिए वोट करते हैं, तो सरकार का भी यह कर्तव्य है कि वह केवल शहरी इलाकों पर ही ध्यान न दे। सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों और दीयरवर्ती क्षेत्रों की जनता पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए ताकि उन्हें इस विपदा से राहत मिल सके। (रिपोर्ट: नागेंद्र कुमार)1
- पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सिरिसिया मठिया में एक शिक्षक द्वारा छात्र की कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मंगलवार दोपहर करीब दो बजे विद्यालय के शिक्षक उमाकांत कुमार ने कक्षा छह के छात्र इरशाद आलम की सिर्फ प्रणाम करने की बात पर बेरहमी से पिटाई कर दी। इस कथित मारपीट में छात्र घायल हो गया, जिसके बाद उसे तुरंत इलाज के लिए बैरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। इस घटना के बाद से पीड़ित छात्र के परिजनों, स्थानीय ग्रामीणों और स्कूल के अन्य छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना के विरोध में बुधवार सुबह नाराज अभिभावकों, ग्रामीणों और छात्रों ने विद्यालय के मुख्य गेट पर इकट्ठा होकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी विभागीय व कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने विद्यालय परिसर के भीतर नियमों का उल्लंघन कर बिरयानी, मटन और मछली पकाए जाने का भी गंभीर आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि यदि सुरक्षित शिक्षा के स्थान पर शिक्षकों द्वारा इस तरह की मारपीट की जाएगी तो बच्चों में डर का माहौल बनेगा और अभिभावकों का भरोसा टूटेगा। फिलहाल आरोपी शिक्षक और शिक्षा विभाग की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- बलिया के सुखपुरा में बदहाल बिजली व्यवस्था और अन्य जनसमस्याओं को लेकर बांसडीह विधायक केतकी सिंह के घेराव की घोषणा करने वाले समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष रोहित सिंह को पुलिस ने एहतियातन उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया। विधायक के कार्यक्रम से ठीक पहले की गई पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विधायक के निर्धारित कार्यक्रम को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई थी और भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। दरअसल, रोहित सिंह ने पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल, सुखपुरा के माध्यम से विधायक को ज्ञापन सौंपकर नगर की जर्जर बिजली व्यवस्था, अनियमित विद्युत कटौती, 33 हजार केवी विद्युत लाइन बदलने, किसानों के लिए नहर में पानी उपलब्ध कराने, सुखपुरा चौराहे से पानी की टंकी तक नाला निर्माण और सामुदायिक शौचालय निर्माण की मांगें उठाई थीं। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो विधायक के सुखपुरा आने पर उनका लोकतांत्रिक तरीके से घेराव किया जाएगा। इसी घोषणा के बाद पुलिस टीम ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें पूरे कार्यक्रम के दौरान घर के अंदर ही रहने की हिदायत दी। प्रशासन ने इसे एहतियाती कदम बताया है, जबकि विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का सरासर हनन करार दिया है। हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद सपा नेता रोहित सिंह ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि जनता की आवाज उठाने वालों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुखपुरा की बिजली व्यवस्था लंबे समय से बदहाल है और लगातार कटौती व जर्जर लाइनों के कारण आम जनता और किसान परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इन गंभीर समस्याओं के समाधान के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन हाउस अरेस्ट की इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है।1
- पश्चिम चंपारण के बेतिया में देश को अंदर से दीमक की तरह खाने वाले 'काले अंग्रेजों' के खिलाफ भारी आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है। ऐसे लोगों को देश के लिए दीमक के समान बताया गया है जो इसे लगातार भीतर से खाए जा रहे हैं और अंदर ही अंदर पूरी तरह से खोखला करने में लगे हुए हैं।1
- पश्चिम चंपारण के मझौलिया प्रखंड क्षेत्र में स्थित पिपरपाती पुल पर शुक्रवार की दोपहर उस समय अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला ने नदी में छलांग लगा दी। महिला को नदी में कूदते देख वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान बढ़ईया गांव के निवासी असफाक आलम और उनके दोस्तों ने बिना कोई देरी किए अपनी जान की परवाह न करते हुए नदी में छलांग लगा दी और तैरकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों के सहयोग से महिला को नदी के किनारे लाया गया, जिसके बाद उसकी स्थिति सामान्य पाई गई। इस घटना की सूचना मिलते ही महिला के परिजन भी तुरंत मौके पर पहुंच गए। प्राथमिक देखभाल के बाद महिला को सुरक्षित रूप से उसके परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। असफाक आलम की इस साहसिक सूझबूझ और मानवता की मिसाल की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की, क्योंकि समय रहते बचाव होने से एक बड़ा हादसा टल गया।2
- पश्चिम चंपारण के योगापट्टी अंतर्गत भवानीपुर पंचायत में बारिश की कामना को लेकर कई स्थानों पर ब्रह्म भोज का आयोजन किया गया। भवानीपुर ब्रह्मस्थान पर आयोजित इस विशेष ब्रह्म भोज में भारी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। यहाँ पीपल के पेड़ के नीचे भगवान ब्रह्म की पूजा-अर्चना की गई और बारिश के लिए भगवान से गुहार लगाई गई। इस धार्मिक आयोजन के दौरान खीर और लिट्टी के प्रसाद का विशेष प्रबंध किया गया और ग्रामीणों के बीच इसका वितरण हुआ। इस अनुष्ठान में गाँव के बड़ी संख्या में युवक भी शामिल हुए और सभी लोगों ने भगवान पर अटूट विश्वास जताते हुए श्रद्धापूर्वक पूजा-पाठ किया।1
- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के नौतन मकरी टोला में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच भयंकर मारपीट हो गई है। जमीन संबंधी इस विवाद को लेकर दोनों पक्ष आपस में ही भिड़ गए और उनके बीच जमकर मारपीट हुई।1