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बिहार के बांकीपुर की जनता के दिलों में अब सिर्फ प्रशांत किशोर ही बसे हैं और हर तरफ 'अबकी बार प्रशांत किशोर विधायक' का शोर गूंज रहा है। गांव, नगर और गली-गली में केवल प्रशांत किशोर की ही चर्चा है और इस माहौल के पीछे खुद प्रशांत किशोर ही हैं। जनता के इस स्पष्ट ओपिनियन को देखते हुए अब सूबे में बीजेपी और आरजेडी का खत्म होना पूरी तरह से तय माना जा रहा है।
Dinesh Kumar पूछता है बिहार
बिहार के बांकीपुर की जनता के दिलों में अब सिर्फ प्रशांत किशोर ही बसे हैं और हर तरफ 'अबकी बार प्रशांत किशोर विधायक' का शोर गूंज रहा है। गांव, नगर और गली-गली में केवल प्रशांत किशोर की ही चर्चा है और इस माहौल के पीछे खुद प्रशांत किशोर ही हैं। जनता के इस स्पष्ट ओपिनियन को देखते हुए अब सूबे में बीजेपी और आरजेडी का खत्म होना पूरी तरह से तय माना जा रहा है।
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- मझौलिया के मोतीलाल उच्च माध्यमिक विद्यालय को सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल के रूप में विकसित कर नए सत्र का शुभारंभ किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में इस नई पहल के तहत आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अखिल वैभव, प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हफिजुर रहमान और प्रधानाध्यापक मोहम्मद लुकमान ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाए जाने से पूरे क्षेत्र के लोगों और विद्यार्थियों में खुशी की लहर है। उद्घाटन के दौरान चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य कर रही है। डिग्री कॉलेज के बाद अब यह मॉडल स्कूल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर प्रदान करेगा। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अखिल वैभव ने बताया कि प्रत्येक प्रखंड में सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल की शुरुआत की गई है, जहाँ प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास और आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा दी जाएगी। इसके साथ ही यहाँ छात्रों को इंजीनियरिंग, नीट और आईआईटी जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी कराई जाएगी। प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस मॉडल स्कूल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही प्रखंड में बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हफिजुर रहमान ने विद्यार्थियों को अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। इस भव्य कार्यक्रम का संचालन प्रधानाध्यापक मोहम्मद शहाबुद्दीन ने किया, जिसमें विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक स्वागत एवं भक्ति गीत प्रस्तुत किए। अतिथियों का स्वागत शॉल, पुष्पमाला और पौधा भेंटकर किया गया। इस मौके पर भाजपा नेता सत्य प्रकाश, मुखिया आशा देवी सहित भारी संख्या में शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।4
- दिल्ली की सीएम श्रीमती रेखा गुप्ता जी को उनके जन्मदिन के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाइयां दी गई हैं। 19 जुलाई (19.07.2026) को उनके जन्मदिन के इस विशेष मौके पर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की गई हैं।1
- लुधियाना जगराओं मंडी से सरकार से यह गुजारिश की गई है कि काम के दौरान खाने और सोने का समय निर्धारित किया जाए। यहाँ मूँग दाल का सीजन छठे महीने में शुरू होता है और दो महीने तक चलता है, जिसमें सुबह उठकर फ्रेश होकर सीधे काम पर लग जाना पड़ता है और खाने तथा सोने की कोई सीमा नहीं रहती है। सरकार से अपील की गई है कि वह सुबह कम से कम 10:00 बजे भोजन करने का और रात को कम से कम 10:00 बजे सोने का समय तय करे। इस खबर को सरकार तक पहुँचाने की मांग की गई है।1
- पश्चिम चंपारण के बेतिया में मझौलिया रेलवे गुमटी के पास पंचायत के वार्ड संख्या 04 में सड़क पर बने जानलेवा गड्ढे को भरने के लिए एक युवक खुद आगे आया है। युवा समाजसेवी मनीष कुमार भास्कर उर्फ मोनू ने अपने निजी खर्च पर सड़क पर दो ट्रेलर मिट्टी और राबिस गिरवाया। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद कुदाल लेकर मिट्टी और राबिस को फैलाकर सड़क को समतल किया। युवक की इस अनूठी पहल की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की है और इसे जनहित में उठाया गया एक बड़ा कदम बताया है। दरअसल, लगातार हो रही बारिश और भारी वाहनों के आवागमन के कारण रेलवे गुमटी से लेकर मझौलिया गांव तक की सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी थी। इस खराब स्थिति के बावजूद किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस सड़क की मरम्मत कराने की जहमत नहीं उठाई। आखिरकार पूर्व समाजसेवी स्वर्गीय सुदामा साह के पुत्र मनीष कुमार ने खुद इस कार्य को अंजाम दिया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। मनीष कुमार ने बताया कि वह यह कार्य पूरी तरह से सेवा भाव से कर रहे हैं। इससे पहले भी वह नाले की सफाई कराकर सुर्खियों में आ चुके हैं।1
- पश्चिम चंपारण के पुलिस अधीक्षक ने जिले के नवलपुर, मनुआपुल और योगापट्टी थानों का औचक निरीक्षण कर वहां की कानून-व्यवस्था तथा पुलिस कार्यप्रणाली का जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर, मालखाना, हाजत, सीसीटीवी व्यवस्था और साफ-सफाई का गहन अवलोकन किया। इसके साथ ही अपराध एवं आगंतुक पंजी सहित अन्य आवश्यक अभिलेखों की विस्तृत समीक्षा की गई और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि वे आम नागरिकों के साथ विनम्र और संवेदनशील व्यवहार करें। उन्होंने प्राप्त शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने के साथ-साथ थानों में स्वच्छता, अनुशासन और बेहतर कार्य संस्कृति बनाए रखने पर जोर दिया। इस अवसर पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-1, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) बेतिया और संबंधित थानों के थानाध्यक्षों सहित सभी पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से सांसद विजय दुबे एमपी, एमएलए कोर्ट में पेश हुए हैं। सांसद विजय दुबे के खिलाफ साल 2009 में गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर हुए एक प्रदर्शन के दौरान मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में उनके खिलाफ खड्डा और रामकोला थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। आज कोर्ट में हुई पेशी के बाद अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अगली सुनवाई या अगली तारीख पर कोर्ट इस मामले में अपना फैसला सुना सकती है।2
- कुशीनगर जिले के सदर तहसील पड़रौना में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा नजारा देखने को मिला। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में शुरू हुए इस आयोजन में अधिकारियों ने शुरुआत में तो लोगों की शिकायतें सुनीं, लेकिन निर्धारित समय से पहले ही दोनों बड़े अधिकारियों के रवाना होते ही वहां की व्यवस्था पूरी तरह ढीली पड़ गई। कई विभागों के अधिकारी अपनी कुर्सियां खाली कर मौके से चले गए, जिससे अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए पहुंचे फरियादियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। मौके पर मौजूद कुछ अधिकारी अपने मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए, जिससे लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। बाद में मुख्य रूप से केवल तहसीलदार और लेखपाल ही मौके पर लोगों की शिकायतें सुनते रहे। इस समाधान दिवस में कुल 31 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण नहीं हो सका। राजस्व विभाग की आईं 16 शिकायतों में से सिर्फ 5 का मौके पर निस्तारण हुआ और 11 मामले लंबित रहे, जबकि पुलिस विभाग की 9 और विकास विभाग की 4 शिकायतों में से एक का भी मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। यद्यपि अधिकारियों ने संबंधित विभागों को मौके पर पहुंचकर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति ने पूरी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसके साथ ही, सदर तहसील परिसर में फरियादियों के लिए शुद्ध पेयजल, शौचालय, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और वाहन स्टैंड जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी भी सामने आई, जिससे लोगों को काफी असुविधा उठानी पड़ी। समाधान दिवस में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे बलुचहा निवासी गोपाल प्रसाद ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि वह कई वर्षों से अपनी भूमि विवाद के समाधान के लिए तहसील के चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने उनकी सहमति के बिना उनकी जमीन पर मिट्टी डलवा दी, पेड़ कटवा दिए और अवैध कब्जा कर लिया, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल सका है। त्वरित निस्तारण के दावों के बीच अधिकारियों की अनुपस्थिति और लंबित मामलों ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।3
- पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड स्थित पिपरपाती पुल पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला ने अचानक पुल से नीचे नदी में छलांग लगा दी। महिला को नदी में गिरते देख मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई, लेकिन तेज बहाव के कारण कोई भी नदी में उतरने का साहस नहीं जुटा पा रहा था। इसी बीच बढ़ईया गांव के निवासी असफाक आलम अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंचे और बिना एक पल गंवाए अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में कूद गए। उन्होंने हिम्मत और सूझबूझ का परिचय देते हुए बीच नदी में डूब रही घबराई हुई महिला को संभाला और उसे सुरक्षित किनारे तक लेकर आए। नदी किनारे पहुंचने के बाद ग्रामीणों के सहयोग से महिला को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया, जिससे उसकी हालत सामान्य हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों को राहत मिली और प्राथमिक देखभाल के बाद महिला को उनके साथ सुरक्षित घर भेज दिया गया। फिलहाल महिला द्वारा उठाए गए इस कदम के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में असफाक आलम और उनके साथियों की बहादुरी की जमकर सराहना की जा रही है और ग्रामीणों ने प्रशासन से इन जांबाज युवकों को सम्मानित करने की मांग की है ताकि समाज में इंसानियत और सेवा की भावना को और बढ़ावा मिल सके।1