जयकारों और पुष्पवर्षा के बीच निकली भव्य शोभायात्रा, शांति कुंज में हुआ समापन,धाकड़ समाज ने मनाया धरणीधर जन्मोत्सव, डीजे-ढोल की थाप पर झूमे श्रद्धालु जयकारों और पुष्पवर्षा के बीच निकली भव्य शोभायात्रा, शांति कुंज में हुआ समापन,धाकड़ समाज ने मनाया धरणीधर जन्मोत्सव, डीजे-ढोल की थाप पर झूमे श्रद्धालु छीपाबड़ौद / बारां छीपाबड़ौद धाकड़ समाज द्वारा आराध्य देव भगवान श्री धरणीधर का जन्मोत्सव हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर कस्बे में विशाल एवं भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। डीजे, ढोल-नगाड़ों की थाप और भगवान धरणीधर के गगनभेदी जयकारों से पूरा क्षेत्र दिनभर भक्तिमय बना रहा। शोभायात्रा दोपहर 1 बजे *धानमंडी प्रांगण* से विधि-विधान के साथ प्रारंभ हुई। मार्ग में पुरुषों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों का भारी उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते हुए आगे बढ़ रहे थे। शोभायात्रा के मुख्य मार्गों से गुजरने के दौरान कस्बेवासियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा जगह-जगह पुष्पवर्षा कर एवं तोरण द्वार सजाकर स्वागत-अभिनंदन किया गया। शोभायात्रा में सजी भगवान धरणीधर की आकर्षक एवं दिव्य झांकी सभी के आकर्षण का केंद्र रही। कस्बे के प्रमुख मार्गों से होती हुई शोभायात्रा *ढोलम चौराहा स्थित शांति कुंज* पहुंचकर संपन्न हुई, जहाँ एक गरिमामयी समापन सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत मंचासीन अतिथियों द्वारा भगवान श्री धरणीधर के चित्र पर तिलक-वंदन और माल्यार्पण के साथ हुई। धरणीधर सेवा समिति के अध्यक्ष *सत्यनारायण मालव* एवं पूर्व प्रधान *चौथमल धाकड़*, ग्राम सेवा सहकारी समिति के चेयरमैन *मुरारी लाल धाकड़*, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिलाध्यक्ष *रामप्रसाद नागर*, सरपंच बमोरीघाटा *प्रियंका नागर*, धाकड़ कर्मचारी संघ के अध्यक्ष *जीतेन्द्र नागर*, पंचायत समिति सदस्य *मूलचंद मालव*, *प्रदीप नागर* मंचासीन रहे। वक्ताओं ने समाज को संगठित रहने और भगवान धरणीधर के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। आयोजन समिति के प्रबंधन एवं स्थानीय प्रशासन के मुस्तैद सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। अंत में महा आरती का आयोजन किया गया एवं सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसादी का वितरण किया गया। मंच का संचालन *अशोक नागर* ने किया।
जयकारों और पुष्पवर्षा के बीच निकली भव्य शोभायात्रा, शांति कुंज में हुआ समापन,धाकड़ समाज ने मनाया धरणीधर जन्मोत्सव, डीजे-ढोल की थाप पर झूमे श्रद्धालु जयकारों और पुष्पवर्षा के बीच निकली भव्य शोभायात्रा, शांति कुंज में हुआ समापन,धाकड़ समाज ने मनाया धरणीधर जन्मोत्सव, डीजे-ढोल की थाप पर झूमे श्रद्धालु छीपाबड़ौद / बारां छीपाबड़ौद धाकड़ समाज द्वारा आराध्य देव भगवान श्री धरणीधर का जन्मोत्सव हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर कस्बे में विशाल एवं भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं का
अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। डीजे, ढोल-नगाड़ों की थाप और भगवान धरणीधर के गगनभेदी जयकारों से पूरा क्षेत्र दिनभर भक्तिमय बना रहा। शोभायात्रा दोपहर 1 बजे *धानमंडी प्रांगण* से विधि-विधान के साथ प्रारंभ हुई। मार्ग में पुरुषों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों का भारी उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते हुए आगे बढ़ रहे थे। शोभायात्रा के मुख्य मार्गों से गुजरने के दौरान कस्बेवासियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा जगह-जगह पुष्पवर्षा कर एवं तोरण द्वार सजाकर स्वागत-अभिनंदन किया गया। शोभायात्रा में
सजी भगवान धरणीधर की आकर्षक एवं दिव्य झांकी सभी के आकर्षण का केंद्र रही। कस्बे के प्रमुख मार्गों से होती हुई शोभायात्रा *ढोलम चौराहा स्थित शांति कुंज* पहुंचकर संपन्न हुई, जहाँ एक गरिमामयी समापन सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत मंचासीन अतिथियों द्वारा भगवान श्री धरणीधर के चित्र पर तिलक-वंदन और माल्यार्पण के साथ हुई। धरणीधर सेवा समिति के अध्यक्ष *सत्यनारायण मालव* एवं पूर्व प्रधान *चौथमल धाकड़*, ग्राम सेवा सहकारी समिति के चेयरमैन *मुरारी लाल धाकड़*, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ
के जिलाध्यक्ष *रामप्रसाद नागर*, सरपंच बमोरीघाटा *प्रियंका नागर*, धाकड़ कर्मचारी संघ के अध्यक्ष *जीतेन्द्र नागर*, पंचायत समिति सदस्य *मूलचंद मालव*, *प्रदीप नागर* मंचासीन रहे। वक्ताओं ने समाज को संगठित रहने और भगवान धरणीधर के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। आयोजन समिति के प्रबंधन एवं स्थानीय प्रशासन के मुस्तैद सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। अंत में महा आरती का आयोजन किया गया एवं सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसादी का वितरण किया गया। मंच का संचालन *अशोक नागर* ने किया।
- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जन- विश्वास पोर्टल का क्या हुआ शुभारंभ {श्याम रानोलिया राजगढ़} 7049220386 *कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायतों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश* *जन-विश्वास अभियान की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी शिकायतों एवं आवेदनों के निराकरण की होगी सतत समीक्षा* *नमो सेवा गाथा से लेकर रंगोली राष्ट्र तक आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा बेहतर प्लानिंग, मॉनिटरिंग एवं दस्तावेजीकरण पर दिया जोर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायतों के साथ बैठक कर जन-विश्वास अभियान सहित आगामी जनभागीदारी एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-विश्वास पोर्टल का शुभारंभ करते हुए अभियान के प्रभावी, पारदर्शी एवं व्यवस्थित क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जन-विश्वास पोर्टल के माध्यम से अभियान के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों, आवेदनों एवं उनके निराकरण की प्रगति की ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी। अधिकारियों द्वारा प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी, जिससे निराकरण की स्थिति की सतत समीक्षा एवं प्रभावी अनुश्रवण संभव होगा। उन्होंने कहा कि जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना, लंबित शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करना तथा शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग करना है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ‘नमो सेवा गाथा’ के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक, ‘आंगन का उत्सव’, ‘मातृ संवाद’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प’, ‘स्वच्छता तथा विकास एवं सौंदर्यीकरण’, ‘सेवा सेतु अभियान’ एवं ‘रंगोली राष्ट्र’ सहित विभिन्न कार्यक्रमों की प्रभावी प्लानिंग एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज एवं जनसेवक महाकुंभ जैसे आगामी कार्यक्रमों के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर प्रभावी गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि सभी कार्यक्रमों का सुव्यवस्थित दस्तावेजीकरण एवं नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रमों की गतिविधियों, जनभागीदारी, नवाचारों एवं प्राप्त परिणामों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से तैयार किया जाए, ताकि इनकी प्रगति एवं प्रभाव का प्रभावी आकलन किया जा सके। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान राजगढ़ जिला मुख्यालय से कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।4
- खाद के लिए फिर लगी किसानों की कतारें, कहीं दुकानें बंद तो कहीं स्टॉक खत्म क्षेत्र में एक बार फिर खाद की किल्लत के चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खाद लेने के लिए किसान दुकानों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आए। वहीं कई जगह दुकानें बंद मिलने से किसान निराश होकर लौटे। किसानों का कहना है कि एक-एक कट्टे खाद के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। ऑनलाइन ऐप के माध्यम से बुकिंग कर खाद लेने पहुंचे किसानों को भी कई जगह खाली हाथ लौटना पड़ा। नए नियम लागू होने से पहले कुछ दुकानदारों द्वारा स्टॉक खत्म किए जाने की चर्चा भी किसानों में है।1
- आगर-मालवा में बलराम जयंती मनाई किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की दी जानकारी आगर-मालवा, 2 सितम्बर/ कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना के निर्देशन में कृषि विज्ञान केन्द्र, आगर-मालवा म भगवान बलराम जयंती पर कृषकों के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के कृषकों, कृषि अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ किसानों के आराध्य भगवान बलराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। उप संचालक कृषि श्री गोपेश पाठक ने कहा कि भगवान बलराम भारतीय कृषि संस्कृति के प्रतीक हैं। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य सुधार तथा कृषि यंत्रीकरण, जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में डॉ. राजेन्द्र गवली ने संतुलित पोषण प्रबंधन, मृदा परीक्षण एवं फसल उत्पादन संबंधी वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। डॉ. अखिलेश श्रीवास्तव ने कृषि नवाचारों एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. मनीष सिंह ने फसलों में लगने वाले रोग एवं कीटों के नियंत्रण, जल प्रबंधन एवं कृषि आधारित उद्यमों के माध्यम से आय वृद्धि के उपायों पर जानकारी दी।1
- कजरी तीज के पावन अवसर पर गणेश बावड़ी पर हुआ वृक्षारोपण*1
- बिच का मोहल्ला मुना साहू के घर के बस बगल में इतनी परशानी हो रही है यहां पर गाड़ियां गिर जाती है निकालने की बहुत समस्या है बहुत परेशनियों से गुजरने काफी पताः ग्राम रुसल्ली साहू, पोस्ट रुसल्ली साह, लटेरी, विदिशा, लाटरी, मध्य प्रदेश, 464114 news gram rusalli Sahu Laxman Vishwakarma ki1
- धन धान्य कृषि योजना डिंडोरी देश मे नम्बर वन डिंडोरी मैं हो रही 347001
- *‘’हर मंदिर की कहानी, आस्था की जुबानी’’* *घुरेल पहाड़ी पर विराजे पशुपतिनाथ* *जहां पहाड़ी की खामोशी में सुनाई देती है शिव-भक्ति की धुन* {श्याम रानोलिया राजगढ़ } " राजगढ़ की धार्मिक विरासत की कहानी को पढ़ा नहीं महसूस किया जा सकता है" सुबह की पहली किरण जब घुरेल पहाड़ी की चोटियों को छूती है, तो हरियाली के बीच विराजमान भगवान पशुपतिनाथ की भव्य प्रतिमा एक अलग ही आभा से भर उठती है। चारों ओर पसरा शांत प्राकृतिक परिवेश, पहाड़ी की ठंडी हवा और मंदिर की ओर बढ़ते श्रद्धालुओं के कदम—मानो यहां प्रकृति स्वयं शिव की आराधना में लीन हो। राजगढ़ के सुठालिया क्षेत्र की घुरेल पहाड़ी पर स्थित भगवान पशुपतिनाथ मंदिर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, प्रकृति और आध्यात्मिक अनुभूति का ऐसा संगम है, जहां पहुंचकर मन कुछ पल के लिए ठहर जाता है। *भव्य प्रतिमा में दिखाई देती है आस्था की विराटता* घुरेल पहाड़ी पर भगवान पशुपतिनाथ की भव्य प्रतिमा मंदिर की सबसे आकर्षक विशेषताओं में से एक है। पहाड़ी के शांत परिवेश के बीच स्थापित यह विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं को दूर से ही अपनी ओर आकर्षित करती है। प्रतिमा की भव्यता मंदिर के धार्मिक स्वरूप को और प्रभावशाली बनाती है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, विशाल प्रतिमा के निर्माण के लिए विशेष पत्थर विदेश से लाया गया था, जबकि इसकी नक्काशी जयपुर में कराई गई। शिल्प, आकार और धार्मिक भावनाओं का यह मेल इस प्रतिमा को मंदिर की विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। *महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब* भगवान पशुपतिनाथ के इस धाम में वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। विशेष रूप से महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक पर्वों पर मंदिर परिसर भक्ति और उल्लास से भर उठता है। विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु घुरेल पहाड़ी पहुंचते हैं। कोई भगवान शिव से सुख-शांति की कामना करता है, तो कोई परिवार की समृद्धि और मंगल के लिए प्रार्थना करता है। घंटियों की ध्वनि और शिव-भक्ति के जयघोष से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग जाता है। *जहां प्रकृति भी करती है शिव का अभिनंदन* घुरेल पहाड़ी की खूबसूरती इस धार्मिक स्थल की अनुभूति को और गहरा करती है। चारों ओर फैली हरियाली, शांत वातावरण और पहाड़ी का प्राकृतिक सौंदर्य यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। यहां भगवान शिव की आराधना केवल मंदिर की सीमाओं तक सिमटी नहीं लगती। प्रकृति की शांति, खुला आकाश और पहाड़ी की हवा मिलकर ऐसा वातावरण रचते हैं, जहां कुछ पल बिताना भी अपने आप में एक अनुभव बन जाता है। यहां आने वाला श्रद्धालु केवल भगवान के दर्शन नहीं करता, बल्कि प्रकृति के सान्निध्य में स्वयं से भी मिलने का अवसर पाता है। *मान्यताओं और परंपराओं से जुड़ा आस्था का केंद्र* घुरेल पहाड़ी का यह मंदिर स्थानीय धार्मिक आस्थाओं और परंपराओं से लंबे समय से जुड़ा हुआ है। भगवान पशुपतिनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था इस धाम को क्षेत्र की धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती है। पीढ़ियों से चली आ रही धार्मिक मान्यताएं और पर्व-त्योहारों पर होने वाले आयोजन इस स्थल की आध्यात्मिक महत्ता को जीवंत बनाए हुए हैं। *धार्मिक पर्यटन की नई संभावनाएं* भव्य प्रतिमा, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व—इन तीनों का संगम घुरेल पहाड़ी को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष बनाता है। शांत वातावरण में स्थित यह धाम आने वाले समय में श्रद्धालुओं के साथ-साथ उन पर्यटकों को भी आकर्षित कर सकता है, जो धार्मिक स्थलों के साथ प्रकृति और आध्यात्मिक अनुभव की तलाश में रहते हैं। घुरेल पहाड़ी पर विराजमान भगवान पशुपतिनाथ राजगढ़ की उन धार्मिक धरोहरों में शामिल हैं, जहां आस्था केवल पूजा में नहीं, बल्कि पूरे परिवेश में महसूस होती है। *एक अनुभव, जो साथ लौटता है...* घुरेल की पहाड़ी पर चढ़ते हुए जब नजर भगवान पशुपतिनाथ की विराट प्रतिमा पर ठहरती है, तो कुछ पल के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। सामने शिव का भव्य स्वरूप, चारों ओर प्रकृति की शांति और भीतर उमड़ती श्रद्धा—यही घुरेल की सबसे बड़ी पहचान है। यहां मंदिर है, तो प्रकृति भी है। यहां परंपरा है, तो आस्था भी है। और इन सबके बीच विराजमान हैं—भगवान पशुपतिनाथ। घुरेल पहाड़ी का यह पवित्र धाम राजगढ़ की धार्मिक विरासत की वह कहानी है,़् जिसे केवल पढ़ा नहीं, महसूस किया जा सकतता हैं.2
- HPV टीकाकरण महाअभियान में पहले दिन 105 बालिकाओं को लगा टीका शाहाबाद उपखंड सहित पूरे ब्लॉक के अस्पतालों में 1 और 2 सितंबर को HPV टीकाकरण महाअभियान के तहत मेगा कैंप लगाए गए। पहले दिन कुल 105 बालिकाओं का टीकाकरण किया गया। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि 14 से 15 वर्ष की सभी बालिकाओं को यह टीका नि:शुल्क लगाया जाएगा। ब्लॉक के सभी एसडीएच, सीएचसी और पीएचसी पर टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने अभिभावकों से योग्य बालिकाओं का समय पर टीकाकरण कराने की अपील की। टीका सर्वाइकल कैंसर से बचाव में प्रभावी है।1
- सुसनेर: 15 वार्डों में 17 मतदान केंद्रों पर 13 हजार 843 मतदाता चुनेंगे नया अध्यक्ष, कलेक्टर ने ली बैठक सुसनेर। नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिये प्रत्यक्ष प्रणाली से होने वाले उपचुनाव को लेकर स्थिति अब धीरे-धीरे साफ होती जा रही है। इस चुनाव में सुसनेर नगरीय निकाय में 15 वार्ड है। जिनमे कुल 17 मतदान केन्द्र शामिल हैं। इन पोलिंग बूथों पर कुल 13843 मतदाता हैं, जिसमें महिला 6928 व पुरूष मतदाताओं की 6914 शामिल है। उसके अतिरिक्त 01 अन्य मतदाता भी शामिल है। सुसनेर के सभी 15 वार्डो में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है, जो 03 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डाॅ. शेर सिंह मीना ने एवं एसपी दिलीप सोनी की उपस्थिति में जिला स्तरीय स्टेण्डिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई।1