logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

जब जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी भूल जाते है। तो तमाशा फिर सड़क पर होता है। सबाल तो बनता है। श्योपुर # अब क्या किसान के पास खाद के लिए केबल जाम लगाने का विकल्प ही बचा है.? आख़िर प्रशासन खाद की वितरण व्यवस्था को क्यों नहीं सुधार पा रहा है.? ये प्रशासन की अक्षमता है या उदासीनता है या फिर कालाबाजारी करने बालों से साथ गांठ है ? आख़िर किसान हर रोज खाद को लेकर सड़क पर है क्यों.?

9 hrs ago
user_Ravikant
Ravikant
विजयपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago

जब जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी भूल जाते है। तो तमाशा फिर सड़क पर होता है। सबाल तो बनता है। श्योपुर # अब क्या किसान के पास खाद के लिए केबल जाम लगाने का विकल्प ही बचा है.? आख़िर प्रशासन खाद की वितरण व्यवस्था को क्यों नहीं सुधार पा रहा है.? ये प्रशासन की अक्षमता है या उदासीनता है या फिर कालाबाजारी करने बालों से साथ गांठ है ? आख़िर किसान हर रोज खाद को लेकर सड़क पर है क्यों.?

More news from Sheopur and nearby areas
  • 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | विजयपुर 🚨 श्योपुर के विजयपुर में भाजपा नेताओं पर दबंगई के आरोप, जनपद सीईओ से गाली-गलौज का मामला विजयपुर। श्योपुर जिले के विजयपुर जनपद पंचायत कार्यालय में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब जनपद पंचायत सीईओ से कथित तौर पर गाली-गलौज किए जाने का मामला सामने आया। बताया जा रहा है कि कुछ भाजपा नेताओं द्वारा सीईओ के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की गई। घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
    1
    🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | विजयपुर 🚨
श्योपुर के विजयपुर में भाजपा नेताओं पर दबंगई के आरोप, जनपद सीईओ से गाली-गलौज का मामला
विजयपुर। श्योपुर जिले के विजयपुर जनपद पंचायत कार्यालय में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब जनपद पंचायत सीईओ से कथित तौर पर गाली-गलौज किए जाने का मामला सामने आया।
बताया जा रहा है कि कुछ भाजपा नेताओं द्वारा सीईओ के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की गई। घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
    user_Rahul Rajak
    Rahul Rajak
    Court reporter Vijaypur, Sheopur•
    15 hrs ago
  • हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में सामने आई लापरवाही* *शासकीय शिक्षक ने ₹4500 महीने में ‘ठेके’ पर दे रखा विद्यालय* *हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में सामने आई लापरवाही* कैलारस। शासकीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शासन द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कैलारस ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में पदस्थ हेडमास्टर अमरलाल रावत पर आरोप है कि उन्होंने अपने स्थान पर प्रीति रावत को कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह देकर विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंप रखी है। बताया जा रहा है कि हेडमास्टर अमरलाल रावत स्वयं विद्यालय में आकर उपस्थिति दर्ज कराते हैं और इसके बाद अपने अन्य कार्यों के लिए चले जाते हैं, जबकि विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने और स्कूल की व्यवस्था संभालने का काम प्रीति रावत द्वारा किया जाता है। स्थानीय स्तर पर यह व्यवस्था कथित तौर पर लंबे समय से चलने की बात सामने आ रही है। जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण से खुली पोल! मामले की गंभीरता उस समय बढ़ गई जब कैलारस ब्लॉक के जिला शिक्षा अधिकारी इंदौलिया द्वारा शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल सामने आए। आरोप है कि शासकीय शिक्षक द्वारा अपने स्थान पर निजी व्यक्ति से विद्यालय का संचालन करवाना शासन के नियमों और शिक्षा व्यवस्था की गंभीर अवहेलना है। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता बनती है। बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय विद्यालय में शिक्षक की नियमित उपस्थिति और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शिक्षक की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि कोई शिक्षक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को मामूली राशि देकर विद्यालय में पढ़ाने के लिए रखता है, तो इससे सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस कथित व्यवस्था की लंबे समय से जानकारी थी? यदि जानकारी थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि जानकारी नहीं थी तो विद्यालय की नियमित निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। जांच और कार्रवाई की मांग मामले में स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही यह भी जांच करने की मांग उठ रही है कि हेडमास्टर की विद्यालय में वास्तविक उपस्थिति कितनी रही, उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज समय और मौके की वास्तविक स्थिति में कितना अंतर है तथा कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह पर दूसरे व्यक्ति से विद्यालय में कार्य कराने का मामला सामने आया है गौर करने वाली बातें हैं की प्रीति रावत ना तो अतिथि शिक्षक है और ना ही कोई विद्यालय से विद्यालय संबंधित है प्रीति रावत का कहना है कि मुझे तो 4: 500 रुपए महीने देती है स्कूल में पढ़ने के लिए कहते हैं कि मेरी जगह तुम पढ़ाओ तुम्हें 4500 हर महीने दूंगा अब देखना होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
    1
    हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में सामने आई लापरवाही*
*शासकीय शिक्षक ने ₹4500 महीने में ‘ठेके’ पर दे रखा विद्यालय*
*हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप, जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में सामने आई लापरवाही*
कैलारस। शासकीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शासन द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कैलारस ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में पदस्थ हेडमास्टर अमरलाल रावत पर आरोप है कि उन्होंने अपने स्थान पर प्रीति रावत को कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह देकर विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंप रखी है।
बताया जा रहा है कि हेडमास्टर अमरलाल रावत स्वयं विद्यालय में आकर उपस्थिति दर्ज कराते हैं और इसके बाद अपने अन्य कार्यों के लिए चले जाते हैं, जबकि विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने और स्कूल की व्यवस्था संभालने का काम प्रीति रावत द्वारा किया जाता है। स्थानीय स्तर पर यह व्यवस्था कथित तौर पर लंबे समय से चलने की बात सामने आ रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण से खुली पोल!
मामले की गंभीरता उस समय बढ़ गई जब कैलारस ब्लॉक के जिला शिक्षा अधिकारी इंदौलिया द्वारा शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल सामने आए।
आरोप है कि शासकीय शिक्षक द्वारा अपने स्थान पर निजी व्यक्ति से विद्यालय का संचालन करवाना शासन के नियमों और शिक्षा व्यवस्था की गंभीर अवहेलना है। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता बनती है।
बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय विद्यालय में शिक्षक की नियमित उपस्थिति और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शिक्षक की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि कोई शिक्षक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को मामूली राशि देकर विद्यालय में पढ़ाने के लिए रखता है, तो इससे सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस कथित व्यवस्था की लंबे समय से जानकारी थी? यदि जानकारी थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि जानकारी नहीं थी तो विद्यालय की नियमित निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग
मामले में स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही यह भी जांच करने की मांग उठ रही है कि हेडमास्टर की विद्यालय में वास्तविक उपस्थिति कितनी रही, उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज समय और मौके की वास्तविक स्थिति में कितना अंतर है तथा कथित रूप से ₹4500 प्रतिमाह पर दूसरे व्यक्ति से विद्यालय में कार्य कराने का मामला  सामने आया है गौर करने वाली बातें हैं की प्रीति रावत ना तो अतिथि शिक्षक है और ना ही कोई विद्यालय से विद्यालय संबंधित है प्रीति रावत का कहना है कि मुझे तो 4: 500 रुपए महीने देती है स्कूल में पढ़ने के लिए कहते हैं कि मेरी जगह तुम पढ़ाओ तुम्हें 4500 हर महीने दूंगा
अब देखना होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
    user_धर्मेद्र गौड़
    धर्मेद्र गौड़
    सबलगढ़, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • शासकीय शिक्षक ने 45000 रुपए महीने में ठेके पर दिया बच्चों को पटाने का ठेका। खबर सोशल मीडिया पर हो रही है। जमकर वायरल। कैलारस। शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा में हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि वे अपनी जगह प्रीति रावत से स्कूल में बच्चों को पढ़वाते हैं और इसके एवज में उसे ₹4500 प्रतिमाह देते हैं। बताया जा रहा है कि प्रीति रावत न तो अतिथि शिक्षक हैं और न ही विद्यालय की कर्मचारी, बावजूद इसके उनसे बच्चों को पढ़ाने का काम कराया जा रहा है। प्रीति रावत का भी कथित रूप से कहना है कि उन्हें ₹4500 महीने देकर शिक्षक की जगह पढ़ाने के लिए कहा गया है। मामले की गंभीरता तब बढ़ी जब जिला शिक्षा अधिकारी इंदौलिया के औचक निरीक्षण में विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल सामने आए। अब बड़ा सवाल—क्या सरकारी शिक्षक अपनी जगह किसी निजी व्यक्ति को रखकर बच्चों को पढ़वा सकता है? अगर आरोप सही हैं तो जिम्मेदार शिक्षक पर कार्रवाई कब होगी? स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    1
    शासकीय शिक्षक ने 45000 रुपए महीने में ठेके पर दिया बच्चों को पटाने का ठेका। खबर सोशल मीडिया पर हो रही है। जमकर वायरल।
कैलारस। शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा में हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि वे अपनी जगह प्रीति रावत से स्कूल में बच्चों को पढ़वाते हैं और इसके एवज में उसे ₹4500 प्रतिमाह देते हैं।
बताया जा रहा है कि प्रीति रावत न तो अतिथि शिक्षक हैं और न ही विद्यालय की कर्मचारी, बावजूद इसके उनसे बच्चों को पढ़ाने का काम कराया जा रहा है। प्रीति रावत का भी कथित रूप से कहना है कि उन्हें ₹4500 महीने देकर शिक्षक की जगह पढ़ाने के लिए कहा गया है।
मामले की गंभीरता तब बढ़ी जब जिला शिक्षा अधिकारी इंदौलिया के औचक निरीक्षण में विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल सामने आए।
अब बड़ा सवाल—क्या सरकारी शिक्षक अपनी जगह किसी निजी व्यक्ति को रखकर बच्चों को पढ़वा सकता है? अगर आरोप सही हैं तो जिम्मेदार शिक्षक पर कार्रवाई कब होगी?
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    user_Munavvar Khan. Journalist
    Munavvar Khan. Journalist
    Personal Shopper बीरपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • श्योपुर अमराड नदी बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश #श्योपुर #बल्लू #sheopur #मध्यप्रदेश #instagram #viralreels #fightcoronavirus #नदी
    1
    श्योपुर अमराड नदी बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश #श्योपुर #बल्लू #sheopur #मध्यप्रदेश #instagram #viralreels #fightcoronavirus #नदी
    user_बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
    बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
    Yoga instructor बीरपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • जब जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी भूल जाते है। तो तमाशा फिर सड़क पर होता है। सबाल तो बनता है। श्योपुर # अब क्या किसान के पास खाद के लिए केबल जाम लगाने का विकल्प ही बचा है.? आख़िर प्रशासन खाद की वितरण व्यवस्था को क्यों नहीं सुधार पा रहा है.? ये प्रशासन की अक्षमता है या उदासीनता है या फिर कालाबाजारी करने बालों से साथ गांठ है ? आख़िर किसान हर रोज खाद को लेकर सड़क पर है क्यों.?
    4
    जब जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी भूल जाते है। तो तमाशा फिर सड़क पर होता है।
सबाल तो बनता है।
श्योपुर # अब क्या किसान के पास खाद के लिए केबल जाम लगाने का विकल्प ही बचा है.? आख़िर प्रशासन खाद की  वितरण व्यवस्था को क्यों नहीं सुधार पा रहा है.? ये प्रशासन की अक्षमता है या उदासीनता है या फिर कालाबाजारी करने बालों से साथ गांठ है ? आख़िर किसान हर रोज खाद को लेकर सड़क पर है क्यों.?
    user_Ravikant
    Ravikant
    विजयपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.