राजिम शहर और आसपास के गांवों में बीती रात से हो रही लगातार बारिश अब राहत की बजाय आफत बन गई है, जिससे चारों ओर तबाही का मंजर धीरे-धीरे सामने आ रहा है। यह बारिश कच्चे मकानों के लिए बड़ा खतरा साबित हो रही है, वहीं सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्राम पंचायत भवनों सहित अन्य सरकारी इमारतों में पानी भर गया है। ग्राम पंचायत भैंसातरा के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 03 में घुटने तक पानी भर जाने से पूरा केंद्र जलमग्न हो गया, जहाँ रखे प्लास्टिक के सामान पानी में तैरते नजर आए। हालांकि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और ग्रामीणों की मदद से समय रहते सभी सामानों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर रख दिया गया था। गांव की गलियों में भी भारी जलभराव हो गया है, जहाँ कहीं घुटने से ऊपर तो कहीं कमर तक पानी भरा है, जिससे लोग आने-जाने में हिचकिचा रहे हैं और घरों में घुसते पानी से भारी नुकसान की आशंका है। इस सबके बीच, एक अलग ही तस्वीर उन बच्चों की देखने को मिली जो इस बारिश का खुलकर आनंद ले रहे हैं। वे गांव की जलमग्न गलियों में, जिन्हें उन्होंने अपना स्विमिंग पूल बना लिया है, कूद-कूद कर नहा रहे हैं और अपने बचपन के साथ बारिश का भी पूरा मजा उठा रहे हैं। चूंकि रविवार होने के कारण सभी कर्मचारी और अधिकारी छुट्टी पर हैं, इसलिए सरकारी भवनों में हुए वास्तविक नुकसान का आकलन सोमवार को उनके खुलने के बाद ही पता चल पाएगा।
राजिम शहर और आसपास के गांवों में बीती रात से हो रही लगातार बारिश अब राहत की बजाय आफत बन गई है, जिससे चारों ओर तबाही का मंजर धीरे-धीरे सामने आ रहा है। यह बारिश कच्चे मकानों के लिए बड़ा खतरा साबित हो रही है, वहीं सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्राम पंचायत भवनों सहित अन्य सरकारी इमारतों में पानी भर गया है। ग्राम पंचायत भैंसातरा के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 03 में घुटने तक पानी भर जाने से पूरा केंद्र जलमग्न हो गया, जहाँ रखे प्लास्टिक के सामान पानी में तैरते नजर आए। हालांकि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और ग्रामीणों की मदद से समय रहते सभी सामानों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर रख दिया गया था। गांव की गलियों में भी भारी जलभराव हो गया है, जहाँ कहीं घुटने से ऊपर तो कहीं कमर तक पानी भरा है, जिससे लोग आने-जाने में हिचकिचा रहे हैं और घरों में घुसते पानी से भारी नुकसान की आशंका है। इस सबके बीच, एक अलग ही तस्वीर उन बच्चों की देखने को मिली जो इस बारिश का खुलकर आनंद ले रहे हैं। वे गांव की जलमग्न गलियों में, जिन्हें उन्होंने अपना स्विमिंग पूल बना लिया है, कूद-कूद कर नहा रहे हैं और अपने बचपन के साथ बारिश का भी पूरा मजा उठा रहे हैं। चूंकि रविवार होने के कारण सभी कर्मचारी और अधिकारी छुट्टी पर हैं, इसलिए सरकारी भवनों में हुए वास्तविक नुकसान का आकलन सोमवार को उनके खुलने के बाद ही पता चल पाएगा।
- राजिम शहर और आसपास के गांवों में बीती रात से हो रही लगातार बारिश अब राहत की बजाय आफत बन गई है, जिससे चारों ओर तबाही का मंजर धीरे-धीरे सामने आ रहा है। यह बारिश कच्चे मकानों के लिए बड़ा खतरा साबित हो रही है, वहीं सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्राम पंचायत भवनों सहित अन्य सरकारी इमारतों में पानी भर गया है। ग्राम पंचायत भैंसातरा के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 03 में घुटने तक पानी भर जाने से पूरा केंद्र जलमग्न हो गया, जहाँ रखे प्लास्टिक के सामान पानी में तैरते नजर आए। हालांकि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और ग्रामीणों की मदद से समय रहते सभी सामानों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर रख दिया गया था। गांव की गलियों में भी भारी जलभराव हो गया है, जहाँ कहीं घुटने से ऊपर तो कहीं कमर तक पानी भरा है, जिससे लोग आने-जाने में हिचकिचा रहे हैं और घरों में घुसते पानी से भारी नुकसान की आशंका है। इस सबके बीच, एक अलग ही तस्वीर उन बच्चों की देखने को मिली जो इस बारिश का खुलकर आनंद ले रहे हैं। वे गांव की जलमग्न गलियों में, जिन्हें उन्होंने अपना स्विमिंग पूल बना लिया है, कूद-कूद कर नहा रहे हैं और अपने बचपन के साथ बारिश का भी पूरा मजा उठा रहे हैं। चूंकि रविवार होने के कारण सभी कर्मचारी और अधिकारी छुट्टी पर हैं, इसलिए सरकारी भवनों में हुए वास्तविक नुकसान का आकलन सोमवार को उनके खुलने के बाद ही पता चल पाएगा।1
- बिलासपुर से पेंड्रा जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बेहद खराब है, जिससे आम जनता का जीवन मुश्किलों से भरा हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि सड़कों के निर्माण को लेकर यह 'बबली का खेल' आखिर कब खत्म होगा। इसी बीच, सरकार यह दावा कर रही है कि वह भारत में सड़कों को जापान जैसा बनाएगी, जो मौजूदा स्थिति के बिल्कुल विपरीत है।3
- नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता बलराज सिंह मलिक प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की और शांतिपूर्ण विरोध, लोकतांत्रिक अधिकारों व संविधान के महत्व पर विशेष जोर दिया। अपने संबोधन के दौरान, एडवोकेट मलिक ने संबंधित सभी पक्षों से संवाद के माध्यम से किसी समाधान तक पहुँचने की अपील की। उनका यह संबोधन सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से चर्चा का विषय बना।1
- राजधानी रायपुर में हुई बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। इस स्थिति से जनता में गहरा गुस्सा है, जिसे लोग सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर व्यक्त कर रहे हैं।1
- मानसून की शुरुआत होते ही रायपुर नगर निगम के जलभराव से निपटने के दावों की सच्चाई सामने आ जाती है। शहर में कुछ ही घंटों की बारिश से नगर घड़ी चौक, कलेक्टर परिसर और राजभवन मार्ग जैसे प्रमुख इलाकों में घुटनों तक पानी भर जाता है। इस गंभीर जलभराव के कारण लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुसने जैसी बड़ी समस्याएं पैदा होती हैं।1