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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सआदतगंज प्रकरण के संबंध में पुलिस उपायुक्त पश्चिम कमलेश दीक्षित द्वारा एक बाइट दी गई है।
Mohd Waseem
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सआदतगंज प्रकरण के संबंध में पुलिस उपायुक्त पश्चिम कमलेश दीक्षित द्वारा एक बाइट दी गई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- प्रयागराज में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह सर्किट हाउस में छात्रों के साथ पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर एक बैठक कर रहे थे। इसी दौरान एडीएम सिटी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और इस चर्चा पर आपत्ति जताते हुए इसे बंद करने का निर्देश दिया, जिसके बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस प्रशासनिक हस्तक्षेप पर सांसद संजय सिंह ने सवाल उठाते हुए इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश करार दिया।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में, क्राइम ब्रांच और थाना चिनहट की एक संयुक्त टीम ने फिरौती के लिए काम करने वाले एक कुख्यात और वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह अभियुक्त ₹50 हजार का इनामी था। इस गिरफ्तारी की जानकारी एडीसीपी क्राइम किरण यादव द्वारा दी गई।1
- योगी आदित्यनाथ जी ने स्पष्ट रूप से यह घोषणा की है कि ऐसा बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- मिली जानकारी के अनुसार, कॉलिंग कार्ड बनाने के तरीके के संबंध में एक प्रश्न उठाया गया है। यह प्रश्न इस बात पर केंद्रित है कि कॉलिंग कार्ड का निर्माण कैसे किया जाए।1
- हापुड़ के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में कपड़ा व्यापारी से हुई 16 लाख 92 हजार रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। जनपदीय स्वाट टीम और बाबूगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश घायल हो गया, जबकि दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटे गए 16 लाख 50 हजार रुपये की नकदी, अवैध हथियार, कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 31 मई 2026 की रात हुई इस लूट की घटना की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि व्यापारी का ड्राइवर लक्ष्य रावत ही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड था। पूछताछ में लक्ष्य रावत ने अपने दो साथियों मन्नू उर्फ रिजवान और निहाल अहमद के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से लूट की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस टीम को बाबूगढ़ क्षेत्र के अलीपुर अंडरपास के पास उनकी मौजूदगी की सूचना मिली। पुलिस ने घेराबंदी करके उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए बदमाशों के पास से लूट की अधिकांश रकम, अवैध असलहे, जिंदा और खोखा कारतूस, तथा अपराध में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और घटना से जुड़े अन्य सभी पहलुओं की भी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल बड़ी लूट का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि इससे व्यापारी वर्ग में सुरक्षा और विश्वास का भाव भी बढ़ा है।1
- हापुड़ के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र में एक कपड़ा व्यापारी से हुई ₹16.92 लाख की लूट की घटना का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि इस पूरी साजिश का मुख्य कर्ताधर्ता व्यापारी का ड्राइवर ही था। स्वाट टीम और बाबूगढ़ पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई रकम में से ₹16.50 लाख, अवैध हथियार और घटना में इस्तेमाल किया गया वाहन भी बरामद कर लिया है। पुलिस इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।1
- लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती को विभिन्न स्थानों पर श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों को याद किया। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि अहिल्याबाई होलकर केवल एक महान शासक ही नहीं, बल्कि न्याय, सेवा और जनकल्याण की प्रतीक थीं। उनके द्वारा किए गए सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्य आज भी प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज हित में कार्य करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने अहिल्याबाई होलकर के योगदान को महिला सशक्तिकरण, सुशासन और लोकसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का व्यक्तित्व और उनके कार्य आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करते रहेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक कुख्यात लुटेरे इनाम को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया। इस एनकाउंटर में लुटेरे को गोली लगी, जिसके बाद अस्पताल ले जाने से पहले वह बार-बार पीड़ा के साथ सिगरेट पिलाने की गुजारिश करता रहा। उसने विशेष रूप से कहा, "सर, बस एक बड़ी गोल्ड फ्लैक पिलवा दो।" इस पर एक पुलिस अफसर ने सिगरेट के ब्रांड का नाम लेते हुए जवाब दिया कि "मंगाता हूं"।1
- राव प्रदीप द्वारा साझा किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट में कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है: क्या होता है जब कोर्ट सज़ा सुना दे, लेकिन व्यक्ति को तुरंत जेल न जाना पड़े? इस पोस्ट में खुशी जाहिर करने वाले इमोजी के साथ, कानूनी जागरूकता से संबंधित इस विषय पर प्रकाश डाला गया है। पोस्ट में 'सस्पेंशन ऑफ सेंटेंस' (सज़ा पर रोक) और 'बेल' (जमानत) जैसे कानूनी पहलुओं का उल्लेख किया गया है, जो यह समझाने में मदद करते हैं कि ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हो सकती है। यह चर्चा कानून, अदालत, वकीलों, अदालती मामलों और आपराधिक कानून जैसे विषयों से जुड़ी है, जिसका उद्देश्य यह समझाना है कि सज़ा मिलने के बाद भी कुछ विशेष परिस्थितियों में व्यक्ति को तुरंत जेल जाने से छूट मिल सकती है।1