Shuru
Apke Nagar Ki App…
हमीरपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र में लक्ष्मीबाई तिराहे के पास एक तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गई। ब्रेड लादकर जा रही यह पिकअप अचानक बेकाबू हो गई और उसने एक घर के बाहर खड़ी बाइक और ओमनी कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण भिड़ंत के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, हादसा रात के वक्त होने की वजह से वाहनों के आसपास कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिसके चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
Sheelu Nishad
हमीरपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र में लक्ष्मीबाई तिराहे के पास एक तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गई। ब्रेड लादकर जा रही यह पिकअप अचानक बेकाबू हो गई और उसने एक घर के बाहर खड़ी बाइक और ओमनी कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण भिड़ंत के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, हादसा रात के वक्त होने की वजह से वाहनों के आसपास कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिसके चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- उत्तराखंड की रहने वाली मानवी ने देहरादून-ऋषिकेश हाईवे परियोजना के लिए करीब 4 हजार पेड़ों की कटाई के विरोध में अपना मुंडन करा लिया है। मानवी ने इस हाईवे परियोजना के तहत इतनी बड़ी संख्या में काटे जा रहे पेड़ों के खिलाफ अपना यह कड़ा विरोध जताया है।1
- हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे में वर्णिता संस्था के तत्वावधान में 'विमर्श विविधा' के अंतर्गत 'जिनका देश ऋणी है' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने मातृभूमि की वेदी में प्रथम आहुति के प्रतीक मंगल पांडे की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि मंगल पांडे सही मायने में मां भारती के एक बहादुर सपूत थे, जो देश की आजादी की वेदी में पहली आहुति बने। कार्यक्रम में उनके जीवन संघर्ष को याद करते हुए बताया गया कि उनका जन्म 29 मार्च 1927 को बलिया के नगवा में दिवाकर पांडे और अभय रानी के घर हुआ था। शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे सेना में भर्ती हो गए, लेकिन एक घटना ने उन्हें विद्रोही बना दिया। उन्होंने लेफ्टिनेंट बाग पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इसके बाद वे अंग्रेजों से विद्रोह करते हुए स्वयं भी घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें पकड़ लिया गया। अंग्रेजों ने न्याय का नाटक कर उन्हें फांसी की सजा सुनाई और अंततः 8 अप्रैल 1857 को बैरकपुर में उन्हें फांसी पर लटका दिया गया। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल, प्रेम, सागर, प्रिंस, रिचा, होरी लाल, सतेन्द्र और मुन्ना भदौरिया सहित कई लोग उपस्थित रहे।1
- हमीरपुर जिले के भरुआसुमेरपुर स्थित आर्यसमाज सत्संग भवन में साप्ताहिक यज्ञ का आयोजन किया गया। इस यज्ञ के ब्रह्मा उमेश आर्य रहे और मुख्य यजमान कृष्ण कुमार मिश्रा द्वारा आहुतियां दी गईं। यज्ञ संपन्न होने के बाद उपस्थित लोगों द्वारा विभिन्न धार्मिक और बौद्धिक प्रस्तुतियां दी गईं। यज्ञ के पश्चात महेंद्र आर्य ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी के जीवन चरित्र की व्याख्या की और गोविंद आर्य द्वारा सत्यार्थ प्रकाश का पाठन किया गया। वहीं, उमेश आर्य ने यजुर्वेद के बीसवें मन्त्र की व्याख्या की और भजन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डॉ. विवेक आर्य ने बौद्धिक युवा चरित्र निर्माण पर चर्चा की, जबकि कृष्ण कुमार मिश्रा ने भी भजन प्रस्तुत किया। इसके बाद आजाद आर्य द्वारा आर्य समाज के दस नियमों को दोहराया गया और अंत में शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।4
- कानपुर नगर के घाटमपुर के कोटरा गांव की सड़क न बनने पर स्थानीय जनता ने जनप्रतिनिधियों को कड़ी चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव की सड़क नहीं बनी, तो जनता किसी भी जनप्रतिनिधि से जवाब माँगेगी। अब तक बहुत वादे किए जा चुके हैं, लेकिन अब केवल काम चाहिए। जनता ने साफ कर दिया है कि सड़क बनने के बाद ही विकास की कोई बात होगी, वरना वे अपना फैसला खुद सुनाएंगे।1
- हमीरपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र में लक्ष्मीबाई तिराहे के पास एक तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गई। ब्रेड लादकर जा रही यह पिकअप अचानक बेकाबू हो गई और उसने एक घर के बाहर खड़ी बाइक और ओमनी कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण भिड़ंत के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, हादसा रात के वक्त होने की वजह से वाहनों के आसपास कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिसके चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया।4