आज मराठा साम्राज्य के महान शासक, कुशल प्रशासक और दूरदर्शी नेता पेशवा बालाजी नानासाहेब बाजीराव (बालाजी बाजीराव) की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके जीवन को भारतीय इतिहास में साहस, संगठन क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना का एक महत्वपूर्ण अध्याय बताया गया है। पेशवा बाजीराव प्रथम के पुत्र बालाजी नानासाहेब ने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया और मराठा साम्राज्य को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। उनके शासनकाल के दौरान मराठा शक्ति का विस्तार उत्तर भारत तक हुआ, जिससे साम्राज्य की राजनीतिक, आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति और भी मजबूत हुई। नानासाहेब पेशवा न केवल एक शासक थे, बल्कि एक कुशल प्रशासक भी थे, जिन्होंने राज्य व्यवस्था को सुदृढ़ किया, राजस्व प्रणाली में सुधार किए और जनता के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनके नेतृत्व में मराठा साम्राज्य भारत की सबसे प्रभावशाली शक्तियों में से एक बन गया था। हालाँकि, उनके जीवन का सबसे दुखद दौर 1761 का तीसरा पानीपत युद्ध रहा, जिसमें मराठा सेना को भारी क्षति उठानी पड़ी। इस युद्ध के बाद उत्पन्न परिस्थितियों और मानसिक आघात ने उनके स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया। अंततः 23 जून 1761 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनके योगदान और उनके द्वारा स्थापित प्रशासनिक आधार मराठा साम्राज्य के भविष्य के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हुए। उनकी पुण्यतिथि इस बात पर जोर देती है कि सच्चा नेतृत्व केवल विजय में नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, दूरदर्शिता और संगठन क्षमता बनाए रखने में निहित है। राष्ट्र और समाज के प्रति उनके समर्पण का आदर्श आज भी प्रेरणास्रोत है। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन ने महान पेशवा बालाजी नानासाहेब बाजीराव को विनम्र श्रद्धांजलि और शत-शत नमन अर्पित किया है, यह कहते हुए कि उनकी स्मृतियां भारतीय इतिहास में सदैव अमर रहेंगी। जैसा कि कहा गया है, "महान व्यक्तित्व कभी इतिहास के पन्नों से विलुप्त नहीं होते, वे अपनी कर्मभूमि और आदर्शों के माध्यम से सदैव जीवित रहते हैं।"
आज मराठा साम्राज्य के महान शासक, कुशल प्रशासक और दूरदर्शी नेता पेशवा बालाजी नानासाहेब बाजीराव (बालाजी बाजीराव) की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके जीवन को भारतीय इतिहास में साहस, संगठन क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना का एक महत्वपूर्ण अध्याय बताया गया है। पेशवा बाजीराव प्रथम के पुत्र बालाजी नानासाहेब ने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया और मराठा साम्राज्य को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। उनके शासनकाल के दौरान मराठा शक्ति का विस्तार उत्तर भारत तक हुआ, जिससे साम्राज्य की राजनीतिक, आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति और भी मजबूत हुई। नानासाहेब पेशवा न केवल एक शासक थे, बल्कि एक कुशल प्रशासक भी थे, जिन्होंने राज्य व्यवस्था को सुदृढ़ किया, राजस्व प्रणाली में सुधार किए और जनता के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनके नेतृत्व में मराठा साम्राज्य भारत की सबसे प्रभावशाली शक्तियों में से एक बन गया था। हालाँकि, उनके जीवन का सबसे दुखद दौर 1761 का तीसरा पानीपत युद्ध रहा, जिसमें मराठा सेना को भारी क्षति उठानी पड़ी। इस युद्ध के बाद उत्पन्न परिस्थितियों और मानसिक आघात ने उनके स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया। अंततः 23 जून 1761 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनके योगदान और उनके द्वारा स्थापित प्रशासनिक आधार मराठा साम्राज्य के भविष्य के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हुए। उनकी पुण्यतिथि इस बात पर जोर देती है कि सच्चा नेतृत्व केवल विजय में नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, दूरदर्शिता और संगठन क्षमता बनाए रखने में निहित है। राष्ट्र और समाज के प्रति उनके समर्पण का आदर्श आज भी प्रेरणास्रोत है। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन ने महान पेशवा बालाजी नानासाहेब बाजीराव को विनम्र श्रद्धांजलि और शत-शत नमन अर्पित किया है, यह कहते हुए कि उनकी स्मृतियां भारतीय इतिहास में सदैव अमर रहेंगी। जैसा कि कहा गया है, "महान व्यक्तित्व कभी इतिहास के पन्नों से विलुप्त नहीं होते, वे अपनी कर्मभूमि और आदर्शों के माध्यम से सदैव जीवित रहते हैं।"
- भारतीय रेलवे ने 'जन विश्वास एक्ट' के तहत अपने नियमों में बड़े संशोधन किए हैं, जो 20 जून 2026 से प्रभावी हो गए हैं। इन बदलावों के तहत, विभिन्न उल्लंघनों के लिए जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी की गई है, और कुछ मामलों में जेल का प्रावधान भी किया गया है। इसका उद्देश्य यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए रेलवे यात्रा को अधिक अनुशासित बनाना है। नए नियमों के अनुसार, बिना टिकट या अवैध टिकट के यात्रा करते पकड़े जाने पर यात्री को टिकट का पूरा किराया और कम से कम ₹500 का जुर्माना देना होगा, जो पहले ₹250 था। महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने पर अब ₹2500 तक का जुर्माना लग सकता है। इसी तरह, स्टेशन परिसर या ट्रेन में बिना अनुमति सामान बेचने, फेरी लगाने या भीख मांगने पर ₹2000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। व्यापक तौर पर, बिना टिकट यात्रा, धूम्रपान, थूकने और अवैध कब्जे जैसी गतिविधियों पर ₹500 से लेकर ₹10,000 तक का जुर्माना और जेल भी हो सकती है। यात्रियों को परेशान करने या अश्लीलता फैलाने पर ₹1000 का जुर्माना या छह महीने तक की जेल का प्रावधान है। जुर्माने के अतिरिक्त, रेलवे ने अन्य यात्रा संबंधी नियमों में भी बदलाव किए हैं। ट्रेन टिकटों की अग्रिम बुकिंग की समय-सीमा को 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दिया गया है। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए, ट्रेन का चार्ट अब यात्रा के समय से 9 से 12 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। ये सभी संशोधन जन विश्वास एक्ट 2026 के तहत रेलवे एक्ट 1989 की धारा 137 और 138 में किए गए बदलावों पर आधारित हैं। आगामी यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नवीनतम नियमों, साथ ही तत्काल बुकिंग के सही समय और तरीके की सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपनी यात्रा की तारीख और टिकट श्रेणी बताने की सलाह दी गई है।1
- लखनऊ के पुरनिया इलाके से आई एक हृदयविदारक खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया है। एक कमर्शियल बिल्डिंग में हुए एसी ब्लास्ट के कारण लगी भीषण आग ने 15 मासूम जिंदगियों को काल का ग्रास बना लिया। यह सभी मृतक 20 से 24 साल की उम्र के युवा थे, जो अपने सुनहरे भविष्य की उम्मीद लिए एनीमेशन और गेमिंग सेंटर में पढ़ने या कमाने के इरादे से आए थे। उन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जिनके जवान बच्चे सुबह हंसते-खेलते घर से निकले थे और शाम होते-होते उनके असमय निधन की खौफनाक खबर मिली। यह घटना 'लखनऊ अग्निकांड: बुझ गए 15 घरों के चिराग, गेमिंग और एनीमेशन सेंटर बने काल!' की भयावहता को दर्शाती है। हालांकि, कोई भी मुआवजा किसी की जिंदगी की भरपाई नहीं कर सकता, फिर भी इस दुख की घड़ी में हमारी गहरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। ईश्वर उन्हें इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।1
- ग्रेटर नोएडा की सड़क पर एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में युवती सड़क पर लेटी हुई नज़र आ रही है, और इसे लेकर दावा किया जा रहा है कि वह नशे की हालत में थी। यह वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर एक बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इस घटना को मज़ाक के तौर पर देख रहे हैं, जबकि कई अन्य इसे सड़क सुरक्षा और लापरवाही से जुड़ा एक गंभीर मामला बता रहे हैं। अब सवाल यह है कि ऐसे मामलों में मज़ाक या जागरूकता, किसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए।1
- आजकल के लड़कों को 44 डिग्री की गर्मी बर्दाश्त नहीं हो रही है। इस पर टिप्पणी की गई है कि इसी के बावजूद, उन सभी को 'हाट' बीबी चाहिए।1
- भदोही के रामरायपुर स्थित श्री साईं हॉस्पिटल एंड फ्रैक्चर सेंटर में श्री साईं फाउंडेशन ट्रस्ट ने एक विशाल निःशुल्क हृदय रोग जांच एवं परामर्श शिविर का सफल आयोजन किया। इस शिविर में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार गौरव (एमबीबीएस, एमडी, डीएम) की देखरेख में मरीजों की विस्तृत जांच की गई और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। अस्पताल के संचालक डॉ. पी.के. राय ने बताया कि इस स्वास्थ्य शिविर में कुल 180 मरीजों का पंजीकरण हुआ, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदान की गई स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित में ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर भविष्य में भी लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।1
- मछली शहर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर समाजसेवी धर्मेंद्र सरोज ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वहाँ उपस्थित सभी पत्रकारों को उपहार भेंट कर सम्मानित किया।1
- वाराणसी में गंगा नदी में एक नाव पर पार्टी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दशाश्वमेध पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पाँच युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पार्टी में इस्तेमाल की गई नाव को भी सीज कर दिया है। पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो में नियमों का उल्लंघन करते हुए पार्टी की जा रही थी। वीडियो संज्ञान में आने के बाद दशाश्वमेध थाने में मुकदमा अपराध संख्या 143/2026 के तहत धारा 196(2) एवं 299 बीएनएस में मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान दीपक कुमार (25, निवासी सुजाबाद पड़ाव), अजय साहनी (20, निवासी सुजाबाद पड़ाव), अरुण कुमार साहनी (22, निवासी डोमरी), अनुराग निषाद (31, निवासी डोमरी) तथा राहुल साहनी (28, निवासी बंधा रोड, सुजाबाद, थाना रामनगर) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे सभी आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया और नाव को भी सीज कर दिया गया। इस मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। दशाश्वमेध पुलिस ने स्पष्ट किया कि गंगा नदी में नावों पर नियमों के उल्लंघन और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों के खिलाफ उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा।2
- उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र से सामने आए एक वीडियो में एक पति द्वारा अपनी पत्नी को बेरहमी से पीटने का विचलित करने वाला दृश्य कैद हुआ है। इस हृदयविदारक घटना के दौरान एक छोटा बच्चा भी दंपति के पैरों के नीचे दब रहा है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। जानकारी के अनुसार, इस घटना में अनिल कश्यप, जो राकेश कश्यप के पुत्र बताए जा रहे हैं, का नाम सामने आया है। इस मामले को लेकर माखी थाना क्षेत्र में एक प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत किया जा चुका है, लेकिन दुखद बात यह है कि उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, और पुलिस की ओर से कार्रवाई 'शून्य' बनी हुई है।1