भारतीय रेलवे ने 'जन विश्वास एक्ट' के तहत अपने नियमों में बड़े संशोधन किए हैं, जो 20 जून 2026 से प्रभावी हो गए हैं। इन बदलावों के तहत, विभिन्न उल्लंघनों के लिए जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी की गई है, और कुछ मामलों में जेल का प्रावधान भी किया गया है। इसका उद्देश्य यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए रेलवे यात्रा को अधिक अनुशासित बनाना है। नए नियमों के अनुसार, बिना टिकट या अवैध टिकट के यात्रा करते पकड़े जाने पर यात्री को टिकट का पूरा किराया और कम से कम ₹500 का जुर्माना देना होगा, जो पहले ₹250 था। महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने पर अब ₹2500 तक का जुर्माना लग सकता है। इसी तरह, स्टेशन परिसर या ट्रेन में बिना अनुमति सामान बेचने, फेरी लगाने या भीख मांगने पर ₹2000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। व्यापक तौर पर, बिना टिकट यात्रा, धूम्रपान, थूकने और अवैध कब्जे जैसी गतिविधियों पर ₹500 से लेकर ₹10,000 तक का जुर्माना और जेल भी हो सकती है। यात्रियों को परेशान करने या अश्लीलता फैलाने पर ₹1000 का जुर्माना या छह महीने तक की जेल का प्रावधान है। जुर्माने के अतिरिक्त, रेलवे ने अन्य यात्रा संबंधी नियमों में भी बदलाव किए हैं। ट्रेन टिकटों की अग्रिम बुकिंग की समय-सीमा को 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दिया गया है। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए, ट्रेन का चार्ट अब यात्रा के समय से 9 से 12 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। ये सभी संशोधन जन विश्वास एक्ट 2026 के तहत रेलवे एक्ट 1989 की धारा 137 और 138 में किए गए बदलावों पर आधारित हैं। आगामी यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नवीनतम नियमों, साथ ही तत्काल बुकिंग के सही समय और तरीके की सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपनी यात्रा की तारीख और टिकट श्रेणी बताने की सलाह दी गई है।
भारतीय रेलवे ने 'जन विश्वास एक्ट' के तहत अपने नियमों में बड़े संशोधन किए हैं, जो 20 जून 2026 से प्रभावी हो गए हैं। इन बदलावों के तहत, विभिन्न उल्लंघनों के लिए जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी की गई है, और कुछ मामलों में जेल का प्रावधान भी किया गया है। इसका उद्देश्य यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए रेलवे यात्रा को अधिक अनुशासित बनाना है। नए नियमों के अनुसार, बिना टिकट या अवैध टिकट के यात्रा करते पकड़े जाने पर यात्री को टिकट का पूरा किराया और कम से कम ₹500 का जुर्माना देना होगा, जो पहले ₹250 था। महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने पर अब ₹2500 तक का जुर्माना लग सकता है। इसी तरह, स्टेशन परिसर या ट्रेन में बिना अनुमति सामान बेचने, फेरी लगाने या भीख मांगने पर ₹2000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। व्यापक तौर पर, बिना टिकट यात्रा, धूम्रपान, थूकने और अवैध कब्जे जैसी गतिविधियों पर ₹500 से लेकर ₹10,000 तक का जुर्माना और जेल भी हो सकती है। यात्रियों को परेशान करने या अश्लीलता फैलाने पर ₹1000 का जुर्माना या छह महीने तक की जेल का प्रावधान है। जुर्माने के अतिरिक्त, रेलवे ने अन्य यात्रा संबंधी नियमों में भी बदलाव किए हैं। ट्रेन टिकटों की अग्रिम बुकिंग की समय-सीमा को 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दिया गया है। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए, ट्रेन का चार्ट अब यात्रा के समय से 9 से 12 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। ये सभी संशोधन जन विश्वास एक्ट 2026 के तहत रेलवे एक्ट 1989 की धारा 137 और 138 में किए गए बदलावों पर आधारित हैं। आगामी यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नवीनतम नियमों, साथ ही तत्काल बुकिंग के सही समय और तरीके की सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपनी यात्रा की तारीख और टिकट श्रेणी बताने की सलाह दी गई है।
- भारतीय रेलवे ने 'जन विश्वास एक्ट' के तहत अपने नियमों में बड़े संशोधन किए हैं, जो 20 जून 2026 से प्रभावी हो गए हैं। इन बदलावों के तहत, विभिन्न उल्लंघनों के लिए जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी की गई है, और कुछ मामलों में जेल का प्रावधान भी किया गया है। इसका उद्देश्य यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए रेलवे यात्रा को अधिक अनुशासित बनाना है। नए नियमों के अनुसार, बिना टिकट या अवैध टिकट के यात्रा करते पकड़े जाने पर यात्री को टिकट का पूरा किराया और कम से कम ₹500 का जुर्माना देना होगा, जो पहले ₹250 था। महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने पर अब ₹2500 तक का जुर्माना लग सकता है। इसी तरह, स्टेशन परिसर या ट्रेन में बिना अनुमति सामान बेचने, फेरी लगाने या भीख मांगने पर ₹2000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। व्यापक तौर पर, बिना टिकट यात्रा, धूम्रपान, थूकने और अवैध कब्जे जैसी गतिविधियों पर ₹500 से लेकर ₹10,000 तक का जुर्माना और जेल भी हो सकती है। यात्रियों को परेशान करने या अश्लीलता फैलाने पर ₹1000 का जुर्माना या छह महीने तक की जेल का प्रावधान है। जुर्माने के अतिरिक्त, रेलवे ने अन्य यात्रा संबंधी नियमों में भी बदलाव किए हैं। ट्रेन टिकटों की अग्रिम बुकिंग की समय-सीमा को 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दिया गया है। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए, ट्रेन का चार्ट अब यात्रा के समय से 9 से 12 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। ये सभी संशोधन जन विश्वास एक्ट 2026 के तहत रेलवे एक्ट 1989 की धारा 137 और 138 में किए गए बदलावों पर आधारित हैं। आगामी यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नवीनतम नियमों, साथ ही तत्काल बुकिंग के सही समय और तरीके की सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपनी यात्रा की तारीख और टिकट श्रेणी बताने की सलाह दी गई है।1
- लखनऊ के पुरनिया इलाके से आई एक हृदयविदारक खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया है। एक कमर्शियल बिल्डिंग में हुए एसी ब्लास्ट के कारण लगी भीषण आग ने 15 मासूम जिंदगियों को काल का ग्रास बना लिया। यह सभी मृतक 20 से 24 साल की उम्र के युवा थे, जो अपने सुनहरे भविष्य की उम्मीद लिए एनीमेशन और गेमिंग सेंटर में पढ़ने या कमाने के इरादे से आए थे। उन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जिनके जवान बच्चे सुबह हंसते-खेलते घर से निकले थे और शाम होते-होते उनके असमय निधन की खौफनाक खबर मिली। यह घटना 'लखनऊ अग्निकांड: बुझ गए 15 घरों के चिराग, गेमिंग और एनीमेशन सेंटर बने काल!' की भयावहता को दर्शाती है। हालांकि, कोई भी मुआवजा किसी की जिंदगी की भरपाई नहीं कर सकता, फिर भी इस दुख की घड़ी में हमारी गहरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। ईश्वर उन्हें इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।1
- समय के मम्मी-पापा की एक मजेदार और फनी वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में समय की मम्मी से यह खास सवाल पूछा गया है कि वे सबसे पहले क्या बनाती हैं।1
- राम मंदिर के दानपात्र से कथित गबन के आरोपों के बीच, पिछले कुछ वर्षों में रामलला को कितने चढ़ावे आए, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ था। इस रहस्य पर से पर्दा उठाते हुए, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शनिवार को मीडिया के सामने मंदिर की आय-व्यय और चढ़ावे का पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया। उनके द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 से 2024 तक चार वर्षों की अवधि में मंदिर को कुल 1300 किलोग्राम चांदी और 20 किलोग्राम सोना प्राप्त हुआ है। विशेष रूप से, केवल वित्तीय वर्ष 2023-24 में ही राम भक्तों द्वारा लगभग 363 करोड़ रुपये का दान नकद और अन्य माध्यमों से किया गया। ट्रस्ट की ओर से यह भी बताया गया कि भक्तों ने नकद, ऑनलाइन, विदेश से और बहुमूल्य धातुओं के रूप में यह योगदान दिया है, और यह आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं। पिछले चार वर्षों में मंदिर को भारी मात्रा में सोना और चांदी भी अर्पित की गई है।1
- भदोही के रामरायपुर स्थित श्री साईं हॉस्पिटल एंड फ्रैक्चर सेंटर में श्री साईं फाउंडेशन ट्रस्ट ने एक विशाल निःशुल्क हृदय रोग जांच एवं परामर्श शिविर का सफल आयोजन किया। इस शिविर में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार गौरव (एमबीबीएस, एमडी, डीएम) की देखरेख में मरीजों की विस्तृत जांच की गई और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। अस्पताल के संचालक डॉ. पी.के. राय ने बताया कि इस स्वास्थ्य शिविर में कुल 180 मरीजों का पंजीकरण हुआ, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदान की गई स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित में ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर भविष्य में भी लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।1
- मछली शहर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर समाजसेवी धर्मेंद्र सरोज ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वहाँ उपस्थित सभी पत्रकारों को उपहार भेंट कर सम्मानित किया।1
- ग्रेटर नोएडा की सड़क पर एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में युवती सड़क पर लेटी हुई नज़र आ रही है, और इसे लेकर दावा किया जा रहा है कि वह नशे की हालत में थी। यह वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर एक बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इस घटना को मज़ाक के तौर पर देख रहे हैं, जबकि कई अन्य इसे सड़क सुरक्षा और लापरवाही से जुड़ा एक गंभीर मामला बता रहे हैं। अब सवाल यह है कि ऐसे मामलों में मज़ाक या जागरूकता, किसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए।1
- वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र स्थित जगदीशपुर गांव में सोमवार सुबह पशुओं की चरनी (नांद) हटाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों और फावड़े से हमले का आरोप लगाते हुए क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस घटना में महिलाओं सहित कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक युवती के सिर फटने की भी जानकारी सामने आई है। पहले पक्ष के ओमप्रकाश वर्मा ने तहरीर दी है कि सुबह करीब 5:30 बजे कैलाश राजभर, रामचंद्र राजभर, गोविंद, गोकुल और मुरारी राजभर ने उनके भाई राजेश वर्मा पर फावड़े से हमला कर घायल कर दिया। आरोप है कि बीच-बचाव करने आईं उनकी भाभी सुभावती और ओमप्रकाश को भी मारपीट कर चोट पहुंचाई गई। घायल राजेश को पहले पिंडरा सीएचसी ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत में उन्हें पंडित दीनदयाल अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं, दूसरे पक्ष के कैलाश राजभर का आरोप है कि नांद-चन्नी के विवाद के दौरान लक्ष्मण पटेल पक्ष के लोगों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला किया। शोर सुनकर पहुंची उनकी बेटी ममता राजभर और बेटे गोविंद को भी पीटा गया, जिससे ममता के सिर में गंभीर चोट आई और उसे उपचार के लिए वाराणसी ले जाया गया। घटना के बाद फूलपुर पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 115(2), 352 और 351(3) के तहत क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है। थानाध्यक्ष फुलपुर इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।4