राजस्थान की राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर युवाओं से जुड़े मुद्दों जैसे NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बेरोजगारी को लेकर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को एक अज्ञात युवक ने कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया। इस घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर भारी हंगामा मच गया और कुछ समय के लिए स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अभिजीत दीपके के करीब पहुंचकर युवक द्वारा कथित तौर पर थप्पड़ मारे जाने के तुरंत बाद, वहां मौजूद प्रदर्शनकारी और समर्थक आक्रोशित हो उठे। उन्होंने कथित तौर पर थप्पड़ मारने वाले युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। इस पूरे घटनाक्रम के चलते शहीद स्मारक परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी सक्रिय हुई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल, थप्पड़ मारने वाले युवक की पहचान और घटना के पीछे के वास्तविक कारणों के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, और पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर युवाओं से जुड़े मुद्दों जैसे NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बेरोजगारी को लेकर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को एक अज्ञात युवक ने कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया। इस घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर भारी हंगामा मच गया और कुछ समय के लिए स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अभिजीत दीपके के करीब पहुंचकर युवक द्वारा कथित तौर पर थप्पड़ मारे जाने के तुरंत बाद, वहां मौजूद प्रदर्शनकारी और समर्थक आक्रोशित हो उठे। उन्होंने कथित तौर पर थप्पड़ मारने वाले युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। इस पूरे घटनाक्रम के चलते शहीद स्मारक परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी सक्रिय हुई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल, थप्पड़ मारने वाले युवक की पहचान और घटना के पीछे के वास्तविक कारणों के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, और पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
- जेल से रिहा होने के बाद रौशन आनंद ने मीडिया से खुलकर बातचीत की, जहाँ उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों और हालिया घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने कुछ लोगों की आलोचना करते हुए अपनी नाराज़गी भी ज़ाहिर की। मीडिया से बात करते समय रौशन आनंद अपने भाई को याद कर भावुक हो उठे। उन्होंने बताया कि कठिन समय में उनके परिवार ने पूरा साथ दिया और उनके भाई की याद ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। भावुकता के इन पलों में उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को भी याद किया और अपने समर्थकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। रौशन आनंद ने दृढ़ता से कहा कि वह भविष्य में भी अपनी बात मज़बूती से रखते रहेंगे और सच को सामने लाने का पूरा प्रयास करेंगे। उनकी रिहाई के बाद उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए पहुंचे। उनकी रिहाई के बाद दिए गए इस बयान और भावुक क्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। हालांकि, विवाद से जुड़े मामलों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का अभी भी इंतजार किया जा रहा है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में जनपद सोनभद्र में योग सप्ताह का शुभारंभ 15 जून, 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के साथ किया गया। मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती जागृति अवस्थी ने क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. विश्वकर्मा तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ मिलकर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके उपरांत, उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से सामान्य योग प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास किया। इस अवसर पर, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती जागृति अवस्थी ने योग को भारत की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा बताया, जिसने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करता है, बल्कि संतुलित और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा भी देता है। जनपदभर में 5 से 21 जून तक योग, स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें 15 जून से 21 जून 2026 तक योग सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम जैसे चित्रकला प्रतियोगिता, योग जागरूकता अभियान और सामूहिक योग सत्र भी शामिल होंगे। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग (Yoga for Healthy Ageing)” निर्धारित की गई है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. विश्वकर्मा ने जानकारी दी कि जनपद के सभी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में वृद्धजनों के लिए विशेष चिकित्सा एवं योग शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं जोड़ों से संबंधित समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उपचार संबंधी परामर्श प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम में आयुष विभाग एवं कलेक्ट्रेट के अधिकारी-कर्मचारियों सहित अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।4
- जनता ने मोदी सरकार के प्रति अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है, सीधे तौर पर यह कहते हुए कि उन्हें "ऐसे अच्छे दिन नहीं चाहिए"। यह गुस्सा विशेष रूप से मध्यवर्गीय परिवारों के सामने आने वाली कठिनाइयों और बुलडोजर कार्रवाई तथा विध्वंस से उपजी समस्याओं से जुड़ा है। जनता का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियाँ सरकार के 'अच्छे दिन' के वादे के विपरीत हैं और वे मौजूदा नीतियों पर अपनी तीव्र असंतुष्टि जता रही है।1
- सोनभद्र के बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र में ग्रामीणों ने खनन गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पर्यावरण, भूजल, प्रदूषण और सुरक्षा मानकों के संबंध में गहन जांच की मांग तेज कर दी है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि विकास आवश्यक है, लेकिन यह जनसुरक्षा और प्रकृति की कीमत पर नहीं होना चाहिए। अब सबकी नज़र प्रशासन द्वारा इस मामले में की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी है।1
- जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई एक बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास प्लस सर्वेक्षण-2024 की स्थायी पात्रता सूची को अंतिम रूप देने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। इन निर्देशों के अनुसार, जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 17 जून से 30 जून तक ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जहाँ पात्र एवं अपात्र लाभार्थियों का सत्यापन, सूची में आवश्यक संशोधन और प्राथमिकता क्रम का निर्धारण होगा। जिलाधिकारी ने इस प्रक्रिया में पारदर्शी चयन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि ग्राम सभा की बैठकों से पहले हर मजरे में मुनादी, सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इन बैठकों में भाग ले सकें। प्रत्येक बैठक का फोटो और वीडियो प्रलेखन करने के साथ ही, कम से कम 10 छायाचित्रों सहित प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) भी तैयार करना होगा। ग्राम पंचायत सचिवों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से प्राथमिकता सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं, और किसी भी अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कार्मिक के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की चेतावनी दी गई है। इसके अतिरिक्त, उपजिलाधिकारी और लेखपालों की उपस्थिति सुनिश्चित कर भूमि एवं आय संबंधी मामलों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। बैठकों के बाद, पात्रता सूची की वाल पेंटिंग ग्राम पंचायत सचिवालयों और सार्वजनिक स्थलों पर कराई जाएगी। इसके उपरांत, 1 जुलाई से 15 जुलाई तक लाभार्थियों से आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी, जिनका जिला स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण कर निस्तारण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर ग्राम सभा की बैठकों में बड़ी संख्या में उपस्थित होकर पात्रता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने में सहयोग करें। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी और परियोजना निदेशक, डी0आर0डी0ए0 एस0के0 राय सहित सभी खण्ड विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित रहे।1
- चिनिया प्रखंड मुख्यालय स्थित आवासीय उच्च विद्यालय के छात्रावास में रह रहे सैकड़ों छात्रों को शौचालय व्यवस्था ठप होने के कारण खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हेमंत कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, इस स्थिति ने एक ओर जहां स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर आसपास के ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि छात्रावास के छात्र रोजाना सुबह विद्यालय परिसर से सटे झाड़ियों और खाली स्थानों में शौच के लिए जाते हैं। इससे पूरे क्षेत्र में गंदगी फैल रही है और दुर्गंध के कारण लोगों का वहां से गुजरना तक दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार विरोध भी दर्ज कराया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। सोमवार सुबह कुछ छात्रों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि छात्रावास में शौचालय तो बने हैं, पर उनके सेप्टिक टैंक भर चुके हैं, जिसकी वजह से वे अनुपयोगी हो गए हैं और उन्हें मजबूरी में खुले में शौच जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विद्यालय प्रबंधन और संबंधित विभाग से तुरंत हस्तक्षेप कर शौचालय व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि उन्हें खुले में शौच न करना पड़े और आसपास के निवासियों की परेशानी भी खत्म हो सके।1
- सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र में पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला को हिरासत में लिया है। यह महिला एक अज्ञात शिशु को झोले में लेकर जा रही थी, जिस पर पुलिस को शक हुआ। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को पकड़ा और बच्चे सहित चोपन थाने ले गई। इस दौरान कोटा निवासी तारा देवी ने पुलिस को बच्चे के साथ थाने लाने में सहयोग किया। पुलिस अब पूरे मामले की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है। उनका मुख्य उद्देश्य शिशु की पहचान स्थापित करना और यह पता लगाना है कि महिला उसे किस कारण से ले जा रही थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। इस घटना को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी आधिकारिक पुष्टि जांच के समापन के बाद ही की जाएगी।1
- सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र स्थित डाला चौकी के तहत तेलगुड़वा बस स्टैंड पर रविवार को एक महिला द्वारा अबोध बालक को बस में छोड़कर भागने की कोशिश किए जाने से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की सतर्कता और सूझबूझ से महिला को मौके पर ही पकड़ लिया गया और पुलिस को सौंप दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला एक छोटे बच्चे के साथ बस स्टैंड पहुंची थी। कुछ देर बाद उसने बच्चे को बस की सीट पर छोड़ दिया और वहां से जाने लगी। उसकी गतिविधियों पर संदेह होने पर बस स्टैंड पर मौजूद लोगों ने उसे रोका और तुरंत मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और महिला को अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। इस घटना की खबर तेजी से फैलने के बाद बस स्टैंड पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, और महिला व बालक को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस फिलहाल बालक की पहचान और महिला के साथ उसके संबंधों की जांच कर रही है, हालांकि मामले की वास्तविक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- सोनभद्र के चतरा विकास खंड परिसर में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय जनकल्याण एवं स्वास्थ्य मेले का शुभारंभ किया गया। जनपद प्रभारी मंत्री तथा प्रदेश सरकार के लघु एवं सूक्ष्म उद्योग मंत्री श्री हंसराज विश्वकर्मा ने 14 जून, 2026 को इस मेले का उद्घाटन किया। शुभारंभ के अवसर पर श्री विश्वकर्मा ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनहितकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाया जाए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की हर योजना का लाभ पहुँचाना है, जिसके लिए ऐसे जनकल्याण एवं स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और किसान कल्याण के क्षेत्रों में सरकार के कार्यों का जनमानस के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है। सदर विधायक श्री भूपेश चौबे ने अपने संबोधन में कहा कि "डबल इंजन सरकार" की नीतियों के कारण विकास योजनाओं का लाभ तेज़ी से गाँव-गाँव तक पहुँच रहा है। उन्होंने जनकल्याण शिविरों को आमजन और शासन के बीच एक सशक्त सेतु बताया, जिनके माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान और योजनाओं का लाभ पारदर्शी ढंग से उपलब्ध कराया जा रहा है। इस मेले के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा जनहितकारी योजनाओं की जानकारी दी गई, साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श की सुविधा भी प्रदान की। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधिगण, भाजपा पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।2