चिनिया प्रखंड मुख्यालय स्थित आवासीय उच्च विद्यालय के छात्रावास में रह रहे सैकड़ों छात्रों को शौचालय व्यवस्था ठप होने के कारण खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हेमंत कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, इस स्थिति ने एक ओर जहां स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर आसपास के ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि छात्रावास के छात्र रोजाना सुबह विद्यालय परिसर से सटे झाड़ियों और खाली स्थानों में शौच के लिए जाते हैं। इससे पूरे क्षेत्र में गंदगी फैल रही है और दुर्गंध के कारण लोगों का वहां से गुजरना तक दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार विरोध भी दर्ज कराया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। सोमवार सुबह कुछ छात्रों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि छात्रावास में शौचालय तो बने हैं, पर उनके सेप्टिक टैंक भर चुके हैं, जिसकी वजह से वे अनुपयोगी हो गए हैं और उन्हें मजबूरी में खुले में शौच जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विद्यालय प्रबंधन और संबंधित विभाग से तुरंत हस्तक्षेप कर शौचालय व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि उन्हें खुले में शौच न करना पड़े और आसपास के निवासियों की परेशानी भी खत्म हो सके।
चिनिया प्रखंड मुख्यालय स्थित आवासीय उच्च विद्यालय के छात्रावास में रह रहे सैकड़ों छात्रों को शौचालय व्यवस्था ठप होने के कारण खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हेमंत कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, इस स्थिति ने एक ओर जहां स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर आसपास के ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि छात्रावास के छात्र रोजाना सुबह विद्यालय परिसर से सटे झाड़ियों और खाली स्थानों में शौच के लिए जाते हैं। इससे पूरे क्षेत्र में गंदगी फैल रही है और दुर्गंध के कारण लोगों का वहां से गुजरना तक दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार विरोध भी दर्ज कराया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। सोमवार सुबह कुछ छात्रों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि छात्रावास में शौचालय तो बने हैं, पर उनके सेप्टिक टैंक भर चुके हैं, जिसकी वजह से वे अनुपयोगी हो गए हैं और उन्हें मजबूरी में खुले में शौच जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विद्यालय प्रबंधन और संबंधित विभाग से तुरंत हस्तक्षेप कर शौचालय व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि उन्हें खुले में शौच न करना पड़े और आसपास के निवासियों की परेशानी भी खत्म हो सके।
- गढ़वा जिले के धुरकी थाना क्षेत्र के भंडार गांव में एक मामले को लेकर सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि एक घर से ऐसे सबूत मिले हैं, जिन्हें जांच में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से प्राप्त इन सामानों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस द्वारा हर पहलू से पड़ताल की जा रही है। अब लोगों की नजर पुलिस की इस जांच और आगे होने वाले खुलासों पर टिकी हुई है, खास तौर पर इस बात पर कि क्या घर से मिले ये सबूत किसी संभावित हत्या के पूरे रहस्य को उजागर कर पाएंगे।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में जनपद सोनभद्र में योग सप्ताह का शुभारंभ 15 जून, 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के साथ किया गया। मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती जागृति अवस्थी ने क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. विश्वकर्मा तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ मिलकर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके उपरांत, उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से सामान्य योग प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास किया। इस अवसर पर, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती जागृति अवस्थी ने योग को भारत की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा बताया, जिसने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करता है, बल्कि संतुलित और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा भी देता है। जनपदभर में 5 से 21 जून तक योग, स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें 15 जून से 21 जून 2026 तक योग सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम जैसे चित्रकला प्रतियोगिता, योग जागरूकता अभियान और सामूहिक योग सत्र भी शामिल होंगे। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग (Yoga for Healthy Ageing)” निर्धारित की गई है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. विश्वकर्मा ने जानकारी दी कि जनपद के सभी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में वृद्धजनों के लिए विशेष चिकित्सा एवं योग शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं जोड़ों से संबंधित समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उपचार संबंधी परामर्श प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम में आयुष विभाग एवं कलेक्ट्रेट के अधिकारी-कर्मचारियों सहित अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।4
- यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दास मोदी जी के बारह साल सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक विशेष जन संपर्क और सम्मान अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत प्रबुद्ध जन सेवक, व्यापारी, डॉक्टर, पत्रकार और राष्ट्रीय खिलाड़ियों से संपर्क स्थापित किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री मा. संजीव कुमार गौड़ तथा बीजेपी रेणुकूट मंडल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने इस अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- छत्तीसगढ़ के गांधीनगर अंबिकापुर में स्वयं को 'बाबा' बताने वाले एक व्यक्ति ने एक युवती के साथ दुष्कर्म किया है। आरोपी ने खुद को बागेश्वर धाम का बताते हुए शरीर शुद्धीकरण के नाम पर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी ने युवती को अपने जाल में फंसाया और वारदात को अंजाम देने से पहले उसके पूरे कपड़े उतरवाए। घटना के बाद युवती काफी डरी और घबराई हुई थी, जिसके कारण वह अपने परिजनों को यह बात बताने में हिचकिचा रही थी। आरोपी की पहचान प्रयागराज निवासी अमित कुमार के रूप में हुई है, जो झाड़-फूंक और पूजा-पाठ के नाम पर लड़कियों को यह अफवाह फैलाकर फंसाता था कि उनके पुराने आशिक ने उन पर तंत्र-मंत्र क्रिया की हुई है। बताया गया है कि आरोपी ने दो अन्य घरों से भी 'ठीक करने' के नाम पर 50-50 हजार रुपये लिए थे। ऐसे कृत्यों से 'पंडित' जाति बदनाम हो रही है। इस घटना के बाद आम जनता को ऐसे पाखंडी बाबाओं से सावधान और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यह भी कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति भूत-प्रेत या पाखंड के नाम पर पैसा मांगने की कोशिश करे, तो उसकी शिकायत तत्काल अपने नजदीकी थाने में करें। प्रशासन से मांग की गई है कि इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।1
- झारखंड के पलामू जिले में अनुसूचित जाति बहुल गांवों के विकास के लिए संचालित प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि यह योजना 'छलावा' साबित हो रही है, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा करोड़ों रुपये उपलब्ध कराए जाने के बावजूद चयनित गांवों तक अपेक्षित राशि नहीं पहुँच रही है, जिससे योजना की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। वर्ष 2018 से 2026 तक की अवधि के लिए पलामू जिले में इस योजना के तहत कुल 285 गांवों का चयन किया गया है। प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक गांव पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए जाने थे, लेकिन अब तक केवल 137 गांवों को 60-60 हजार रुपये और 9 गांवों को 30-30 हजार रुपये ही मिल पाए हैं। करीब आठ वर्षों में कुल मिलाकर केवल 84.90 लाख रुपये का ही आवंटन हो पाया है। सतबरवा प्रखंड के ठेमी, हुड़मुड़, सलइया और चपरना जैसे गांवों को सीमित राशि मिली है, जबकि जोड़ा, नौरंगा, तुम्बागड़ा और पोची जैसे कई गांवों को तो अब तक कोई राशि मिली ही नहीं है, जिस पर ग्रामीणों ने फंड आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। रबदा पंचायत के सलइया गांव स्थित परहिया टोला में आज भी सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जहाँ ग्रामीण नदी और चुआड़ी के पानी पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। वार्ड सदस्य बबलू परहिया ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बीमार सुगनी देवी को समुचित इलाज नहीं मिल पाया और बाद में उनकी मौत हो गई। इस मामले पर प्रभारी बीडीओ प्रदीप दास ने दो दिन पूर्व जानकारी लेकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करने की बात कही थी, लेकिन कोई आलाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं समाजसेवी अरबिंद सिंह ने इस योजना को विफल करार देते हुए कहा है कि कई टोले आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं और आदर्श ग्राम का दर्जा केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इरफान अंसारी, हेमंत सोरेन और डीसी पलामू साहब को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट करने के बाद भी परहिया जाति के दर्द को नहीं सुना गया। उनका यह भी मानना है कि यदि नेता और पदाधिकारी चाहते तो इस जांच को बचाया जा सकता था।4
- NEET की परीक्षा के मद्देनजर उपायुक्त श्री संदीप कुमार ने परीक्षा केंद्र का जायजा लिया।1
- झारखंड के गढ़वा जिले में मोहर्रम पर्व को लेकर एक बड़ा ऐलान किया गया है, जिसके बाद जिले भर में इसकी तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। इस वर्ष मोहर्रम के दौरान हजारों ताजिया और लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं व दर्शकों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने इस आयोजन के लिए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु विशेष इंतजाम करने की बात कही है। मोहर्रम जुलूस के निर्धारित मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, और सभी अखाड़ा समितियों से प्रशासन ने सहयोग की अपील की है। इसके साथ ही, प्रशासन ने आम जनता से अनुरोध किया है कि वे आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखते हुए इस पर्व को मनाएँ।1
- लातेहार जिले के तरवाडीह और नवागढ़ पंचायत सचिवालयों में 'सरना कला जत्था डुमारो' द्वारा नशे के खिलाफ एक प्रभावी नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आदेश पर हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अफीम व गांजे की अवैध खेती की रोकथाम के साथ-साथ मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना था। टीम लीडर कपिल देव सिंह के नेतृत्व में 'सरना कला जत्था डुमारो' के कलाकारों ने अपनी जीवंत प्रस्तुति से यह संदेश दिया कि नशा केवल एक परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को खोखला कर देता है। नाटक के माध्यम से ग्रामीणों से अफीम और गांजे जैसी अवैध खेती से दूर रहने, इनके सेवन से बचने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में सहयोग करने की भावुक अपील की गई। इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में विद्यानंद सिंह खरवार, अशोक खरवार, सुनील, सरिता देवी, सीता कुमारी, सुनीता कुमारी और शालिनी कुमारी जैसे कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से लोगों का दिल जीता। यह पहल तरवाडीह और नवागढ़ पंचायत भवन के समीप जागरूकता का केंद्र बनी, जहाँ लोगों को "नशे को कहें ना, जिंदगी को कहें हाँ!" के नारे के साथ एक कुशल समाज के लिए प्रेरित किया गया।2
- सोनभद्र में आदिवासी-बनवासी समुदाय ने अपने अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को लेकर पुरजोर आवाज़ उठाई है। समुदाय ने सपा-कांग्रेस जिलाध्यक्षों को एक ज्ञापन सौंपकर जंगल, पेड़ और ज़मीन को बचाने की मांग की। उन्होंने इस दौरान "जंगल बचाओ, जीवन बचाओ… पेड़ हैं तो प्राण हैं" का नारा बुलंद करते हुए प्रकृति के संरक्षण की अनिवार्यता पर ज़ोर दिया।1