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सरायकेला राजनगर मार्ग में महा जाम। सरायकेला राजनगर इन दिनों आने - जाने लोगों को महा जाम का सामना करना पड़ रहा है। दो से तीन साल पहले बने तीतिरबिला पुल इन दिनों क्षतिग्रस्त हो चुका है। क्षतिग्रस्त की वजह से मरम्मत का काम चल रहा है। वह भी काफी धीमी गति से 20 से 25 दिन हो जाने के बावजूद कार्य पूरा नहीं हुआ है। इस कारण सभी छोटे - बड़े वाहन पुराने पुल से होकर आना जाना हो रहा है। पुराने पुल आने जाने वाली सड़क जंजीर हो चुकी है, जिसके कारण बड़ी गाड़ीयां फस जा रही है। जिसके कारण सरायकेला - राजनगर मार्ग मुख्य सड़क जाम लग जा रहा है।
Ravi Gupta
सरायकेला राजनगर मार्ग में महा जाम। सरायकेला राजनगर इन दिनों आने - जाने लोगों को महा जाम का सामना करना पड़ रहा है। दो से तीन साल पहले बने तीतिरबिला पुल इन दिनों क्षतिग्रस्त हो चुका है। क्षतिग्रस्त की वजह से मरम्मत का काम चल रहा है। वह भी काफी धीमी गति से 20 से 25 दिन हो जाने के बावजूद कार्य पूरा नहीं हुआ है। इस कारण सभी छोटे - बड़े वाहन पुराने पुल से होकर आना जाना हो रहा है। पुराने पुल आने जाने वाली सड़क जंजीर हो चुकी है, जिसके कारण बड़ी गाड़ीयां फस जा रही है। जिसके कारण सरायकेला - राजनगर मार्ग मुख्य सड़क जाम लग जा रहा है।
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- “न्यायालय आदेश की उड़ रही धज्जियां, पुलिस पर मिलीभगत का आरोप”न्यायालय आदेश की उड़ रही धज्जियां, पुलिस पर मिलीभगत का आरोप” चांडिल: चांडिल अंचल के तमुलिया पंचायत अंतर्गत पुड़िशीली गाँव में ज़मीन विवाद को लेकर अनुमंडल न्यायालय द्वारा धारा 144 लागू किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इस मामले को लेकर अब पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त ज़मीन पर विजली सिंह द्वारा दावा किया जा रहा है। संबंधित ज़मीन का खाता नंबर 166, प्लॉट नंबर 352, कुल रकवा लगभग 80 डिसमिल बताया गया है। ज़मीन विवाद की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल न्यायालय द्वारा वहां धारा 144 लागू कर दी गई थी, ताकि किसी भी प्रकार का निर्माण या विवादित गतिविधि रोकी जा सके। आरोप है कि गौर सिंह (पिता—अजित सिंह) द्वारा न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए विवादित ज़मीन पर लगातार निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसको लेकर विजली सिंह ने स्वयं उक्त ज़मीन पर जाकर धारा 144 का नोटिस चस्पा कर दिया और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। जब इस संबंध में गौर सिंह से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि उन्हें किसी प्रकार का आधिकारिक नोटिस पुलिस द्वारा नहीं दिया गया है। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि उनके व्हाट्सएप पर नोटिस आया था, लेकिन उनका कहना है कि जब तक पुलिस द्वारा सीधे नोटिस नहीं दिया जाएगा, तब तक वे निर्माण कार्य जारी रखेंगे। वहीं, विजली सिंह ने बताया कि जब वे पुलिस से इस मामले में मिले, तो पुलिस ने कहा कि दो बार नोटिस लेकर जाया गया था, लेकिन गौर सिंह द्वारा नोटिस लेने से मना कर दिया गया। इसके बावजूद विवादित ज़मीन पर नोटिस चस्पा नहीं किए जाने और निर्माण कार्य जारी रहने से लोगों के बीच संदेह गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब न्यायालय द्वारा धारा 144 लागू है, तो उसका सख्ती से पालन कराना प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है। बावजूद इसके निर्माण कार्य जारी रहना कहीं न कहीं प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत की ओर इशारा करता है। स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा धारा 144 का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- 🏠 मई–जून 2026 में जनगणना व हाउस लिस्टिंग शुरू: उपायुक्त ने तैयारियों की दी विस्तृत जानकारी #पश्चिमी_सिंहभूम #चाईबासा #कोल्हान #जनगणना2026 #JharkhandNews #Census2026 #HouseListing #उपायुक्त #सरकारी_घोषणा #झारखंड_समाचार #IndiaCensus #BreakingNews #LatestUpdate #DistrictAdministration #PublicNotice #KolhanNews1
- सिल्ली: सिल्ली स्थित आजसू पार्टी प्रधान कार्यालय मे बुधवार को झारखंड आंदोलन के वरिष्ठ आंदोलनकारी और आजसू पार्टी के वरिष्ठ एवं कर्मठ कार्यकर्ता लक्ष्मी नारायण सिंह मुंडा के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आजसू पार्टी प्रमुख सह पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो, केंद्रीय संगठन सचिव जयपाल सिंह, केंद्रीय सचिव सुशील महतो, जिप उपाध्यक्ष वीणा चौधरी प्रमुख जितेन्द्र बड़ाइक समेत जिला व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने लक्ष्मी नारायण सिंह मुंडा की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा दो मिनट का मौन रखकर आंदोलन के इस सिपाही को नमन किया गया। ज्ञात हो कि प्रखंड के दोवाड़ु निवासी लक्ष्मी नारायण सिंह मुंडा को 29 अप्रैल 2007 को नक्सलियों ने घात लगाकर घर के समीप से अगवा कर हत्या कर दी थी। सुदेश कुमार महतो ने कहा लक्ष्मी नारायण सिंह मुंडा इलाके में आजसू के मजबूत स्तंभ थे। वे आंदोलनकारी एवं आजसू पार्टी एक निडर एवं निर्भीक सिपाही थे। उन्होंने पार्टी की मजबुती एवं अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रवृत्ति में अपना जीवन खपा दिया। क्षेत्र के विकास एवं क्षेत्र एवं लोगों की भलाई की लड़ाई में वे अग्रिम पंक्ति में रहे। उनकी सादगी, ईमानदारी, जनसेवा की भावना निर्भीकता एवं त्वरित निर्णय को युवाओं के लिए प्रेरणा बताया। सुदेश महतो ने कहा कि उनके संघर्षों एवं उनके द्वारा किए गए कार्यों को हम नमन करते हैं। वहीं उन्होंने कहा शाहिद लक्ष्मी नारायण सिंह मुंडा हम सब के दिल में बसे हैं। इस मौके पर लक्ष्मी मुंडा के सहयोगी एवं साथीयों में से जयपाल सिंह, वीणा चौधरी, प्रमुख जितेन्द्र बड़ाइक, मितन मांझी, विश्वनाथ साय, मनोहर महतो, पशुपति महतो, नगेन सिंह मुंडा, त्रिलोचन महतो, धीरेन्द्र महतो, दुर्लभ महतो, लक्ष्मी नारायण महतो, महावीर महतो, बुद्ध देव दत्ता आदि ने स्व लक्ष्मी सिंह मुंडा के हंसमुख व्यवहार, निर्भीकता एवं निडर कार्यशैली तथा उनके साथ बिताए पल पर सभी ने अपने स्तर से विचार रखा। वहीं कार्यकर्ताओं ने उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। कहा गया कि आंदोलनकारी एवं पार्टी के कर्मठ सिपाही का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके दिखाए गए रास्ते पर चलकर पार्टी की मजबुती क्षेत्र की विकास एवं लोगों के हक-अधिकार की लड़ाई जारी रखेंगे। इस मौके पर लक्ष्मन महतो ,मुखिया कन्हैया दोहरा, पुर्व मुखिया डबलु महली, महेश्वर हजाम, अजगुत मुंडा, प्रेमचंद हजाम, नगेन सिंह मुंडा, अभिमन्यु दोहरा, शिवशंकर प्रसाद, शशि सोनार, धनीराम महतो, रिंकु महतो, अभिराम महतो समेत आजसू पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।2
- दिनांक- 25.04.26 को बाथरुम में गिरने के कारण नाहिद परवीन की मृत्यु हो जाने के संबध में वादी मो० हलीम को सूचना प्राप्त हुई। मृतिका की मिट्टी देने से पूर्व जब शव को स्नान कराया जा रहा था तो उस दौरान शव के गर्दन के उपर एवं अन्य स्थान पर चोट का निशान देखा गया। शक नहीं होने पर शव को दफना दिया गया। घटना के संबंध में जब मृतिका की पुत्री (दत्तक) से पूछताछ की गई तो हत्या करने की बात प्रकाश में आयी, जिस संदर्भ में मृतिका के देवर मो० हलीम के द्वारा डोरण्डा थाना में लिखित आवेदन दिया गया, जिसके आधार पर डोरण्डा थाना कांड सं0-107/26, दिनांक-27.04.26, धारा-103/61 (2)/238/3(5) भा०न्या०सं० दर्ज किया गया। काण्ड की गंभीरता को देखते हुए दण्डाधिकारी की उपस्थिति में शव को कब से निकाल कर मेडिकल बोर्ड का गठन करते हुए शव का अन्त्य परीक्षण करवाया गया, जिसमें हत्या की बात प्रकाश में आयी। हत्या का कारण : अनुसंधान के कम में यह बात प्रकाश में आयी है कि मृतिका नाहिद परवीन एक पेंशन भोगी विधवा महिला थी। पति के मृत्यु के उपरांत पी०एफ० का पैसा मृतिका के खाते में था तथा मृतिका को पेंशन भी मिलता था। मृतिका की कोई संतान नही होने के कारण 15 वर्ष पूर्व ही बालिका को गोद लेकर उसका पालन पोषण एवं पढ़ाई लिखाई करवाया गया। मृतिका की बेटी अपने प्रेमी अरबाज खान के उपर काफी पैसे खर्च करती थी और उसी से शादी करना चाहती थी, जिसका विरोध मृतिका द्वारा किया जा रहा था। इसी बात को लेकर मृतिका की बेटी अपने प्रेमी अरबाज खान, अरबाज के दोस्त समीर, एंव अन्य दो दोस्त क साथ मिलकर दिनांक-24.04.26 को मृतिका का तकिया से मुँह दबाकर हत्या कर दिये एवं साक्ष्य छुपाने के नोयत से पुरे घर को साफ कर दिया गया और भ्रम फैलाया गया कि बाथरूम में गिरकर मृतिका की मृत्यु हो गयी है। काण्ड का गहन एवं सूक्ष्म अनुसंधान करते हुए हत्या म संलिप्त अभियुक्तों 1 विधि-विरूद्ध बालिका (मृतिका की दत्तक पुत्री) 2-अरबाज खान (प्रेमी) 3- समीर खान को गिरफ्तार किया गया है। अन्य दो की गिरफ्तारी हेतु छापामारी की जा रही है। गिरफ्तार अपराधकर्मी का नाम एवं पताः- 1. समीर खान (20 वर्ष) पे० फखरे आलम, 2. अरबाज खान (20 वर्ष) पे० अकबर खान, दोनों सा०+थाना कोठी, जिला गया (बिहार), 3. विधि विरूद्ध बालिका (मृतिका की दत्तक पुत्री)1
- उड़ीसा: राउरकेला चांदीपोश में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है. राउरकेला से जाजपुर जा रही प्रमिला नामक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. हादसे में बस के ड्राइवर और कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें कुछ बच्चों के भी घायल होने की खबर है. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया.घायलों को इलाज के लिए राउरकेला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है.प्राथमिक जानकारी के अनुसार, हादसे का कारण तेज रफ्तार या सड़क की खराब स्थिति हो सकता है.हालांकि पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है.1
- Post by Sudesh Kumar1
- Post by DALMA NEWS live1
- 🚨 नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर, ऑपरेशन तेज झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार तड़के हुई मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया, जिसकी पहचान सांगा जटा निवासी इजरायल पूर्ति उर्फ अमृत उर्फ ईस्माइल पूर्ति के रूप में हुई है। यह मुठभेड़ गोइलकेरा और टोंटो थाना क्षेत्र के रूटुगुटू, तूनबेड़ा और बोरोई इलाके के जंगलों में हुई। जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से सुरक्षा बल इस इलाके में लगातार सघन सर्च अभियान चला रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, CoBRA 209 बटालियन के जवान बीते दो दिनों से कॉम्बिंग ऑपरेशन में जुटे थे। बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे तलाशी के दौरान जवानों का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया, जिसके बाद दोनों ओर से तेज गोलीबारी शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया, जबकि अन्य नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। घटनास्थल से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है। पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे इलाके में अब भी ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा बलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है। सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में नक्सली संगठन सक्रिय हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह कार्रवाई आगे और तेज की जाएगी और जल्द ही नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिल सकती है। #सारंडा_मुठभेड़ #नक्सल_विरोधी_अभियान #पश्चिमी_सिंहभूम #झारखंड_न्यूज़ #BreakingNews #NaxalOperation #SecurityForces #JharkhandPolice #CoBRA209 #AntiNaxalOperation #EncounterNews #IndiaNews #LatestNews1
- शुरू एप्प संवाददाता। खुंटी। हजारीबाग में पत्रकार के साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना की गूँज अब पूरे राज्य में सुनाई दे रही है। खूंटी जिले के पत्रकारों ने एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज कराया। मंत्री इरफान अंसारी से सवाल पूछने के बाद उनके समर्थकों द्वारा पत्रकार पर किए गए हमले को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार बताते हुए पत्रकारों ने काली पट्टी बांधकर अपना रोष प्रकट किया।1