मथुरा के गोवर्धन तहसील स्थित ग्राम कमई में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है। अधिकांश ग्रामवासियों की राय लिए बिना ही विकास कार्य किए जाने का आरोप है, जिससे ग्राम के 70 प्रतिशत से अधिक लोग वर्तमान कार्यप्रणाली से असंतुष्ट और परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों का चयन जनहित या ग्रामसभा की वास्तविक आवश्यकताओं के बजाय सीमित क्षेत्रों और प्रधान के समर्थकों के पक्ष में किया जाता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि अनेक विकास कार्य प्रधान के निवास के आसपास या उनके समर्थकों के मोहल्लों में ही कराए गए हैं, जबकि ग्राम के अन्य हिस्सों में मूलभूत समस्याएं आज भी बरकरार हैं। उनके अनुसार, कुछ कार्य अभिलेखों और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज तो हैं, लेकिन धरातल पर उनकी स्थिति संदिग्ध है अथवा वे पूर्ण रूप से दिखाई नहीं देते हैं। इस स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने संबंधित विकास कार्यों, भुगतान अभिलेखों और उनके भौतिक सत्यापन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इन अनियमितताओं के कारण ग्राम कमई में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ता है, जिससे पूरे क्षेत्र की छवि प्रभावित हो रही है।
मथुरा के गोवर्धन तहसील स्थित ग्राम कमई में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है। अधिकांश ग्रामवासियों की राय लिए बिना ही विकास कार्य किए जाने का आरोप है, जिससे ग्राम के 70 प्रतिशत से अधिक लोग वर्तमान कार्यप्रणाली से असंतुष्ट और परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है
कि विकास कार्यों का चयन जनहित या ग्रामसभा की वास्तविक आवश्यकताओं के बजाय सीमित क्षेत्रों और प्रधान के समर्थकों के पक्ष में किया जाता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि अनेक विकास कार्य प्रधान के निवास के आसपास या उनके समर्थकों के मोहल्लों में ही कराए गए हैं, जबकि
ग्राम के अन्य हिस्सों में मूलभूत समस्याएं आज भी बरकरार हैं। उनके अनुसार, कुछ कार्य अभिलेखों और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज तो हैं, लेकिन धरातल पर उनकी स्थिति संदिग्ध है अथवा वे पूर्ण रूप से दिखाई नहीं देते हैं। इस स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने संबंधित विकास कार्यों, भुगतान अभिलेखों और
उनके भौतिक सत्यापन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इन अनियमितताओं के कारण ग्राम कमई में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ता है, जिससे पूरे क्षेत्र की छवि प्रभावित हो रही है।
- मथुरा के गोवर्धन तहसील स्थित ग्राम कमई में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है। अधिकांश ग्रामवासियों की राय लिए बिना ही विकास कार्य किए जाने का आरोप है, जिससे ग्राम के 70 प्रतिशत से अधिक लोग वर्तमान कार्यप्रणाली से असंतुष्ट और परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों का चयन जनहित या ग्रामसभा की वास्तविक आवश्यकताओं के बजाय सीमित क्षेत्रों और प्रधान के समर्थकों के पक्ष में किया जाता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि अनेक विकास कार्य प्रधान के निवास के आसपास या उनके समर्थकों के मोहल्लों में ही कराए गए हैं, जबकि ग्राम के अन्य हिस्सों में मूलभूत समस्याएं आज भी बरकरार हैं। उनके अनुसार, कुछ कार्य अभिलेखों और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज तो हैं, लेकिन धरातल पर उनकी स्थिति संदिग्ध है अथवा वे पूर्ण रूप से दिखाई नहीं देते हैं। इस स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने संबंधित विकास कार्यों, भुगतान अभिलेखों और उनके भौतिक सत्यापन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इन अनियमितताओं के कारण ग्राम कमई में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ता है, जिससे पूरे क्षेत्र की छवि प्रभावित हो रही है।4
- पुलिस अधीक्षक डीग शरण गोपीनाथ के. IPS के निर्देशन में, जिले में अवैध खनन के विरुद्ध चलाए जा रहे "ऑपरेशन पृथ्वी" के तहत डीग पुलिस ने, जिसमें पुलिस थाना सीकरी और क्यूआरटी शामिल थे, खनन विभाग के साथ मिलकर एक संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान, अवैध खनन में इस्तेमाल की जा रही एक पोकलेन मशीन को जब्त किया गया। कार्रवाई में नजीम नामक एक मुलजिम को भी दस्तयाब किया गया है, जिसकी उम्र 22 वर्ष बताई गई है। यह व्यक्ति दीन मौहम्मद का पुत्र और मेव जाति का है, तथा हरियाणा के नूंह जिले की फिरोजपुर झिरका तहसील के ग्राम चितौड़ा का निवासी बताया गया है।1
- किसान नेता नेमसिंह फौजदार ने एक खुला चैलेंज जारी किया है। उन्होंने सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा है कि अगर किसी में दम है तो वह 21 तारीख को रोककर दिखा दे।1
- मथुरा महानगर समाजवादी पार्टी ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य पीडीए आरक्षण घोटाले के खिलाफ आवाज उठाना था, जिसमें समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर लगातार निशाना साधा और घोटाले को लेकर सवाल खड़े किए।1
- जनपद मथुरा में गोवर्धन चौराहे पर अवैध प्राइवेट वाहनों से हो रही अवैध वसूली का मामला सामने आया है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे अवैध वसूली का खुलासा हुआ है।1
- डीग के पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. आईपीएस के निर्देश पर गत दो दिनों में अवैध हथियार रखने वालों के विरुद्ध एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 7 अवैध कट्टा 315 बोर, एक अवैध पौना, एक अवैध पिस्टल 0.32 बोर और 2 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। कार्रवाई के दौरान, पुलिस थाना पहाड़ी ने सहसन निवासी संदीप सिंह पुत्र धर्मेन्द्र सिंह (उम्र 26 साल) और सहसन निवासी रणजीत सिंह पुत्र निरंजन (उम्र 25 साल) को क्रमशः एक अवैध पिस्टल 0.32 बोर और एक अवैध कट्टा 315 बोर व एक जिंदा कारतूस सहित गिरफ्तार कर मामले दर्ज किए। पहाड़ी पुलिस ने ही बसई, थाना फिरोजपुर झिरका, जिला नूंह, हरियाणा निवासी वारिस मेव को एक अवैध कट्टा 315 बोर मय एक जिंदा कारतूस सहित पकड़ा। थाना खोह पुलिस ने रूध खोह, थाना खोह, जिला डीग निवासी रूकसाद उर्फ रूक्का पुत्र अयूब (उम्र 30 साल) को दो अवैध कट्टा 315 बोर और एक पौना 315 बोर के साथ गिरफ्तार कर प्रकरण दर्ज किया। इसके अतिरिक्त, पुलिस थाना पहाड़ी ने जुरहरा निवासी नरेश पुत्र धर्मी सैनी को एक अवैध हथियार 315 बोर कट्टा सहित गिरफ्तार किया। पुलिस थाना जुरहरा ने भी तीन आरोपियों - जुरहरा कस्बा निवासी जगदीश पुत्र घनश्याम लोहार, लाडलाका जुरहरा निवासी साबिर पुत्र रहीस और कस्बा जुरहरा निवासी नरेश पुत्र धर्मी सैनी (उम्र 26 साल) को गिरफ्तार किया। इन तीनों के कब्जे से कुल 03 अवैध हथियार 315 बोर कट्टा जब्त कर उनके खिलाफ भी मामले पंजीबद्ध किए गए हैं।1
- वृन्दावन के बांके बिहारी मंदिर क्षेत्र में एक छज्जा गिरने से कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घायलों को मदद पहुँचाने के लिए एम्बुलेंस को फोन करने के बावजूद, उसके समय पर न पहुँचने से श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी देखने को मिली।1