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भेद-विज्ञान ही संसार रोग की सबसे बड़ी दवा है। निर्णय करो - मैं कौन हूँ? कहाँ से आया हूँ? मेरा स्वरूप क्या है?:पं संयम शास्त्री विदिशा।श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में चल रहे दसलक्षण धर्म विधान व पर्युषण पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म मनाया गया। प्रवक्ता डॉ मक्खन लाल जैन ने बताया कि मुंबई से पधारे पं संयम शास्त्री द्वारा समयसार नाटक ग्रंथ पर स्वाध्याय चल रहा है।सायंकालीन वीतराग विज्ञान पाठशाला के बच्चों द्वारा बहुत ही सुंदर धार्मिक नाटक जैन धर्म के प्रसिद्ध विद्वान गोपाल दास जी बरैया के जीवन पर प्रस्तुति दी गयी, जिसमें छोटे छोटे बच्चों द्वारा धर्म की कठिन बातों को बहुत ही सरल तरीके से दिखाया गया। आज रात्रि जीवन यात्रा संसार से मोक्षमार्ग तक लघु नृत्य नाटिका का मंचन किया जाएगा।ट्रस्ट अध्यक्ष मलुकचंद जैन द्वारा अधिक संख्या ने धर्म लाभ लेने की अपील की। आज सुबह स्वाध्याय में पंडित संयम शास्त्री ने समझाया कि दशलक्षण में आज उत्तम तप का दिन है और नाटक समयसार में 11वां छंद चल रहा है। पं दौलतराम जी ने लिखा है - भेद-विज्ञान के बिना जीव अनंत बार तप कर चुका है, अंतिम ग्रैवेयक तक चला गया, पर सब शून्य रह गया। जैसे चेक पर सिर्फ 00000 लिखे हों और आगे 1 का अंक न हो तो कीमत जीरो है। वैसे ही भेद-विज्ञान के बिना 12 प्रकार के तप, उपवास, स्वाध्याय सब शून्य हैं। क्यों शून्य है?क्योंकि उपवास, कायाक्लेश, शरीर की क्रिया है। शरीर जड़ है। जड़ की क्रिया से चेतन आत्मा का धर्म कैसे होगा? हमने क्रिया में धर्म मान लिया है। भेद-विज्ञान क्या है? जैसे आप घर में R0 लगाते हैं, कीचड़ मिले पानी में से गंदगी अलग करके पानी पी लेते हैं, जैसे सोना खरीदना हो तो किराना दुकान से नहीं, सुनार से खरीदते हैं, वैसे ही आत्मा और शरीर को अलग करना है। दुनिया में 3 लोग हमें हमेशा देख रहे हैं - हमारे कर्म, सिद्ध परमेष्ठी और हम स्वयं। हम दिन भर दुकान पर बोलते हैं "सबसे सस्ता दे रहा हूँ" वो तो छोटा झूठ है। सबसे बड़ा झूठ है - "मेरा नाम राजकुमार है, ये शरीर मैं हूँ।" इससे जुड़ा सब झूठ है। भेद-विज्ञान प्रगट होने पर जीव पहले अपने और पर के गुण को जानता है, फिर पर-परिणति का त्याग करता है। जैसे घर में मेहमान का छोटा बच्चा आए तो हम अपने बच्चे से ज्यादा उसका ख्याल रखते हैं, पर वो अपना नहीं है। वैसे ही शरीर, धन, परिवार मेहमान जैसे हैं। जिस वस्तु में अपनापन मानते हैं, वहीं दुःख है। अनित्य वस्तु के आश्रय से सुख भी अनित्य होगा। इसलिए ज्ञानी अपना माना किसे है, ये देखता है, अपना कहा किसे है ये नहीं। भेद-विज्ञान ही संसार रोग की सबसे बड़ी दवा है। निर्णय करो - मैं कौन हूँ? कहाँ से आया हूँ? मेरा स्वरूप क्या है? सायंकालीन प्रवचन में उत्तम तप धर्म पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया उत्तम तप धर्म आत्मा की शुद्धि का मार्ग है। तप दो तरह का होता है - बाहर का और भीतर का। बाहर का तप है भूखा रहना, कम खाना, स्वाद का त्याग। और भीतर का तप है - विनम्र बनना, अपनी गलतियों को मानना, सेवा करना, स्वाध्याय और ध्यान करना। जैन शास्त्र कहते हैं, सिर्फ शरीर को सुखाना तप नहीं है। अगर उपवास करके मन में अहंकार आ गया, तो वो तप व्यर्थ है। सच्चा तप वही है जो इच्छाओं को शांत करे और कर्मों की निर्जरा करे।

1 hr ago
user_Vinod Mehra
Vinod Mehra
Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
1 hr ago

भेद-विज्ञान ही संसार रोग की सबसे बड़ी दवा है। निर्णय करो - मैं कौन हूँ? कहाँ से आया हूँ? मेरा स्वरूप क्या है?:पं संयम शास्त्री विदिशा।श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में चल रहे दसलक्षण धर्म विधान व पर्युषण पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म मनाया गया। प्रवक्ता डॉ मक्खन लाल जैन ने बताया कि मुंबई से पधारे पं संयम शास्त्री द्वारा समयसार नाटक ग्रंथ पर स्वाध्याय चल रहा है।सायंकालीन वीतराग विज्ञान पाठशाला के बच्चों द्वारा बहुत ही सुंदर धार्मिक नाटक जैन धर्म के प्रसिद्ध विद्वान गोपाल दास जी बरैया के जीवन पर प्रस्तुति दी गयी, जिसमें छोटे छोटे बच्चों द्वारा धर्म की कठिन बातों को बहुत ही सरल तरीके से दिखाया गया। आज रात्रि जीवन यात्रा संसार से मोक्षमार्ग तक लघु नृत्य नाटिका का मंचन किया जाएगा।ट्रस्ट अध्यक्ष मलुकचंद जैन द्वारा अधिक संख्या ने धर्म लाभ लेने

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की अपील की। आज सुबह स्वाध्याय में पंडित संयम शास्त्री ने समझाया कि दशलक्षण में आज उत्तम तप का दिन है और नाटक समयसार में 11वां छंद चल रहा है। पं दौलतराम जी ने लिखा है - भेद-विज्ञान के बिना जीव अनंत बार तप कर चुका है, अंतिम ग्रैवेयक तक चला गया, पर सब शून्य रह गया। जैसे चेक पर सिर्फ 00000 लिखे हों और आगे 1 का अंक न हो तो कीमत जीरो है। वैसे ही भेद-विज्ञान के बिना 12 प्रकार के तप, उपवास, स्वाध्याय सब शून्य हैं। क्यों शून्य है?क्योंकि उपवास, कायाक्लेश, शरीर की क्रिया है। शरीर जड़ है। जड़ की क्रिया से चेतन आत्मा का धर्म कैसे होगा? हमने क्रिया में धर्म मान लिया है। भेद-विज्ञान क्या है? जैसे आप घर में R0 लगाते हैं, कीचड़ मिले पानी में से गंदगी अलग करके पानी पी लेते हैं,

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जैसे सोना खरीदना हो तो किराना दुकान से नहीं, सुनार से खरीदते हैं, वैसे ही आत्मा और शरीर को अलग करना है। दुनिया में 3 लोग हमें हमेशा देख रहे हैं - हमारे कर्म, सिद्ध परमेष्ठी और हम स्वयं। हम दिन भर दुकान पर बोलते हैं "सबसे सस्ता दे रहा हूँ" वो तो छोटा झूठ है। सबसे बड़ा झूठ है - "मेरा नाम राजकुमार है, ये शरीर मैं हूँ।" इससे जुड़ा सब झूठ है। भेद-विज्ञान प्रगट होने पर जीव पहले अपने और पर के गुण को जानता है, फिर पर-परिणति का त्याग करता है। जैसे घर में मेहमान का छोटा बच्चा आए तो हम अपने बच्चे से ज्यादा उसका ख्याल रखते हैं, पर वो अपना नहीं है। वैसे ही शरीर, धन, परिवार मेहमान जैसे हैं। जिस वस्तु में अपनापन मानते हैं, वहीं दुःख है। अनित्य वस्तु के आश्रय से सुख भी

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अनित्य होगा। इसलिए ज्ञानी अपना माना किसे है, ये देखता है, अपना कहा किसे है ये नहीं। भेद-विज्ञान ही संसार रोग की सबसे बड़ी दवा है। निर्णय करो - मैं कौन हूँ? कहाँ से आया हूँ? मेरा स्वरूप क्या है? सायंकालीन प्रवचन में उत्तम तप धर्म पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया उत्तम तप धर्म आत्मा की शुद्धि का मार्ग है। तप दो तरह का होता है - बाहर का और भीतर का। बाहर का तप है भूखा रहना, कम खाना, स्वाद का त्याग। और भीतर का तप है - विनम्र बनना, अपनी गलतियों को मानना, सेवा करना, स्वाध्याय और ध्यान करना। जैन शास्त्र कहते हैं, सिर्फ शरीर को सुखाना तप नहीं है। अगर उपवास करके मन में अहंकार आ गया, तो वो तप व्यर्थ है। सच्चा तप वही है जो इच्छाओं को शांत करे और कर्मों की निर्जरा करे।

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  • भेद-विज्ञान ही संसार रोग की सबसे बड़ी दवा है। निर्णय करो - मैं कौन हूँ? कहाँ से आया हूँ? मेरा स्वरूप क्या है?:पं संयम शास्त्री विदिशा।श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में चल रहे दसलक्षण धर्म विधान व पर्युषण पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म मनाया गया। प्रवक्ता डॉ मक्खन लाल जैन ने बताया कि मुंबई से पधारे पं संयम शास्त्री द्वारा समयसार नाटक ग्रंथ पर स्वाध्याय चल रहा है।सायंकालीन वीतराग विज्ञान पाठशाला के बच्चों द्वारा बहुत ही सुंदर धार्मिक नाटक जैन धर्म के प्रसिद्ध विद्वान गोपाल दास जी बरैया के जीवन पर प्रस्तुति दी गयी, जिसमें छोटे छोटे बच्चों द्वारा धर्म की कठिन बातों को बहुत ही सरल तरीके से दिखाया गया। आज रात्रि जीवन यात्रा संसार से मोक्षमार्ग तक लघु नृत्य नाटिका का मंचन किया जाएगा।ट्रस्ट अध्यक्ष मलुकचंद जैन द्वारा अधिक संख्या ने धर्म लाभ लेने की अपील की। आज सुबह स्वाध्याय में पंडित संयम शास्त्री ने समझाया कि दशलक्षण में आज उत्तम तप का दिन है और नाटक समयसार में 11वां छंद चल रहा है। पं दौलतराम जी ने लिखा है - भेद-विज्ञान के बिना जीव अनंत बार तप कर चुका है, अंतिम ग्रैवेयक तक चला गया, पर सब शून्य रह गया। जैसे चेक पर सिर्फ 00000 लिखे हों और आगे 1 का अंक न हो तो कीमत जीरो है। वैसे ही भेद-विज्ञान के बिना 12 प्रकार के तप, उपवास, स्वाध्याय सब शून्य हैं। क्यों शून्य है?क्योंकि उपवास, कायाक्लेश, शरीर की क्रिया है। शरीर जड़ है। जड़ की क्रिया से चेतन आत्मा का धर्म कैसे होगा? हमने क्रिया में धर्म मान लिया है। भेद-विज्ञान क्या है? जैसे आप घर में R0 लगाते हैं, कीचड़ मिले पानी में से गंदगी अलग करके पानी पी लेते हैं, जैसे सोना खरीदना हो तो किराना दुकान से नहीं, सुनार से खरीदते हैं, वैसे ही आत्मा और शरीर को अलग करना है। दुनिया में 3 लोग हमें हमेशा देख रहे हैं - हमारे कर्म, सिद्ध परमेष्ठी और हम स्वयं। हम दिन भर दुकान पर बोलते हैं "सबसे सस्ता दे रहा हूँ" वो तो छोटा झूठ है। सबसे बड़ा झूठ है - "मेरा नाम राजकुमार है, ये शरीर मैं हूँ।" इससे जुड़ा सब झूठ है। भेद-विज्ञान प्रगट होने पर जीव पहले अपने और पर के गुण को जानता है, फिर पर-परिणति का त्याग करता है। जैसे घर में मेहमान का छोटा बच्चा आए तो हम अपने बच्चे से ज्यादा उसका ख्याल रखते हैं, पर वो अपना नहीं है। वैसे ही शरीर, धन, परिवार मेहमान जैसे हैं। जिस वस्तु में अपनापन मानते हैं, वहीं दुःख है। अनित्य वस्तु के आश्रय से सुख भी अनित्य होगा। इसलिए ज्ञानी अपना माना किसे है, ये देखता है, अपना कहा किसे है ये नहीं। भेद-विज्ञान ही संसार रोग की सबसे बड़ी दवा है। निर्णय करो - मैं कौन हूँ? कहाँ से आया हूँ? मेरा स्वरूप क्या है? सायंकालीन प्रवचन में उत्तम तप धर्म पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया उत्तम तप धर्म आत्मा की शुद्धि का मार्ग है। तप दो तरह का होता है - बाहर का और भीतर का। बाहर का तप है भूखा रहना, कम खाना, स्वाद का त्याग। और भीतर का तप है - विनम्र बनना, अपनी गलतियों को मानना, सेवा करना, स्वाध्याय और ध्यान करना। जैन शास्त्र कहते हैं, सिर्फ शरीर को सुखाना तप नहीं है। अगर उपवास करके मन में अहंकार आ गया, तो वो तप व्यर्थ है। सच्चा तप वही है जो इच्छाओं को शांत करे और कर्मों की निर्जरा करे।
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    भेद-विज्ञान ही संसार रोग की सबसे बड़ी दवा है। निर्णय करो - मैं कौन हूँ? कहाँ से आया हूँ? मेरा स्वरूप क्या है?:पं संयम शास्त्री
विदिशा।श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में चल रहे दसलक्षण धर्म विधान व पर्युषण पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म मनाया गया।
प्रवक्ता डॉ मक्खन लाल जैन ने बताया कि मुंबई से पधारे पं संयम शास्त्री द्वारा समयसार नाटक ग्रंथ पर स्वाध्याय चल रहा है।सायंकालीन वीतराग विज्ञान पाठशाला के बच्चों द्वारा बहुत ही सुंदर धार्मिक नाटक  जैन धर्म के प्रसिद्ध विद्वान गोपाल दास जी बरैया के जीवन पर प्रस्तुति दी गयी, जिसमें छोटे छोटे बच्चों द्वारा धर्म की कठिन बातों को बहुत ही सरल तरीके से दिखाया गया।
आज रात्रि जीवन यात्रा संसार से मोक्षमार्ग तक लघु नृत्य नाटिका का मंचन किया जाएगा।ट्रस्ट अध्यक्ष मलुकचंद जैन द्वारा अधिक संख्या ने धर्म लाभ लेने की अपील की।
आज सुबह स्वाध्याय में पंडित संयम शास्त्री   ने समझाया कि दशलक्षण में आज उत्तम तप का दिन है और नाटक समयसार में 11वां छंद चल रहा है।
पं दौलतराम जी ने लिखा है - भेद-विज्ञान के बिना जीव अनंत बार तप कर चुका है, अंतिम ग्रैवेयक तक चला गया, पर सब शून्य रह गया। जैसे चेक पर सिर्फ 00000 लिखे हों और आगे 1 का अंक न हो तो कीमत जीरो है। वैसे ही भेद-विज्ञान के बिना 12 प्रकार के तप, उपवास, स्वाध्याय सब शून्य हैं।
क्यों शून्य है?क्योंकि उपवास, कायाक्लेश, शरीर की क्रिया है। शरीर जड़ है। जड़ की क्रिया से चेतन आत्मा का धर्म कैसे होगा? हमने क्रिया में धर्म मान लिया है।
भेद-विज्ञान क्या है?
जैसे आप घर में R0 लगाते हैं, कीचड़ मिले पानी में से गंदगी अलग करके पानी पी लेते हैं, जैसे सोना खरीदना हो तो किराना दुकान से नहीं, सुनार से खरीदते हैं, वैसे ही आत्मा और शरीर को अलग करना है।
दुनिया में 3 लोग हमें हमेशा देख रहे हैं - हमारे कर्म, सिद्ध परमेष्ठी और हम स्वयं।
हम दिन भर दुकान पर बोलते हैं "सबसे सस्ता दे रहा हूँ" वो तो छोटा झूठ है। सबसे बड़ा झूठ है - "मेरा नाम राजकुमार है, ये शरीर मैं हूँ।" इससे जुड़ा सब झूठ है।
भेद-विज्ञान प्रगट होने पर जीव पहले अपने और पर के गुण को जानता है, फिर पर-परिणति का त्याग करता है। जैसे घर में मेहमान का छोटा बच्चा आए तो हम अपने बच्चे से ज्यादा उसका ख्याल रखते हैं, पर वो अपना नहीं है। वैसे ही शरीर, धन, परिवार मेहमान जैसे हैं।
जिस वस्तु में अपनापन मानते हैं, वहीं दुःख है। अनित्य वस्तु के आश्रय से सुख भी अनित्य होगा। इसलिए ज्ञानी अपना माना किसे है, ये देखता है, अपना कहा किसे है ये नहीं।
भेद-विज्ञान ही संसार रोग की सबसे बड़ी दवा है। निर्णय करो - मैं कौन हूँ? कहाँ से आया हूँ? मेरा स्वरूप क्या है?
सायंकालीन प्रवचन में उत्तम तप धर्म पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया उत्तम तप धर्म आत्मा की शुद्धि का मार्ग है।
तप दो तरह का होता है - बाहर का और भीतर का। बाहर का तप है भूखा रहना, कम खाना, स्वाद का त्याग। और भीतर का तप है - विनम्र बनना, अपनी गलतियों को मानना, सेवा करना, स्वाध्याय और ध्यान करना।
जैन शास्त्र कहते हैं, सिर्फ शरीर को सुखाना तप नहीं है। अगर उपवास करके मन में अहंकार आ गया, तो वो तप व्यर्थ है। सच्चा तप वही है जो इच्छाओं को शांत करे और कर्मों की निर्जरा करे।
    user_Vinod Mehra
    Vinod Mehra
    Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • मुख्यमंत्री से मिले सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, क्षेत्र के विकास को लेकर की चर्चा सांची विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर मंगलवार को सांची विधायक एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। इस दौरान विधायक डॉ. चौधरी ने सांची विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास तथा क्षेत्रवासियों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की। विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से भेंट की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के दौरान सांची विधानसभा क्षेत्र के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। डॉ. चौधरी ने कहा कि सांची विधानसभा के विकास एवं क्षेत्रवासियों के हितों के लिए उनका संकल्प निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने की बात कही। मुख्यमंत्री से हुई इस सौजन्य भेंट को सांची विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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    मुख्यमंत्री से मिले सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, क्षेत्र के विकास को लेकर की चर्चा
सांची विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर मंगलवार को सांची विधायक एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। इस दौरान विधायक डॉ. चौधरी ने सांची विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास तथा क्षेत्रवासियों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की।
विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से भेंट की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के दौरान सांची विधानसभा क्षेत्र के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
डॉ. चौधरी ने कहा कि सांची विधानसभा के विकास एवं क्षेत्रवासियों के हितों के लिए उनका संकल्प निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने की बात कही। मुख्यमंत्री से हुई इस सौजन्य भेंट को सांची विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
    user_Ajay kumar katiyar
    Ajay kumar katiyar
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मुगलीखेरी में शांति धाम तक रास्ता नही, नाराज परिजनों ने नेशनल हाइबे पर दाह संस्कार करने का किया प्रयास रायसेन/बरेली। ग्राम पंचायत मुगलीखेरी में मुक्तिधाम जाने का रास्ता बारिश के पानी से भरने से ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों ने बटेरा मार्ग पर चक्काजाम कर मुख्य सड़क पर ही अंतिम संस्कार करने की तैयारी शुरू कर दी। सूचना पर बरेली पुलिस पहुंची और समझाइश देकर ग्रामीणों को शांत कराया। बाद में नर्मदा घाट पर अंतिम संस्कार कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार चार साल पहले भी सड़क किनारे अंतिम संस्कार किया गया था।
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    मुगलीखेरी में  शांति धाम तक रास्ता नही, नाराज परिजनों ने नेशनल हाइबे पर दाह संस्कार करने का किया प्रयास
रायसेन/बरेली। ग्राम पंचायत मुगलीखेरी में मुक्तिधाम जाने का रास्ता बारिश के पानी से भरने से ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों ने बटेरा मार्ग पर चक्काजाम कर मुख्य सड़क पर ही अंतिम संस्कार करने की तैयारी शुरू कर दी। सूचना पर बरेली पुलिस पहुंची और समझाइश देकर ग्रामीणों को शांत कराया। बाद में नर्मदा घाट पर अंतिम संस्कार कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार चार साल पहले भी सड़क किनारे अंतिम संस्कार किया गया था।
    user_ABBTAK NEWS Dewangnj
    ABBTAK NEWS Dewangnj
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • ज़मीन के नीचे धधक रहीं थीं 12 भट्टियां, बैरसिया में कैसे फलता-फूलता रहा अवैध शराब का साम्राज्य
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    ज़मीन के नीचे धधक रहीं थीं 12 भट्टियां, बैरसिया में कैसे फलता-फूलता रहा अवैध शराब का साम्राज्य
    user_Vineet maheshwari
    Vineet maheshwari
    पत्रकारिता Raisen, Madhya Pradesh•
    15 hrs ago
  • यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को मैं धन्यवाद देता हूं, जिनके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 50% क्षमता का लक्ष्य हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एक समय मध्यप्रदेश बिजली की कमी वाला राज्य था, लेकिन आज प्रदेश बिजली सरप्लस राज्य बन चुका है। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है और अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। प्रदेश में 2000 मेगावाट क्षमता का देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसके शुरू होते ही यह देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट होगा। जिस प्रकार के सोलर प्लांट को अमेरिका में तैयार होने में लगभग चार वर्ष लगते हैं, उसी स्तर की परियोजना को मध्यप्रदेश में मात्र ढाई वर्ष में पूरा किया जा रहा है। यह मध्यप्रदेश की तेज कार्य क्षमता, संकल्प और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश के बढ़ते ऊर्जा सामर्थ्य का प्रमाण है। - *डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री* यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को मैं धन्यवाद देता हूं, जिनके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 50% क्षमता का लक्ष्य हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एक समय मध्यप्रदेश बिजली की कमी वाला राज्य था, लेकिन आज प्रदेश बिजली सरप्लस राज्य बन चुका है। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है और अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। प्रदेश में 2000 मेगावाट क्षमता का देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसके शुरू होते ही यह देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट होगा। जिस प्रकार के सोलर प्लांट को अमेरिका में तैयार होने में लगभग चार वर्ष लगते हैं, उसी स्तर की परियोजना को मध्यप्रदेश में मात्र ढाई वर्ष में पूरा किया जा रहा है। यह मध्यप्रदेश की तेज कार्य क्षमता, संकल्प और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश के बढ़ते ऊर्जा सामर्थ्य का प्रमाण है। - *डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री*
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    यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को मैं धन्यवाद देता हूं, जिनके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 50% क्षमता का लक्ष्य हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एक समय मध्यप्रदेश बिजली की कमी वाला राज्य था, लेकिन आज प्रदेश बिजली सरप्लस राज्य बन चुका है। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है और अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। प्रदेश में 2000 मेगावाट क्षमता का देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसके शुरू होते ही यह देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट होगा। जिस प्रकार के सोलर प्लांट को अमेरिका में तैयार होने में लगभग चार वर्ष लगते हैं, उसी स्तर की परियोजना को मध्यप्रदेश में मात्र ढाई वर्ष में पूरा किया जा रहा है। यह मध्यप्रदेश की तेज कार्य क्षमता, संकल्प और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश के बढ़ते ऊर्जा सामर्थ्य का प्रमाण है।
 
- *डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री*
यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को मैं धन्यवाद देता हूं, जिनके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 50% क्षमता का लक्ष्य हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एक समय मध्यप्रदेश बिजली की कमी वाला राज्य था, लेकिन आज प्रदेश बिजली सरप्लस राज्य बन चुका है। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है और अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। प्रदेश में 2000 मेगावाट क्षमता का देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसके शुरू होते ही यह देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट होगा। जिस प्रकार के सोलर प्लांट को अमेरिका में तैयार होने में लगभग चार वर्ष लगते हैं, उसी स्तर की परियोजना को मध्यप्रदेश में मात्र ढाई वर्ष में पूरा किया जा रहा है। यह मध्यप्रदेश की तेज कार्य क्षमता, संकल्प और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश के बढ़ते ऊर्जा सामर्थ्य का प्रमाण है।
- *डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री*
    user_Chandresh joshi
    Chandresh joshi
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • शमशाबाद में ढोल ग्यारस की धूम, भगवान श्रीकृष्ण की शोभायात्रा में उमड़ीश्रद्धा#जनता शमशाबाद में ढोल ग्यारस की धूम, भगवान श्रीकृष्ण की शोभायात्रा में उमड़ीश्रद्धा#जनताखबर
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    शमशाबाद में ढोल ग्यारस की धूम, भगवान श्रीकृष्ण की शोभायात्रा में उमड़ीश्रद्धा#जनता
शमशाबाद में ढोल ग्यारस की धूम, भगवान श्रीकृष्ण की शोभायात्रा में उमड़ीश्रद्धा#जनताखबर
    user_VIMAL KUMAR VISHWAKARMA
    VIMAL KUMAR VISHWAKARMA
    शमशाबाद, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    56 min ago
  • बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती सिस्टम बन रहा है, जिसके मंगलवार तक चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है। बांग्लादेश ने इसका नाम 'अर्नब' रखा है। इससे पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश समेत आठ राज्यों में आंधी-बारिश होने की आशंका है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती सिस्टम बन रहा है, जिसके मंगलवार तक चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है। बांग्लादेश ने इसका नाम 'अर्नब' रखा है। इससे पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश समेत आठ राज्यों में आंधी-बारिश होने की आशंका है।
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    बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती सिस्टम बन रहा है, जिसके मंगलवार तक चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है। बांग्लादेश ने इसका नाम 'अर्नब' रखा है। इससे पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश समेत आठ राज्यों में आंधी-बारिश होने की आशंका है।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती सिस्टम बन रहा है, जिसके मंगलवार तक चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है। बांग्लादेश ने इसका नाम 'अर्नब' रखा है। इससे पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश समेत आठ राज्यों में आंधी-बारिश होने की आशंका है।
    user_Rahul Goswami journalist
    Rahul Goswami journalist
    Local News Reporter Berasia, Bhopal•
    2 hrs ago
  • मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर जिला पंचायत उपचुनाव के वार्ड क्रमांक 3 के बहिष्कार का ऐलान, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल मेहगांव वार्ड क्रमांक 03 में आगामी 29 तारीख को होने वाले जिला पंचायत उपचुनाव को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। मंगलवार रात करीब 9 बजे सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें सालेरा, महू पथरई सहित अन्य गांवों के ग्रामीण सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य व्यवस्था और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार की बात कहते दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में ग्रामीणों द्वारा “रोड नहीं तो वोट नहीं” जैसे नारे लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं। उनका आरोप है कि वर्षों से इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दशकों से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो ऐसे में मतदान करने का क्या औचित्य है। ग्रामीणों के अनुसार वार्ड के अंतर्गत आने वाली पंचायतों में लगातार निर्माण कार्य नहीं होने से मतदाता परेशान हैं। इसी नाराजगी के चलते सालेरा और महू पथरई पंचायत सहित अन्य पंचायतों के ग्रामीणों ने चुनाव के पूर्ण बहिष्कार का निर्णय लेने की बात कही है। हालांकि वायरल वीडियो में कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। आगामी 29 तारीख को होने वाले उपचुनाव में ग्रामीणों के इस रुख का क्या असर होगा, यह मतदान के दौरान स्पष्ट होगा।
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    मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर जिला पंचायत उपचुनाव के वार्ड क्रमांक 3 के बहिष्कार का ऐलान, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
मेहगांव वार्ड क्रमांक 03 में आगामी 29 तारीख को होने वाले जिला पंचायत उपचुनाव को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। मंगलवार रात करीब 9 बजे सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें सालेरा, महू पथरई सहित अन्य गांवों के ग्रामीण सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य व्यवस्था और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार की बात कहते दिखाई दे रहे हैं।
वायरल वीडियो में ग्रामीणों द्वारा “रोड नहीं तो वोट नहीं” जैसे नारे लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं। उनका आरोप है कि वर्षों से इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दशकों से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो ऐसे में मतदान करने का क्या औचित्य है।
ग्रामीणों के अनुसार वार्ड के अंतर्गत आने वाली पंचायतों में लगातार निर्माण कार्य नहीं होने से मतदाता परेशान हैं। इसी नाराजगी के चलते सालेरा और महू पथरई पंचायत सहित अन्य पंचायतों के ग्रामीणों ने चुनाव के पूर्ण बहिष्कार का निर्णय लेने की बात कही है। हालांकि वायरल वीडियो में कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। आगामी 29 तारीख को होने वाले उपचुनाव में ग्रामीणों के इस रुख का क्या असर होगा, यह मतदान के दौरान स्पष्ट होगा।
    user_Ajay kumar katiyar
    Ajay kumar katiyar
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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