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क्या सरकारी गाड़ियों पर नियम लागू नहीं होते, या चालान के लिए भी आम जनता ही है?
AMIT KUMAR
क्या सरकारी गाड़ियों पर नियम लागू नहीं होते, या चालान के लिए भी आम जनता ही है?
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- *📜 16 अगस्त 📜* *🌹 युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी // पुण्यतिथि 🌹* जन्म : 25 दिसंबर 1924 मृत्यु : 16 अगस्त 2018 भारत माँ के सच्चे सपूत, राष्ट्र पुरुष, राष्ट्र मार्गदर्शक, सच्चे देशभक्त, ना जाने कितनी ही उपाधियों से पुकारे जाने वाले भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी सही अर्थों में 'भारत रत्न' थे. इन सबसे भी बढ़कर अटल बिहारी वाजपेयी जी एक अच्छे इंसान थे। *📜 16 अगस्त 📜* *🌹 युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी // पुण्यतिथि 🌹* जन्म : 25 दिसंबर 1924 मृत्यु : 16 अगस्त 2018 भारत माँ के सच्चे सपूत, राष्ट्र पुरुष, राष्ट्र मार्गदर्शक, सच्चे देशभक्त, ना जाने कितनी ही उपाधियों से पुकारे जाने वाले भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी सही अर्थों में 'भारत रत्न' थे. इन सबसे भी बढ़कर अटल बिहारी वाजपेयी जी एक अच्छे इंसान थे. उन्होंने ज़मीन से जुड़े रहकर राजनीति की और जनता के प्रधानमंत्री के रूप में लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई. अटल जी एक ऐसे इंसान थे जो बच्चे, युवाओं, महिलाओं, बुज़ुर्गों सभी के बीच में लोकप्रिय थे. देश का हर युवा, बच्चा उन्हें अपना आदर्श मानता था. भारत रत्न श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी देशभक्ति व भारतीय संस्कृति की प्रखर आवाज थे. भारत की राजनीति में मूल्यों और आदर्शों को स्थापित करने वाले राजनेता और प्रधानमंत्री के रूप में उनका काम बहुत अच्छा रहा. उनके कार्यों के कारण ही उन्हें भारत के ढांचागत विकास का दूरदृष्टा कहा जाता है. बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी अटल जी का सार्वजनिक जीवन बे-दाग और साफ़-सुथरा था. उनके विरोधी भी उनके प्रशंसक थे. उनके लिए राष्ट्रहित सदा सर्वोपरि रहा, तभी उन्हें राष्ट्र-पुरुष कहा जाता था. अपनी कविताओं के माध्यम से अटल जी हमेशा सामाजिक बुराइयों पर प्रहार करते थे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक से लेकर प्रधानमंत्री तक सफर तय करने वाले युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को ग्वालियर में हुआ था. उनके पिता जी का नाम पंडित कृष्ण बिहारी वाजपेयी और माता का नाम कृष्णा वाजपेयी था. अटल जी की बीए की शिक्षा ग्वालियर के विक्टोरिया काॅलेज में हुई. उसके पश्चात् कानपुर के डीएवी महाविद्यालय से कला में स्नातकोत्तर उपाधि भी प्रथम श्रेणी में प्राप्त की. अटल जी ने अपने जीवन में पत्रकार के रूप में भी काम किया और लम्बे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया. वे भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य थे और उन्होंने लम्बे समय तक डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे प्रखर राष्ट्रवादी नेताओं के साथ काम किया. अटल जी 1977 से 1979 तक विदेश मंत्री रहे. विदेश मंत्री रहते हुए पूरे विश्व में भारत की छवि बनाईं और विदेश मंत्री के रूप में संयुक्त राष्ट्र में हिन्दी में भाषण देने वाले देश के पहले वक्ता बने. 1998 में अटक बिहारी वाजपेयी दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने और इस बीच अटल बिहारी वाजपेयी ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए पोखरण में पाँच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट कर सम्पूर्ण विश्व को भारत की शक्ति का एहसास कराया. अमेरिका और यूरोपीय संघ समेत कई देशों ने भारत पर कईं तरह के प्रतिबंध लगा दिए लेकिन उसके पश्चात् भी भारत वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में हर प्रकार की चुनौतियों से सफलता पूर्वक निबटने में सफल रहा. कारगिल युद्ध में विजयश्री के पश्चात् हुए 1999 के लोकसभा चुनाव में भाजपा फिर अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. 13 दलों से गठबंधन करके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के रूप में सरकार बनाकर पाँच साल का कार्यकाल पूर्ण किया. इन पाँच वर्षों में अटल जी ने देश के अन्दर प्रगति के अनेक आयाम छुए और सरकार ने गरीबों, किसानों और युवाओं के लिए अनेक योजनाएँ लागू की. वह एक राष्ट्र समर्पित राजनेता होने के साथ-साथ कुशल संगठक भी थे जिन्होंने भाजपा की नींव रख उसके विस्तार में एक अहम भूमिका निभाई और करोड़ों कार्यकर्ताओं को देश सेवा के लिए प्रेरित किया. श्रद्धेय अटल जी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में देश ने पहली बार सुशासन की कल्पना को चरितार्थ होते देखा. जहां एक ओर उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान, पीएम ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना जैसे विकासशील कार्य किए तो वहीं दूसरी ओर पोखरण परीक्षण और करगिल विजय से विश्वपटल पर एक मज़बूत भारत की नींव रखी. आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अटल जी के विचारों को केंद्र में रखकर सुशासन व गरीब कल्याण के मार्ग पर अग्रसर है और भारत को विश्व में एक महाशक्ति बनाने के लिए कटिबद्ध है. माँ भारती के ऐसे महान सपूत श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि वन्दन. 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹1
- 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संस्कृत कार्यक्रम का हरिदास सेमिनरी आर्ट गैलरी संस्कृति कार्यक्रमदीप प्रज्वलित कर किया गया 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संस्कृत कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया इस कार्यक्रम में कई प्रतिभाशाली लोग अपना कला दिखाएं कई लोग को भी अवार्ड से सम्मानित किया गया जो मैट्रिक इंटर पदक हासिल किए फर्स्ट डिवीजन से 2026 में उनको भी कृषि मंत्री विजय सिंह सर के द्वारा उन बच्चों लोगों को भी सम्मानित किया गया3
- स्वतंत्रता दिवस हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के त्याग, तपस्या और बलिदान की याद दिलाता है,- डा मनीष पंकज मिश्रा* गया जी।स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर भारतीय आज का दिन हम सभी भारतीयों के लिए गौरव, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। स्वतंत्रता दिवस हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के त्याग, तपस्या और बलिदान की याद दिलाता है,जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीष पंकज मिश्रा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया तथा तिरंगे को सलामी दी गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा— “आज का दिन हम सभी भारतीयों के लिए गौरव, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। स्वतंत्रता दिवस हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के त्याग, तपस्या और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर कर हमें स्वतंत्र भारत का अमूल्य उपहार दिया है। महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को देश कभी भुला नहीं सकता।आज हमारा दायित्व है कि हम स्वतंत्रता के मूल्यों की रक्षा करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता को और मजबूत करें।ओजस्वी प्रधानमंत्रीश्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास, आत्मनिर्भरता और विश्व पटल पर अपनी मजबूत पहचान की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। हमें भी अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए विकसित और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।मैं सभी देशवासियों से आह्वान करता हूं कि हम जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। जय हिंद! जय भारत!”।3
- उत्क्रमित उच्च विद्यालय उत्तलीबारा प्रखंड टनकुप्पा गया के द्वारा निकाला गया तिरंगा यात्रा। सैकड़ो छात्र,छात्राएं हुए शामिल। वंदे मातरम और भारत माता की जयकारा से गूंजा उत्तलीबारा ।1
- बिहार गया गुरुआ गुरुवा प्रखंड के अंतर्गत आने वाला राजन गांव के कुशवाहा टोला मैं नाली गली मैं नाला बनने पर भी नाला में पानी नहीं जा रहा है इसका कारण है कि एक जगह पर नाला नहीं बना है वह जमीन किसी का अपना खानदानी जमीन है परंतु उसे पर मुखिया सरपंच विधायक का कोई एक्शन नहीं है उसे भुगतान भी देकर वहां पर नाला बनाया जा सकता था इस पर किसी का ध्यान नहीं है गली में पानी भर चुका है पानी जाने का कोई रास्ता नहीं आदमी को आने जाने में बहुत कठिनाई हो रहा है .......🙏1
- 80वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वंदे मातरम की भावना को समर्पित सांस्कृतिक कार्यक्रम में सिंगर चांदनी बसोया की शानदार प्रस्तुति l स्थान -आर्ट गैलरी हरिदास सेमिनरी स्कूल गया1