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मैहर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राजनीति की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने क्षेत्र की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिला पंचायत सदस्य देवदत्त सोनी आजाद समाज पार्टी की विचारधारा से जुड़े मंच पर नजर आए।

3 hrs ago
user_Deepak Tiwari (Sonu)
Deepak Tiwari (Sonu)
पत्रकार मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago
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मैहर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राजनीति की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने क्षेत्र की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिला पंचायत सदस्य देवदत्त सोनी आजाद समाज पार्टी की विचारधारा से जुड़े मंच पर नजर आए।

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  • Post by Deepak Tiwari (Sonu)
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    Post by Deepak Tiwari (Sonu)
    user_Deepak Tiwari (Sonu)
    Deepak Tiwari (Sonu)
    पत्रकार मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मैहर जिले में आईजी रीवा संभाग गौरव राजपूत द्वारा वार्षिक निरीक्षण को लेकर पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह द्वारा तैयारी का जायजा लिया गया
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    मैहर जिले में आईजी रीवा संभाग गौरव राजपूत द्वारा वार्षिक निरीक्षण को लेकर पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह द्वारा तैयारी का जायजा लिया गया
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • ​बीरसािंहपुर (सतना) | मध्य भारत न्यूज़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के जरिए घर-घर पानी पहुँचाने के दावे सतना जिले के चंदाई गांव में खोखले साबित हो रहे हैं। गांव में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से दो-दो पानी की टंकियां तो खड़ी कर दी गई हैं, लेकिन विडंबना यह है कि पिछले 15 दिनों से ग्रामीणों के घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुँची है। ​भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी योजना? ​स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी पैसे का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चंदाई गांव में पानी की विकराल समस्या बनी हुई है। गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की किल्लत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आश्चर्य की बात यह है कि गांव में दो टंकियां होने के बावजूद सप्लाई ठप पड़ी है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर सरपंच और सचिव की मनमानी को इस बदहाली का जिम्मेदार ठहराया है। ​प्रशासनिक बेरुखी: शिकायतों पर नहीं हो रहा असर ​ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत पिछले साल भी प्रशासन से की थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासी के अनुसार, "शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। प्रशासन मौन है और भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है।" ​ग्रामीणों की मांग: उच्च स्तरीय जांच हो ​बढ़ती गर्मी और पानी के अभाव से जूझ रहे चंदाई के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि: ​तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) बुलाकर टंकियों के निर्माण और पाइपलाइन की जांच कराई जाए। ​करोड़ों के बजट के बावजूद पानी न मिलने के दोषियों (सरपंच-सचिव) पर कड़ी कार्रवाई हो। ​जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। ​अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर जागता है या चंदाई के ग्रामीण इस चिलचिलाती गर्मी में प्यासे रहने को ही मजबूर रहेंगे। ​रिपोर्ट: ब्यूरो, मध्य भारत न्यूज़
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    ​बीरसािंहपुर (सतना) | मध्य भारत न्यूज़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के जरिए घर-घर पानी पहुँचाने के दावे सतना जिले के चंदाई गांव में खोखले साबित हो रहे हैं। गांव में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से दो-दो पानी की टंकियां तो खड़ी कर दी गई हैं, लेकिन विडंबना यह है कि पिछले 15 दिनों से ग्रामीणों के घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुँची है।
​भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी योजना?
​स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी पैसे का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चंदाई गांव में पानी की विकराल समस्या बनी हुई है। गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की किल्लत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आश्चर्य की बात यह है कि गांव में दो टंकियां होने के बावजूद सप्लाई ठप पड़ी है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर सरपंच और सचिव की मनमानी को इस बदहाली का जिम्मेदार ठहराया है।
​प्रशासनिक बेरुखी: शिकायतों पर नहीं हो रहा असर
​ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत पिछले साल भी प्रशासन से की थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासी के अनुसार, "शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। प्रशासन मौन है और भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है।"
​ग्रामीणों की मांग: उच्च स्तरीय जांच हो
​बढ़ती गर्मी और पानी के अभाव से जूझ रहे चंदाई के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि:
​तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) बुलाकर टंकियों के निर्माण और पाइपलाइन की जांच कराई जाए।
​करोड़ों के बजट के बावजूद पानी न मिलने के दोषियों (सरपंच-सचिव) पर कड़ी कार्रवाई हो।
​जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
​अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर जागता है या चंदाई के ग्रामीण इस चिलचिलाती गर्मी में प्यासे रहने को ही मजबूर रहेंगे।
​रिपोर्ट: ब्यूरो, मध्य भारत न्यूज़
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • *सतना। टिकुरिया टोला लखन चौके में घटे भर से लगा भीषण जाम।*
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    *सतना। टिकुरिया टोला लखन चौके में घटे भर से लगा भीषण जाम।*
    user_Ravi Shankar pathak
    Ravi Shankar pathak
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • भारतीय किसान यूनियन की ट्रैक्टर रैली निकली। हवाई पट्टी मोड़ से शुरू हुई रैली सर्किट हाउस, सिविल लाइन, राजेंद्र नगर से होते हुए कलेक्ट्रेट की ओर पहुंची
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    भारतीय किसान यूनियन की ट्रैक्टर रैली निकली। हवाई पट्टी मोड़ से शुरू हुई रैली सर्किट हाउस, सिविल लाइन, राजेंद्र नगर से होते हुए कलेक्ट्रेट की ओर पहुंची
    user_Neeraj Ravi
    Neeraj Ravi
    पत्रकार Unchahara, Satna•
    17 hrs ago
  • gram post bigaudi tahshil amarpatan district Maihar Madhya pradesh me tuta huaa हैंड पंप है जो 1 साल से इसी तरह है अभी तक बनाया नहीं गया कृपया जल्दी निवारण करे
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    gram post bigaudi tahshil amarpatan district Maihar Madhya pradesh me tuta huaa हैंड पंप है जो 1 साल से इसी तरह है अभी तक बनाया नहीं गया कृपया जल्दी निवारण करे
    user_Mukesh Patel
    Mukesh Patel
    Amarpatan, Satna•
    12 hrs ago
  • नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा सतना जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विकास कार्यो की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक चित्रकूट श्री सुरेंद्र सिंह गहरवार, महापौर श्री योगेश ताम्रकार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रामखेलावन कोल, उपाध्यक्ष श्रीमती सुष्मिता सिंह,नगर निगम अध्यक्ष श्री राजेश चतुर्वेदी, जिलाध्यक्ष श्री भगवती प्रसाद पाण्डेय,कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह, डीएफओ श्री मयंक चांदीवाल, आयुक्त नगर निगम श्री शेर सिंह मीना,सीईओ जिला पंचायत श्री शैलेंद्र सिंह, अपर कलेक्टर श्री विकास सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
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    नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा सतना जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विकास कार्यो की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। 
बैठक में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक चित्रकूट श्री सुरेंद्र सिंह गहरवार, महापौर श्री योगेश ताम्रकार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रामखेलावन कोल, उपाध्यक्ष श्रीमती सुष्मिता सिंह,नगर निगम अध्यक्ष श्री  राजेश चतुर्वेदी, जिलाध्यक्ष श्री भगवती प्रसाद पाण्डेय,कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह, डीएफओ श्री मयंक चांदीवाल, आयुक्त नगर निगम श्री शेर सिंह मीना,सीईओ जिला पंचायत श्री शैलेंद्र सिंह, अपर कलेक्टर श्री विकास सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • ​नई दिल्ली/तेहरान | 11 मार्च, 2026 मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में युद्ध की भीषण आग के बीच वहां फंसे करीब 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर संकट गहरा गया है। ताज़ा हालातों ने उन परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है जिनके अपने शिक्षा या रोज़गार के लिए वहां मौजूद हैं। सबसे मर्मस्पर्शी खबर कश्मीर के अनंतनाग से आई है, जहां एक पिता अपनी बेटी की जान की सलामती के लिए सरकार से गुहार लगा रहा है। ​हॉस्टल के पास गिरे मिसाइल, फोन पर फूट-फूट कर रोई बेटी ​अनंतनाग के रहने वाले बिलाल अहमद भट्ट की बेटी वर्तमान में ईरान की राजधानी तेहरान में MBBS की पढ़ाई कर रही है। 9 मार्च की रात 3 बजे जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब बिलाल के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ उनकी बेटी बिलख रही थी। उसने कांपती आवाज़ में कहा— ​"अब्बू, मेरे हॉस्टल के पास मिसाइलें गिरने की आवाज़ आ रही है, ज़ोरदार बमबारी हो रही है। पूरा हॉस्टल हिल रहा है। पता नहीं आज की रात बचूंगी या नहीं... मुझे बचा लो!" ​बिलाल कहते हैं कि ऐसी फोन कॉल सिर्फ उनके घर नहीं, बल्कि ईरान में रह रहे हजारों भारतीय छात्रों के घरों में आ रही हैं। तेहरान के आसमान में बारूद की गंध और धमाकों की गूंज ने छात्रों को दहशत में डाल दिया है। ​90 लाख भारतीयों को बचाना बड़ी चुनौती ​मिडिल ईस्ट में छिड़ी इस जंग ने भारत सरकार के सामने अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक और लॉजिस्टिक चुनौती खड़ी कर दी है। ​आंकड़े: खाड़ी देशों और ईरान-इजराइल मिलाकर करीब 90 लाख भारतीय वहां निवास करते हैं। ​बड़ी समस्या: एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद होने और समुद्री रास्तों पर बढ़ते खतरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन (निकासी अभियान) चलाना बेहद जटिल हो गया है। ​दूतावास की भूमिका: भारतीय दूतावास लगातार छात्रों के संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित स्थानों या बंकरों में रहने की सलाह दी जा रही है। ​छात्रों की वतन वापसी की आस ​ईरान में फंसे ज्यादातर छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने गए थे। कई छात्र 5 मार्च की अपनी परीक्षाएं पूरी होने का इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन युद्ध के अचानक बढ़ने से वे वहीं फंस गए। अब परिजनों की केवल एक ही मांग है— 'ऑपरेशन गंगा' या 'वंदे भारत' की तर्ज पर सरकार जल्द से जल्द सुरक्षित कॉरिडोर बनाकर इन बच्चों को वापस लाए। ​ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़
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    ​नई दिल्ली/तेहरान | 11 मार्च, 2026
मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में युद्ध की भीषण आग के बीच वहां फंसे करीब 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर संकट गहरा गया है। ताज़ा हालातों ने उन परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है जिनके अपने शिक्षा या रोज़गार के लिए वहां मौजूद हैं। सबसे मर्मस्पर्शी खबर कश्मीर के अनंतनाग से आई है, जहां एक पिता अपनी बेटी की जान की सलामती के लिए सरकार से गुहार लगा रहा है।
​हॉस्टल के पास गिरे मिसाइल, फोन पर फूट-फूट कर रोई बेटी
​अनंतनाग के रहने वाले बिलाल अहमद भट्ट की बेटी वर्तमान में ईरान की राजधानी तेहरान में MBBS की पढ़ाई कर रही है। 9 मार्च की रात 3 बजे जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब बिलाल के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ उनकी बेटी बिलख रही थी। उसने कांपती आवाज़ में कहा—
​"अब्बू, मेरे हॉस्टल के पास मिसाइलें गिरने की आवाज़ आ रही है, ज़ोरदार बमबारी हो रही है। पूरा हॉस्टल हिल रहा है। पता नहीं आज की रात बचूंगी या नहीं... मुझे बचा लो!"
​बिलाल कहते हैं कि ऐसी फोन कॉल सिर्फ उनके घर नहीं, बल्कि ईरान में रह रहे हजारों भारतीय छात्रों के घरों में आ रही हैं। तेहरान के आसमान में बारूद की गंध और धमाकों की गूंज ने छात्रों को दहशत में डाल दिया है।
​90 लाख भारतीयों को बचाना बड़ी चुनौती
​मिडिल ईस्ट में छिड़ी इस जंग ने भारत सरकार के सामने अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक और लॉजिस्टिक चुनौती खड़ी कर दी है।
​आंकड़े: खाड़ी देशों और ईरान-इजराइल मिलाकर करीब 90 लाख भारतीय वहां निवास करते हैं।
​बड़ी समस्या: एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद होने और समुद्री रास्तों पर बढ़ते खतरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन (निकासी अभियान) चलाना बेहद जटिल हो गया है।
​दूतावास की भूमिका: भारतीय दूतावास लगातार छात्रों के संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित स्थानों या बंकरों में रहने की सलाह दी जा रही है।
​छात्रों की वतन वापसी की आस
​ईरान में फंसे ज्यादातर छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने गए थे। कई छात्र 5 मार्च की अपनी परीक्षाएं पूरी होने का इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन युद्ध के अचानक बढ़ने से वे वहीं फंस गए। अब परिजनों की केवल एक ही मांग है— 'ऑपरेशन गंगा' या 'वंदे भारत' की तर्ज पर सरकार जल्द से जल्द सुरक्षित कॉरिडोर बनाकर इन बच्चों को वापस लाए।
​ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
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