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ईरान में बारूद की बारिश: 'अब्बू, पता नहीं आज बचूंगी या नहीं', तेहरान में फंसी अनंतनाग की बेटी की दर्दनाक पुकार ​नई दिल्ली/तेहरान | 11 मार्च, 2026 मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में युद्ध की भीषण आग के बीच वहां फंसे करीब 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर संकट गहरा गया है। ताज़ा हालातों ने उन परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है जिनके अपने शिक्षा या रोज़गार के लिए वहां मौजूद हैं। सबसे मर्मस्पर्शी खबर कश्मीर के अनंतनाग से आई है, जहां एक पिता अपनी बेटी की जान की सलामती के लिए सरकार से गुहार लगा रहा है। ​हॉस्टल के पास गिरे मिसाइल, फोन पर फूट-फूट कर रोई बेटी ​अनंतनाग के रहने वाले बिलाल अहमद भट्ट की बेटी वर्तमान में ईरान की राजधानी तेहरान में MBBS की पढ़ाई कर रही है। 9 मार्च की रात 3 बजे जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब बिलाल के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ उनकी बेटी बिलख रही थी। उसने कांपती आवाज़ में कहा— ​"अब्बू, मेरे हॉस्टल के पास मिसाइलें गिरने की आवाज़ आ रही है, ज़ोरदार बमबारी हो रही है। पूरा हॉस्टल हिल रहा है। पता नहीं आज की रात बचूंगी या नहीं... मुझे बचा लो!" ​बिलाल कहते हैं कि ऐसी फोन कॉल सिर्फ उनके घर नहीं, बल्कि ईरान में रह रहे हजारों भारतीय छात्रों के घरों में आ रही हैं। तेहरान के आसमान में बारूद की गंध और धमाकों की गूंज ने छात्रों को दहशत में डाल दिया है। ​90 लाख भारतीयों को बचाना बड़ी चुनौती ​मिडिल ईस्ट में छिड़ी इस जंग ने भारत सरकार के सामने अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक और लॉजिस्टिक चुनौती खड़ी कर दी है। ​आंकड़े: खाड़ी देशों और ईरान-इजराइल मिलाकर करीब 90 लाख भारतीय वहां निवास करते हैं। ​बड़ी समस्या: एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद होने और समुद्री रास्तों पर बढ़ते खतरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन (निकासी अभियान) चलाना बेहद जटिल हो गया है। ​दूतावास की भूमिका: भारतीय दूतावास लगातार छात्रों के संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित स्थानों या बंकरों में रहने की सलाह दी जा रही है। ​छात्रों की वतन वापसी की आस ​ईरान में फंसे ज्यादातर छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने गए थे। कई छात्र 5 मार्च की अपनी परीक्षाएं पूरी होने का इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन युद्ध के अचानक बढ़ने से वे वहीं फंस गए। अब परिजनों की केवल एक ही मांग है— 'ऑपरेशन गंगा' या 'वंदे भारत' की तर्ज पर सरकार जल्द से जल्द सुरक्षित कॉरिडोर बनाकर इन बच्चों को वापस लाए। ​ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़

2 hrs ago
user_MADHYA BHARAT NEWS
MADHYA BHARAT NEWS
Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

ईरान में बारूद की बारिश: 'अब्बू, पता नहीं आज बचूंगी या नहीं', तेहरान में फंसी अनंतनाग की बेटी की दर्दनाक पुकार ​नई दिल्ली/तेहरान | 11 मार्च, 2026 मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में युद्ध की भीषण आग के बीच वहां फंसे करीब 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर संकट गहरा गया है। ताज़ा हालातों ने उन परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है जिनके अपने शिक्षा या रोज़गार के लिए वहां मौजूद हैं। सबसे मर्मस्पर्शी खबर कश्मीर के अनंतनाग से आई है, जहां एक पिता अपनी बेटी की जान की सलामती के लिए सरकार से गुहार लगा रहा है। ​हॉस्टल के पास गिरे मिसाइल, फोन पर फूट-फूट कर रोई बेटी ​अनंतनाग के रहने वाले बिलाल अहमद भट्ट की बेटी वर्तमान में ईरान की राजधानी तेहरान में MBBS की पढ़ाई कर रही है। 9 मार्च की रात 3 बजे जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब बिलाल के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ उनकी बेटी बिलख रही थी। उसने कांपती आवाज़ में कहा— ​"अब्बू, मेरे हॉस्टल के पास मिसाइलें गिरने की आवाज़ आ रही है, ज़ोरदार बमबारी हो रही है। पूरा हॉस्टल हिल रहा है। पता नहीं आज की रात बचूंगी या नहीं... मुझे बचा लो!" ​बिलाल कहते हैं कि ऐसी फोन कॉल सिर्फ उनके घर नहीं, बल्कि ईरान में रह रहे हजारों भारतीय छात्रों के घरों में आ रही हैं। तेहरान के आसमान में बारूद की गंध और धमाकों की गूंज ने छात्रों को दहशत में डाल दिया है। ​90 लाख भारतीयों को बचाना बड़ी चुनौती ​मिडिल ईस्ट में छिड़ी इस जंग ने भारत सरकार के सामने अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक और लॉजिस्टिक चुनौती खड़ी कर दी है। ​आंकड़े: खाड़ी देशों और ईरान-इजराइल मिलाकर करीब 90 लाख भारतीय वहां निवास करते हैं। ​बड़ी समस्या: एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद होने और समुद्री रास्तों पर बढ़ते खतरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन (निकासी अभियान) चलाना बेहद जटिल हो गया है। ​दूतावास की भूमिका: भारतीय दूतावास लगातार छात्रों के संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित स्थानों या बंकरों में रहने की सलाह दी जा रही है। ​छात्रों की वतन वापसी की आस ​ईरान में फंसे ज्यादातर छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने गए थे। कई छात्र 5 मार्च की अपनी परीक्षाएं पूरी होने का इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन युद्ध के अचानक बढ़ने से वे वहीं फंस गए। अब परिजनों की केवल एक ही मांग है— 'ऑपरेशन गंगा' या 'वंदे भारत' की तर्ज पर सरकार जल्द से जल्द सुरक्षित कॉरिडोर बनाकर इन बच्चों को वापस लाए। ​ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़

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  • ​बीरसािंहपुर (सतना) | मध्य भारत न्यूज़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के जरिए घर-घर पानी पहुँचाने के दावे सतना जिले के चंदाई गांव में खोखले साबित हो रहे हैं। गांव में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से दो-दो पानी की टंकियां तो खड़ी कर दी गई हैं, लेकिन विडंबना यह है कि पिछले 15 दिनों से ग्रामीणों के घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुँची है। ​भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी योजना? ​स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी पैसे का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चंदाई गांव में पानी की विकराल समस्या बनी हुई है। गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की किल्लत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आश्चर्य की बात यह है कि गांव में दो टंकियां होने के बावजूद सप्लाई ठप पड़ी है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर सरपंच और सचिव की मनमानी को इस बदहाली का जिम्मेदार ठहराया है। ​प्रशासनिक बेरुखी: शिकायतों पर नहीं हो रहा असर ​ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत पिछले साल भी प्रशासन से की थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासी के अनुसार, "शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। प्रशासन मौन है और भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है।" ​ग्रामीणों की मांग: उच्च स्तरीय जांच हो ​बढ़ती गर्मी और पानी के अभाव से जूझ रहे चंदाई के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि: ​तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) बुलाकर टंकियों के निर्माण और पाइपलाइन की जांच कराई जाए। ​करोड़ों के बजट के बावजूद पानी न मिलने के दोषियों (सरपंच-सचिव) पर कड़ी कार्रवाई हो। ​जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। ​अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर जागता है या चंदाई के ग्रामीण इस चिलचिलाती गर्मी में प्यासे रहने को ही मजबूर रहेंगे। ​रिपोर्ट: ब्यूरो, मध्य भारत न्यूज़
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    ​बीरसािंहपुर (सतना) | मध्य भारत न्यूज़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के जरिए घर-घर पानी पहुँचाने के दावे सतना जिले के चंदाई गांव में खोखले साबित हो रहे हैं। गांव में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से दो-दो पानी की टंकियां तो खड़ी कर दी गई हैं, लेकिन विडंबना यह है कि पिछले 15 दिनों से ग्रामीणों के घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुँची है।
​भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी योजना?
​स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी पैसे का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चंदाई गांव में पानी की विकराल समस्या बनी हुई है। गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की किल्लत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आश्चर्य की बात यह है कि गांव में दो टंकियां होने के बावजूद सप्लाई ठप पड़ी है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर सरपंच और सचिव की मनमानी को इस बदहाली का जिम्मेदार ठहराया है।
​प्रशासनिक बेरुखी: शिकायतों पर नहीं हो रहा असर
​ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत पिछले साल भी प्रशासन से की थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासी के अनुसार, "शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। प्रशासन मौन है और भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है।"
​ग्रामीणों की मांग: उच्च स्तरीय जांच हो
​बढ़ती गर्मी और पानी के अभाव से जूझ रहे चंदाई के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि:
​तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) बुलाकर टंकियों के निर्माण और पाइपलाइन की जांच कराई जाए।
​करोड़ों के बजट के बावजूद पानी न मिलने के दोषियों (सरपंच-सचिव) पर कड़ी कार्रवाई हो।
​जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
​अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर जागता है या चंदाई के ग्रामीण इस चिलचिलाती गर्मी में प्यासे रहने को ही मजबूर रहेंगे।
​रिपोर्ट: ब्यूरो, मध्य भारत न्यूज़
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    19 min ago
  • मैहर जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत भेडा गेट के पास चलती बस मे लगी आग, गनीमत रही कि समय रहते ड्राइवर ने सभी को निकाला बाहर, जिसके चलते बड़ी घटना टली जा सकी, आग लगने के कारण सड़क पर बन रही ट्रैफिक जाम की स्थिति, डायल 100पुलिस पहुंची मौके पर, फायर ब्रिगेड को दी गयी सूचना
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    मैहर जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत भेडा गेट के पास चलती बस मे लगी आग, गनीमत रही कि समय रहते ड्राइवर ने सभी को निकाला बाहर,  जिसके चलते बड़ी घटना टली जा सकी, आग लगने के कारण सड़क पर बन रही ट्रैफिक जाम की स्थिति, डायल 100पुलिस पहुंची मौके पर, फायर ब्रिगेड को दी गयी सूचना
    user_Deepak Tiwari (Sonu)
    Deepak Tiwari (Sonu)
    पत्रकार मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • कांग्रेस कार्यालय में उड़ा रंग गुलाल, फाग गीतों और ठंडाई के साथ मना होली मिलन समारोह मैहर। जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में जनपद पंचायत के सामने स्थित ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में 'होली मिलन समारोह' का भव्य और रंगारंग आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजनीतिक मर्यादाओं से परे जाकर सामाजिक सद्भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहाँ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों के पदाधिकारी शामिल हुए। रंग-गुलाल से सराबोर हुए कार्यकर्ता समारोह की शुरुआत एक-दूसरे को तिलक लगाकर और गले मिलकर होली की शुभकामनाएं देने के साथ हुई। उपस्थित जनों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर पूरा कार्यालय परिसर सतरंगी रंगों और उल्लास से भर गया। फाग मंडली ने बांधा समां, गानों पर थिरके कदम कार्यक्रम में स्थानीय फाग मंडली ने अपनी प्रस्तुतियों से चार चांद लगा दिए। पारंपरिक फाग गीतों की मधुर धुनों के बीच जब "रंग बरसे भीगी चुनर वाली"और होली खेले रघुवीरा अवध में जैसे लोकप्रिय गीत गूंजे, तो कार्यकर्ता और धर्मेश घई रोमीभैया खुद को रोक नहीं पाए और जमकर धमाल मचाया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। ठंडाई और स्वल्पाहार का आनंद होली के इस उत्सव को और भी खास बनाने के लिए जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं के लिए शीतल ठंडाई और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई थी, जिसका सभी ने भरपूर आनंद लिया। इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति समारोह में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष धर्मेश घई . सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू भैया ब्लॉक अध्यक्ष रमेश प्रजापति मुन्ना . रामभद्र पांडे जितेंद्र कुशवाहा महेंद्र पटेल. बैजनाथ कुशवाहा गणेश चतुर्वेदी महेंद्र त्रिपाठी पप्पू भैया. पंकज कुशवाहा नरेंद्र सराफ. यशवंतसिंह चंदेल समर्पण शुक्ला रजनीश . महेंद्र पटेल अक्षत दहिया राजेंद्र बबलू पटेल अरविंद पटेल रानू पटेल.रजनीश रमापति गौतम बृजभान कोल विपिन सिंह बघेलअखंड सिंह जितेंद्र बंशकार अजय वंशकार राकेश वंशकार सुरेश अयोध्या कुशवाहा अमजद खान बड़ा देव जितेंद्र पांडे जिला पूर्व जिला अध्यक्ष दिलीप मिश्रा हरबंस तिवारी रमेश शुक्ला पंकज सोनी. शुभम सोनी अयोध्या प्रसाद कुशवाहा राजेंद्र बुंदेला सहित जिला और ब्लॉक स्तर के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि होली का यह त्यौहार हमें आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम और सौहार्द के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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    कांग्रेस कार्यालय में उड़ा रंग गुलाल, फाग गीतों और ठंडाई के साथ मना होली मिलन समारोह
मैहर। जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में जनपद पंचायत के सामने स्थित ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में 'होली मिलन समारोह' का भव्य और रंगारंग आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजनीतिक मर्यादाओं से परे जाकर सामाजिक सद्भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहाँ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों के पदाधिकारी शामिल हुए।
रंग-गुलाल से सराबोर हुए कार्यकर्ता
समारोह की शुरुआत एक-दूसरे को तिलक लगाकर और गले मिलकर होली की शुभकामनाएं देने के साथ हुई। उपस्थित जनों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर पूरा कार्यालय परिसर सतरंगी रंगों और उल्लास से भर गया।
फाग मंडली ने बांधा समां, गानों पर थिरके कदम
कार्यक्रम में स्थानीय फाग मंडली ने अपनी प्रस्तुतियों से चार चांद लगा दिए। पारंपरिक फाग गीतों की मधुर धुनों के बीच जब "रंग बरसे भीगी चुनर वाली"और होली खेले रघुवीरा अवध में जैसे लोकप्रिय गीत गूंजे, तो कार्यकर्ता और धर्मेश घई रोमीभैया खुद को रोक नहीं पाए और जमकर धमाल मचाया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
ठंडाई और स्वल्पाहार का आनंद
होली के इस उत्सव को और भी खास बनाने के लिए जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं के लिए शीतल ठंडाई और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई थी, जिसका सभी ने भरपूर आनंद लिया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष धर्मेश घई . सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू भैया ब्लॉक अध्यक्ष रमेश प्रजापति मुन्ना . रामभद्र पांडे जितेंद्र कुशवाहा महेंद्र पटेल. बैजनाथ कुशवाहा गणेश चतुर्वेदी महेंद्र त्रिपाठी पप्पू भैया. पंकज कुशवाहा नरेंद्र सराफ. यशवंतसिंह चंदेल  समर्पण शुक्ला रजनीश . महेंद्र पटेल अक्षत दहिया राजेंद्र बबलू पटेल अरविंद पटेल रानू पटेल.रजनीश रमापति गौतम बृजभान कोल विपिन सिंह बघेलअखंड सिंह जितेंद्र बंशकार अजय वंशकार राकेश वंशकार सुरेश अयोध्या कुशवाहा अमजद खान बड़ा देव जितेंद्र पांडे जिला पूर्व जिला अध्यक्ष दिलीप मिश्रा हरबंस तिवारी रमेश शुक्ला पंकज सोनी. शुभम सोनी अयोध्या प्रसाद कुशवाहा राजेंद्र बुंदेला  सहित जिला और ब्लॉक स्तर के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि होली का यह त्यौहार हमें आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम और सौहार्द के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी का आभार व्यक्त किया।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • *बदेरा पुलिस पर फिर गंभीर आरोप, पैर तोड़ कांड के बाद अब हाथ तोड़ने का मामला चर्चा में* मैहर जिले की बदेरा पुलिस पर लगे पैर तोड़ कांड का आक्रोश अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब हाथ तोड़ने का नया मामला सामने आ गया है। शनिवार को एक पीड़ित व्यक्ति पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और अपनी आपबीती सुनाई। उसने आरोप लगाया कि पुलिस की मारपीट से उसका हाथ टूट गया। घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। पीड़ित के बयान का वीडियो भी सामने आया है, जिसकी जांच की मांग की जा रही है
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    *बदेरा पुलिस पर फिर गंभीर आरोप, पैर तोड़ कांड के बाद अब हाथ तोड़ने का मामला चर्चा में*
मैहर जिले की बदेरा पुलिस पर लगे पैर तोड़ कांड का आक्रोश अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब हाथ तोड़ने का नया मामला सामने आ गया है। शनिवार को एक पीड़ित व्यक्ति पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और अपनी आपबीती सुनाई। उसने आरोप लगाया कि पुलिस की मारपीट से उसका हाथ टूट गया। घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। पीड़ित के बयान का वीडियो भी सामने आया है, जिसकी जांच की मांग की जा रही है
    user_मीडिया
    मीडिया
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • भारतीय किसान यूनियन की ट्रैक्टर रैली निकली। हवाई पट्टी मोड़ से शुरू हुई रैली सर्किट हाउस, सिविल लाइन, राजेंद्र नगर से होते हुए कलेक्ट्रेट की ओर पहुंची
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    भारतीय किसान यूनियन की ट्रैक्टर रैली निकली। हवाई पट्टी मोड़ से शुरू हुई रैली सर्किट हाउस, सिविल लाइन, राजेंद्र नगर से होते हुए कलेक्ट्रेट की ओर पहुंची
    user_Neeraj Ravi
    Neeraj Ravi
    पत्रकार Unchahara, Satna•
    2 hrs ago
  • नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा सतना जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विकास कार्यो की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक चित्रकूट श्री सुरेंद्र सिंह गहरवार, महापौर श्री योगेश ताम्रकार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रामखेलावन कोल, उपाध्यक्ष श्रीमती सुष्मिता सिंह,नगर निगम अध्यक्ष श्री राजेश चतुर्वेदी, जिलाध्यक्ष श्री भगवती प्रसाद पाण्डेय,कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह, डीएफओ श्री मयंक चांदीवाल, आयुक्त नगर निगम श्री शेर सिंह मीना,सीईओ जिला पंचायत श्री शैलेंद्र सिंह, अपर कलेक्टर श्री विकास सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
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    नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा सतना जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विकास कार्यो की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। 
बैठक में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक चित्रकूट श्री सुरेंद्र सिंह गहरवार, महापौर श्री योगेश ताम्रकार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रामखेलावन कोल, उपाध्यक्ष श्रीमती सुष्मिता सिंह,नगर निगम अध्यक्ष श्री  राजेश चतुर्वेदी, जिलाध्यक्ष श्री भगवती प्रसाद पाण्डेय,कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह, डीएफओ श्री मयंक चांदीवाल, आयुक्त नगर निगम श्री शेर सिंह मीना,सीईओ जिला पंचायत श्री शैलेंद्र सिंह, अपर कलेक्टर श्री विकास सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • नगर परिषद बरही के वार्ड क्रमांक 12, 13, 14 एवं 15 अंतर्गत आने वाले छिदिया एवं हीरापुर क्षेत्र के रहवासी आज नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। रोड में ना तो पानी का छिड़काव हो रहा है और ना ही पक्की सड़क का निर्माण, जिससे हर समय धूल का गुबार उड़ता रहता है। धूल-मिट्टी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को दमा, टीवी, एलर्जी जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। आम जनजीवन पूरी तरह नरकीय हो चुका है और लोग रोज़ाना ट्रकों से निकलने वाले धूल में जी रहे हैं। स्थानीय नागरिक इस गंभीर समस्या को लेकर कलेक्टर महोदय की जनसुनवाई में भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्यवाही न होने पर वार्ड वासियों में गहरा रोष और मायूसी है। जनता का कहना है कि यदि शीघ्र पानी का नियमित छिड़काव और पक्की सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो मजबूरन उन्हें आवाज़ बुलंद करनी पड़ेगी। प्रशासन से दरख़्वास्त है कि इस जनहित के मामले पर फ़ौरी तौर पर ध्यान देते हुए रोड का कार्य या पानी छिड़काव का काम किया जाए ताकि छिदिया एवं हीरापुर के लोगों को इस अज़ाब से निजात मिल सके।
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    नगर परिषद बरही के वार्ड क्रमांक 12, 13, 14 एवं 15 अंतर्गत आने वाले छिदिया एवं हीरापुर क्षेत्र के रहवासी आज नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। रोड में ना तो पानी का छिड़काव हो रहा है और ना ही पक्की सड़क का निर्माण, जिससे हर समय धूल का गुबार उड़ता रहता है।
धूल-मिट्टी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को दमा, टीवी, एलर्जी जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। आम जनजीवन पूरी तरह नरकीय हो चुका है और लोग रोज़ाना ट्रकों से निकलने वाले धूल में जी रहे हैं।
स्थानीय नागरिक इस गंभीर समस्या को लेकर कलेक्टर महोदय की जनसुनवाई में भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्यवाही न होने पर वार्ड वासियों में गहरा रोष और मायूसी है।
जनता का कहना है कि यदि शीघ्र पानी का नियमित छिड़काव और पक्की सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो मजबूरन उन्हें आवाज़ बुलंद करनी पड़ेगी।
प्रशासन से दरख़्वास्त है कि इस जनहित के मामले पर फ़ौरी तौर पर ध्यान देते हुए रोड का कार्य या पानी छिड़काव का काम किया जाए ताकि छिदिया एवं हीरापुर के लोगों को इस अज़ाब से निजात मिल सके।
    user_Iqbal pawar
    Iqbal pawar
    Social worker बरही, कटनी, मध्य प्रदेश•
    52 min ago
  • ​नई दिल्ली/तेहरान | 11 मार्च, 2026 मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में युद्ध की भीषण आग के बीच वहां फंसे करीब 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर संकट गहरा गया है। ताज़ा हालातों ने उन परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है जिनके अपने शिक्षा या रोज़गार के लिए वहां मौजूद हैं। सबसे मर्मस्पर्शी खबर कश्मीर के अनंतनाग से आई है, जहां एक पिता अपनी बेटी की जान की सलामती के लिए सरकार से गुहार लगा रहा है। ​हॉस्टल के पास गिरे मिसाइल, फोन पर फूट-फूट कर रोई बेटी ​अनंतनाग के रहने वाले बिलाल अहमद भट्ट की बेटी वर्तमान में ईरान की राजधानी तेहरान में MBBS की पढ़ाई कर रही है। 9 मार्च की रात 3 बजे जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब बिलाल के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ उनकी बेटी बिलख रही थी। उसने कांपती आवाज़ में कहा— ​"अब्बू, मेरे हॉस्टल के पास मिसाइलें गिरने की आवाज़ आ रही है, ज़ोरदार बमबारी हो रही है। पूरा हॉस्टल हिल रहा है। पता नहीं आज की रात बचूंगी या नहीं... मुझे बचा लो!" ​बिलाल कहते हैं कि ऐसी फोन कॉल सिर्फ उनके घर नहीं, बल्कि ईरान में रह रहे हजारों भारतीय छात्रों के घरों में आ रही हैं। तेहरान के आसमान में बारूद की गंध और धमाकों की गूंज ने छात्रों को दहशत में डाल दिया है। ​90 लाख भारतीयों को बचाना बड़ी चुनौती ​मिडिल ईस्ट में छिड़ी इस जंग ने भारत सरकार के सामने अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक और लॉजिस्टिक चुनौती खड़ी कर दी है। ​आंकड़े: खाड़ी देशों और ईरान-इजराइल मिलाकर करीब 90 लाख भारतीय वहां निवास करते हैं। ​बड़ी समस्या: एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद होने और समुद्री रास्तों पर बढ़ते खतरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन (निकासी अभियान) चलाना बेहद जटिल हो गया है। ​दूतावास की भूमिका: भारतीय दूतावास लगातार छात्रों के संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित स्थानों या बंकरों में रहने की सलाह दी जा रही है। ​छात्रों की वतन वापसी की आस ​ईरान में फंसे ज्यादातर छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने गए थे। कई छात्र 5 मार्च की अपनी परीक्षाएं पूरी होने का इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन युद्ध के अचानक बढ़ने से वे वहीं फंस गए। अब परिजनों की केवल एक ही मांग है— 'ऑपरेशन गंगा' या 'वंदे भारत' की तर्ज पर सरकार जल्द से जल्द सुरक्षित कॉरिडोर बनाकर इन बच्चों को वापस लाए। ​ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़
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    ​नई दिल्ली/तेहरान | 11 मार्च, 2026
मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में युद्ध की भीषण आग के बीच वहां फंसे करीब 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर संकट गहरा गया है। ताज़ा हालातों ने उन परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है जिनके अपने शिक्षा या रोज़गार के लिए वहां मौजूद हैं। सबसे मर्मस्पर्शी खबर कश्मीर के अनंतनाग से आई है, जहां एक पिता अपनी बेटी की जान की सलामती के लिए सरकार से गुहार लगा रहा है।
​हॉस्टल के पास गिरे मिसाइल, फोन पर फूट-फूट कर रोई बेटी
​अनंतनाग के रहने वाले बिलाल अहमद भट्ट की बेटी वर्तमान में ईरान की राजधानी तेहरान में MBBS की पढ़ाई कर रही है। 9 मार्च की रात 3 बजे जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब बिलाल के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ उनकी बेटी बिलख रही थी। उसने कांपती आवाज़ में कहा—
​"अब्बू, मेरे हॉस्टल के पास मिसाइलें गिरने की आवाज़ आ रही है, ज़ोरदार बमबारी हो रही है। पूरा हॉस्टल हिल रहा है। पता नहीं आज की रात बचूंगी या नहीं... मुझे बचा लो!"
​बिलाल कहते हैं कि ऐसी फोन कॉल सिर्फ उनके घर नहीं, बल्कि ईरान में रह रहे हजारों भारतीय छात्रों के घरों में आ रही हैं। तेहरान के आसमान में बारूद की गंध और धमाकों की गूंज ने छात्रों को दहशत में डाल दिया है।
​90 लाख भारतीयों को बचाना बड़ी चुनौती
​मिडिल ईस्ट में छिड़ी इस जंग ने भारत सरकार के सामने अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक और लॉजिस्टिक चुनौती खड़ी कर दी है।
​आंकड़े: खाड़ी देशों और ईरान-इजराइल मिलाकर करीब 90 लाख भारतीय वहां निवास करते हैं।
​बड़ी समस्या: एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद होने और समुद्री रास्तों पर बढ़ते खतरे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन (निकासी अभियान) चलाना बेहद जटिल हो गया है।
​दूतावास की भूमिका: भारतीय दूतावास लगातार छात्रों के संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित स्थानों या बंकरों में रहने की सलाह दी जा रही है।
​छात्रों की वतन वापसी की आस
​ईरान में फंसे ज्यादातर छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने गए थे। कई छात्र 5 मार्च की अपनी परीक्षाएं पूरी होने का इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन युद्ध के अचानक बढ़ने से वे वहीं फंस गए। अब परिजनों की केवल एक ही मांग है— 'ऑपरेशन गंगा' या 'वंदे भारत' की तर्ज पर सरकार जल्द से जल्द सुरक्षित कॉरिडोर बनाकर इन बच्चों को वापस लाए।
​ब्यूरो रिपोर्ट, मध्य भारत न्यूज़
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    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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