भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने विपक्ष पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया है। काशी द्वार योजना पर किसान बनाम सरकार: मुआवज़े को लेकर टकराव, विपक्ष किसानों के साथ, विधायक बोले— जबरदस्ती नहीं वाराणसी। काशी द्वार योजना को लेकर किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। जहां एक ओर समाजवादी पार्टी किसानों के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने विपक्ष पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया है। बीजेपी विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने कहा कि इस योजना के तहत केवल उन्हीं किसानों की जमीन ली जा रही है, जिन्होंने सहमति दी है। अब तक करीब 400 किसानों की सहमति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी किसान पर सरकारी अधिकारियों द्वारा कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा है, और न ही जबरन जमीन ली जा रही है। उनका आरोप है कि विपक्षी दल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को तूल दे रहे हैं। डॉ. अवधेश सिंह ने बताया कि काशी द्वार योजना के अंतर्गत क्षेत्र का व्यापक विकास किया जाना है, जिसमें प्रमुख रूप से कॉन्वेंट स्कूल, ट्रामा सेंटर, हॉस्टल, स्टेडियम सहित कई बड़े विकास कार्य प्रस्तावित हैं, जिससे स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल की बेहतर सुविधाएं मिल सकें। वहीं दूसरी तरफ किसानों का मुख्य विरोध मुआवज़े की दर को लेकर है। किसानों का कहना है कि उन्हें साल 2013 के सर्किल रेट के आधार पर मुआवज़ा दिया जा रहा है, जबकि वे 2025 के वर्तमान सर्किल रेट के अनुसार मुआवज़ा चाहते हैं। इसी मांग को लेकर किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने अपने बयान में 2013 के सर्किल रेट से मुआवज़ा दिए जाने के मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, और न ही इस सवाल पर कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने आई। इधर समाजवादी पार्टी से सांसद प्रिया सरोज समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल किसानों से मिलने पहुंचा और किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विरोध करने का भरोसा दिलाया। सपा नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि किसानों को उनका वाजिब हक नहीं दिया जा रहा और उन्हें एक बार फिर सिर्फ वोट बैंक की राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि आज भी किसान को सिर्फ वोट बैंक समझा जाता है, जबकि ज़मीन अधिग्रहण जैसे गंभीर मामलों में उनके हितों की अनदेखी होती है। उनका साफ कहना है कि जब जमीन वर्तमान दर पर खरीदी जा रही है, तो मुआवज़ा भी वर्तमान सर्किल रेट के हिसाब से मिलना चाहिए। फिलहाल काशी द्वार योजना विकास बनाम मुआवज़े के सवाल पर सियासी टकराव का केंद्र बन गई है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है।
भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने विपक्ष पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया है। काशी द्वार योजना पर किसान बनाम सरकार: मुआवज़े को लेकर टकराव, विपक्ष किसानों के साथ, विधायक बोले— जबरदस्ती नहीं वाराणसी। काशी द्वार योजना को लेकर किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। जहां एक ओर समाजवादी पार्टी किसानों के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने विपक्ष पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया है। बीजेपी विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने कहा कि इस योजना के तहत केवल उन्हीं किसानों की जमीन ली जा रही है, जिन्होंने सहमति दी है। अब तक करीब 400 किसानों की सहमति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी किसान पर सरकारी अधिकारियों द्वारा कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा है, और न ही जबरन जमीन ली जा रही है। उनका आरोप है कि विपक्षी दल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को तूल दे रहे हैं। डॉ. अवधेश सिंह ने बताया कि काशी द्वार योजना के अंतर्गत क्षेत्र का व्यापक विकास किया जाना है, जिसमें प्रमुख रूप से कॉन्वेंट स्कूल, ट्रामा सेंटर, हॉस्टल, स्टेडियम सहित कई बड़े विकास कार्य प्रस्तावित हैं, जिससे स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल की बेहतर सुविधाएं मिल सकें। वहीं दूसरी तरफ किसानों का मुख्य विरोध मुआवज़े की दर को लेकर है। किसानों का कहना है कि उन्हें साल 2013 के सर्किल रेट के आधार पर मुआवज़ा दिया जा रहा है, जबकि वे 2025 के वर्तमान सर्किल रेट के अनुसार मुआवज़ा चाहते हैं। इसी मांग को लेकर किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने अपने बयान में 2013 के सर्किल रेट से मुआवज़ा दिए जाने के मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, और न ही इस सवाल पर कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने आई। इधर समाजवादी पार्टी से सांसद प्रिया सरोज समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल किसानों से मिलने पहुंचा और किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विरोध करने का भरोसा दिलाया। सपा नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि किसानों को उनका वाजिब हक नहीं दिया जा रहा और उन्हें एक बार फिर सिर्फ वोट बैंक की राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि आज भी किसान को सिर्फ वोट बैंक समझा जाता है, जबकि ज़मीन अधिग्रहण जैसे गंभीर मामलों में उनके हितों की अनदेखी होती है। उनका साफ कहना है कि जब जमीन वर्तमान दर पर खरीदी जा रही है, तो मुआवज़ा भी वर्तमान सर्किल रेट के हिसाब से मिलना चाहिए। फिलहाल काशी द्वार योजना विकास बनाम मुआवज़े के सवाल पर सियासी टकराव का केंद्र बन गई है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है।
- वाराणसी के पिण्डरा विधायक डा अवधेश सिंह को सुनिए काशी द्वार योजना का खाका खींच रहे है सर्किल रेट मुआवजा में किसानों को 2013का दिया जा रहा है इस बोलना नही चाहते।1
- सरकार से हम यही कहते हैं बच्चों को अगर दो-चार मिनट लेट हो जाए अंदर जाने का कृपया करें1
- जौनपुर सिरकोनी क्षेत्र के शादीपुर गांव में सिरकोनी बाजार काजगांव को जोड़ने वाली रास्ते पर टंकी का गद्दा दे रहे हैं विशाल घटना के संकेत1
- थाना दुर्गागंज क्षेत्र के ग्राम रामनगर में बीते दिनों हुई सबमर्सिबल पंप व विद्युत उपकरणों की चोरी की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी का सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार 13 फरवरी की रात हेमंत धर, राहुल शुक्ला व सभाजीत यादव के खेतों से सबमर्सिबल, स्टेपलाइजर, स्टार्टर और केबल तार चोरी कर लिए गए थे। 14 फरवरी की रात अर्जुन सिंह के टीनशेड दालान से स्टेपलाइजर चोरी हुआ। मामले में थाना दुर्गागंज पर मु0अ0सं0 17/26 व 18/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक भदोही श्री अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक श्री शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में तथा क्षेत्राधिकारी क्राइम श्री चमन सिंह चावड़ा के नेतृत्व में बुधवार को पुलिस टीम ने हिम्मतपुर वरुणा पुल के पास से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी संदीप कन्नौजिया (23) निवासी हिम्मतपुर, दुर्गागंज तथा आरिफ शेख (21) निवासी तिलकट बाजार, सरायममरेज, प्रयागराज। बरामद सामान दो स्टेपलाइजर, दो स्टार्टर, एक सबमर्सिबल पंप व एक बंडल केबल तार। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर चार स्थानों पर चोरी की वारदात की थी। शेष सामान फरार साथियों के पास बताया गया है। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक सुरजबली वर्मा, उपनिरीक्षक सत्यनारायण यादव, हेड कांस्टेबल नंदलाल गौड़, कांस्टेबल राम प्रवेश गोस्वामी व कांस्टेबल विपिन कुमार शामिल रहे। —1
- अजय सामाजिक सेवा समिति ने विनीत सिंह को किया सम्मानित1
- Post by NEWS TIME UP1
- ब्रेकिंग न्यूज़ अखंड गौरवशाली क्षत्रिय समाज फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ सतीश कुमार कसेरा ने लोगों से वार्ता करने के बाद असका का व्यक्त की किस तरह की सरकारी रखें तो 10 20 सालों में भारत का पुणे बटवारा होगा और भारत को बांटने की साजिश हो रही है हिंदू को हिंदू से लड़ाया जा रहा है हिंदू मुसलमान किया जा रहा है1
- काशी द्वार योजना पर किसान बनाम सरकार: मुआवज़े को लेकर टकराव, विपक्ष किसानों के साथ, विधायक बोले— जबरदस्ती नहीं वाराणसी। काशी द्वार योजना को लेकर किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। जहां एक ओर समाजवादी पार्टी किसानों के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने विपक्ष पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया है। बीजेपी विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने कहा कि इस योजना के तहत केवल उन्हीं किसानों की जमीन ली जा रही है, जिन्होंने सहमति दी है। अब तक करीब 400 किसानों की सहमति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी किसान पर सरकारी अधिकारियों द्वारा कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा है, और न ही जबरन जमीन ली जा रही है। उनका आरोप है कि विपक्षी दल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को तूल दे रहे हैं। डॉ. अवधेश सिंह ने बताया कि काशी द्वार योजना के अंतर्गत क्षेत्र का व्यापक विकास किया जाना है, जिसमें प्रमुख रूप से कॉन्वेंट स्कूल, ट्रामा सेंटर, हॉस्टल, स्टेडियम सहित कई बड़े विकास कार्य प्रस्तावित हैं, जिससे स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल की बेहतर सुविधाएं मिल सकें। वहीं दूसरी तरफ किसानों का मुख्य विरोध मुआवज़े की दर को लेकर है। किसानों का कहना है कि उन्हें साल 2013 के सर्किल रेट के आधार पर मुआवज़ा दिया जा रहा है, जबकि वे 2025 के वर्तमान सर्किल रेट के अनुसार मुआवज़ा चाहते हैं। इसी मांग को लेकर किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने अपने बयान में 2013 के सर्किल रेट से मुआवज़ा दिए जाने के मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, और न ही इस सवाल पर कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने आई। इधर समाजवादी पार्टी से सांसद प्रिया सरोज समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल किसानों से मिलने पहुंचा और किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विरोध करने का भरोसा दिलाया। सपा नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि किसानों को उनका वाजिब हक नहीं दिया जा रहा और उन्हें एक बार फिर सिर्फ वोट बैंक की राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि आज भी किसान को सिर्फ वोट बैंक समझा जाता है, जबकि ज़मीन अधिग्रहण जैसे गंभीर मामलों में उनके हितों की अनदेखी होती है। उनका साफ कहना है कि जब जमीन वर्तमान दर पर खरीदी जा रही है, तो मुआवज़ा भी वर्तमान सर्किल रेट के हिसाब से मिलना चाहिए। फिलहाल काशी द्वार योजना विकास बनाम मुआवज़े के सवाल पर सियासी टकराव का केंद्र बन गई है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है।1