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मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में राजा नल की नगरी के रूप में विख्यात नरवर के ऐतिहासिक किले से एक अत्यंत गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ स्थित करीब 400 वर्ष पुरानी बेशकीमती तोप चोरी हो गई है। इस बेशकीमती ऐतिहासिक तोप के चोरी होने की जानकारी मिलते ही जिले के पुरातत्व विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने खुद मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया है।
Vipin kumar mangal
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में राजा नल की नगरी के रूप में विख्यात नरवर के ऐतिहासिक किले से एक अत्यंत गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ स्थित करीब 400 वर्ष पुरानी बेशकीमती तोप चोरी हो गई है। इस बेशकीमती ऐतिहासिक तोप के चोरी होने की जानकारी मिलते ही जिले के पुरातत्व विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने खुद मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया है।
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- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में राजा नल की नगरी के रूप में विख्यात नरवर के ऐतिहासिक किले से एक अत्यंत गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ स्थित करीब 400 वर्ष पुरानी बेशकीमती तोप चोरी हो गई है। इस बेशकीमती ऐतिहासिक तोप के चोरी होने की जानकारी मिलते ही जिले के पुरातत्व विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने खुद मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया है।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के ऐतिहासिक नगर नरवर में राजा नल के प्रसिद्ध किले से सदियों पुरानी धरोहर मानी जाने वाली एक प्राचीन तोप चोरी हो गई है। इस घटना ने किले की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस ऐतिहासिक धरोहर की चोरी होने से स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है और वे दोषियों की जल्द गिरफ्तारी के साथ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। किले के सुरक्षा गार्ड के अनुसार, लगभग 10 दिन पहले कुछ अज्ञात लोगों ने इस भारी-भरकम तोप को उसके स्थान से नीचे गिरा दिया था, जिसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दी गई थी। अधिकारियों ने तोप को सुरक्षित स्थान पर रखने का आश्वासन दिया था, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर बीते दिन अज्ञात चोर किले के पिछले रास्ते से तोप चोरी कर ले गए। मौके पर मिले निशानों से अनुमान लगाया जा रहा है कि चोरों ने लोहे की बेयरिंग वाली हाथ ठेला (पहिया गाड़ी) की मदद से तोप को नीचे उतारा था। इस ऐतिहासिक किले में पहले अलग-अलग जगहों पर 14 तोपें हुआ करती थीं। इससे पहले साल 2003 में भी यहाँ से एक तोप चोरी हुई थी, जिसे बाद में बरामद कर सभी तोपों को एक ही स्थान पर सुरक्षित रख दिया गया था। फिलहाल, पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच कर चोरों की तलाश में जुटे हुए हैं और जल्द ही मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में ऐतिहासिक नरवर किले से सिंधिया रियासतकालीन करीब 400 साल पुरानी दुर्लभ तोप चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस वारदात को 15-16 जुलाई की दरमियानी रात 25 से 30 हथियारबंद बदमाशों ने किले में धावा बोलकर अंजाम दिया। ये बदमाश वहां की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए प्राचीन तोप को अपने साथ ले गए। इस घटना के बाद से पुलिस, पुरातत्व विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले यह ऐतिहासिक तोप अपने मूल स्थान से गिर गई थी, लेकिन इसे दोबारा सुरक्षित स्थान पर नहीं रखा गया था। बदमाशों ने इसी लापरवाही का फायदा उठाकर इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस और पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने घटना स्थल का निरीक्षण किया है। प्रारंभिक जांच में इस मामले के पीछे किसी अंतरराष्ट्रीय एंटीक तस्कर गिरोह का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल, पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही संदिग्ध वाहनों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी सघन जांच की जा रही है। ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक और चोरी की घटना ने वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- ग्वालियर जिले के भितरवार में खाद की किल्लत, बिजली कटौती और नशे के खिलाफ किसान सभा ने एक जोरदार जुलूस निकाला। प्रदर्शन के बाद किसान सभा के पदाधिकारियों और क्षेत्रवासियों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार शिवदत्त कटारे को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से क्षेत्र की गंभीर समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की गई है। दिए गए ज्ञापन में मुख्य रूप से किसानों के लिए पर्याप्त खाद की व्यवस्था सुनिश्चित कराने और बिजली कंपनी को नियमित एवं सुचारू विद्युत आपूर्ति देने के निर्देश जारी करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, शिक्षण संस्थानों की जांच कर छात्रों से वसूली जा रही अतिरिक्त फीस पर रोक लगाने और पुलिस प्रशासन को मुस्तैद कर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबारियों पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन सौंपने के बाद तहसीलदार शिवदत्त कटारे ने किसानों को आश्वासन दिया कि प्रशासन इन सभी समस्याओं पर जल्द ही उचित कार्यवाही करेगा और इनका निपटारा करेगा। इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से किसान सभा भितरवार के पदाधिकारी कॉमरेड बीरबल चैन, मुकेश यादव, दिनेश पाठक, मुन्ना कुरैशी, पवन और संदीप सहित बड़ी संख्या में किसान व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।2
- शिवपुरी के ऐतिहासिक नरवर किले से 16वीं सदी की तोप चोरी होने के मामले में एक बड़ा और नया खुलासा हुआ है, जिसने शुरुआती दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जानकारी में दावा किया गया था कि करीब 30 हथियारबंद बदमाश किले में आए थे, लेकिन पुलिस जांच में इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है। वास्तविक घटनाक्रम का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि चोरों ने 5 जुलाई को ही तोप को नीचे गिरा दिया था। इसके बाद, 15-16 जुलाई की रात को अज्ञात चोर उसे वाहन में लादकर ले जाने में सफल रहे। जांच में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है कि वारदात के समय किले की सुरक्षा के लिए तैनात चौकीदार मौके पर मौजूद ही नहीं था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया और पुरातत्व विभाग के उपसंचालक पी.सी. महोबिया ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में सरगर्मी से जुटी हुई है।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित नरवर किले से 400 साल पुरानी अष्टधातु की ऐतिहासिक तोप चोरी हो गई है। इस घटना के बाद एसपी यंगचेन डोलकर भूटिया मौके पर पहुंचीं। फिलहाल पुलिस द्वारा हथियारबंद बदमाशों की तलाश तेज कर दी गई है।1
- शिवपुरी जिले के ऐतिहासिक नरवर किले से 16वीं सदी की एक प्राचीन तोप चोरी होने के मामले में पुलिस जांच के दौरान एक नया खुलासा सामने आया है। शुरुआती जानकारी में दावा किया गया था कि 30 हथियारबंद बदमाशों ने किले में घुसकर इस ऐतिहासिक तोप को चोरी किया है, लेकिन पुलिस की जांच में यह दावा पूरी तरह से गलत पाया गया है। पुलिस के अनुसार, जिस समय यह वारदात हुई उस समय किले पर तैनात चौकीदार मौके पर मौजूद नहीं था। जांच में यह भी सामने आया है कि चोरों ने 5 जुलाई को ही तोप को उसके स्थान से नीचे गिरा दिया था, जिसके बाद 15-16 जुलाई की रात को अज्ञात चोर किसी वाहन की मदद से उसे वहां से उठाकर ले गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया और पुरातत्व विभाग के उपसंचालक पी.सी. महोबिया ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके से पुलिस को रजाई, गद्दा, पाइप और तोप को ले जाने के निशान मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया है। फिलहाल पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और उसका कहना है कि जल्द ही आरोपियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के नरवर में विधायक रमेश खटीक की जनचौपाल के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब ग्रामीणों ने उनकी शिकायतें न सुने जाने का आरोप लगाया। इस बात से नाराज होकर विरोध स्वरूप एक व्यक्ति ने अपने मासूम बच्चे को सीधे विधायक की कार के बोनट पर रख दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है।1