वोहदपुरा गांव में महिलाओं का विरोध प्रदर्शन ग्रामीणों का आरोप है कि शराब ठेके के कारण गांव में शराबखोरी बढ़ रही है, , जिससे घरेलू कलह, आर्थिक नुकसान और सामाजिक माहौल खराब हो रहा है। ऐसे मामलों में अक्सर महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं, इसलिए विरोध की अगुवाई भी महिलाओं ने की। धार्मिक और स्थान संबंधी विवाद समाचार के अनुसार ठेका मंदिर के पास स्थित है। भारत में धार्मिक स्थलों के पास शराब की दुकान होने पर अक्सर स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत होती हैं, इसलिए यह विरोध का एक बड़ा कारण बन सकता है। प्रशासनिक पहलू पुलिस के मौके पर पहुंचने से यह स्पष्ट है कि प्रशासन स्थिति को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहा है। लेकिन अगर ग्रामीणों की मांग लंबे समय से लंबित है, तो यह प्रशासनिक निर्णय या लाइसेंसिंग प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर सकता है। महिला नेतृत्व वाला आंदोलन गांवों में शराब के खिलाफ आंदोलनों में अक्सर महिलाओं की बड़ी भूमिका होती है। कई राज्यों में महिलाओं के आंदोलनों के बाद ही शराब की दुकानों को हटाया गया है या शराबबंदी की मांग तेज हुई है। संभावित परिणाम प्रशासन ठेके की जांच या स्थान परिवर्तन पर विचार कर सकता है। यदि विरोध जारी रहता है तो कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है। यह मामला स्थानीय राजनीति और पंचायत स्तर पर भी मुद्दा बन सकता है। यह घटना केवल एक स्थानीय विरोध नहीं है, बल्कि ग्रामीण समाज में शराब के प्रभाव, महिलाओं की भूमिका और प्रशासनिक फैसलों के बीच टकराव को भी दर्शाती है। रिपोर्ट - भूपसिंह पत्रकार व सहयोगी साथी उरई शाक्यसंदेश भारत दर्शन नेशनल न्यूज लीड इंडिया उत्तर प्रदेश
वोहदपुरा गांव में महिलाओं का विरोध प्रदर्शन ग्रामीणों का आरोप है कि शराब ठेके के कारण गांव में शराबखोरी बढ़ रही है, , जिससे घरेलू कलह, आर्थिक नुकसान और सामाजिक माहौल खराब हो रहा है। ऐसे मामलों में अक्सर महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं, इसलिए विरोध की अगुवाई भी महिलाओं ने की। धार्मिक और स्थान संबंधी विवाद समाचार के अनुसार ठेका मंदिर के पास स्थित है। भारत में धार्मिक स्थलों के पास शराब की दुकान होने पर अक्सर स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत होती हैं, इसलिए यह विरोध का एक बड़ा कारण बन सकता है। प्रशासनिक पहलू पुलिस के मौके पर पहुंचने से यह स्पष्ट है कि प्रशासन स्थिति को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहा है। लेकिन अगर ग्रामीणों की मांग लंबे समय से लंबित है, तो यह प्रशासनिक निर्णय या लाइसेंसिंग
प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर सकता है। महिला नेतृत्व वाला आंदोलन गांवों में शराब के खिलाफ आंदोलनों में अक्सर महिलाओं की बड़ी भूमिका होती है। कई राज्यों में महिलाओं के आंदोलनों के बाद ही शराब की दुकानों को हटाया गया है या शराबबंदी की मांग तेज हुई है। संभावित परिणाम प्रशासन ठेके की जांच या स्थान परिवर्तन पर विचार कर सकता है। यदि विरोध जारी रहता है तो कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है। यह मामला स्थानीय राजनीति और पंचायत स्तर पर भी मुद्दा बन सकता है। यह घटना केवल एक स्थानीय विरोध नहीं है, बल्कि ग्रामीण समाज में शराब के प्रभाव, महिलाओं की भूमिका और प्रशासनिक फैसलों के बीच टकराव को भी दर्शाती है। रिपोर्ट - भूपसिंह पत्रकार व सहयोगी साथी उरई शाक्यसंदेश भारत दर्शन नेशनल न्यूज लीड इंडिया उत्तर प्रदेश
- , जिससे घरेलू कलह, आर्थिक नुकसान और सामाजिक माहौल खराब हो रहा है। ऐसे मामलों में अक्सर महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं, इसलिए विरोध की अगुवाई भी महिलाओं ने की। धार्मिक और स्थान संबंधी विवाद समाचार के अनुसार ठेका मंदिर के पास स्थित है। भारत में धार्मिक स्थलों के पास शराब की दुकान होने पर अक्सर स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत होती हैं, इसलिए यह विरोध का एक बड़ा कारण बन सकता है। प्रशासनिक पहलू पुलिस के मौके पर पहुंचने से यह स्पष्ट है कि प्रशासन स्थिति को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहा है। लेकिन अगर ग्रामीणों की मांग लंबे समय से लंबित है, तो यह प्रशासनिक निर्णय या लाइसेंसिंग प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर सकता है। महिला नेतृत्व वाला आंदोलन गांवों में शराब के खिलाफ आंदोलनों में अक्सर महिलाओं की बड़ी भूमिका होती है। कई राज्यों में महिलाओं के आंदोलनों के बाद ही शराब की दुकानों को हटाया गया है या शराबबंदी की मांग तेज हुई है। संभावित परिणाम प्रशासन ठेके की जांच या स्थान परिवर्तन पर विचार कर सकता है। यदि विरोध जारी रहता है तो कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है। यह मामला स्थानीय राजनीति और पंचायत स्तर पर भी मुद्दा बन सकता है। यह घटना केवल एक स्थानीय विरोध नहीं है, बल्कि ग्रामीण समाज में शराब के प्रभाव, महिलाओं की भूमिका और प्रशासनिक फैसलों के बीच टकराव को भी दर्शाती है। रिपोर्ट - भूपसिंह पत्रकार व सहयोगी साथी उरई शाक्यसंदेश भारत दर्शन नेशनल न्यूज लीड इंडिया उत्तर प्रदेश2
- Post by प्रदीप महतवानी1
- जालौन : वोहदपुरा में महिलाओं का हल्लाबोल कर शराब ठेके के खिलाफ किया रोड जाम, ठेका बंद करो का लगाया नारा!! ग्रामीणों ने ठेके का घेराव कर नारेबाजी की और ठेका दूर हटाने की उठाई मांग!!!!!!@1
- please help support karo1
- जालौन जिले में दबंगों के हौसले बुलंद होते नजर आ रहे हैं। देर रात ढाबे के बाहर कुछ दबंगों ने एक ही परिवार के तीन लोगों के साथ बेरहमी से मारपीट कर दी। हमले में घायल तीनों लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला मुहम्मदाबाद का है, जो डकोर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आता है। बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार के लोग रात में ढाबे के बाहर खड़े थे, तभी कुछ दबंग वहां पहुंचे और किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दबंगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में एक ही परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल जिला अस्पताल उरई भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मारपीट की पूरी घटना पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई है। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।1
- Post by Bheem rajawat 96288004581
- जनपद में फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने तथा अवशेष किसानों की शीघ्र रजिस्ट्री सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में सामुदायिक भवन ईको पार्क, माती में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लगे समस्त संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में अब तक लगभग 63 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष किसानों का पंजीकरण शीघ्र पूर्ण कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि फार्मर रजिस्ट्री का कार्य प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान चलाकर निर्धारित समयावधि में शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करें तथा कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए । जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का पूर्ण निर्वहन करते हुए कार्य को शीघ्रता से पूर्ण कराएं, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस व्यवस्था का लाभ मिल सके। बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित ऐप के संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराया जा सके। जिलाधिकारी ने कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि पंचायत सहायकों एवं कृषि विभाग के कर्मचारियों द्वारा प्रत्येक गांव में जाकर अवशेष किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी मिलकर लक्ष्य के अनुरूप कार्य करें, जिससे जनपद में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य शीघ्र पूर्ण कर किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जा सके। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य, उप कृषि निदेशक हरीशंकर भार्गव, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी, डीसी नरेगा अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ उमेश गुप्ता, एसीएमओ सुखलाल वर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, तहसीलदार, समस्त खंड विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार, एडीओ पंचायत, एडीओ कृषि, पंचायत सहायक, कृषि विभाग के अन्य संबंधित कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।1
- खास खबर है जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र के जालौन नगर क्षेत्र से जुड़ी हुई जहां आज़ से गैस सिलेंडर की आनलाइन बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं के लिए होम डिलीवरी शुरू कर दी गई है देखें खास रिपोर्ट देवेश कुमार स्वर्णकार के साथ1