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आगरा जिले के खेरागढ़ स्थित भोपुर गांव में नाले पर हुए अवैध अतिक्रमण के कारण एक परिवार के घर के चारों ओर पानी भर गया है। इस पानी की रुकावट के चलते घर की दीवारें चटक गई हैं, जिससे परिवार के सदस्यों, खासकर छोटे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। घर के मालिक ने आशंका व्यक्त की है कि यदि यह मकान पानी के कारण गिर जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने अवैध अतिक्रमण को इस स्थिति का मूल कारण बताया है, जिससे उनके घर के गिरने का भय उत्पन्न हो गया है।
प्रेम कश्यप
आगरा जिले के खेरागढ़ स्थित भोपुर गांव में नाले पर हुए अवैध अतिक्रमण के कारण एक परिवार के घर के चारों ओर पानी भर गया है। इस पानी की रुकावट के चलते घर की दीवारें चटक गई हैं, जिससे परिवार के सदस्यों, खासकर छोटे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। घर के मालिक ने आशंका व्यक्त की है कि यदि यह मकान पानी के कारण गिर जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने अवैध अतिक्रमण को इस स्थिति का मूल कारण बताया है, जिससे उनके घर के गिरने का भय उत्पन्न हो गया है।
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- धौलपुर शहर के पुराना शहर स्थित वाल्मीकि बस्ती के सामुदायिक भवन में शुक्रवार को सामाजिक समरसता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ दुर्गा माता मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसकी अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत ने की। इस अवसर पर, जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत ने भारतीय जनता पार्टी के सामाजिक समरसता के सिद्धांत पर कार्य करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक समरसता का अर्थ समाज के सभी वर्गों, जातियों, धर्मों और समुदायों के बीच आपसी मेल-जोल, समानता और सम्मान की भावना स्थापित करना है। राजावत ने जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी जाति, धर्म, लिंग या आर्थिक स्थिति के आधार पर नहीं होना चाहिए, बल्कि सभी को साथ लेकर चलने और विभिन्न विचारों तथा परंपराओं का सम्मान करने से ही समाज मजबूत बनता है। उन्होंने भारत की संस्कृति को विविधता में एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यहां सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में सहभागिता करते हैं। राजावत के अनुसार, सामाजिक समरसता के बिना विकास की गति प्रभावित होती है, जबकि आपसी सहयोग और सद्भाव से समाज एवं राष्ट्र दोनों सशक्त बनते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों को समान शिक्षा, सामाजिक सहभागिता और साझा जिम्मेदारियों के माध्यम से समरसता की भावना को मजबूत किया जा सकता है। कार्यक्रम में, राजावत ने उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया कि वे हर समय तन, मन और धन से उनके सहयोग के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष धीर सिंह जादौन, शहर मंडल संयोजक बाचा राम बघेल, मीडिया प्रभारी मुकेश सक्सेना, पूर्व जिला मंत्री विनय परमार, प्रदीप सिसोदिया, शिवशंकर परिहार और सुभाष पचौरी सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इनके अलावा, रमेशचंद साहू, सोबरन सिंह नरवार, दुर्गाप्रसाद करोसिया, महेश मुखिया, मुन्नालाल खरे, बनवारीलाल करोसिया, रमेश मौर्य, मुकेश महंत, नरेश डागौर, वीरू रजक, बंसीमोहन, शिवराम पथरोल, दिनेश नरवार, मदन, मासूम, मुन्नालाल प्रजापति, भीकम बघेल, कप्तान बघेल, रमेश प्रजापति, पुजारी राजेंद्र प्रजापति, पवन नरवार, अजय थनवार, मोहन सिंह मास्टर, महेश डागौर, गोपाल बेनीवाल, शैलेंद्र जादौन, सरवन डागौर, रमेश बिसनारिया एवं बूटा नरवार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सुनील नरवार ने किया।1
- भारतसूत्र लाइव टीवी न्यूज चैनल और वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज चैनल आगरा, साथ ही समृद्ध भारत हिंदी दैनिक समाचार पेपर जबलपुर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऊर्जामंत्री ए के शर्मा के गृह जनपद मऊ में गंभीर बिजली संकट का सामना किया जा रहा है। नगर पंचायत कोपागंज स्थित भदसा मानोपुर गाँव में पिछले तीन दिनों से बिजली गुल है, जिससे ग्रामीण भारी परेशानी में हैं। इस समस्या को लेकर ग्रामीण रात के समय सबस्टेशन पहुँचे, लेकिन ग्रामीणों के पहुँचते ही वहाँ के कर्मचारियों ने अपने सभी मोबाइल नंबर बंद कर दिए और मौके से भाग निकले।4
- आगरा के मशहूर कॉमेडियन और यूट्यूबर बाबू गप्पी, जिन्हें भोला गुर्जर के नाम से भी जाना जाता है, का एक अश्लील एक्ट सामने आया है। उन्होंने एक डॉक्टर के ऊपर एक वीडियो बनाया है जिसमें महिलाओं को अपमानित किया गया है। यह आपत्तिजनक वीडियो, जिसमें महिलाओं के हिप्स से संबंधित कंटेंट है और आधी आबादी पर अभद्र एवं अश्लील कंटेंट परोसा गया है, सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे महिलाओं में भारी आक्रोश है। आरोप है कि यह कंटेंट व्यूज बढ़ाने और ज्यादा फॉलोअर्स पाने के लालच में बनाया गया है। चूंकि बाबू गप्पी उसी शहर में रहते हैं जहाँ से महिला आयोग की अध्यक्ष हैं, इसलिए इस मामले में बड़ी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसी ही एक घटना में, यूट्यूबर जकाती पर भी महिलाओं पर अश्लील कंटेंट बनाने के आरोप में पहले कार्यवाही हो चुकी है। अब बाबू गप्पी द्वारा महिलाओं को लेकर बनाए गए इस अश्लील कंटेंट के मामले पर भी कार्यवाही का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।1
- “जैसी करनी वैसी भरनी...” के मूलमंत्र पर जोर देते हुए कहा गया है कि यदि किसी अपराधी ने जुर्म किया है, तो उसे सज़ा मिलना बेहद ज़रूरी है। यह संदेश ख़ासतौर पर बिहार पुलिस के लिए है, जिस पर आरोप है कि उसने वर्दी का नाजायज फायदा उठाकर एक समाजसेवी इंसान को “यमराज के बगैर बुलावे के” ऊपर पहुंचा दिया। इस कृत्य के बाद समाज में न्याय की मांग उठ रही है। इस बात को पुख्ता करने के लिए एक महीने पहले के बिहार के वैशाली जिले के एक मामले का उदाहरण दिया गया है, जहाँ 84 वर्षीय दीपराय को 1992 के हत्या के एक मामले में 34 साल बाद वैशाली कोर्ट ने तीन साल के सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई है। बताया गया है कि दीपराय की पीठ 90 डिग्री झुक गई है और उन्हें चलने के लिए सहारे की ज़रूरत पड़ती है, लेकिन 34 साल पहले, जब वह 50 वर्ष के थे, तब वे एक 'माफिया' थे। उन्होंने अपने पड़ोस के एक व्यक्ति को रिवॉल्वर से मार डाला था, और इससे पहले उन्होंने उस व्यक्ति और उसकी पत्नी के साथ मारपीट भी की थी। इस हत्या मामले में कुल 9 आरोपी थे, जिनमें से 4 अब इस दुनिया में नहीं हैं, जबकि बाकी 4 को 10-10 साल का कठोर कारावास मिला है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कानून उम्र या शरीर की स्थिति नहीं देखता। अब भरतभूषण नामक समाजसेवी की मौत पर सारा उत्तर-पूर्व भारत जाग गया है। चेतावनी दी गई है कि जब कोर्ट इन पुलिसकर्मियों को सज़ा सुनाएगी, तो कोई उनके लिए नहीं जागेगा और न ही उन्हें 7 तोपों की सलामी दी जाएगी, क्योंकि यह सलामी केवल शहीदों को मिलती है, अपराधियों को नहीं। यह भी कहा गया है कि अगर “भरततिवारी” के हाथों शहादत हो जाती, तो उन्हें भी 7 तोपों की सलामी मिल जाती। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, और सभी को कोर्ट के फैसले का इंतज़ार है कि वह कितने समय में क्या निर्णय सुनाती है। अंत में यह संदेश दिया गया है कि दुनिया में न जुल्म रहेगा और न ही जालिम का दबदबा, अगर कुछ रहेगा तो वह सिर्फ प्यार होगा।2
- धौलपुर जिला बैडमिंटन संघ द्वारा स्वर्गीय वीर लोकेन्द्र राणा की स्मृति में एक जिला स्तरीय सब-जूनियर एवं जूनियर बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 11 से 15 जुलाई 2026 तक इंदिरा गांधी इंडोर बैडमिंटन हॉल, स्टेशन रोड, धौलपुर में संपन्न होगी। जिला बैडमिंटन संघ के सचिव एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष मोहम्मद जाकिर हुसैन के अनुसार, इस प्रतियोगिता में अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता का आयोजन राजस्थान बैडमिंटन संघ के नियमों के अनुसार नॉकआउट आधार पर किया जाएगा। इसमें जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं खेल अकादमियों के सैकड़ों खिलाड़ियों के शामिल होने की संभावना है। इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिताओं के लिए किया जाएगा, जिससे जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। संघ ने सभी इच्छुक खिलाड़ियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे 10 जुलाई 2026 तक अपनी प्रविष्टि अनिवार्य रूप से जमा करा दें, ताकि ड्रॉ समय पर तैयार किया जा सके; निर्धारित तिथि के बाद कोई भी प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जाएगी। जिला बैडमिंटन संघ ने खिलाड़ियों से समय पर उपस्थित होकर खेल भावना से भाग लेने और जिले के खेल प्रेमियों से प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने का भी आह्वान किया है।2
- एक वायरल वीडियो के विश्लेषण के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के अथोली पुलिस स्टेशन में चालीस फौजियों ने घुसकर पुलिसकर्मियों की पिटाई कर दी, जिसमें उनके हाथ-पैर तोड़ दिए गए। इस घटना के पीछे की वजह यह बताई गई है कि सैन्यकर्मियों का मानना था कि वे "इंसानियत बरत रहे हैं" जबकि पुलिसकर्मी "सिर पर चढ़कर बोल रहे" थे। इस "दंगल" के बाद अथोली पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारी यह "सबक" सीख गए होंगे कि उन्हें सैन्यकर्मियों से "टकराना नहीं चाहिए", क्योंकि सैनिक दुश्मन को सीधे गोली से समझाने की कसम खाते हैं। इसी क्रम में, जोधपुर, राजस्थान के वकीलों ने एक पूरे पुलिस थाने को निलंबित करवा दिया और उसके "हेकड़ी दिखाने वाले", "अपशब्दता करने वाले" SHO रीडर को भी निलंबित करा दिया। यह मामला 1 दिसंबर-25 का बताया गया है। इस घटना से यह संदेश दिया गया कि SHO को भी वकीलों से न टकराने का सबक मिला होगा, क्योंकि वकील कानून की अधिक धाराएं जानते हैं। यह दोनों घटनाएं इस बात पर जोर देती हैं कि कैसे "हर डान माफिया के ऊपर भी छोटा माफिया भारी पड़ जाता है", इसलिए किसी को अपने "गुरूर घमंड में" नहीं रहना चाहिए। इसके अतिरिक्त, बिहार के मुख्यमंत्री का नाम "राकेश चौधरी" बताया गया है, जिन्होंने अपनी "पॉवर रुतबा दिखाने" के लिए खुद को "सम्राट चौधरी" बना लिया है। दावा किया गया है कि उनकी शक्ल से ही वे "माफिया" लगते हैं। उन पर यह भी आरोप है कि वे सातवीं कक्षा तक पढ़े हैं और सात व्यक्तियों के खून के आरोपी हैं। आरोप के अनुसार, 26 साल के राकेश चौधरी ने फर्जी सर्टिफिकेट में खुद को 14 साल का नाबालिग बताकर बरी करवा लिया था। निष्कर्षतः, इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि सेना और वकील पुलिस बल पर भारी पड़ जाते हैं, और पुलिस को इन दोनों के आगे झुकना पड़ता है।2