बदायूं के सहसवान में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अस्पताल संचालकों ने खबर प्रकाशित करने वाले पत्रकार को ही अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली। विभाग द्वारा अस्पतालों को सील करने की कार्रवाई से बौखलाए संचालकों ने जब अधिकारियों पर अपना जोर नहीं चला पाया, तो उन्होंने पत्रकार सौरभ गुप्ता को निशाना बनाया। पीड़ित पत्रकार ने इस संबंध में थाना सहसवान में दो व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए तहरीर दी है और पुलिस से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। पत्रकार सौरभ गुप्ता के अनुसार, कुछ समय पूर्व उपजिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की संयुक्त जांच में दस्तावेजों की कमी पाए जाने पर एक निजी अस्पताल को सील किया गया था। सौरभ ने इस खबर को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया था। आरोप है कि खबर से नाराज होकर अकबरपुर, गुन्नौर निवासी अस्पताल संचालक हर्ष यादव ने सौरभ को रास्ते में रोककर खबर हटाने का दबाव बनाया। जब सौरभ ने ऐसा करने से इनकार किया, तो उसे परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। सौरभ गुप्ता ने यह भी बताया कि इसके बाद हर्ष यादव के साथी, दहगवाँ निवासी योगेंद्र यादव ने उन्हें तहसील परिसर में खबर हटाने के बदले पैसे का प्रस्ताव दिया। इनकार करने पर योगेंद्र ने धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर बात मान ली जाए तो ठीक है, अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। घटना के समय सौरभ गुप्ता के साथ उनके साथी पत्रकार अबीर सक्सेना और शिव सिंह भी मौजूद थे। सौरभ गुप्ता ने अपनी तहरीर में दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है और अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। पत्रकार को मिली इस धमकी के बाद पत्रकार संगठनों में गहरा रोष फैल गया है। संगठनों ने पुलिस से इस मामले में निष्पक्ष जांच कर धमकी देने वाले आरोपियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है।
बदायूं के सहसवान में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अस्पताल संचालकों ने खबर प्रकाशित करने वाले पत्रकार को ही अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली। विभाग द्वारा अस्पतालों को सील करने की कार्रवाई से बौखलाए संचालकों ने जब अधिकारियों पर अपना जोर नहीं चला पाया, तो उन्होंने पत्रकार सौरभ गुप्ता को निशाना बनाया। पीड़ित पत्रकार ने इस संबंध में थाना सहसवान में दो व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए तहरीर दी है और पुलिस से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। पत्रकार सौरभ गुप्ता के अनुसार, कुछ समय पूर्व उपजिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की संयुक्त जांच में दस्तावेजों की कमी पाए जाने पर एक निजी अस्पताल को सील किया गया था। सौरभ ने इस खबर को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया था। आरोप है कि खबर से नाराज होकर अकबरपुर, गुन्नौर निवासी अस्पताल संचालक हर्ष यादव ने सौरभ को रास्ते में रोककर खबर हटाने का दबाव बनाया। जब सौरभ ने ऐसा करने से इनकार किया, तो उसे परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। सौरभ गुप्ता ने यह भी बताया कि इसके बाद हर्ष यादव के साथी, दहगवाँ निवासी योगेंद्र यादव ने उन्हें तहसील परिसर में खबर हटाने के बदले पैसे का प्रस्ताव दिया। इनकार करने पर योगेंद्र ने धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर बात मान ली जाए तो ठीक है, अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। घटना के समय सौरभ गुप्ता के साथ उनके साथी पत्रकार अबीर सक्सेना और शिव सिंह भी मौजूद थे। सौरभ गुप्ता ने अपनी तहरीर में दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है और अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। पत्रकार को मिली इस धमकी के बाद पत्रकार संगठनों में गहरा रोष फैल गया है। संगठनों ने पुलिस से इस मामले में निष्पक्ष जांच कर धमकी देने वाले आरोपियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है।
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के बिसौली नगर स्थित इमामबाड़ा कदीम हवेली सादात में अलम ए मुबारक का जुलूस बड़ी अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी तादाद में अज़ादारों ने शिरकत की, जिन्होंने नौहाख्वानी और मातम के ज़रिए हज़रत इमाम हुसैन अ.स. और उनके वफादार साथियों को खिराज ए अकीदत पेश की। मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना फिरोज अब्बास नकवी लखनवी ने बताया कि इमाम हुसैन अ.स. की कुर्बानी इंसानियत, इंसाफ, सच्चाई और हक की सरबलंदी का सबसे बड़ा पैगाम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कर्बला का संदेश हर दौर में जुल्म, अत्याचार और नाइंसाफी के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा देता है। मौलाना के दर्द भरे बयान को सुनकर अज़ादारों की आंखें नम हो गईं और पूरा माहौल गम और अकीदत से भर गया। इस मजलिस में अंजुमन फरोगे अजा के सदर मो. रज़ा, मुतावल्ली अब्बास रजा, मुस्तफा हैदर, तनज़ीम हैदर, अकील अब्बास, साजिद अब्बास, आलिम अली, सलीम अली, शाहिद रज़ा, सय्यद रज़ा, अफरोज अब्बास, गुलरैज़ अब्बास, महमूद अली, इज्ज़त अली, मो. वसीम, मोहम्मद सलीम, ज़िया अब्बास, फैसल अली, तैयब अली, औन अब्बास, माजिद अली, शब्बर खान, अता हुसैन, दिलशाद हुसैन, शहबाज हुसैन, इमरान अली, मुन्तजिर, तनवीर इकबाल, जमाल इकबाल, हैदर रज़ा, हसन इकबाल, हुसैन इकबाल, शावेज़ अब्बास, मोहम्मद ज़की, कमर अब्बास, अज़हर अब्बास और इमरान रिज़वी सहित कई लोग मौजूद रहे।1
- शिव मंदिर में कल एक भंडारे का आयोजन किया गया है। सभी भक्तों को इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए बुलाया गया है।2
- बदायूं के सहसवान में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अस्पताल संचालकों ने खबर प्रकाशित करने वाले पत्रकार को ही अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली। विभाग द्वारा अस्पतालों को सील करने की कार्रवाई से बौखलाए संचालकों ने जब अधिकारियों पर अपना जोर नहीं चला पाया, तो उन्होंने पत्रकार सौरभ गुप्ता को निशाना बनाया। पीड़ित पत्रकार ने इस संबंध में थाना सहसवान में दो व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए तहरीर दी है और पुलिस से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। पत्रकार सौरभ गुप्ता के अनुसार, कुछ समय पूर्व उपजिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की संयुक्त जांच में दस्तावेजों की कमी पाए जाने पर एक निजी अस्पताल को सील किया गया था। सौरभ ने इस खबर को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया था। आरोप है कि खबर से नाराज होकर अकबरपुर, गुन्नौर निवासी अस्पताल संचालक हर्ष यादव ने सौरभ को रास्ते में रोककर खबर हटाने का दबाव बनाया। जब सौरभ ने ऐसा करने से इनकार किया, तो उसे परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। सौरभ गुप्ता ने यह भी बताया कि इसके बाद हर्ष यादव के साथी, दहगवाँ निवासी योगेंद्र यादव ने उन्हें तहसील परिसर में खबर हटाने के बदले पैसे का प्रस्ताव दिया। इनकार करने पर योगेंद्र ने धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर बात मान ली जाए तो ठीक है, अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। घटना के समय सौरभ गुप्ता के साथ उनके साथी पत्रकार अबीर सक्सेना और शिव सिंह भी मौजूद थे। सौरभ गुप्ता ने अपनी तहरीर में दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है और अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। पत्रकार को मिली इस धमकी के बाद पत्रकार संगठनों में गहरा रोष फैल गया है। संगठनों ने पुलिस से इस मामले में निष्पक्ष जांच कर धमकी देने वाले आरोपियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है।1
- बदायूं से श्री शिव शक्ति मानव सेवा समिति के पदाधिकारी शुक्रवार को 20वीं बार अमरनाथ यात्रा में भंडारे का आयोजन करने के लिए खाद्य सामग्री लेकर जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो गए। शिव भक्तों को लालपुल से विदा किया गया। समिति विगत 19 वर्षों से प्रत्येक वर्ष जम्मू-कश्मीर के बालटाल दुमैल में अमरनाथ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की निःशुल्क सेवा करती आ रही है। संस्था के प्रधान संजय पाराशरी और महासचिव डॉ. शम्स बदायूंनी ने संयुक्त रूप से बताया कि उनकी समिति दुमैल बालटाल (जम्मू-कश्मीर) में विशाल भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन आदि की निःशुल्क व्यवस्था करती है। इस वर्ष भी, समिति अपने 20वें विशाल भंडारे का आयोजन करने के लिए लालपुल चौराहा, बदायूं से शिव भक्तों के साथ जम्मू-कश्मीर रवाना हुई है। संस्था अध्यक्ष तुषार पाराशरी ने जानकारी दी कि इस बार बाबा बर्फानी के दर्शन हेतु अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त 2026 तक बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए जारी रहेगी। उनके भंडारे में ठहरने, विश्राम करने और भोजन आदि की निःशुल्क व्यवस्था रहती है, जहाँ सेवादार निस्वार्थ भाव से शिव भक्तों की सेवा करते हैं। महासचिव डॉ. शम्स बदायूंनी ने यह भी बताया कि हिमालय पर्वतमाला में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस गुफा मंदिर की 57 दिन की तीर्थयात्रा में श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश की एजेंसियां मिलकर काम करती हैं, जबकि समितियां भंडारे लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर रहती हैं। तीर्थयात्री अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में छोटे लेकिन अधिक ढलान वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करेंगे। इस अवसर पर डॉ. शम्स बदायूंनी, तुषार पाराशरी, समीर पाराशरी, नम्रता शर्मा, रितु शर्मा और प्रवीण भाटिया सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।4
- पीडब्लूडी (PWD) द्वारा महज एक महीने पहले बनाए गए एक रोड की हालत बेहद खराब हो गई है।2
- लखनऊ में हुई एक दर्दनाक अग्नि दुर्घटना के बाद, मुख्यमंत्री ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके उपरांत, उन्होंने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) पहुंचकर हादसे में घायल हुए लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से घायलों के इलाज के संबंध में जानकारी प्राप्त की और प्राथमिकता के आधार पर सभी घायलों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए। सरकार ने इस हृदयविदारक हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। इसी कड़ी में, मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को ₹50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश जारी किए गए हैं। ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्राप्त हो और घायल व्यक्ति शीघ्र स्वस्थ हों।1