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नरसिंहपुर के खमतरा का ओवरब्रिज हो गया हे चालू रेलवे गेट से मिला छुटकारा दादा महाराज गोटेगांव जबलपुर जाना हुआ अब सरल घंटो खडे रहना पडता था अब जाना हुआ आसान
प्रदीप शर्मा करेली
नरसिंहपुर के खमतरा का ओवरब्रिज हो गया हे चालू रेलवे गेट से मिला छुटकारा दादा महाराज गोटेगांव जबलपुर जाना हुआ अब सरल घंटो खडे रहना पडता था अब जाना हुआ आसान
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- नरसिंहपुर के खमतरा का ओवरब्रिज हो गया हे चालू रेलवे गेट से मिला छुटकारा दादा महाराज गोटेगांव जबलपुर जाना हुआ अब सरल घंटो खडे रहना पडता था अब जाना हुआ आसान1
- पप्पू विश्वकर्मा छतरपुर की श्रद्धांजलि सभा में दमोह धार नरसिंहपुर गाडरवारा बासौदा से समाज बंधु शामिल हुए एवं श्रद्धांजलि अर्पित कर तेरहवीं भी को लेकर कुछ चर्चाएं हुई तेरह वी का बंद करने का निर्णय लिया और पप्पू भैया के बच्चों के पढ़ाई के लिए कुछ एक अच्छी राशि प्रदान कर पप्पूभाई को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की1
- नरसिंहपुर-संयुक्त किसान मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन,गन्ने का दाम ₹600 करने समेत रखीं 6 प्रमुख मांगें संयुक्त किसान मोर्चा और संगठन ने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम बुधवार एक ज्ञापन सौंपकर किसानों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान की मांग की है। संगठन ने गन्ने का लाभकारी मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने और चुनावी घोषणा के अनुसार 100 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग उठाई है। इसके साथ ही, किसानों ने खराब हुई सोयाबीन व उड़द फसल का तुरंत मुआवजा व बीमा राशि देने, जंगली सूअरों के आतंक से फसलों की सुरक्षा करने, महाकौशल शुगर मिल (बचई) से 14 दिनों के भीतर गन्ना भुगतान सुनिश्चित कराने और क्षेत्र में यूरिया व डीएपी खाद की पर्याप्त एवं पारदर्शी आपूर्ति करने की मांग प्रमुखता से की है।1
- EXPRESS MP CG NEWS1
- पखांजूर- 30 पेटी अवैध शराब के साथ स्कार्पियो सवार आरोपी गिरफ्तार1
- साप्ताहिक बाजार के अभाव में हर बुधवार स्टेट हाईवे-44 पर लगता है जाम साप्ताहिक बाजार के अभाव में हर बुधवार स्टेट हाईवे-44 पर लगता है जाम घंटों रेंगते रहते हैं वाहन, बर्बाद होता है सैकड़ों लीटर ईंधन; आखिर कब जागेगा नगर प्रशासन? सांई खेड़ा। देश को आजाद हुए लगभग आठ दशक बीत चुके हैं। इस दौरान केंद्र और प्रदेश में कई सरकारें आईं और गईं, विकास के नाम पर अनेक योजनाएं संचालित हुईं, लेकिन सांई खेड़ा नगर की कुछ बुनियादी समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। इन्हीं में एक बड़ी समस्या नगर में व्यवस्थित साप्ताहिक बाजार स्थल का अभाव है। इसका खामियाजा प्रत्येक बुधवार को आम नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों को भुगतना पड़ता है। नगर में साप्ताहिक बाजार के लिए उचित स्थान और व्यवस्था नहीं होने के कारण बुधवार को सब्जी एवं अन्य दुकानदार स्टेट हाईवे-44 के आसपास सड़क किनारे दुकानें लगाते हैं। परिणामस्वरूप हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और देखते ही देखते लंबा जाम लग जाता है। कई बार वाहन चालक घंटों एक ही स्थान पर फंसे रहते हैं। स्कूली बच्चों, मरीजों, यात्रियों और जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से ईंधन बचाने और अनावश्यक खपत रोकने की अपील करते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की अनदेखी के चलते हाईवे पर घंटों खड़े वाहनों में चालू इंजन के साथ पेट्रोल-डीजल की बर्बादी होती है। इससे न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि प्रदूषण भी बढ़ता है। सवाल यह है कि जब प्रत्येक बुधवार को लगने वाले बाजार और उससे उत्पन्न होने वाले जाम की समस्या प्रशासन के सामने है, तो अब तक इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला गया? क्या नगर में व्यवस्थित साप्ताहिक बाजार के लिए स्थान निर्धारित करना इतना कठिन है? नगरवासियों ने नगर परिषद एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि साप्ताहिक बाजार के लिए उचित स्थान निर्धारित कर व्यवस्थित बाजार विकसित किया जाए तथा तब तक स्टेट हाईवे-44 पर यातायात सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और यातायात नियंत्रण के ठोस इंतजाम किए जाएं, ताकि प्रत्येक बुधवार को आम जनता को जाम की परेशानी से निजात मिल सके।2
- *गौशाला बनी मौतशाला* संवाददाता-गोविन्द चौरसिया की रिपोर्ट "जिला पंचायत नरसिंहपुर की जनपद पंचायत करेली की ग्राम पंचायत मोहद में संचालित कामधेनु गौशाला से एक शर्मसार कर देने वाल तस्वीर सामने आई है, जहाँ सरकार की कामधेनु गौशाला ही गौवंश के लिए मौतशाला बन गई है। गौशाला में गायों को हरे चारे की जगह सूखा भूसा दिया जा रहा है। पानी में काई और मिट्टी जमी है, यही गंदा पानी गायें पीने को मजबूर हैं। बीमार गायें तड़प रही हैं,लेकिन डॉक्टर पिछले कई दिनों से यहाँ नहीं आया है। लेकिन सबसे भयावह मंजर है गौशाला के बाहर। यहाँ मरी हुई गायें कई-कई दिन तक पड़ी रहती हैं। उन्हें दफनाया नहीं जाता। आरोप है कि संचालक मृत गायों को पास के तालाब के किनारे फेंक देता है, जिससे तालाब का पानी दूषित हो रहा है और मृत गायों को आवारा कुत्ते और पक्षी नोच-नोच कर खा रहे हैं। चारों तरफ हड्डियां बिखरी पड़ी हैं। नियमानुसार गौशाला की जमीन पर पशुओं के लिए हरा चारा उगना चाहिए, लेकिन यहाँ पर इस जमीन पर फसल लगा रखी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशाला समिति का संचालक दूसरी तहसील में रहता है,जिनका गौशाला में आनाजाना बहुत ही कम होता है, जिसके कारण अव्यवस्थाये फैली रहती हैं।✍🏻 एमपी नरसिंहपुर से प्राइम न्यूज़ चैनल के लिए गोविंद चौरसिया एक रिपोर्ट1
- खातेगांव टीआई हत्या मामला... आरोपी आयशर ड्राइवर गजेंद्र उर्फ अक्कू का शॉर्ट एनकाउंटर, पैर में लगी गोली... पुलिस आलीराजपुर से पकड़कर ला रही थी खातेगांव, बरोठा थाना क्षेत्र में आरोपी ने किया भागने का प्रयास... गोली लगने के बाद आरोपी को किया गया अस्पताल में भर्ती।1