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दतिया विधानसभा क्षेत्र के लोगों से बहुजन समाज के सम्मान, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी के लिए चुनाव में एकजुट होने की अपील की गई है। इस चुनाव को केवल दामोदर यादव मंडल का चुनाव न मानकर, बहुजन राजनीति को मजबूत बनाने का जरिया बताया गया है। क्षेत्रवासियों से स्वयं दामोदर यादव बनकर चुनाव लड़ने और अपना योगदान देने का आह्वान किया गया है। संदेश में 'जय भीम!' और 'जय संविधान!' के नारों के साथ बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की बात कही गई है।
मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
दतिया विधानसभा क्षेत्र के लोगों से बहुजन समाज के सम्मान, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी के लिए चुनाव में एकजुट होने की अपील की गई है। इस चुनाव को केवल दामोदर यादव मंडल का चुनाव न मानकर, बहुजन राजनीति को मजबूत बनाने का जरिया बताया गया है। क्षेत्रवासियों से स्वयं दामोदर यादव बनकर चुनाव लड़ने और अपना योगदान देने का आह्वान किया गया है। संदेश में 'जय भीम!' और 'जय संविधान!' के नारों के साथ बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की बात कही गई है।
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- टीकमगढ़ में वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले अतिक्रमणकारियों के खिलाफ वन विभाग ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने जेसीबी मशीन चलाकर लगभग 10 एकड़ शासकीय वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है, जिससे अवैध कब्जा करने वालों में हड़कंप मच गया है। यह पूरी कार्रवाई सब रेंज दिगौडा की बीट बिजरावन के कक्ष RF-10 बुंदेलावरहार क्षेत्र में अंजाम दी गई, जहां कुछ अतिक्रमणकारियों ने रात के अंधेरे में चोरी-छिपे वन भूमि की जुताई कर उसमें फसल के बीज बो दिए थे। इस अवैध जुताई की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत हरकत में आ गई। यह बड़ी कार्रवाई सीसीएफ छतरपुर नरेश यादव एवं डीएफओ टीकमगढ़ राजाराम परमार के मार्गदर्शन तथा एसडीओ टीकमगढ़ श्रीमती मनीषा बाघाड़े और रेंजर टीकमगढ़ सौरभ जैन के निर्देशन में की गई। परिक्षेत्र सहायक दिगौडा मनोहर घोष के नेतृत्व में वन विभाग की टीम शासकीय गस्ती वाहन और जेसीबी लोडर मशीन के साथ बुंदेलावरहार पहुंची। वहां टीम ने अतिक्रमणकारियों को विधि के अनुसार मौके से खदेड़ दिया और जेसीबी की मदद से अवैध रूप से बनाई गई बागड़ को पूरी तरह नष्ट कर दिया। भविष्य में इस शासकीय भूमि पर दोबारा अतिक्रमण न किया जा सके, इसके लिए वन विभाग ने खाली कराई गई जमीन पर तुरंत ही कटीली प्रजाति के वृक्षों के बीजों की बुवाई कर दी है। वन विभाग की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध कब्जा करने वाले लोगों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। वन अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि शासकीय वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले समय में भी इस तरह की कड़ी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ और छतरपुर में बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री के दावों को झूठा करार देते हुए उन पर सीधा हमला बोला गया है। धीरेंद्र शास्त्री का दावा है कि उनका शालिगराम से कोई संबंध नहीं है, लेकिन एक पड़ताल में यह सामने आया है कि बागेश्वर ट्रस्ट में शालिगराम की मालिकाना हिस्सेदारी है। इस पूरे मामले पर भीम आर्मी ने धीरेंद्र शास्त्री को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि वह जनता को पागल कहकर खुद जनता को पागल बना रहे हैं। भीम आर्मी उनके इस षड्यंत्र को किसी भी हाल में छोड़ने वाली नहीं है। संगठन ने तीखा सवाल किया है कि वह अपने गुंडे भाई को कब तक बचाएंगे। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि पूरे प्रदेश का ओबीसी, एससी, एसटी और सर्व समाज यह साफ देख रहा है कि धीरेंद्र शास्त्री के दिल में मोतीलाल कुशवाह के प्रति कितनी नफरत भरी हुई है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर 17 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दौरा होने जा रहा है। वे यहां एक स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के इस दौरे को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अपनी तैयारियां कर ली हैं।1
- टीकमगढ़ के बल्देवगढ़ में आयोजित सद्गुरु नेत्र शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर अपनी आंखों की जांच कराई। इस शिविर के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया और मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों की पहचान की गई। जांच के बाद चयनित किए गए मोतियाबिंद मरीजों को निःशुल्क ऑपरेशन के लिए बस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया। इसके साथ ही, शिविर में आए मरीजों को आंखों की देखभाल करने, समय-समय पर जांच कराने तथा नेत्र रोगों से बचाव के संबंध में आवश्यक जानकारी भी दी गई। स्थानीय लोगों ने इस जनहितकारी पहल की काफी सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसे शिविरों के आयोजन से ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार की सुविधा मिल जाती है, जिससे उनकी दृष्टि को सुरक्षित रखने में बड़ी मदद मिलती है।1
- टीकमगढ़ जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली बढमाड़ई खास पंचायत की दलित बस्ती में पेयजल की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। यहाँ लगे सार्वजनिक हैंडपंप से जंग रोधक लाल पानी निकल रहा है, जिसके कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह पानी इस कदर खराब है कि न तो कोई इसमें नहा सकता है और न ही इसे घरेलू खर्च में उपयोग में लाया जा सकता है। दलित बस्ती के लोगों के पास पानी के लिए यही एकमात्र साधन है, और इस स्थिति के कारण उन्हें पानी लाने के लिए एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित कुएं पर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस सार्वजनिक हैंडपंप में लोहे की पाइपलाइन डली हुई है, जिसे कई वर्षों से नहीं बदला गया है। पाइपलाइन के सड़ने और गलने के कारण ही हैंडपंप से लगातार जंग वाला प्रदूषित पानी निकल रहा है। स्थानीय निवासी राकेश अहिरवार ने मीडिया को बताया कि कई बार सूचना देने के बावजूद पीएच विभाग कुंभकरण की निद्रा सोया हुआ है और कोई सुनवाई करने के लिए तैयार नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रदूषित पानी लोगों को बीमारियां होने का खुला निमंत्रण दे रहा है। पीड़ित दलित समाज ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस हैंडपंप की पाइपलाइन को बदला जाए ताकि ग्रामीणों को उपयोग के लिए साफ पानी मिल सके।2
- मध्य प्रदेश के बल्देवगढ़ में पुलिस द्वारा नशा मुक्ति अभियान चलाया गया है। इस विशेष अभियान के तहत पुलिस ने स्कूली बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक करने का प्रयास किया। इस दौरान बच्चों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक रैली भी निकाली गई।1
- टीकमगढ़ में भाजपा के पूर्व विधायक के.के. श्रीवास्तव ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर धसान डायवर्सन योजना को जल्द मंजूरी देने की मांग की है। मुख्यमंत्री के टीकमगढ़ आगमन से ठीक पहले लिखे गए इस पत्र में पूर्व विधायक ने कहा है कि यदि धसान नदी के पानी को लिफ्ट और पाइपलाइन प्रणाली के जरिए जामनी नदी की ओर डायवर्ट किया जाता है, तो जिले के हजारों किसानों को सिंचाई और पेयजल का बड़ा लाभ मिल सकता है। उन्होंने पत्र में बताया कि टीकमगढ़ जिला लंबे समय से गहरे जल संकट से जूझ रहा है और यहां का भूजल स्तर लगातार नीचे गिर रहा है, जिससे अधिकांश क्षेत्र सतही जल स्रोतों पर निर्भर है। क्षेत्र में कभी चंदेलकाल के दौरान लगभग 1100 तालाब बनाए गए थे, जिनमें से आज भी सैकड़ों तालाब मौजूद हैं। पूर्व विधायक ने बान सुजारा बांध परियोजना और केन बेतवा लिंक परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं से जिले के केवल सीमित हिस्से को ही लाभ मिला है और जिन किसानों की जमीन बांध में डूबी, उन्हें भी अपेक्षित सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। पूर्व विधायक ने मांग की है कि धसान डायवर्सन योजना (ककरवाहा पिकअप परियोजना) को नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना की तर्ज पर स्वीकृति दी जाए, ताकि धसान नदी का पानी लिफ्ट और पाइपलाइन प्रणाली के माध्यम से जामनी नदी तक पहुंचाया जा सके। इससे टीकमगढ़, बड़ागांव और बल्देवगढ़ क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इस परियोजना के लागू होने से क्षेत्र के लगभग 80 छोटे-बड़े तालाबों को भरा जा सकेगा और 15 से 20 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो सकेगी, जिससे पेयजल संकट भी काफी हद तक दूर हो जाएगा।1
- टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत अस्तौन में मनरेगा योजना के तहत काम के लिए आवेदन किया गया है। ग्राम पंचायत अस्तौन की महिलाओं ने जिला स्तर पर योजना को लेकर काम की मांग की है। इस दौरान ग्राम पंचायत अस्तौन में नरेगा काम और जी राम जी को लेकर आवेदन किए जाने की बात सामने आई है।1