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मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ और छतरपुर में बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री के दावों को झूठा करार देते हुए उन पर सीधा हमला बोला गया है। धीरेंद्र शास्त्री का दावा है कि उनका शालिगराम से कोई संबंध नहीं है, लेकिन एक पड़ताल में यह सामने आया है कि बागेश्वर ट्रस्ट में शालिगराम की मालिकाना हिस्सेदारी है। इस पूरे मामले पर भीम आर्मी ने धीरेंद्र शास्त्री को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि वह जनता को पागल कहकर खुद जनता को पागल बना रहे हैं। भीम आर्मी उनके इस षड्यंत्र को किसी भी हाल में छोड़ने वाली नहीं है। संगठन ने तीखा सवाल किया है कि वह अपने गुंडे भाई को कब तक बचाएंगे। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि पूरे प्रदेश का ओबीसी, एससी, एसटी और सर्व समाज यह साफ देख रहा है कि धीरेंद्र शास्त्री के दिल में मोतीलाल कुशवाह के प्रति कितनी नफरत भरी हुई है।
मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ और छतरपुर में बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री के दावों को झूठा करार देते हुए उन पर सीधा हमला बोला गया है। धीरेंद्र शास्त्री का दावा है कि उनका शालिगराम से कोई संबंध नहीं है, लेकिन एक पड़ताल में यह सामने आया है कि बागेश्वर ट्रस्ट में शालिगराम की मालिकाना हिस्सेदारी है। इस पूरे मामले पर भीम आर्मी ने धीरेंद्र शास्त्री को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि वह जनता को पागल कहकर खुद जनता को पागल बना रहे हैं। भीम आर्मी उनके इस षड्यंत्र को किसी भी हाल में छोड़ने वाली नहीं है। संगठन ने तीखा सवाल किया है कि वह अपने गुंडे भाई को कब तक बचाएंगे। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि पूरे प्रदेश का ओबीसी, एससी, एसटी और सर्व समाज यह साफ देख रहा है कि धीरेंद्र शास्त्री के दिल में मोतीलाल कुशवाह के प्रति कितनी नफरत भरी हुई है।
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- दतिया विधानसभा क्षेत्र के लोगों से बहुजन समाज के सम्मान, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी के लिए चुनाव में एकजुट होने की अपील की गई है। इस चुनाव को केवल दामोदर यादव मंडल का चुनाव न मानकर, बहुजन राजनीति को मजबूत बनाने का जरिया बताया गया है। क्षेत्रवासियों से स्वयं दामोदर यादव बनकर चुनाव लड़ने और अपना योगदान देने का आह्वान किया गया है। संदेश में 'जय भीम!' और 'जय संविधान!' के नारों के साथ बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की बात कही गई है।1
- मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले की लिधौरा तहसील के ग्राम दलूपुरा में रावतपुरा सरकार (पूज्य महाराज) ने "एक रोटी गाय के लिए" अभियान के अंतर्गत स्वयं झोली फैलाकर घर-घर जाकर गौमाता के लिए रोटी मांगी। इस दौरान ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर अपनी श्रद्धा से रोटियां समर्पित कीं, जिससे पूरे गांव में गौसेवा, सेवा-भाव और समर्पण का अद्भुत वातावरण बन गया। इस अवसर पर पूज्य महाराज ने कहा कि यह झोली उनके अपने लिए नहीं, बल्कि गौमाता की सेवा के लिए फैली है क्योंकि गौसेवा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और लोककल्याण का आधार है। ग्राम प्रवास के दौरान पूज्य महाराज ने ग्रामीणों के हित में अनेक ऐतिहासिक घोषणाएँ कीं। उन्होंने घोषणा की कि ग्राम दलूपुरा के बच्चों की स्कूल फीस का संपूर्ण दायित्व वह स्वयं वहन करेंगे ताकि आर्थिक अभाव में किसी की शिक्षा प्रभावित न हो। इसके अलावा, नवा रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च में ग्राम दलूपुरा के लिए एक सीट आरक्षित रहेगी, जिसके चयनित विद्यार्थी की मेडिकल शिक्षा, हॉस्टल और अन्य शैक्षणिक व्ययों का पूरा खर्च पूज्य महाराज द्वारा उठाया जाएगा। साथ ही, उन्होंने गांव के मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए ₹5 लाख की सहयोग राशि प्रदान करने की भी घोषणा की। स्वास्थ्य के प्रति सचेत करते हुए पूज्य महाराज ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि सर्प या अन्य विषैले जीव के काटने पर झाड़-फूँक में समय गंवाए बिना तत्काल अस्पताल जाकर इलाज कराएं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि किसी जरूरतमंद के उपचार में आर्थिक कठिनाई आती है, तो इलाज का पूरा खर्च भी वह स्वयं वहन करेंगे। इस पूरे कार्यक्रम में ग्रामवासियों, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और महाराज के जनकल्याणकारी संदेश का हृदय से स्वागत किया।1
- टीकमगढ़ जिले के लिधौरा अंतर्गत ग्राम दलूपुरा में गौसेवा, करुणा और लोककल्याण के संकल्प को समर्पित "एक रोटी गाय के लिए" अभियान के तहत पूज्य महाराज श्री रावतपुरा सरकार ने स्वयं झोली लेकर घर-घर जाकर गौमाता के लिए रोटी मांगी। 16 जुलाई को हुए इस आयोजन में ग्रामीणों ने भाव-विभोर होकर रोटियां समर्पित कीं। इस अवसर पर महाराज श्री ने कहा कि यह झोली उनके अपने लिए नहीं, बल्कि गौमाता की सेवा के लिए फैली है, जो हमारी संस्कृति और करुणा का आधार है। ग्राम प्रवास के दौरान महाराज श्री ने ग्रामीणों के हित में कई ऐतिहासिक घोषणाएं भी कीं। उन्होंने दलूपुरा के बच्चों की स्कूल शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का निर्णय लिया ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी की पढ़ाई न छूटे। इसके अलावा, रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च में ग्राम दलूपुरा के लिए एक सीट आरक्षित की गई है, जहाँ चयनित छात्र की मेडिकल शिक्षा, हॉस्टल और अन्य पढ़ाई के खर्चों का संपूर्ण भार पूज्य महाराज श्री उठाएंगे। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए उन्होंने गांव के मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु ₹5 लाख की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर देते हुए महाराज श्री ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि सर्प या किसी विषैले जीव के काटने पर झाड़-फूँक में समय बर्बाद न करें और सीधे अस्पताल जाएं। उन्होंने घोषणा की कि यदि किसी जरूरतमंद को इलाज में आर्थिक कठिनाई आती है, तो उसका पूरा खर्च भी वही वहन करेंगे।1
- किसी भी व्यक्ति को अपने चंचल मन की बात कभी नहीं माननी चाहिए। कोई भी निर्णय लेने के लिए हमेशा अपने विवेक का सहारा लेना चाहिए, क्योंकि मन स्वभाव से चंचल होता है।1
- टीकमगढ़ जिले के खरगापुर अंतर्गत बलदेवगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत धनेरा में विकास योजनाओं में खुलेआम भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जहाँ दिन के उजाले को छोड़कर रात के घने अंधेरे में पुलिया के लेंटर डालने का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। रात में निर्माण इसलिए किया जा रहा है ताकि घटिया सामग्री का उपयोग छुपाया जा सके। पुलिया निर्माण में सीमेंट की मात्रा नाममात्र की है और बजरी का उपयोग अत्यधिक मात्रा में किया जा रहा है, जिससे पहली ही बारिश या भारी वाहनों के निकलने पर पुलिया के ताश के पत्तों की तरह ढहने और बड़ा हादसा होने की आशंका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की आपसी मिलीभगत और शह के कारण ही ठेकेदार और बिचौलिए बेखौफ होकर इस घटिया निर्माण को अंजाम दे रहे हैं। इस मामले में जब सरपंच प्रतिनिधि 'पंचू' से रात में हो रहे निर्माण और गुणवत्ताहीन सामग्री पर सवाल किया गया, तो उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए अहंकार में कहा कि "जहां डालना है डालो, न्यूज़ (खबर) बना कर दे दो, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।" इस संबंध में जब बलदेवगढ़ जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विकास राव से फोन पर बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। सरपंच प्रतिनिधि के इस बेखौफ अंदाज और अहंकार से स्पष्ट है कि उन्हें प्रशासन का कोई डर नहीं है। अब ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। देखना यह होगा कि इस खुलासे के बाद जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के आला अधिकारी इस मामले पर संज्ञान लेते हैं या भ्रष्टाचार के इस खेल पर पर्दा डाल दिया जाएगा।1
- टीकमगढ़ जिले के शासकीय महाविद्यालय, मोहनगढ़ में माता सावित्रीबाई फुले शिक्षा एवं जन कल्याण समिति द्वारा एक दिवसीय निःशुल्क रोजगार एवं करियर मार्गदर्शन सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से कॉलेज के छात्र-छात्राओं और स्थानीय युवाओं को करियर निर्माण के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी गई। सेमिनार में युवाओं को रोजगार के अवसर, करियर योजना, स्किल डेवलपमेंट, सीवी (CV) निर्माण और इंटरव्यू की तैयारी से संबंधित महत्वपूर्ण व व्यावहारिक टिप्स दिए गए। इसके साथ ही, नौकरी के इच्छुक युवाओं का मौके पर ही पंजीयन कर उन्हें रोजगार सहायता से जोड़ा गया। कार्यक्रम के दौरान समिति के संस्थापक राजकुमार अहिरवार ने युवाओं को प्रेरित किया और कहा कि युवाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस तरह के मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। इस सफल आयोजन की पूरी रिपोर्ट प्रभु दयाल गौतम द्वारा प्रस्तुत की गई है।1
- टीकमगढ़ में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू हो गई है। भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने के लिए भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है।2
- बागेश्वर धाम सरकार (पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री) ने शालिग्राम गर्ग पर लगे आरोपों के मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा है कि शालिग्राम से उनका कोई लेना-देना नहीं है और यदि उन्होंने कोई गलत काम किया है, तो कानून उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मांग की है कि इस मामले से उनका नाम बिल्कुल न जोड़ा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत कृत्य के लिए उन्हें या बागेश्वर धाम को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए और इस पूरे मामले की निष्पक्ष कानूनी जांच होने दी जानी चाहिए।1