टीकमगढ़ जिले के लिधौरा अंतर्गत ग्राम दलूपुरा में गौसेवा, करुणा और लोककल्याण के संकल्प को समर्पित "एक रोटी गाय के लिए" अभियान के तहत पूज्य महाराज श्री रावतपुरा सरकार ने स्वयं झोली लेकर घर-घर जाकर गौमाता के लिए रोटी मांगी। 16 जुलाई को हुए इस आयोजन में ग्रामीणों ने भाव-विभोर होकर रोटियां समर्पित कीं। इस अवसर पर महाराज श्री ने कहा कि यह झोली उनके अपने लिए नहीं, बल्कि गौमाता की सेवा के लिए फैली है, जो हमारी संस्कृति और करुणा का आधार है। ग्राम प्रवास के दौरान महाराज श्री ने ग्रामीणों के हित में कई ऐतिहासिक घोषणाएं भी कीं। उन्होंने दलूपुरा के बच्चों की स्कूल शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का निर्णय लिया ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी की पढ़ाई न छूटे। इसके अलावा, रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च में ग्राम दलूपुरा के लिए एक सीट आरक्षित की गई है, जहाँ चयनित छात्र की मेडिकल शिक्षा, हॉस्टल और अन्य पढ़ाई के खर्चों का संपूर्ण भार पूज्य महाराज श्री उठाएंगे। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए उन्होंने गांव के मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु ₹5 लाख की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर देते हुए महाराज श्री ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि सर्प या किसी विषैले जीव के काटने पर झाड़-फूँक में समय बर्बाद न करें और सीधे अस्पताल जाएं। उन्होंने घोषणा की कि यदि किसी जरूरतमंद को इलाज में आर्थिक कठिनाई आती है, तो उसका पूरा खर्च भी वही वहन करेंगे।
टीकमगढ़ जिले के लिधौरा अंतर्गत ग्राम दलूपुरा में गौसेवा, करुणा और लोककल्याण के संकल्प को समर्पित "एक रोटी गाय के लिए" अभियान के तहत पूज्य महाराज श्री रावतपुरा सरकार ने स्वयं झोली लेकर घर-घर जाकर गौमाता के लिए रोटी मांगी। 16 जुलाई को हुए इस आयोजन में ग्रामीणों ने भाव-विभोर होकर रोटियां समर्पित कीं। इस अवसर पर महाराज श्री ने कहा कि यह झोली उनके अपने लिए नहीं, बल्कि गौमाता की सेवा के लिए फैली है, जो हमारी संस्कृति और करुणा का आधार है। ग्राम प्रवास के दौरान महाराज श्री ने ग्रामीणों के हित में कई ऐतिहासिक घोषणाएं भी कीं। उन्होंने दलूपुरा के बच्चों की स्कूल शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का निर्णय लिया ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी की पढ़ाई न छूटे। इसके अलावा, रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च में ग्राम दलूपुरा के लिए एक सीट आरक्षित की गई है, जहाँ चयनित छात्र की मेडिकल शिक्षा, हॉस्टल और अन्य पढ़ाई के खर्चों का संपूर्ण भार पूज्य महाराज श्री उठाएंगे। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए उन्होंने गांव के मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु ₹5 लाख की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर देते हुए महाराज श्री ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि सर्प या किसी विषैले जीव के काटने पर झाड़-फूँक में समय बर्बाद न करें और सीधे अस्पताल जाएं। उन्होंने घोषणा की कि यदि किसी जरूरतमंद को इलाज में आर्थिक कठिनाई आती है, तो उसका पूरा खर्च भी वही वहन करेंगे।
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में चकरा तिराहे पर जाम लगने का मामला सामने आया है। इस जाम के कारण रास्ते से गुजर रही एम्बुलेंस और पुलिस के वाहन भी वहां फंस गए। चकरा तिराहे पर लगे इस जाम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।1
- रॉकी भाई राजपूत ने देश, धर्म और अपने देवी-देवताओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने का दृढ़ संकल्प व्यक्त करते हुए कहा है कि उनके रहते हुए देश में अराजकता कभी फैल ही नहीं सकती। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति उनके देश या धर्म के बारे में कोई भी बात करेगा, तो वे उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें अपने खुद के प्राण ही क्यों न गंवाने पड़ें। खुद को सिर्फ देश और धर्म के लिए जीने वाला बताते हुए रॉकी भाई राजपूत ने स्पष्ट किया कि उनके लिए सबसे पहले देश आता है और उसके बाद ही परिवार का स्थान है। उन्होंने अपने इस संदेश का समापन 'जय हिंद' और 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारों के साथ किया है।1
- छतरपुर के घुवारा नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 8, नई बस्ती में नगर परिषद का एक और कारनामा सामने आया है, जहाँ की सड़कें पिछले कई दिनों से बिना बारिश के ही तालाब बन गई हैं। नालियों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे इलाके में कीचड़, बदबू और मच्छरों का राज हो गया है। इस बदतर स्थिति के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, अपनी ड्यूटी पर जाने वाले लोगों और बीमार बुजुर्गों को इसी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय जनता इस अव्यवस्था से बेहद परेशान है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी नदारद हैं। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी नगर परिषद घुवारा की नींद नहीं टूटी है, न तो सड़कों की सफाई कराई गई और न ही नालियों का लीकेज बंद किया गया। इस मामले में सबसे बड़ा आरोप सीएमओ बाला प्रसाद पर लगा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीएमओ साहब को जनता की तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है और वे सिर्फ कमीशनखोरी में मस्त हैं। इस गंदे पानी के भराव के कारण अब वार्ड में गंभीर बीमारियाँ फैलने का खतरा मंडराने लगा है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। वार्डवासियों की स्पष्ट मांग है कि तुरंत जलभराव हटाया जाए, नाली को ठीक किया जाए और सड़क को पूरी तरह साफ किया जाए।1
- टीकमगढ़ जिले की लिधौरा तहसील के ग्राम दलूपुरा में 'एक रोटी गाय के लिए' अभियान के तहत पूज्य श्री रावतपुरा सरकार स्वयं झोली लेकर घर-घर पहुंचे और गौमाता के लिए रोटियां एकत्र कीं। ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ रोटियां समर्पित कर गौसेवा के इस अभियान में अपनी भागीदारी निभाई। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यह झोली किसी व्यक्तिगत उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि गौमाता की सेवा के लिए फैलाई गई है। उन्होंने अपील की कि यदि प्रत्येक परिवार प्रतिदिन एक रोटी गौमाता के लिए निकाले, तो समाज में सेवा, करुणा और संस्कारों का विस्तार होगा। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ग्रामीणों के हित में कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घोषणाएं भी कीं। उन्होंने संकल्प लिया कि ग्राम दलूपुरा के किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण नहीं रुकेगी और उसकी स्कूल फीस का पूरा खर्च वे स्वयं वहन करेंगे। इसके साथ ही, श्री रावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, नवा रायपुर के मेडिकल कॉलेज में ग्राम दलूपुरा के लिए एक सीट आरक्षित रखने की घोषणा की गई, जिसके तहत चयनित छात्र की मेडिकल शिक्षा, हॉस्टल और अन्य आवश्यक खर्च संस्था द्वारा उठाए जाएंगे। वहीं, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संरक्षण के लिए उन्होंने ग्राम के मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु 5 लाख रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की। स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सर्पदंश या किसी विषैले जीव के काटने पर झाड़-फूंक में समय नष्ट न करें, बल्कि तुरंत अस्पताल पहुंचकर उपचार कराएं। उन्होंने भरोसा दिया कि जरूरतमंद मरीज के इलाज में आर्थिक परेशानी आने पर उसका पूरा खर्च भी वे स्वयं वहन करेंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए, जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, गौसंरक्षण और धर्म संरक्षण के लिए की गई इन घोषणाओं का स्वागत किया।3
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के घुवारा में कोल्हू पर भारी भीड़ होने के कारण लोगों को गुल्ली का तेल पिराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। आज यहां कोल्हू पर इतनी अधिक भीड़ उमड़ी हुई है कि लोगों को तेल पिराने के लिए अपना नंबर आने में ही 3 या 4 दिन का समय लग रहा है।1
- मध्य प्रदेश के शाहगढ़ (एमपी 15) हीरापुर में पुराने ऐकता ढाबा के कमरे में भयंकर आग लगने की घटना सामने आई है। आग की भयावहता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने फौरन पुलिस को इस मामले की जानकारी दी। राहत की बात यह रही कि इस दौरान एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई। पुलिस को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली...2
- टीकमगढ़ के जतारा तहसील परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय के बाहर लगा पंखा पिछले कई महीनों से खराब पड़ा है। इसके कारण भीषण गर्मी के बीच अपनी समस्याओं को लेकर आने वाले फरियादियों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को घंटों खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन राहत का कोई साधन नहीं है। एक ओर अधिकारी अपने वातानुकूलित (एसी) कमरों में बैठकर कार्य कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता भीषण गर्मी में परेशान होने को मजबूर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक पंखे की मरम्मत कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। इस स्थिति को लेकर नागरिकों का कहना है कि जब एसडीएम कार्यालय के बाहर लगा एक पंखा महीनों से ठीक नहीं हो पा रहा है, तो आम जनता की अन्य समस्याओं का समाधान कितनी गंभीरता से किया जाता होगा। नागरिकों ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि खराब पंखे को तत्काल ठीक कराया जाए और तहसील परिसर में आने वाले लोगों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।2
- टीकमगढ़ में साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है, जिसके कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। ठेकेदार के सफाई कर्मचारी काम पर नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है। इस बीच, सोशल मीडिया पर कचरे के ढेर का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर में पुलिस ने गोलीकांड मामले में सालिकराम गर्ग और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।1