छतरपुर के घुवारा नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 8, नई बस्ती में नगर परिषद का एक और कारनामा सामने आया है, जहाँ की सड़कें पिछले कई दिनों से बिना बारिश के ही तालाब बन गई हैं। नालियों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे इलाके में कीचड़, बदबू और मच्छरों का राज हो गया है। इस बदतर स्थिति के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, अपनी ड्यूटी पर जाने वाले लोगों और बीमार बुजुर्गों को इसी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय जनता इस अव्यवस्था से बेहद परेशान है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी नदारद हैं। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी नगर परिषद घुवारा की नींद नहीं टूटी है, न तो सड़कों की सफाई कराई गई और न ही नालियों का लीकेज बंद किया गया। इस मामले में सबसे बड़ा आरोप सीएमओ बाला प्रसाद पर लगा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीएमओ साहब को जनता की तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है और वे सिर्फ कमीशनखोरी में मस्त हैं। इस गंदे पानी के भराव के कारण अब वार्ड में गंभीर बीमारियाँ फैलने का खतरा मंडराने लगा है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। वार्डवासियों की स्पष्ट मांग है कि तुरंत जलभराव हटाया जाए, नाली को ठीक किया जाए और सड़क को पूरी तरह साफ किया जाए।
छतरपुर के घुवारा नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 8, नई बस्ती में नगर परिषद का एक और कारनामा सामने आया है, जहाँ की सड़कें पिछले कई दिनों से बिना बारिश के ही तालाब बन गई हैं। नालियों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे इलाके में कीचड़, बदबू और मच्छरों का राज हो गया है। इस बदतर स्थिति के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, अपनी ड्यूटी पर जाने वाले लोगों और बीमार बुजुर्गों को इसी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय जनता इस अव्यवस्था से बेहद परेशान है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी नदारद हैं। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी नगर परिषद घुवारा की नींद नहीं टूटी है, न तो सड़कों की सफाई कराई गई और न ही नालियों का लीकेज बंद किया गया। इस मामले में सबसे बड़ा आरोप सीएमओ बाला प्रसाद पर लगा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीएमओ साहब को जनता की तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है और वे सिर्फ कमीशनखोरी में मस्त हैं। इस गंदे पानी के भराव के कारण अब वार्ड में गंभीर बीमारियाँ फैलने का खतरा मंडराने लगा है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। वार्डवासियों की स्पष्ट मांग है कि तुरंत जलभराव हटाया जाए, नाली को ठीक किया जाए और सड़क को पूरी तरह साफ किया जाए।
- छतरपुर के घुवारा नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 8, नई बस्ती में नगर परिषद का एक और कारनामा सामने आया है, जहाँ की सड़कें पिछले कई दिनों से बिना बारिश के ही तालाब बन गई हैं। नालियों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे इलाके में कीचड़, बदबू और मच्छरों का राज हो गया है। इस बदतर स्थिति के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, अपनी ड्यूटी पर जाने वाले लोगों और बीमार बुजुर्गों को इसी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय जनता इस अव्यवस्था से बेहद परेशान है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी नदारद हैं। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी नगर परिषद घुवारा की नींद नहीं टूटी है, न तो सड़कों की सफाई कराई गई और न ही नालियों का लीकेज बंद किया गया। इस मामले में सबसे बड़ा आरोप सीएमओ बाला प्रसाद पर लगा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीएमओ साहब को जनता की तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है और वे सिर्फ कमीशनखोरी में मस्त हैं। इस गंदे पानी के भराव के कारण अब वार्ड में गंभीर बीमारियाँ फैलने का खतरा मंडराने लगा है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। वार्डवासियों की स्पष्ट मांग है कि तुरंत जलभराव हटाया जाए, नाली को ठीक किया जाए और सड़क को पूरी तरह साफ किया जाए।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के घुवारा में कोल्हू पर भारी भीड़ होने के कारण लोगों को गुल्ली का तेल पिराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। आज यहां कोल्हू पर इतनी अधिक भीड़ उमड़ी हुई है कि लोगों को तेल पिराने के लिए अपना नंबर आने में ही 3 या 4 दिन का समय लग रहा है।1
- मध्य प्रदेश के शाहगढ़ (एमपी 15) हीरापुर में पुराने ऐकता ढाबा के कमरे में भयंकर आग लगने की घटना सामने आई है। आग की भयावहता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने फौरन पुलिस को इस मामले की जानकारी दी। राहत की बात यह रही कि इस दौरान एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई। पुलिस को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली...2
- मध्य प्रदेश के बल्देवगढ़ में पुलिस द्वारा नशा मुक्ति अभियान चलाया गया है। इस विशेष अभियान के तहत पुलिस ने स्कूली बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक करने का प्रयास किया। इस दौरान बच्चों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक रैली भी निकाली गई।1
- मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले की लिधौरा तहसील के ग्राम दलूपुरा में रावतपुरा सरकार (पूज्य महाराज) ने "एक रोटी गाय के लिए" अभियान के अंतर्गत स्वयं झोली फैलाकर घर-घर जाकर गौमाता के लिए रोटी मांगी। इस दौरान ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर अपनी श्रद्धा से रोटियां समर्पित कीं, जिससे पूरे गांव में गौसेवा, सेवा-भाव और समर्पण का अद्भुत वातावरण बन गया। इस अवसर पर पूज्य महाराज ने कहा कि यह झोली उनके अपने लिए नहीं, बल्कि गौमाता की सेवा के लिए फैली है क्योंकि गौसेवा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और लोककल्याण का आधार है। ग्राम प्रवास के दौरान पूज्य महाराज ने ग्रामीणों के हित में अनेक ऐतिहासिक घोषणाएँ कीं। उन्होंने घोषणा की कि ग्राम दलूपुरा के बच्चों की स्कूल फीस का संपूर्ण दायित्व वह स्वयं वहन करेंगे ताकि आर्थिक अभाव में किसी की शिक्षा प्रभावित न हो। इसके अलावा, नवा रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च में ग्राम दलूपुरा के लिए एक सीट आरक्षित रहेगी, जिसके चयनित विद्यार्थी की मेडिकल शिक्षा, हॉस्टल और अन्य शैक्षणिक व्ययों का पूरा खर्च पूज्य महाराज द्वारा उठाया जाएगा। साथ ही, उन्होंने गांव के मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए ₹5 लाख की सहयोग राशि प्रदान करने की भी घोषणा की। स्वास्थ्य के प्रति सचेत करते हुए पूज्य महाराज ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि सर्प या अन्य विषैले जीव के काटने पर झाड़-फूँक में समय गंवाए बिना तत्काल अस्पताल जाकर इलाज कराएं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि किसी जरूरतमंद के उपचार में आर्थिक कठिनाई आती है, तो इलाज का पूरा खर्च भी वह स्वयं वहन करेंगे। इस पूरे कार्यक्रम में ग्रामवासियों, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और महाराज के जनकल्याणकारी संदेश का हृदय से स्वागत किया।1
- उत्तर प्रदेश के ललितपुर जनपद स्थित धौर्रा के अटल आवासीय विद्यालय में गुरुवार को कुछ छात्रों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने पर प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया। घटना की सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी और मेडिकल टीम तुरंत विद्यालय पहुंची। वहां विद्यालय के सभी 300 छात्रों की स्वास्थ्य जांच कराई गई, जिसमें से 37 छात्रों में पेट दर्द और उल्टी के लक्षण पाए गए। इसके बाद सभी प्रभावित छात्रों को एम्बुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज/जिला अस्पताल, ललितपुर भेजकर भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद जिलाधिकारी ने स्वयं अस्पताल का दौरा किया और उपचाराधीन छात्रों तथा चिकित्सकों से मिलकर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। चिकित्सकों के मुताबिक सभी बीमार छात्रों की स्थिति फिलहाल सामान्य है। मुख्य चिकित्साधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं कि सभी बच्चों को पूरी तरह से स्वस्थ होने तक चिकित्सकीय निगरानी में ही रखा जाए। दूसरी तरफ, विद्यालय में बच्चों को परोसे गए भोजन की खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा जांच की गई है और भोजन के सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।2
- टीकमगढ़ में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू हो गई है। भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने के लिए भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है।2
- बागेश्वर धाम सरकार (पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री) ने शालिग्राम गर्ग पर लगे आरोपों के मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा है कि शालिग्राम से उनका कोई लेना-देना नहीं है और यदि उन्होंने कोई गलत काम किया है, तो कानून उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मांग की है कि इस मामले से उनका नाम बिल्कुल न जोड़ा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत कृत्य के लिए उन्हें या बागेश्वर धाम को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए और इस पूरे मामले की निष्पक्ष कानूनी जांच होने दी जानी चाहिए।1