टीकमगढ़ जिले के खरगापुर अंतर्गत बलदेवगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत धनेरा में विकास योजनाओं में खुलेआम भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जहाँ दिन के उजाले को छोड़कर रात के घने अंधेरे में पुलिया के लेंटर डालने का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। रात में निर्माण इसलिए किया जा रहा है ताकि घटिया सामग्री का उपयोग छुपाया जा सके। पुलिया निर्माण में सीमेंट की मात्रा नाममात्र की है और बजरी का उपयोग अत्यधिक मात्रा में किया जा रहा है, जिससे पहली ही बारिश या भारी वाहनों के निकलने पर पुलिया के ताश के पत्तों की तरह ढहने और बड़ा हादसा होने की आशंका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की आपसी मिलीभगत और शह के कारण ही ठेकेदार और बिचौलिए बेखौफ होकर इस घटिया निर्माण को अंजाम दे रहे हैं। इस मामले में जब सरपंच प्रतिनिधि 'पंचू' से रात में हो रहे निर्माण और गुणवत्ताहीन सामग्री पर सवाल किया गया, तो उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए अहंकार में कहा कि "जहां डालना है डालो, न्यूज़ (खबर) बना कर दे दो, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।" इस संबंध में जब बलदेवगढ़ जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विकास राव से फोन पर बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। सरपंच प्रतिनिधि के इस बेखौफ अंदाज और अहंकार से स्पष्ट है कि उन्हें प्रशासन का कोई डर नहीं है। अब ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। देखना यह होगा कि इस खुलासे के बाद जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के आला अधिकारी इस मामले पर संज्ञान लेते हैं या भ्रष्टाचार के इस खेल पर पर्दा डाल दिया जाएगा।
टीकमगढ़ जिले के खरगापुर अंतर्गत बलदेवगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत धनेरा में विकास योजनाओं में खुलेआम भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जहाँ दिन के उजाले को छोड़कर रात के घने अंधेरे में पुलिया के लेंटर डालने का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। रात में निर्माण इसलिए किया जा रहा है ताकि घटिया सामग्री का उपयोग छुपाया जा सके। पुलिया निर्माण में सीमेंट की मात्रा नाममात्र की है और बजरी का उपयोग अत्यधिक मात्रा में किया जा रहा है, जिससे पहली ही बारिश या भारी वाहनों के निकलने पर पुलिया के ताश के पत्तों की तरह ढहने और बड़ा हादसा होने की आशंका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की आपसी मिलीभगत और शह के कारण ही ठेकेदार और बिचौलिए बेखौफ होकर इस घटिया निर्माण को अंजाम दे रहे हैं। इस मामले में जब सरपंच प्रतिनिधि 'पंचू' से रात में हो रहे निर्माण और गुणवत्ताहीन सामग्री पर सवाल किया गया, तो उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए अहंकार में कहा कि "जहां डालना है डालो, न्यूज़ (खबर) बना कर दे दो, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।" इस संबंध में जब बलदेवगढ़ जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विकास राव से फोन पर बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। सरपंच प्रतिनिधि के इस बेखौफ अंदाज और अहंकार से स्पष्ट है कि उन्हें प्रशासन का कोई डर नहीं है। अब ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। देखना यह होगा कि इस खुलासे के बाद जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के आला अधिकारी इस मामले पर संज्ञान लेते हैं या भ्रष्टाचार के इस खेल पर पर्दा डाल दिया जाएगा।
- टीकमगढ़ जिले के खरगापुर अंतर्गत बलदेवगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत धनेरा में विकास योजनाओं में खुलेआम भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जहाँ दिन के उजाले को छोड़कर रात के घने अंधेरे में पुलिया के लेंटर डालने का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। रात में निर्माण इसलिए किया जा रहा है ताकि घटिया सामग्री का उपयोग छुपाया जा सके। पुलिया निर्माण में सीमेंट की मात्रा नाममात्र की है और बजरी का उपयोग अत्यधिक मात्रा में किया जा रहा है, जिससे पहली ही बारिश या भारी वाहनों के निकलने पर पुलिया के ताश के पत्तों की तरह ढहने और बड़ा हादसा होने की आशंका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की आपसी मिलीभगत और शह के कारण ही ठेकेदार और बिचौलिए बेखौफ होकर इस घटिया निर्माण को अंजाम दे रहे हैं। इस मामले में जब सरपंच प्रतिनिधि 'पंचू' से रात में हो रहे निर्माण और गुणवत्ताहीन सामग्री पर सवाल किया गया, तो उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए अहंकार में कहा कि "जहां डालना है डालो, न्यूज़ (खबर) बना कर दे दो, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।" इस संबंध में जब बलदेवगढ़ जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विकास राव से फोन पर बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। सरपंच प्रतिनिधि के इस बेखौफ अंदाज और अहंकार से स्पष्ट है कि उन्हें प्रशासन का कोई डर नहीं है। अब ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। देखना यह होगा कि इस खुलासे के बाद जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के आला अधिकारी इस मामले पर संज्ञान लेते हैं या भ्रष्टाचार के इस खेल पर पर्दा डाल दिया जाएगा।1
- टीकमगढ़ जिले के लिधौरा अंतर्गत ग्राम दलूपुरा में गौसेवा, करुणा और लोककल्याण के संकल्प को समर्पित "एक रोटी गाय के लिए" अभियान के तहत पूज्य महाराज श्री रावतपुरा सरकार ने स्वयं झोली लेकर घर-घर जाकर गौमाता के लिए रोटी मांगी। 16 जुलाई को हुए इस आयोजन में ग्रामीणों ने भाव-विभोर होकर रोटियां समर्पित कीं। इस अवसर पर महाराज श्री ने कहा कि यह झोली उनके अपने लिए नहीं, बल्कि गौमाता की सेवा के लिए फैली है, जो हमारी संस्कृति और करुणा का आधार है। ग्राम प्रवास के दौरान महाराज श्री ने ग्रामीणों के हित में कई ऐतिहासिक घोषणाएं भी कीं। उन्होंने दलूपुरा के बच्चों की स्कूल शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का निर्णय लिया ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी की पढ़ाई न छूटे। इसके अलावा, रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च में ग्राम दलूपुरा के लिए एक सीट आरक्षित की गई है, जहाँ चयनित छात्र की मेडिकल शिक्षा, हॉस्टल और अन्य पढ़ाई के खर्चों का संपूर्ण भार पूज्य महाराज श्री उठाएंगे। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए उन्होंने गांव के मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु ₹5 लाख की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर देते हुए महाराज श्री ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि सर्प या किसी विषैले जीव के काटने पर झाड़-फूँक में समय बर्बाद न करें और सीधे अस्पताल जाएं। उन्होंने घोषणा की कि यदि किसी जरूरतमंद को इलाज में आर्थिक कठिनाई आती है, तो उसका पूरा खर्च भी वही वहन करेंगे।1
- मध्य प्रदेश के बल्देवगढ़ में पुलिस द्वारा नशा मुक्ति अभियान चलाया गया है। इस विशेष अभियान के तहत पुलिस ने स्कूली बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक करने का प्रयास किया। इस दौरान बच्चों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक रैली भी निकाली गई।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सीधा बयान देते हुए कहा है कि आशुतोष तिवारी की यह क्षमता नहीं है कि वे उनका टिकट कटवा दें। नरोत्तम मिश्रा ने साफ तौर पर अपनी बात रखते हुए कहा कि उनका टिकट काटने वाले कोई और ही हैं।1
- टीकमगढ़ के जतारा में उप पंजीयक कार्यालय एक बार फिर बड़े विवादों में घिर गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य निशांत साहू, रजिस्ट्री लेखकों और मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर उप पंजीयक शबाना परवीन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन के जरिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की गई है। रजिस्ट्री लेखक धीरेंद्र चौबे ने आरोप लगाया है कि उप पंजीयक कार्यालय में निर्धारित राशि से दोगुना शुल्क वसूला जा रहा है। उनका दावा है कि जिस रजिस्ट्री का शुल्क करीब दो हजार रुपये बनता है, वहां चार हजार रुपये तक की वसूली की जा रही है। उन्होंने भाजपा नेता निशांत साहू की रजिस्ट्री के लिए भी ₹16,000 की कथित मांग किए जाने की बात कही है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कार्यालय का अधिकांश काम रजिस्ट्री लेखकों के जरिए होता है और बिना लेन-देन के आम नागरिकों का कोई काम नहीं किया जाता। भाजपा नेता निशांत साहू ने कलेक्टर के नाम दिए शिकायत पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले उनकी जमीन का मूल्य बढ़ाकर बताया गया और फिर रजिस्ट्री के एवज में उनसे ₹16,000 मांगे गए। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो न केवल उनकी रजिस्ट्री रोकी गई बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन ने इस मामले में जल्द ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो वे जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे।3
- रॉकी भाई राजपूत ने देश, धर्म और अपने देवी-देवताओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने का दृढ़ संकल्प व्यक्त करते हुए कहा है कि उनके रहते हुए देश में अराजकता कभी फैल ही नहीं सकती। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति उनके देश या धर्म के बारे में कोई भी बात करेगा, तो वे उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें अपने खुद के प्राण ही क्यों न गंवाने पड़ें। खुद को सिर्फ देश और धर्म के लिए जीने वाला बताते हुए रॉकी भाई राजपूत ने स्पष्ट किया कि उनके लिए सबसे पहले देश आता है और उसके बाद ही परिवार का स्थान है। उन्होंने अपने इस संदेश का समापन 'जय हिंद' और 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारों के साथ किया है।1
- टीकमगढ़ जिले की लिधौरा तहसील के ग्राम दलूपुरा में 'एक रोटी गाय के लिए' अभियान के तहत पूज्य श्री रावतपुरा सरकार स्वयं झोली लेकर घर-घर पहुंचे और गौमाता के लिए रोटियां एकत्र कीं। ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ रोटियां समर्पित कर गौसेवा के इस अभियान में अपनी भागीदारी निभाई। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यह झोली किसी व्यक्तिगत उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि गौमाता की सेवा के लिए फैलाई गई है। उन्होंने अपील की कि यदि प्रत्येक परिवार प्रतिदिन एक रोटी गौमाता के लिए निकाले, तो समाज में सेवा, करुणा और संस्कारों का विस्तार होगा। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ग्रामीणों के हित में कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घोषणाएं भी कीं। उन्होंने संकल्प लिया कि ग्राम दलूपुरा के किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण नहीं रुकेगी और उसकी स्कूल फीस का पूरा खर्च वे स्वयं वहन करेंगे। इसके साथ ही, श्री रावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, नवा रायपुर के मेडिकल कॉलेज में ग्राम दलूपुरा के लिए एक सीट आरक्षित रखने की घोषणा की गई, जिसके तहत चयनित छात्र की मेडिकल शिक्षा, हॉस्टल और अन्य आवश्यक खर्च संस्था द्वारा उठाए जाएंगे। वहीं, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संरक्षण के लिए उन्होंने ग्राम के मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु 5 लाख रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की। स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सर्पदंश या किसी विषैले जीव के काटने पर झाड़-फूंक में समय नष्ट न करें, बल्कि तुरंत अस्पताल पहुंचकर उपचार कराएं। उन्होंने भरोसा दिया कि जरूरतमंद मरीज के इलाज में आर्थिक परेशानी आने पर उसका पूरा खर्च भी वे स्वयं वहन करेंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए, जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, गौसंरक्षण और धर्म संरक्षण के लिए की गई इन घोषणाओं का स्वागत किया।3
- बागेश्वर धाम सरकार (पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री) ने शालिग्राम गर्ग पर लगे आरोपों के मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा है कि शालिग्राम से उनका कोई लेना-देना नहीं है और यदि उन्होंने कोई गलत काम किया है, तो कानून उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मांग की है कि इस मामले से उनका नाम बिल्कुल न जोड़ा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत कृत्य के लिए उन्हें या बागेश्वर धाम को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए और इस पूरे मामले की निष्पक्ष कानूनी जांच होने दी जानी चाहिए।1