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मंडला जिले में गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने वाली आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को सामने रखा है। उनकी प्रमुख मांगों में उनके कार्य के लिए उचित सम्मान और उन्हें मिलने वाले भुगतान का समय पर वितरण शामिल है।
Govardhan kushwaha
मंडला जिले में गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने वाली आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को सामने रखा है। उनकी प्रमुख मांगों में उनके कार्य के लिए उचित सम्मान और उन्हें मिलने वाले भुगतान का समय पर वितरण शामिल है।
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- मंडला में आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ ने सरकार को घेरते हुए अपनी मांगों को लेकर एक मजबूत प्रदर्शन किया है। संघ ने सरकार से ₹1000 की वार्षिक वेतनवृद्धि देने और सभी लंबित एरियर का भुगतान करने की मांग की है। यह प्रदर्शन आशा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं के हितों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से किया गया है।1
- मनेरी पुलिस ने एक ऐसे मोबाइल और बाइक चोर को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 15 दिनों से क्षेत्र में लगातार आतंक मचा रहा था।1
- सिवनी जिले के आदिवासी बहुल घंसौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 108 एम्बुलेंस सेवा लंबे समय से बाधित है क्योंकि एम्बुलेंस खराब खड़ी है। जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित इस अस्पताल में 72 ग्राम पंचायतों के हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन एम्बुलेंस सेवा बंद होने के कारण उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को अस्पताल तक पहुँचने और रेफर होने पर जबलपुर मेडिकल कॉलेज तक जाने के लिए निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. भारती सोनकेशरीया ने जानकारी दी है कि खराब एम्बुलेंसों की सूचना लगातार पत्राचार और दूरभाष के माध्यम से जिला स्तर पर दी जा रही है। हालांकि, सोमवार, 6 जुलाई 2026 तक भी इसमें कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की सरकारी मंशा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- डिंडोरी जिले के समनापुर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम चांदरानी में सीएम राईज हायर सेकंडरी स्कूल को कथित तौर पर मिडिल स्कूल का दर्जा दिए जाने और उसे 'तोड़े' जाने को लेकर ग्रामीणों में भारी जन आक्रोश है। ग्रामीणों का मानना है कि इस कदम से वर्तमान में कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ और धोखा किया जा रहा है। इस विरोध के चलते, ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर मांग की है कि हायर सेकंडरी स्कूल का दर्जा कायम रखा जाए।2
- धर्म संगठन ने 'जय श्री राम' का उद्घोष करते हुए 'बाबा' के प्रति अपनी अटूट आस्था और समर्थन व्यक्त किया है। संगठन ने इस बात पर जोर दिया है कि 'बाबा' को हमेशा अपने पास रखना चाहिए, क्योंकि यह दुनिया न कभी किसी की हुई है और न कभी किसी की होगी। संगठन के अनुसार, अंततः केवल 'बाबा' का ही सहारा है।1
- जबलपुर जिले के मझौली थाना क्षेत्र में एक बेहद ही विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर एक पड़ोसी रिश्तेदार ने चार माह की गर्भवती महिला के पेट पर लात मार दी, जिससे गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। करीब 13 दिन तक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज कराने के बाद, पीड़िता सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। जानकारी के अनुसार, मझौली निवासी ज्योति साहू और उनके पति अतुल साहू का अपने रिश्तेदार विजय साहू के परिवार से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 13 जून को यह विवाद हिंसक रूप में बदल गया, जब बंटवारे के बाद बची करीब 30 वर्गफीट जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। अतुल साहू के मुताबिक, इस दौरान धक्का-मुक्की में विजय साहू घायल हो गए, जिसके बाद अतुल उन्हें इलाज के लिए जबलपुर ले गए। अतुल का आरोप है कि उनके जाने के बाद उनकी पत्नी ज्योति घर पर अकेली थीं, और इसी दौरान मामी तथा उनके बेटे दुर्गेश साहू ने उनके साथ मारपीट की और उनके पेट पर लात मार दी। सूचना मिलते ही अतुल वापस लौटे, तो उनकी पत्नी दर्द से तड़प रही थीं। उन्हें तत्काल मझौली स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान डॉक्टरों ने पुष्टि की कि महिला के गर्भ में पल रहे चार माह के शिशु की मौत हो चुकी है। महिला 13 जून से 25 जून तक अस्पताल में भर्ती रहीं। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पीड़िता दर्द से कराहते हुए मदद की गुहार लगा रही है। वीडियो में वह रोते हुए कहती सुनाई दे रही है, "मैं नहीं बचूंगी मां... मेरे पापा को बुला दो... मेरा बाबू भी नहीं बचेगा..." यह वीडियो घटना की भयावहता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, पीड़िता अपने पति के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजू बेनीवाल को आवेदन देकर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। पीड़िता के पति ने आरोप लगाया कि मझौली पुलिस ने मामा, मामी और उनके बेटे के खिलाफ मारपीट का मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पुलिस को घटना का वीडियो भी उपलब्ध कराया था, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजू बेनीवाल ने बताया कि मामले में पहले से एफआईआर दर्ज है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया जा चुका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और मामले की बारीकी से जांच के निर्देश दिए गए हैं। जबलपुर जिले के मझौली थाना क्षेत्र में जमीन विवाद के दौरान एक गर्भवती महिला के साथ हुई इस कथित मारपीट ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है।1
- मंडला जिले में गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने वाली आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को सामने रखा है। उनकी प्रमुख मांगों में उनके कार्य के लिए उचित सम्मान और उन्हें मिलने वाले भुगतान का समय पर वितरण शामिल है।1
- मंडला जिले में झिलवानी और बल्लम डुंगरिया के बीच की सड़क की बदहाल स्थिति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सड़क पर कीचड़ और फिसलन के कारण हादसों का खतरा काफी बढ़ गया है, जिससे विशेष रूप से दुपहिया वाहन चालकों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के लिए निर्माण एजेंसी की लापरवाही पर सवाल उठाए जा रहे हैं।1