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धौलपुर की सुंदर कॉलोनी में अब गली की व्यवस्था पहले से काफी बेहतर हो गई है। यह सुधार मेम्बर साहब की मेहरबानी और उनके द्वारा की गई अच्छी व्यवस्था के कारण संभव हुआ है, क्योंकि इससे पहले कॉलोनी की गली की हालत उतनी अच्छी नहीं थी।
Ajay pachauri
धौलपुर की सुंदर कॉलोनी में अब गली की व्यवस्था पहले से काफी बेहतर हो गई है। यह सुधार मेम्बर साहब की मेहरबानी और उनके द्वारा की गई अच्छी व्यवस्था के कारण संभव हुआ है, क्योंकि इससे पहले कॉलोनी की गली की हालत उतनी अच्छी नहीं थी।
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- धौलपुर की सुंदर कॉलोनी में अब गली की व्यवस्था पहले से काफी बेहतर हो गई है। यह सुधार मेम्बर साहब की मेहरबानी और उनके द्वारा की गई अच्छी व्यवस्था के कारण संभव हुआ है, क्योंकि इससे पहले कॉलोनी की गली की हालत उतनी अच्छी नहीं थी।1
- धौलपुर जिले में वर्ष 1978 में घड़ियालों के संरक्षण के उद्देश्य से चंबल नदी को अभयारण्य घोषित किया गया था।4
- नेनेरा सलेमपुर पंचायत बसेड़ी हर दिन कोई ना कोई हादसा हो रहा है इसको जल्द से जल्द करवाई नाली की सफाई कीचड़ खत्म करें ग्राम पंचायत नेनेरा सलेमपुर🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🫂🫂🫡🫡🫡🫡1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गाँव में हुआ था, और इस वर्ष वे 54 वर्ष के हो गए हैं। अपने 21वें जन्मदिन के लगभग 33 साल पहले उन्होंने पंचूर स्थित अपना घर छोड़ दिया था। घर त्यागने के बाद, वे गोरखपुर के गोरखनाथ मठ पहुँचे, जहाँ उन्होंने वहाँ के महंत से दीक्षा लेकर संन्यासी का जीवन अपनाया। बाद में, अपनी निष्ठा और समर्पण के कारण, वे उसी मठ के पीठाधीश्वर बने। मठ के पीठाधीश्वर बनने के बाद, उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया। उनकी राजनीतिक यात्रा ने एक महत्वपूर्ण मोड़ तब लिया जब वे 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद, 2022 में उन्हें एक बार फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली। इस विशेष अवसर पर, योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।3
- भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी के पावन जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे में रविवार, 7 जून को एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है और भक्तों में उत्साह बढ़ाने के लिए घर-घर जाकर जयंती की पत्रिका और शुभ प्रतीक पीले चावल वितरित कर श्रद्धालुओं को आमंत्रित कर रही है। समिति के अनुसार, शोभायात्रा दोपहर 1:00 बजे कस्बे के बिचोला रोड स्थित प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर से शुरू होगी। यह यात्रा टाउन पुलिस चौकी और मुख्य बाजार से होते हुए परशुराम धर्मशाला पहुंचकर समाप्त होगी, जहाँ भक्तों को प्रसादी का वितरण किया जाएगा। इस भव्य यात्रा में एक दर्जन से अधिक आकर्षक झांकियां, बैंड-बाजे, भजन-कीर्तन मंडलियां और स्थानीय कलाकार शामिल होंगे। ये झांकियां भगवान परशुराम जी की पावन लीला, उनके दिव्य रूप और धार्मिक महत्व को दर्शाकर श्रद्धालुओं में भक्ति भाव का संचार करेंगी। भगवान परशुराम जी को ब्राह्मण तेज और क्षत्रिय शौर्य का प्रतीक माना जाता है। आयोजन समिति ने इस शोभायात्रा को न केवल एक धार्मिक उत्सव, बल्कि सनातन संस्कृति, एकता और भक्ति की अमर परंपरा को जीवंत करने का एक माध्यम बताया है। समिति ने सभी भक्तों, नागरिकों और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस पावन आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी नगर मंडल बाड़ी द्वारा मंडल अध्यक्ष वंदना शिवहरे की अध्यक्षता में विभिन्न जनहित और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान केला माता मंदिर परिसर में भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को शीतल शरबत वितरित किया गया। वहीं, बामणी नदी स्थित राम दरबार, सरमथुरा रोड पर "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के अंतर्गत जल पूजन, श्रमदान, घाट एवं मंदिर परिसर की सफाई, पौधारोपण तथा पक्षियों के लिए परिंडे लगाए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री मोतीलाल मीणा ने जल पूजन एवं श्रमदान कर जल संरक्षण के प्रति जनभागीदारी का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में प्रभावी कार्य कर रही है। मुख्य वक्ता, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के जिला समन्वयक श्रवण कुमार वर्मा ने अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन का स्वरूप देने की बात कही। उन्होंने जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण करने तथा सभी जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया, साथ ही आगामी मानसून में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण कर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हरियाला राजस्थान के संकल्प को साकार करने पर जोर दिया। मंडल अध्यक्ष वंदना शिवहरे ने जल को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि इसके संरक्षण के बिना सतत विकास संभव नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में चल रहे जनभागीदारी आधारित अभियानों और राजस्थान सरकार द्वारा जल संसाधनों के संरक्षण, जल संरचनाओं के पुनर्जीवन एवं वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के कार्यों का भी उल्लेख किया। जिला महामंत्री अनिल गोयल ने "वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान" को एक जनआंदोलन बताते हुए इसमें प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता को आवश्यक बताया, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कार्यक्रम के जिला संयोजक नंदकिशोर शुक्ला एवं पूर्व जिला उपाध्यक्ष कमल पहाड़िया ने भी जल और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उपस्थित लोगों ने जल पूजन कर जल संरक्षण का संकल्प लिया, जिसके बाद कार्यक्रम के संयोजक देव पाराशर ने सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अभियान के उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी दी गई और दिनेश मामा, सतीश प्रजापति, रामकुमार कुशवाह, धनंजय शर्मा, नरेश यादव, सुनील बंसल, जतिन पचौरी, महेश कुशवाहा, नितिन शर्मा, बी.एल. प्रजापति, दीनदयाल कोली, आदित्य मंगल, पीयूष शर्मा, मोहन मंगल, युवराज शर्मा, विक्रम सिंह जाट, शुभम गर्ग, कृष्ण गर्ग, मनोज कोहली, जितेंद्र शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।3
- धौलपुर जिले में प्रतिबंधित चंबल बजरी के अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में, वन विभाग और खनिज विभाग मिलकर व्यापक स्तर पर यह कार्रवाई कर रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य ऐसे अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना है, जिसके तहत प्रतिबंधित चंबल बजरी के खनन व परिवहन की पूर्णतः रोकथाम और निगरानी के लिए निरंतर सख्ती बरती जा रही है।1
- आज 5 जून को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ अपना जन्मदिन मना रहे हैं, और इसी के साथ वे 54 वर्ष के हो गए हैं। उनके जन्मदिन के अवसर पर, उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पड़ावों को साझा किया गया है। योगी आदित्यनाथ का जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गाँव में हुआ था। आज से 33 साल पहले, जब वे 21 साल के थे, उन्होंने अपना पंचूर गाँव छोड़ दिया और गोरखपुर आ गए। यहाँ उन्होंने गोरखनाथ मठ के प्रमुख महंत अवैद्यनाथ से दीक्षा लेकर संन्यासी का जीवन अपनाया। बाद में वे इसी गोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर बने। इसके उपरांत, वे राजनीति में आए और 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला।4