पश्चिम चंपारण के गौनाहा प्रखंड स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय मटियरिया में सामने आई गंभीर अव्यवस्थाओं ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय में आठ शिक्षक पदस्थापित होने के बावजूद केवल चार शिक्षकों के भरोसे ही पढ़ाई संचालित होती मिली, जबकि प्रधान शिक्षक सहित चार शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। साथ ही, विद्यालय बिना किसी विधिवत प्रभार के संचालित हो रहा था। कार्यालय बंद रहने के कारण न तो शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज हो सकी और न ही बच्चों की हाजिरी बन पाई, जिससे पूरी प्रशासनिक व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। प्रखंड 20 सूत्री उपाध्यक्ष विक्रमा चौधरी के औचक निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। छात्रों ने बताया कि कुछ शिक्षक कई दिनों से विद्यालय नहीं आ रहे हैं, जिससे उनकी नियमित पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मध्याह्न भोजन योजना में भी गड़बड़ी की शिकायत सामने आई, जहाँ बच्चों का आरोप है कि शुक्रवार को भोजन के साथ अंडा परोसने के बजाय उन्हें छुट्टी के समय कच्चा अंडा दे दिया जाता है, जो सरकारी मानकों के बिल्कुल विपरीत है। सहायक शिक्षक रामेश्वर प्रसाद ने जानकारी दी कि उनसे प्रभार पंजी पर हस्ताक्षर तो करवा लिए गए, लेकिन उन्हें कार्यालय की चाबी और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके परिणामस्वरूप विद्यालय का कार्यालय बंद रहा और उपस्थिति पंजी तक नहीं खोली जा सकी। इन स्थितियों से स्पष्ट होता है कि विद्यालय संचालन में गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बरती जा रही है और संबंधित अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। प्रखंड 20 सूत्री उपाध्यक्ष ने पूरे मामले की शिकायत आरओ सह प्रभारी बीईओ दीपक कुमार राम से की है तथा उच्च अधिकारियों से जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों की इस बदहाल व्यवस्था का सीधा असर गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है, और यदि समय रहते जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दावा केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा। अब सबकी नजरें शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि वह इस मामले में केवल जांच का आश्वासन देता है या फिर शिक्षकों की मनमानी, प्रशासनिक लापरवाही और विद्यालय की इन अव्यवस्थाओं पर ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई कर शिक्षा व्यवस्था में जनता का विश्वास बहाल करता है।
पश्चिम चंपारण के गौनाहा प्रखंड स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय मटियरिया में सामने आई गंभीर अव्यवस्थाओं ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय में आठ शिक्षक पदस्थापित होने के बावजूद केवल चार शिक्षकों के भरोसे ही पढ़ाई संचालित होती मिली, जबकि प्रधान शिक्षक सहित चार शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। साथ ही, विद्यालय बिना किसी विधिवत प्रभार के संचालित हो रहा था। कार्यालय बंद रहने के कारण न तो शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज हो सकी और न ही बच्चों की हाजिरी बन पाई, जिससे पूरी प्रशासनिक व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। प्रखंड 20 सूत्री उपाध्यक्ष विक्रमा चौधरी के औचक निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। छात्रों ने बताया कि कुछ शिक्षक कई दिनों से विद्यालय नहीं आ रहे हैं, जिससे उनकी नियमित पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मध्याह्न भोजन योजना में भी गड़बड़ी की शिकायत सामने आई, जहाँ बच्चों का आरोप है कि शुक्रवार को भोजन के साथ अंडा परोसने के बजाय उन्हें छुट्टी के समय कच्चा अंडा दे दिया जाता है, जो सरकारी मानकों के बिल्कुल विपरीत है। सहायक शिक्षक रामेश्वर प्रसाद ने जानकारी दी कि उनसे प्रभार पंजी पर हस्ताक्षर तो करवा लिए गए, लेकिन उन्हें कार्यालय की चाबी और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके परिणामस्वरूप विद्यालय का कार्यालय बंद रहा और उपस्थिति पंजी तक नहीं खोली जा सकी। इन स्थितियों से स्पष्ट होता है कि विद्यालय संचालन में गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बरती जा रही है और संबंधित अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। प्रखंड 20 सूत्री उपाध्यक्ष ने पूरे मामले की शिकायत आरओ सह प्रभारी बीईओ दीपक कुमार राम से की है तथा उच्च अधिकारियों से जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों की इस बदहाल व्यवस्था का सीधा असर गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है, और यदि समय रहते जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दावा केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा। अब सबकी नजरें शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि वह इस मामले में केवल जांच का आश्वासन देता है या फिर शिक्षकों की मनमानी, प्रशासनिक लापरवाही और विद्यालय की इन अव्यवस्थाओं पर ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई कर शिक्षा व्यवस्था में जनता का विश्वास बहाल करता है।
- न्यूयॉर्क की एम्पायर स्टेट बिल्डिंग की एंटेना पर मंगलवार दोपहर दो लोग चढ़ गए। इन लोगों ने वहाँ प्रेम और शांति का संदेश देने वाला एक बैनर लहराया।1
- मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के धोकराहा पंचायत स्थित एसडीआरएफ कार्यालय में तैनात एक जवान वीरेन्द्र यादव की शनिवार देर शाम अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर हृदय गति रुकने से उनकी मौत की आशंका जताई जा रही है, जिससे एसडीआरएफ कर्मियों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, एसडीआरएफ के सिपाही वीरेन्द्र यादव शनिवार शाम करीब चार बजे मझौलिया बाजार सामान खरीदने गए थे। बाजार से लौटकर जैसे ही वह एसडीआरएफ कार्यालय पहुंचे, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें मझौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम प्रसाद ने बताया कि जवान की मौत अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में हो चुकी थी। एसडीआरएफ के एसआई दयानिधि सिंह ने बताया कि मृतक सिपाही वीरेन्द्र यादव बगहा के रामनगर थाना क्षेत्र के जोगिया गांव के निवासी थे और धोकराहा स्थित एसडीआरएफ कार्यालय में कार्यरत थे। मृतक के भाई धनंजय कुमार यादव ने भी प्रथम दृष्टया में हृदय गति रुकने से मौत की सूचना मिलने की पुष्टि की। थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि जवान पूर्व से अस्वस्थ बताए जा रहे थे, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।3
- भाकपा (माले) रेड फ्लैग की नौतन अंचल कमेटी ने शनिवार को दोपहर करीब एक बजे बेतिया में जिला समाहर्ता के समक्ष सात सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना आयोजित किया। यह धरना अवधेश राम की अध्यक्षता में हुआ, जिसे राज्य सचिव रवीन्द्र कुमार 'रवि' ने संबोधित किया। अपने संबोधन में रवीन्द्र कुमार 'रवि' ने प्रमुखता से भूमिहीनों को बेतिया राज की जमीन पर वासगीत अधिकार देने, सरकारी जमीन पर वर्षों से बसे गरीबों को मालिकाना हक प्रदान करने, वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन को बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह करने तथा नरकटियागंज, सुगौली, रक्सौल और मोतिहारी से पटना के लिए 10 जोड़ी अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की मांग उठाई। वहीं, अंचल सचिव प्रमिला देवी ने नौतन के 279 भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल जमीन आवंटित करने की लंबित मांग पूरी न होने पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। इस धरने के दौरान, भाकपा (माले) रेड फ्लैग ने अपनी इन मांगों को लेकर आगामी 20 अगस्त को विधानसभा घेराव करने की भी घोषणा की। धरने के समापन पर, मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक सात सूत्री ज्ञापन अंचलाधिकारी को सौंपा गया।1
- राज्य के मंत्री अशोक चौधरी ने भरत तिवारी के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान, मंत्री चौधरी ने यह आश्वासन दिया कि भरत तिवारी को हर हाल में इंसाफ मिलेगा। उन्होंने इस मामले में एसडीम की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाए।1
- पूर्वी चंपारण के सुगौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बाल-विवाह की रोकथाम के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहल जिला विधिक संघ और जुबेनाइल सेंटर द्वारा संयुक्त रूप से की गई। इस कार्यक्रम में आशा और ममता सहित कई अन्य लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य समुदाय को बाल-विवाह के प्रति जागरूक करना था।1
- गोपालगंज सदर अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर ने सांप के काटने से बचाव और उसके बाद बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया है कि सांप काटने की स्थिति में क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए।1
- पश्चिम चंपारण के बगहा में दहेज हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चौतरवा थाना क्षेत्र के दुसाधी पट्टी गाँव में विवाहिता प्रमिला देवी का शव गन्ने के खेत से बरामद हुआ है। मृतका के पिता कन्हैया यादव, जो लौरिया थाना क्षेत्र के मांगुरहा गाँव के निवासी हैं, ने अपनी बेटी के ससुराल पक्ष के छह लोगों पर दहेज के लिए उसकी हत्या करने का गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में आवेदन दिया है। उन्होंने अपनी शिकायत में सास मैना देवी, राधा यादव, बबीता देवी, राजेश यादव, किशोरी यादव और जितेंद्र यादव को नामजद आरोपित बनाया है। कन्हैया यादव का कहना है कि वर्ष 2020 में शादी के बाद से ही उनकी बेटी को लगातार दहेज की माँग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था, और इस मामले में पहले भी पंचायत हो चुकी थी। परिजनों के अनुसार, शनिवार सुबह प्रमिला देवी ने फोन कर उन्हें बताया था कि ससुराल वाले उसके साथ मारपीट कर रहे हैं, और कुछ ही देर बाद उसकी मौत की सूचना मिली। मायके पक्ष का आरोप है कि गला दबाकर हत्या करने के बाद, साक्ष्य छिपाने के इरादे से शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया गया। सूचना मिलने पर चौतरवा थाना पुलिस और मायके पक्ष के लोग घटनास्थल पर पहुँचे और कई घंटों की तलाश के बाद गन्ने के खेत से प्रमिला देवी का शव बरामद किया। घटना के बाद से सभी आरोपित ससुराल वाले अपने घरों को छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। एसडीपीओ निहार भूषण ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है।1
- पश्चिम चंपारण के बगहा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का गंभीर आरोप लगा है। मृतका का शव गन्ने के खेत से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या की गई और फिर साक्ष्य मिटाने के इरादे से शव को खेत में फेंक दिया गया। यह घटना बगहा के चौतरवा थाना क्षेत्र के दुसाधी पट्टी गांव की है। मृतका की पहचान मुकेश यादव की पत्नी प्रमिला देवी के रूप में हुई है, जिसकी शादी वर्ष 2020 में हुई थी। मृतका के पिता कन्हैया यादव, जो लौरिया थाना क्षेत्र के मांगुरहा गांव के निवासी हैं, ने बताया कि शनिवार सुबह उनकी बेटी ने फोन पर रोते हुए बताया था कि ससुराल वाले उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। इसके कुछ ही देर बाद उन्हें बेटी की मौत की खबर मिली, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रमिला की हत्या गला दबाकर की गई और शव को गन्ने के खेत में ठिकाने लगाया गया। उन्होंने इस मामले में सास मैना देवी, राधा यादव, बबीता देवी, राजेश यादव, किशोरी यादव और जितेंद्र यादव समेत ससुराल पक्ष के छह लोगों को नामजद करते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मृतका के पिता का कहना है कि शादी के बाद से ही दहेज को लेकर विवाद चल रहा था और इस मुद्दे पर पहले पंचायत भी हो चुकी थी, लेकिन प्रताड़ना बंद नहीं हुई। घटना के बाद सभी नामजद आरोपित अपने घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने पर चौतरवा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और मायके पक्ष के लोगों के साथ कई घंटों तक तलाश अभियान चलाया, जिसके बाद गन्ने के खेत से विवाहिता का शव बरामद किया गया। बगहा एसडीपीओ निहार भूषण ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं पर गहन जांच कर रही है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। यह घटना एक बार फिर दहेज जैसी सामाजिक कुरीति पर गंभीर सवाल खड़े करती है, और अब सबकी निगाहें पुलिस जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस संदिग्ध मौत का सच सामने आ सके।1