मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के धोकराहा पंचायत स्थित एसडीआरएफ कार्यालय में तैनात एक जवान वीरेन्द्र यादव की शनिवार देर शाम अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर हृदय गति रुकने से उनकी मौत की आशंका जताई जा रही है, जिससे एसडीआरएफ कर्मियों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, एसडीआरएफ के सिपाही वीरेन्द्र यादव शनिवार शाम करीब चार बजे मझौलिया बाजार सामान खरीदने गए थे। बाजार से लौटकर जैसे ही वह एसडीआरएफ कार्यालय पहुंचे, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें मझौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम प्रसाद ने बताया कि जवान की मौत अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में हो चुकी थी। एसडीआरएफ के एसआई दयानिधि सिंह ने बताया कि मृतक सिपाही वीरेन्द्र यादव बगहा के रामनगर थाना क्षेत्र के जोगिया गांव के निवासी थे और धोकराहा स्थित एसडीआरएफ कार्यालय में कार्यरत थे। मृतक के भाई धनंजय कुमार यादव ने भी प्रथम दृष्टया में हृदय गति रुकने से मौत की सूचना मिलने की पुष्टि की। थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि जवान पूर्व से अस्वस्थ बताए जा रहे थे, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के धोकराहा पंचायत स्थित एसडीआरएफ कार्यालय में तैनात एक जवान वीरेन्द्र यादव की शनिवार देर शाम अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर हृदय गति रुकने से उनकी मौत की आशंका जताई जा रही है, जिससे एसडीआरएफ कर्मियों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, एसडीआरएफ के सिपाही वीरेन्द्र यादव शनिवार शाम करीब चार बजे मझौलिया बाजार सामान खरीदने गए थे।
बाजार से लौटकर जैसे ही वह एसडीआरएफ कार्यालय पहुंचे, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें मझौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम प्रसाद ने बताया कि जवान की मौत अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में हो चुकी थी। एसडीआरएफ के एसआई दयानिधि सिंह ने बताया कि मृतक
सिपाही वीरेन्द्र यादव बगहा के रामनगर थाना क्षेत्र के जोगिया गांव के निवासी थे और धोकराहा स्थित एसडीआरएफ कार्यालय में कार्यरत थे। मृतक के भाई धनंजय कुमार यादव ने भी प्रथम दृष्टया में हृदय गति रुकने से मौत की सूचना मिलने की पुष्टि की। थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि जवान पूर्व से अस्वस्थ बताए जा रहे थे, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
- मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के धोकराहा पंचायत स्थित एसडीआरएफ कार्यालय में तैनात एक जवान वीरेन्द्र यादव की शनिवार देर शाम अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर हृदय गति रुकने से उनकी मौत की आशंका जताई जा रही है, जिससे एसडीआरएफ कर्मियों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, एसडीआरएफ के सिपाही वीरेन्द्र यादव शनिवार शाम करीब चार बजे मझौलिया बाजार सामान खरीदने गए थे। बाजार से लौटकर जैसे ही वह एसडीआरएफ कार्यालय पहुंचे, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें मझौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम प्रसाद ने बताया कि जवान की मौत अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में हो चुकी थी। एसडीआरएफ के एसआई दयानिधि सिंह ने बताया कि मृतक सिपाही वीरेन्द्र यादव बगहा के रामनगर थाना क्षेत्र के जोगिया गांव के निवासी थे और धोकराहा स्थित एसडीआरएफ कार्यालय में कार्यरत थे। मृतक के भाई धनंजय कुमार यादव ने भी प्रथम दृष्टया में हृदय गति रुकने से मौत की सूचना मिलने की पुष्टि की। थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि जवान पूर्व से अस्वस्थ बताए जा रहे थे, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।3
- भाकपा (माले) रेड फ्लैग की नौतन अंचल कमेटी ने शनिवार को दोपहर करीब एक बजे बेतिया में जिला समाहर्ता के समक्ष सात सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना आयोजित किया। यह धरना अवधेश राम की अध्यक्षता में हुआ, जिसे राज्य सचिव रवीन्द्र कुमार 'रवि' ने संबोधित किया। अपने संबोधन में रवीन्द्र कुमार 'रवि' ने प्रमुखता से भूमिहीनों को बेतिया राज की जमीन पर वासगीत अधिकार देने, सरकारी जमीन पर वर्षों से बसे गरीबों को मालिकाना हक प्रदान करने, वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन को बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह करने तथा नरकटियागंज, सुगौली, रक्सौल और मोतिहारी से पटना के लिए 10 जोड़ी अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की मांग उठाई। वहीं, अंचल सचिव प्रमिला देवी ने नौतन के 279 भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल जमीन आवंटित करने की लंबित मांग पूरी न होने पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। इस धरने के दौरान, भाकपा (माले) रेड फ्लैग ने अपनी इन मांगों को लेकर आगामी 20 अगस्त को विधानसभा घेराव करने की भी घोषणा की। धरने के समापन पर, मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक सात सूत्री ज्ञापन अंचलाधिकारी को सौंपा गया।1
- पष्चिम चंपारण के समाहरणालय सभागार में 4 जुलाई, 2026 को माननीय जिला पदाधिकारी श्री तरण जोत सिंह ने उद्यमियों के साथ एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर, उद्यमियों ने खुलकर अपने सुझाव साझा किए और अपनी विभिन्न समस्याओं से जिला प्रशासन को अवगत कराया।1
- मझौलिया से एक बोलेरो गाड़ी सहित 1 क्विंटल 26 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। इस कार्रवाई में दो गांजा तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।1
- बेतिया में मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रेलखंड के बेतिया-मझौलिया सेक्शन के दोहरीकरण कार्य ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) गुरु प्रकाश ने वरिष्ठ रेल अधिकारियों की टीम के साथ इस रेलखंड का विस्तृत निरीक्षण किया और 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न कराया। निरीक्षण के दौरान, सीआरएस ने ट्रैक, सिग्नल प्रणाली, इंटरलॉकिंग व्यवस्था, रेलवे क्रॉसिंग, स्टेशन परिसर और पैनल रूम सहित सभी तकनीकी एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की भी बारीकी से जांच की। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ज्योति प्रकाश मिश्रा भी 11 ट्रॉली के काफिले के साथ बेतिया से मझौलिया स्टेशन तक ट्रैक का निरीक्षण करने पहुंचे, जहाँ उन्होंने बताया कि दोहरीकरण कार्य को अंतिम रूप देने के लिए सभी तकनीकी पहलुओं की जांच पूरी कर ली गई है। मझौलिया स्टेशन पर करीब दो घंटे 33 मिनट के निरीक्षण के बाद, शाम 3:55 बजे सीआरएस स्पेशल ट्रेन बेतिया के लिए रवाना हुई। इस दौरान ट्रेन को लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर स्पीड ट्रायल किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य ट्रैक की गुणवत्ता, स्थिरता और सुरक्षा मानकों का परीक्षण करना था। निरीक्षण और स्पीड ट्रायल के मद्देनजर, पूरे दिन बेतिया-मझौलिया रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से बंद रहा। इस अवसर पर सीनियर डिविजनल इंजीनियर विजय प्रकाश, सीएफओ शैलेन्द्र प्रसाद, सीईएनडी अनिल कुमार, सीनियर डीएन (समन्वय) संजय कुमार, डिप्टी चीफ इंजीनियर अजय कुमार, अधिशासी अभियंता निर्मल सलहाता सहित रेलवे एवं निर्माण एजेंसियों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सफल निरीक्षण और स्पीड ट्रायल के बाद बेतिया-मझौलिया दोहरी रेललाइन पर जल्द ही नियमित परिचालन शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है, जिससे इस रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी और यात्रियों के साथ-साथ मालगाड़ियों के संचालन में भी सुविधा मिलेगी।1
- सांसद पप्पू यादव ने पिपराकोठी पहुंचकर किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना। इस दौरान उन्होंने किसानों के मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए सरकार पर निशाना साधा और उनसे इन समस्याओं का समाधान करने की मांग की। पप्पू यादव के इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और उनके समर्थक मौजूद रहे। इस दौरे को किसानों के समर्थन में उनके एक बड़े ऐलान के तौर पर देखा जा रहा है।1
- शनिवार को नौतन के विधायक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री नारायण प्रसाद के आवास पर एक डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बेतिया के सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने सहभागिता की, जहाँ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। सांसद डॉ. जायसवाल ने कार्यकर्ताओं से आत्मीय मुलाकात की और संगठन को मजबूत करने, डिजिटल तकनीक का प्रभावी उपयोग करने तथा जनसंपर्क को बेहतर बनाने जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की। डॉ. जायसवाल ने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में डिजिटल माध्यम संगठन और आम जनता के बीच संवाद का सबसे शक्तिशाली साधन बन गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करें ताकि सरकार की योजनाओं और संगठन की गतिविधियों को आम लोगों तक पहुँचाया जा सके। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने भी अपने सुझाव और अनुभव साझा किए, जबकि विधायक नारायण प्रसाद ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को संगठन के लिए बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।1
- नरकटियागंज से पशु क्रूरता की एक ऐसी दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार देर रात शिकारपुर थाना क्षेत्र के मझरिया गाँव में एक छोटे पिकअप वाहन में 12 मवेशियों को बेरहमी से ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा था। वाहन के भीतर बेजुबान जानवरों की हालत बेहद दयनीय थी; वे न तो ठीक से खड़े हो पा रहे थे और न ही हिल-डुल पा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप वाहन को दो मंजिला ढंग से संशोधित किया गया था ताकि मवेशियों को बेहद अमानवीय तरीके से ठूंसा जा सके, जिससे अंदर दम घुटने जैसी स्थिति बन गई थी। लंबे समय तक इस हालत में रहने के कारण कई मवेशियों की स्थिति गंभीर हो गई थी और वाहन से उतारे जाने के बाद वे अपने पैरों पर खड़े तक नहीं हो पा रहे थे। ग्रामीणों की नजर जैसे ही इस संदिग्ध पिकअप वाहन पर पड़ी, उन्होंने उसे रोकने का प्रयास किया। हालांकि, खुद को घिरता देख पशु तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वाहन के टायरों की हवा निकाल दी और तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर शिकारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और पिकअप वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है, वहीं ग्रामीणों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और इस पशु क्रूरता में शामिल लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।1