मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर 'तबादला उद्योग' संचालित हो रहा है। श्री पटवारी के अनुसार, पिछले एक महीने में चले तबादला अभियान ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जहाँ 'पैसा दो, तबादला लो' का खुला खेल चल रहा है और प्रशासनिक व्यवस्था दलालों, बाबुओं तथा बिचौलियों के हवाले कर दी गई है। उन्होंने यह भी दोहराया कि मुख्यमंत्री जी ने मध्य प्रदेश को 'ट्रांसफर फैक्ट्री' में बदल दिया है, जहाँ हर पद, हर तबादले और हर फाइल की कीमत तय है और कोई भी कर्मचारी, अधिकारी या संविदा कर्मी इस भ्रष्ट तंत्र से अछूता नहीं है। श्री पटवारी ने भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने के लिए एक स्टिंग ऑपरेशन का भी हवाला दिया। इस स्टिंग में मंत्री के स्टाफ से जुड़े एक कर्मचारी द्वारा आरएईओ के तबादले के लिए 2.5 लाख रुपये, वल्लभ भवन के एक बाबू द्वारा नर्स के तबादले के लिए 5 लाख रुपये और ऊर्जा विकास निगम से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा 4.5 लाख रुपये की मांग किए जाने का खुलासा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तबादले अब प्रशासनिक आवश्यकता नहीं, बल्कि कमाई का सबसे बड़ा साधन बन चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि एक जांच टीम ने चार मंत्रियों, एक विधायक और कई अधिकारियों व कर्मचारियों से संपर्क किया था। श्री पटवारी का दावा है कि यदि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा तबादला घोटाला सामने आएगा, जिसकी अनुमानित राशि पहले 200 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 500 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में मंत्री और प्रभारी मंत्री की सिफारिश के बिना तबादले नहीं हो रहे हैं और कर्मचारियों व अधिकारियों को अपनी पसंद की पोस्टिंग के लिए लाखों रुपये (एसडीओ स्तर के लिए 15 लाख तक, नर्सों के लिए 5 लाख तक) खर्च करने पड़ रहे हैं। हाल ही में पटवारियों के बड़े पैमाने पर हुए तबादलों को 24 घंटे के भीतर निरस्त करने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि सरकार प्रशासन नहीं, बल्कि तबादलों की मंडी चला रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा सरकार के सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार प्रशासन के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वास्तविकता यह है कि प्रदेश का सबसे बड़ा उद्योग अब 'ट्रांसफर उद्योग' बन चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जवाब मांगते हुए कहा कि जनता जानना चाहती है कि इस कारोबार से किसकी जेब भर रही है और वल्लभ भवन की पांचवीं मंजिल से संचालित इस पूरे नेटवर्क का संरक्षक कौन है। उन्होंने एक उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग की, जिसमें सभी तबादला आदेशों, अनुशंसाओं और वित्तीय लेनदेन को शामिल किया जाए। श्री पटवारी ने दोहराया कि मध्य प्रदेश की 'ट्रांसफर फैक्ट्री' का सीईओ वल्लभ भवन की पांचवीं मंजिल पर बैठता है, जहाँ सरकार प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि बोली लगाकर पोस्टिंग बांट रही है, जिससे कर्मचारियों का शोषण हो रहा है, जनता के काम प्रभावित हो रहे हैं और भ्रष्टाचार संस्थागत रूप ले चुका है। कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे मामले को जनता के बीच ले जाने और दोषियों को सजा मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया, यह भी कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार के इस भ्रष्टाचार का जवाब आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से अवश्य देगी।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर 'तबादला उद्योग' संचालित हो रहा है। श्री पटवारी के अनुसार, पिछले एक महीने में चले तबादला अभियान ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जहाँ 'पैसा दो, तबादला लो' का खुला खेल चल रहा है और प्रशासनिक व्यवस्था दलालों, बाबुओं तथा बिचौलियों के हवाले कर दी गई है। उन्होंने यह भी दोहराया कि मुख्यमंत्री जी ने मध्य प्रदेश को 'ट्रांसफर फैक्ट्री' में बदल दिया है, जहाँ हर पद, हर तबादले और हर फाइल की कीमत तय है और कोई भी कर्मचारी, अधिकारी या संविदा कर्मी इस भ्रष्ट तंत्र से अछूता नहीं है। श्री पटवारी ने भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने के लिए एक स्टिंग ऑपरेशन का भी हवाला दिया। इस स्टिंग में मंत्री के स्टाफ से जुड़े एक कर्मचारी द्वारा आरएईओ के तबादले के लिए 2.5 लाख रुपये, वल्लभ भवन के एक बाबू द्वारा नर्स के तबादले के लिए 5 लाख रुपये और ऊर्जा विकास निगम से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा 4.5 लाख रुपये की मांग किए जाने का खुलासा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तबादले अब प्रशासनिक आवश्यकता नहीं, बल्कि कमाई का सबसे बड़ा साधन बन चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि एक जांच टीम ने चार मंत्रियों, एक विधायक और कई अधिकारियों व कर्मचारियों से संपर्क किया था। श्री पटवारी का दावा है कि यदि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा तबादला घोटाला सामने आएगा, जिसकी अनुमानित राशि पहले 200 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 500 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में मंत्री और प्रभारी मंत्री की सिफारिश के बिना तबादले नहीं हो रहे हैं और कर्मचारियों व अधिकारियों को अपनी पसंद की पोस्टिंग के लिए लाखों रुपये (एसडीओ स्तर के लिए 15 लाख तक, नर्सों के लिए 5 लाख तक) खर्च करने पड़ रहे हैं। हाल ही में पटवारियों के बड़े पैमाने पर हुए तबादलों को 24 घंटे के भीतर निरस्त करने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि सरकार प्रशासन नहीं, बल्कि तबादलों की मंडी चला रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा सरकार के सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार प्रशासन के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वास्तविकता यह है कि प्रदेश का सबसे बड़ा उद्योग अब 'ट्रांसफर उद्योग' बन चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जवाब मांगते हुए कहा कि जनता जानना चाहती है कि इस कारोबार से किसकी जेब भर रही है और वल्लभ भवन की पांचवीं मंजिल से संचालित इस पूरे नेटवर्क का संरक्षक कौन है। उन्होंने एक उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग की, जिसमें सभी तबादला आदेशों, अनुशंसाओं और वित्तीय लेनदेन को शामिल किया जाए। श्री पटवारी ने दोहराया कि मध्य प्रदेश की 'ट्रांसफर फैक्ट्री' का सीईओ वल्लभ भवन की पांचवीं मंजिल पर बैठता है, जहाँ सरकार प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि बोली लगाकर पोस्टिंग बांट रही है, जिससे कर्मचारियों का शोषण हो रहा है, जनता के काम प्रभावित हो रहे हैं और भ्रष्टाचार संस्थागत रूप ले चुका है। कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे मामले को जनता के बीच ले जाने और दोषियों को सजा मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया, यह भी कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार के इस भ्रष्टाचार का जवाब आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से अवश्य देगी।
- राष्ट्रपति के मध्य प्रदेश दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल देखी जा रही है। इसी संदर्भ में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति के इस मध्य प्रदेश दौरे के संबंध में अपना बयान दिया है।1
- लोगों में प्राकृतिक सुंदरता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया गया है, जिसमें सभी से पेड़ लगाने का आह्वान किया गया है। यह पहल देश को पर्यावरण के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने की दिशा में एक कदम है। विशेष रूप से, यह संदेश लोगों से अपने माता-पिता के नाम पर एक पेड़ लगाने का आग्रह करता है, साथ ही बुजुर्गों के नाम पर भी पेड़ लगाने की बात कही गई है। इसका लक्ष्य एक ऐसी परंपरा स्थापित करना है जहाँ हर व्यक्ति अपने प्रियजनों की स्मृति में पौधे रोपे। इस मुहिम का मुख्य ध्येय देश को हरा-भरा बनाना, स्वच्छ मध्य प्रदेश का निर्माण करना और स्वच्छ भोपाल बनाना है। यह लोगों से इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपने प्रयासों से देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने का आह्वान करता है।1
- विश्व संगीत दिवस के अवसर पर, भोपाल की गुंजन फाउंडेशन म्यूजिक एकेडमी ने महान गायिका आशा भोंसले को एक अनोखी संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस विशेष सम्मान के तहत, 21 गायकों ने मिलकर एक ट्रिब्यूट गीत रिकॉर्ड किया है। इस वीडियो का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संगीत की समृद्ध विरासत से जोड़ना है। यह ट्रिब्यूट वीडियो 21 जून को यूट्यूब पर रिलीज किया जाएगा।1
- संत हृदय राम नगर नव युवक सिंधी समाज के त्रिवर्षीय चुनाव 21 जून 2026 को आयोजित किए जाएंगे। चुनाव अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मतदान के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इन चुनावों में कुल 4000 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।4
- मध्य प्रदेश के सीहोर में एक अवैध कॉलोनी के खिलाफ बड़ी बुलडोजर कार्रवाई की गई है। इस दौरान मौके पर तमाम अधिकारी मौजूद रहे। अब यह देखना बाकी है कि यह कार्यवाही केवल सीहोर जिले तक सीमित रहेगी, या फिर जिले के अन्य शहरों में भी अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलेगा।1
- भोपाल क्राइम ब्रांच ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए लगभग ₹1.33 करोड़ रुपये से अधिक का मादक पदार्थ और अन्य सामान जब्त किया है। इस कार्रवाई में 170 किलो 090 ग्राम अवैध गांजा, एक आइशर ट्रक और 396 एल्यूमीनियम सिल्लियाँ बरामद की गई हैं, और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। यह बड़ी सफलता गृहमंत्रालय की गाइडलाइन के तहत चलाए जा रहे नशे के खिलाफ अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत क्राइम ब्रांच ने भोपाल में बड़ी मात्रा में गांजा खपाने की साजिश को समय रहते विफल कर दिया। शहर में अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त भोपाल श्री संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल श्रीमती मोनिका शुक्ला के निर्देशों पर, पुलिस उपायुक्त अपराध श्री अखिल पटेल, अति पुलिस उपायुक्त अपराध श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान, सहायक पुलिस आयुक्त श्री चंद्रभान सिंह चढार और सहायक पुलिस आयुक्त श्री अनिल वर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच अशोक मरावी और उनकी टीम को अवैध मादक पदार्थ तस्करों की तलाश में लगाया गया था। दिनांक 18.06.2026 को एक विश्वसनीय मुखबिर ने थाना परिसर में सूचना दी कि कोलार, भोपाल में गोल जोड़ तिराहे के पास सड़क किनारे एक आइशर गाड़ी (मिनी ट्रक) खड़ी है, जिसमें भारी मात्रा में गांजा रखा है और ड्राइवर डिलीवरी के लिए इंतजार कर रहा है। मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के अनुसार बैंगनी टी-शर्ट और हल्के ग्रे पैंट पहने दुबले-पतले व्यक्ति को आइशर ट्रक क्रमांक CG04 PE9434 की ड्राइवर सीट पर बैठे देखा गया। क्राइम ब्रांच टीम ने हमराह स्टाफ और गवाहों के साथ गोल जोड़ तिराहा, कोलार रोड, थाना कजलीखेड़ा, भोपाल पहुंचकर घेराबंदी कर आरोपी आनंद बैरागी, पिता वंशीदास बैगारी (उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम हथवास, तहसील सतवास, जिला देवास) को पकड़ा। ट्रक से नीचे उतारने के बाद आरोपी से पूछताछ की गई और उसके कीपैड जियो भारत कंपनी के मोबाइल तथा रेडमी गो एंड्रॉयड मोबाइल को कब्जे में लिया गया। आइशर ट्रक क्रमांक CG04 PE9434 की तलाशी लेने पर केबिन में खाना बनाने का सामान, टूलबॉक्स, कंबल और तकिया मिला। ट्रक के पिछले हिस्से में नीले रंग की तिरपाल और एक सफेद पन्नी हटाने पर 6 प्लास्टिक की बोरियाँ मिलीं, जिनमें गांजा भरा हुआ था। आरोपी ने बोरियों में गांजा होने की बात स्वीकार की। इन बोरियों में कुल 170 किलो 90 ग्राम अवैध गांजा पाया गया। इसके अतिरिक्त ट्रक से 396 एल्यूमीनियम सिल्लियाँ भी बरामद हुईं, जिन पर हिंदी और अंग्रेजी में "NALCO" अंकित था। जब्त किए गए आइशर ट्रक की अनुमानित कीमत लगभग ₹30 लाख है। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है और उससे गांजा सप्लायर, डिलीवरी नेटवर्क तथा अन्य संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ जारी है, जिससे अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। भोपाल पुलिस अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही कर रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस सफल अभियान में निरीक्षक राजकुमार कुंसारिया, उनि जसवंत सिंह, प्रआर कैलाश जाट सहित पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही।1
- राजधानी भोपाल के ब्लूमन कॉलोनी निवासी हकीम पर पुरानी रंजिश के चलते एक पारिवारिक शादी समारोह के दौरान कथित रूप से हमला किया गया था। इस हमले में गंभीर रूप से घायल हकीम को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद हकीम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हकीम की मौत की खबर मिलते ही परिवार और क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं, आरोप है कि घटना की जानकारी पुलिस को दिए जाने और हमलावरों की पहचान होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। परिवार में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है। परिजनों ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी काफी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई की गई होती तो शायद ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। फिलहाल, पुलिस का पक्ष सामने आना अभी बाकी है और सभी की नजरें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।1
- मध्य प्रदेश क बोर्ड चेयरमैन सनोवर पटेल साहब ने वनारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रकृति का साथ देने का आह्वान किया, यह संदेश देते हुए कि भले ही हम रहें या ना रहें, पेड़ और उनकी छाँव हमेशा बनी रहेगी। पटेल साहब ने लोगों को फलदार पेड़ लगाने और ऑक्सीजन बनाने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे आने वाली पीढ़ियों और सभी लोगों के काम आ सकें।4