आशा कार्यकत्रियों के आंदोलन में शामिल मजदूर नेताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा, आशा कार्यकत्रियों का बकाया भुगतान और प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की भी उठाई आवाज पलियाकलां। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने लखनऊ में आशा कार्यकत्रियों के आंदोलन के दौरान मजदूर नेताओं और छात्र नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे को फर्जी बताते हुए उसे तत्काल निरस्त किए जाने की मांग की है। इस संबंध में संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन पलिया उपजिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया है। ज्ञापन में मुकदमा वापस लेने के साथ ही आशा कार्यकत्रियों की लंबित मांगों को पूरा करने की मांग उठाई गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि 23 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के ईको गार्डन में उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की ओर से 13 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। स्वास्थ्य मंत्री की मध्यस्थता में मिशन निदेशक और अन्य अधिकारियों के साथ आशा कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल की सकारात्मक वार्ता के बाद कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया था। आरोप है कि इसी दौरान दो अन्य पंजीकृत संगठनों की कुछ आशा कार्यकत्री धरने पर बैठी थीं। ज्ञापन के अनुसार, शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच विधानसभा रोड से पुलिस ने लगभग 30 आशा कार्यकत्रियों को पकड़कर ईको गार्डन पहुंचाया था। संगठन का दावा है कि ईको गार्डन के बाहर और अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती है। तीसरी मांग में 7 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई वार्ता और 23 अक्टूबर को मिशन निदेशक की ओर से दिए गए आश्वासनों को लागू करने की मांग की गई है। संगठन ने आशा कार्यकत्रियों की प्रोत्साहन राशि में 4500 रुपये की बढ़ोतरी, तीन नवंबर के बाद एवं दीपावली से पूर्व राज्य वित्त से भुगतान, मातृत्व अवकाश, साप्ताहिक एवं त्योहारों पर अवकाश सहित अन्य सुविधाएं देने की मांग उठाई है। चौथी मांग में प्रदेश के सभी गांवों में आशा संगिनी और एएनएम को टीकाकरण सहित अन्य विभागीय कार्यों के संचालन के लिए पंचायत भवनों में एक कक्ष आवंटित करने की मांग की गई है, ताकि उनके कार्यों के लिए स्थायी एवं तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। संगठन ने प्रशासन और प्रदेश सरकार से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराते हुए मजदूर नेताओं का उत्पीड़न रोकने एवं आशा कार्यकत्रियों की समस्याओं का सहानुभूतिपूर्वक समाधान कराने की मांग की है।
आशा कार्यकत्रियों के आंदोलन में शामिल मजदूर नेताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा, आशा कार्यकत्रियों का बकाया भुगतान और प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की भी उठाई आवाज पलियाकलां। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने लखनऊ में आशा कार्यकत्रियों के आंदोलन के दौरान मजदूर नेताओं और छात्र नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे को फर्जी बताते हुए उसे तत्काल निरस्त किए जाने की मांग की है। इस संबंध में संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन पलिया उपजिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया है। ज्ञापन में मुकदमा वापस लेने के साथ ही आशा कार्यकत्रियों की लंबित मांगों को पूरा करने की मांग उठाई गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि 23 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के ईको गार्डन में उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की ओर से 13 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। स्वास्थ्य मंत्री की मध्यस्थता में मिशन निदेशक और अन्य अधिकारियों के साथ आशा कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल की सकारात्मक वार्ता के बाद कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया था। आरोप है कि इसी दौरान दो अन्य पंजीकृत संगठनों की कुछ आशा कार्यकत्री धरने पर बैठी थीं। ज्ञापन के अनुसार, शाम करीब
6:30 से 7 बजे के बीच विधानसभा रोड से पुलिस ने लगभग 30 आशा कार्यकत्रियों को पकड़कर ईको गार्डन पहुंचाया था। संगठन का दावा है कि ईको गार्डन के बाहर और अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती है। तीसरी मांग में 7 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई वार्ता और 23 अक्टूबर को मिशन निदेशक की ओर से दिए गए आश्वासनों को लागू करने की मांग की गई है। संगठन ने आशा कार्यकत्रियों की प्रोत्साहन राशि में 4500 रुपये की बढ़ोतरी, तीन नवंबर के बाद एवं दीपावली से पूर्व राज्य वित्त से भुगतान, मातृत्व अवकाश, साप्ताहिक एवं त्योहारों पर अवकाश सहित अन्य सुविधाएं देने की मांग उठाई है। चौथी मांग में प्रदेश के सभी गांवों में आशा संगिनी और एएनएम को टीकाकरण सहित अन्य विभागीय कार्यों के संचालन के लिए पंचायत भवनों में एक कक्ष आवंटित करने की मांग की गई है, ताकि उनके कार्यों के लिए स्थायी एवं तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। संगठन ने प्रशासन और प्रदेश सरकार से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराते हुए मजदूर नेताओं का उत्पीड़न रोकने एवं आशा कार्यकत्रियों की समस्याओं का सहानुभूतिपूर्वक समाधान कराने की मांग की है।
- YE JARURI KHABAR HAMARE LAKHIMPUR KHIRI KI H UJWALA YOJNA KI TARAFH SE D. M SIR KA SUPPORT 🙏 MP. VARMA. जर्नलिस्ट1
- नेपाल ले जाए जा रहे कपड़ों के साथ एसएसबी ने एक तस्कर को पकड़ा, दूसरा फरार दो मोटरसाइकिलों समेत भारी मात्रा में कपड़े बरामद, कस्टम विभाग को सौंपा गया सामान संपूर्णानगर-खीरी। भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एसएसबी की 39वीं वाहिनी के जवानों ने नेपाल ले जाए जा रहे कपड़ों की एक खेप पकड़ी है। जवानों ने मौके से एक व्यक्ति को हिरासत में लेने के साथ दो मोटरसाइकिल और भारी मात्रा में कपड़े बरामद किए हैं। जबकि एक अन्य तस्कर अपनी बाइक छोड़कर मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, संपूर्णानगर थाना क्षेत्र के सुमेरनगर से जंगल के रास्ते नेपाल में कपड़ों की तस्करी किए जाने की सूचना मिलते ही 39वीं वाहिनी एसएसबी पलिया की सुमेरनगर बीओपी के कमांडेंट रवि कुमार सनोंटा के नेतृत्व में जवानों ने नेपाल जाने वाले रास्ते पर घेराबंदी कर निगरानी शुरू कर दी। रात करीब 2:30 बजे पिलर संख्या 764/5 से भारतीय क्षेत्र में लगभग 50 मीटर अंदर जवानों को दो मोटरसाइकिल आती दिखाई दीं। जवानों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो एक व्यक्ति अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। वहीं, दूसरा व्यक्ति एसएसबी की पकड़ में आ गया, जिसकी पहचान थाना संपूर्णानगर क्षेत्र के ग्राम विशेनपुरी निवासी मुन्ना हसन पुत्र बाबू जान के रूप में हुई। तलाशी के दौरान मुन्ना हसन के कब्जे से बजाज डिस्कवर मोटरसाइकिल बरामद हुई, जबकि फरार व्यक्ति की बजाज प्लैटिना बाइक को भी जवानों ने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा मौके से 144 नग लेडीज सूट, 30 नग बच्चों के सूट, 17 नग ऊनी शाल, 13 नग दुपट्टे और 12 नग ऊनी सूट बरामद हुए हैं। कमांडेंट रवि कुमार सनोंटा ने बताया कि बरामद कपड़ों और दोनों मोटरसाइकिलों को आवश्यक कार्रवाई के लिए कस्टम पलिया के सुपुर्द कर दिया गया है।4
- नेपाल के माउंट एवरेस्ट क्षेत्र में बड़ा हादसा, लैंडिंग के दौरान दो हेलीकॉप्टर आपस में टकराए, एक यात्री की मौत नेपाल के माउंट एवरेस्ट क्षेत्र से एक दुखद हादसे की खबर सामने आई है। मंगलवार सुबह नेपाल के सोलुखुम्बू जिले के बर्फीले इलाके में लैंडिंग के दौरान दो हेलीकॉप्टर आपस में टकरा गए। इस हादसे में एक यात्री की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हादसा उस समय हुआ जब दोनों हेलीकॉप्टर लैंडिंग की प्रक्रिया में थे। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे को लेकर विस्तृत जानकारी और अन्य संभावित हताहतों का ब्योरा सामने आने का इंतजार है। #Nepal #HelicopterAccident #MountEverest #BreakingNews #Solukhumbu1
- बारिश के बाद मेले के रास्ते पर पानी भरा सुखायागया नगर पालिका ने पंप से पानी निकाला, बालू और कंक्रीट का मिश्रण लखीमपुर में निघासन रोड के मेला मैदान में बारिश के बाद रास्तों पर पानी भर गया। इससे मेला देखने आए ग्रामीणों और आसपास के लोगों को परेशानी हो रही थी। नगर पालिका ने पानी निकालने के लिए पंप लगाया। इसके बाद रास्ते पर बालू का मिश्रण डाला गया। जहां गड्ढे रह गए थे, वहां कंक्रीट और ईंट का मिश्रण डाला गया। नगर पालिका के जूनियर इंजीनियर और मेला अध्यक्ष समरा सईद ने बताया कि मेले में आने वाले लोगों को परेशानी न हो, इसलिए रास्ते ठीक किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रास्ता लगभग दुरुस्त हो गया है। मेले में आए राजीव ने नगर पालिका के काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद उन्हें लगा था कि मेला स्थगित हो जाएगा, लेकिन रास्ता ठीक होने से लोगों को आने-जाने में आसानी होगी। उन्होंने नगर पालिका को धन्यवाद दिया।1
- *थाना नीमगांव क्षेत्रान्तर्गत हत्या के अभियोग में वांछित अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तारी के संबंध में क्षेत्राधिकारी मितौली श्री यादवेन्द्र यादव की बाइट*1
- लखीमपुर में आज सजेगी शायरी और अदब की महफिल, दशहरा मेले में होगा भव्य मुशायरा; देशभर के नामचीन शायर करेंगे कलाम पेश लखीमपुर। नगर पालिका परिषद, लखीमपुर द्वारा आयोजित दशहरा मेला 2026 में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला लगातार लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसी क्रम में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को मेले के 12वें दिन एक भव्य मुशायरे का आयोजन किया जा रहा है। इस मुशायरे में देश के विभिन्न शहरों से मशहूर शायर और शायरात शिरकत करेंगे तथा अपनी शानदार शायरी और ग़ज़लों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। इस खास अदबी महफिल में मंकश अमरोही, गुलरेज देवासी, मोहन मुतंजीर नैनीताल, इकबाल अकरम वारसी खीरी टाउन, अकमल बलरामपुरी, बिलाल सहारनपुर, खुर्शीद हैदर, हसन काज़मी, अशरफ सिद्दीकी मोहम्मदी, मोहम्मद शफी सीतापुरी, गुले सबा फतेहपुर बाराबंकी, अल्ताफ जिया, निकहत मुरादाबादी, राशिद राहत, जमुना प्रसाद उपाध्याय, अज्म शाकरी, हाशिम फिरोजाबादी, नदीम फारूक और दमदार बनारसी सहित अनेक नामचीन शायर अपने कलाम पेश करेंगे। मुशायरे को लेकर साहित्य और शायरी प्रेमियों में खासा उत्साह है। उम्मीद है कि शेरो-शायरी, ग़ज़ल और खूबसूरत अल्फाजों से सजी यह शाम यादगार बनेगी। आयोजकों की ओर से नगर के सभी सम्मानित नागरिकों, साहित्य प्रेमियों और शायरी के चाहने वालों को सपरिवार मुशायरे में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम की जानकारी: - दिन: मंगलवार - तारीख: 3 नवंबर 2026 - आयोजन: दशहरा मेला 2026 का 12वां दिन - स्थान: दशहरा मेला परिसर, लखीमपुर आइए, शायरी और अदब की इस शानदार महफिल का हिस्सा बनें और देशभर से आए शायरों की हौसला अफजाई करें।1
- पुलिस-पत्रकार के रिश्ते.. यूपी के डीजीपी राजीव कृष्णन ने पुलिस और पत्रकार के रिश्तों के बीच बेहतर समन्वय और मधुर संबंधों पर जोर दिया. डीजीपी बोले लोकतंत्र के इन स्तंभों में आपसी तालमेल पुलिस-पत्रकार के रिश्ते.. यूपी के डीजीपी राजीव कृष्णन ने पुलिस और पत्रकार के रिश्तों के बीच बेहतर समन्वय और मधुर संबंधों पर जोर दिया. डीजीपी बोले लोकतंत्र के इन स्तंभों में आपसी तालमेल समाज में सुरक्षा और सही सूचनाओं को पहुंचने के लिए जरूरी है.1
- आशा कार्यकत्रियों के आंदोलन में शामिल मजदूर नेताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा, आशा कार्यकत्रियों का बकाया भुगतान और प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की भी उठाई आवाज पलियाकलां। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने लखनऊ में आशा कार्यकत्रियों के आंदोलन के दौरान मजदूर नेताओं और छात्र नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे को फर्जी बताते हुए उसे तत्काल निरस्त किए जाने की मांग की है। इस संबंध में संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन पलिया उपजिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया है। ज्ञापन में मुकदमा वापस लेने के साथ ही आशा कार्यकत्रियों की लंबित मांगों को पूरा करने की मांग उठाई गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि 23 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के ईको गार्डन में उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की ओर से 13 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। स्वास्थ्य मंत्री की मध्यस्थता में मिशन निदेशक और अन्य अधिकारियों के साथ आशा कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल की सकारात्मक वार्ता के बाद कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया था। आरोप है कि इसी दौरान दो अन्य पंजीकृत संगठनों की कुछ आशा कार्यकत्री धरने पर बैठी थीं। ज्ञापन के अनुसार, शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच विधानसभा रोड से पुलिस ने लगभग 30 आशा कार्यकत्रियों को पकड़कर ईको गार्डन पहुंचाया था। संगठन का दावा है कि ईको गार्डन के बाहर और अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती है। तीसरी मांग में 7 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई वार्ता और 23 अक्टूबर को मिशन निदेशक की ओर से दिए गए आश्वासनों को लागू करने की मांग की गई है। संगठन ने आशा कार्यकत्रियों की प्रोत्साहन राशि में 4500 रुपये की बढ़ोतरी, तीन नवंबर के बाद एवं दीपावली से पूर्व राज्य वित्त से भुगतान, मातृत्व अवकाश, साप्ताहिक एवं त्योहारों पर अवकाश सहित अन्य सुविधाएं देने की मांग उठाई है। चौथी मांग में प्रदेश के सभी गांवों में आशा संगिनी और एएनएम को टीकाकरण सहित अन्य विभागीय कार्यों के संचालन के लिए पंचायत भवनों में एक कक्ष आवंटित करने की मांग की गई है, ताकि उनके कार्यों के लिए स्थायी एवं तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। संगठन ने प्रशासन और प्रदेश सरकार से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराते हुए मजदूर नेताओं का उत्पीड़न रोकने एवं आशा कार्यकत्रियों की समस्याओं का सहानुभूतिपूर्वक समाधान कराने की मांग की है।2