शाहजहाँपुर में ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने की नई व्यवस्था ने आमजन के लिए राहत के बजाय नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। आज से लागू हुई इस प्रणाली के तहत, आवेदकों को अब एक ही प्रक्रिया पूरी करने के लिए दो अलग-अलग स्थानों पर जाना होगा, जिससे समय, श्रम और धन की अनावश्यक बर्बादी होना तय माना जा रहा है। नई प्रक्रिया के अनुसार, आवेदकों को पहले नियामतपुर स्थित परिवहन कार्यालय में आवेदन जमा करने और बायोमेट्रिक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद, उन्हें ड्राइविंग टेस्ट देने के लिए लगभग 30 किलोमीटर दूर काँट स्थित परीक्षण केंद्र जाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस दोहरी व्यवस्था से खासतौर पर दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले आवेदकों के लिए प्रक्रिया और अधिक जटिल हो गई है, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च और बेवजह की भागदौड़ झेलनी पड़ेगी। इस व्यवस्था ने कई सवाल खड़े किए हैं, जैसे कि जब आवेदन और सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं नियामतपुर में ही पूरी हो रही हैं, तो ड्राइविंग टेस्ट के लिए ट्रैक भी वहीं क्यों नहीं बनाया गया? काँट को ही परीक्षण केंद्र बनाने के पीछे की वजह भी स्पष्ट नहीं है। लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या प्रशासन इस नई व्यवस्था की समीक्षा कर आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देगा, या फिर लोगों को यूं ही दूरी और दौड़ की इस मजबूरी में उलझे रहना पड़ेगा।
शाहजहाँपुर में ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने की नई व्यवस्था ने आमजन के लिए राहत के बजाय नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। आज से लागू हुई इस प्रणाली के तहत, आवेदकों को अब एक ही प्रक्रिया पूरी करने के लिए दो अलग-अलग स्थानों पर जाना होगा, जिससे समय, श्रम और धन की अनावश्यक बर्बादी होना तय माना जा रहा है। नई प्रक्रिया के अनुसार, आवेदकों को पहले नियामतपुर स्थित परिवहन कार्यालय में आवेदन जमा करने और बायोमेट्रिक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद, उन्हें ड्राइविंग टेस्ट देने के लिए लगभग 30 किलोमीटर दूर काँट स्थित परीक्षण केंद्र जाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस दोहरी व्यवस्था से खासतौर पर दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले आवेदकों के लिए प्रक्रिया और अधिक जटिल हो गई है, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च और बेवजह की भागदौड़ झेलनी पड़ेगी। इस व्यवस्था ने कई सवाल खड़े किए हैं, जैसे कि जब आवेदन और सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं नियामतपुर में ही पूरी हो रही हैं, तो ड्राइविंग टेस्ट के लिए ट्रैक भी वहीं क्यों नहीं बनाया गया? काँट को ही परीक्षण केंद्र बनाने के पीछे की वजह भी स्पष्ट नहीं है। लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या प्रशासन इस नई व्यवस्था की समीक्षा कर आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देगा, या फिर लोगों को यूं ही दूरी और दौड़ की इस मजबूरी में उलझे रहना पड़ेगा।
- हरदोई जिले के हरपालपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चांऊंपुर में मिशन शक्ति अभियान फेस-5 के दूसरे चरण के तहत एक बहू-बेटी सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था। सम्मेलन के दौरान महिलाओं को पुलिस की महत्वपूर्ण आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। इनमें 1090 (वीमेन पावर लाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) और 1930 (साइबर हेल्पलाइन) शामिल हैं, जिन पर किसी भी प्रकार की परेशानी या असुरक्षा की स्थिति में तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई। उपनिरीक्षक अंजना सचान ने ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के प्रति भी महिलाओं को आगाह किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसी भी ओटीपी, संदिग्ध लिंक या अज्ञात कॉल पर भरोसा न करें और साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं, जिससे वित्तीय लेन-देन को रोका जा सके। कार्यक्रम में महिलाओं को सरकार द्वारा संचालित महिला कल्याणकारी योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई। उनसे विशेष अपील की गई कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें। इस आयोजन में थाना हरपालपुर से उपनिरीक्षक अंजना सचान के साथ महिला आरक्षी आशा, महिला आरक्षी संध्या, महिला आरक्षी आसानी राजावत और महिला आरक्षी लक्ष्मी सहित पूरी पुलिस टीम मौजूद रही, जिन्होंने महिलाओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए।4
- बदलती जीवनशैली और बढ़ती बीमारियों के बीच, योग लोगों के लिए स्वास्थ्य, मानसिक एकाग्रता और फिटनेस का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। इसी क्रम में, विकासखंड भरखनी के प्रांगण में एक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ योग शिक्षक अभिषेक पाठक ने प्रतिभागियों को योग आसन की सभी क्रियाएं कराईं और उन्हें प्रतिदिन योग करते रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर खंड विकास शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार द्विवेदी और खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार सहित विकासखंड स्तर के ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य, भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और मंडल अध्यक्ष रोहित सिंह समेत कई अन्य लोगों ने योग किया। खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार द्विवेदी ने इस दौरान बताया कि भाग-दौड़ भरे दैनिक जीवन और लगातार कम होते शारीरिक श्रम के कारण ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा और जोड़ों के दर्द जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने अनुमान लगाया कि शहर की लगभग 25 से 30 प्रतिशत आबादी ब्लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी समस्याओं से जूझ रही है। चिकित्सकों द्वारा भी ऐसे मरीजों को नियमित व्यायाम और योग करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि योग केवल शारीरिक अभ्यास ही नहीं, बल्कि मन और चित्त को एकाग्र करने का भी एक सशक्त माध्यम है। खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार ने जानकारी दी कि लंबे समय तक बैठकर काम करने से युवा वर्ग भी जोड़ों के दर्द और शारीरिक अकड़न की समस्या से प्रभावित हो रहा है। इसी कारण अब कई कॉर्पोरेट संस्थान अपने कर्मचारियों को फिटनेस और योग के लिए विशेष समय दे रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विश्व योग दिवस के अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में योग संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।4
- आज 21.06.2026 को जनपद हरदोई के बेनीगंज थाना क्षेत्र में एक घटना घटित हुई। इस संबंध में, श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जनपद हरदोई ने मौके पर पहुँचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने घटना से प्रभावित परिजनों से भी विस्तृत वार्ता की और उन्हें न्यायोचित कार्यवाही का पूरा आश्वासन दिया।1
- हरदोई के थाना बेनीगंज क्षेत्र के ग्राम घरौली में रविवार शाम एक व्यक्ति को गोली लगने की घटना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही उच्चाधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। घायल की पहचान ग्राम घरौली निवासी पलविंदर सिंह पुत्र लखवीर सिंह (लगभग 55 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पलविंदर सिंह शाम करीब 8 बजे अटवा मुठिया गाँव स्थित आटा चक्की से अपनी मोटरसाइकिल पर आटा लेकर घरौली की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोग मोटरसाइकिल से आए और उन पर फायरिंग कर दी, जिससे गोली उनके दाहिनी ओर सीने के ऊपर लगी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने घायल पलविंदर सिंह को तत्काल सीएचसी पहुँचाया, जहाँ से उन्हें बेहतर उपचार के लिए हरदोई के जिला अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, घायल की हालत फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हरदोई अशोक कुमार मीणा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस द्वारा परिजनों से तहरीर प्राप्त की जा रही है, जिसके बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जाँच की जा रही है और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।1
- फर्रुखाबाद में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के चालक और परिचालक पर शराब के नशे में एक यात्री के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित धीरज दीक्षित पुत्र राकेश दीक्षित, जो सवाजपुर हरदोई के निवासी हैं, ने बताया कि जब वे घर वापस जाने के लिए बस की तलाश कर रहे थे, तभी फर्रुखाबाद डिपो की बस संख्या UP 78 KT 1543 के चालक अनुज कुमार, परिचालक राजीव कुमार और उनके साथ मौजूद दो अन्य साथियों ने कथित तौर पर शराब के नशे में उनके साथ अभद्रता की और मारपीट की। इस मारपीट के दौरान धीरज दीक्षित के मुंह में गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि चालक और परिचालक ने अपनी दबंगई दिखाते हुए उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इस घटना के बाद धीरज दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना के सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में ARM का कहना है कि आरोपी चालक और परिचालक को रूट से हटा दिया गया है, और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अब पीड़ित धीरज दीक्षित की निगाहें इस कार्रवाई के परिणाम पर टिकी हुई हैं, जबकि रिपोर्ट में फर्रुखाबाद रोडवेज के चालक और परिचालक की दबंगई पर सक्षम अधिकारियों को निष्क्रिय बताया गया है।1
- दिनांक 19 जून 2026 को थाना सुरसा क्षेत्र के अंतर्गत तुंदवल पुल के पास दो पक्षों के बीच मारपीट की सूचना मिलने पर पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुँचा था। इस घटना में ग्राम बहरुद्दीनपुर निवासी विनोद पुत्र गयासिंह को गंभीर चोटें आई थीं, जिन्हें जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया गया था। विनोद की पत्नी रोहिणी सिंह की तहरीर के आधार पर, पुलिस ने चार अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। कल, दिनांक 20 जून 2026 को इलाज के दौरान लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में विनोद की मृत्यु हो गई। आज, जब परिजन और ग्रामवासी उनके शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे, तो उन्होंने सेमरा चौराहे पर शव को रोककर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुँचा और परिजनों को समझा-बुझाकर तथा अब तक की गई सभी कार्यवाही से अवगत कराते हुए शव को क्रियाकर्म के लिए भिजवा दिया। क्षेत्राधिकारी नगर श्री अजीत चौहान द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मौके पर कानून और शांति व्यवस्था संबंधी कोई समस्या नहीं है।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद कोतवाली क्षेत्र के बाग कूचा में दबंगई की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, दबंगों ने एक कार को रोककर दो लोगों के साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर जान से मारने की नीयत से दो बार फायर भी किया। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया था, लेकिन हद तो तब हो गई जब दबंगों के परिजनों ने पुलिस के साथ हाथापाई कर उसे गिरफ्त से छुड़ा लिया और भगा दिया। पुलिस से आरोपी को छुड़ाने का यह पूरा घटनाक्रम वीडियो में कैद हो गया, और अब यह वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।1