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कोरबा में दरिंदगी! ब्लेड से धमकाकर दुष्कर्म, आरोपी को 10 साल की सजा कोरबा में ब्लेड से काटकर जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। घटना शाम करीब 6 बजे की है, जब पीड़िता गोकुलगंज दुर्गा मंदिर के नीचे नदी की ओर गई थी। इसी दौरान आरोपी महेत्तर केंवट ने जबरदस्ती खींचतान कर ब्लेड से हमला करने की धमकी देते हुए दुष्कर्म किया। पीड़िता की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाते हुए सभी सजाएं एक साथ चलाने का आदेश दिया है।
SK Kashyapपत्रकार रींवापार
कोरबा में दरिंदगी! ब्लेड से धमकाकर दुष्कर्म, आरोपी को 10 साल की सजा कोरबा में ब्लेड से काटकर जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। घटना शाम करीब 6 बजे की है, जब पीड़िता गोकुलगंज दुर्गा मंदिर के नीचे नदी की ओर गई थी। इसी दौरान आरोपी महेत्तर केंवट ने जबरदस्ती खींचतान कर ब्लेड से हमला करने की धमकी देते हुए दुष्कर्म किया। पीड़िता की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाते हुए सभी सजाएं एक साथ चलाने का आदेश दिया है।
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- बिलासपुर:रतनपुर के गढ़वट गांव में शादी समारोह के दौरान डीजे और पटाखा फोड़ने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि एक बाराती युवक ने ग्रामीण पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे सिम्स में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट व वाहनों में तोड़फोड़ हुई। आरोपी पुष्पेंद्र धीवर ने सरेंडर कर दिया है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।1
- ग्राम किरना में ₹25 लाख की लागत से निर्मित नवीन गोदाम सह कार्यालय भवन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि सामिल हुवे बिल्हा बिधायक धरम लाल कौशिक आज गुरुवार की शाम 6:30 पर बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक जी के निज सचिव से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की साम 6 बजे बिल्हा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम किरना में ₹25 लाख की लागत से निर्मित नवीन गोदाम सह कार्यालय भवन के उद्घाटन समारोह में बिल्हा बिधायक धरम लाल कौशिक मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होकर शुभारंभ किया। और कहा की यह नवनिर्मित भवन क्षेत्र की कृषि एवं सहकारी गतिविधियों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे किसानों एवं स्थानीय नागरिकों को भंडारण, व्यवस्थापन तथा कार्यालयीन कार्यों में बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। इस अवसर पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, बिलासपुर के अध्यक्ष श्री Rajnish Kumar Singh जी, जिला महामंत्री श्री कैलाश सिंह ठाकुर जी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमति अम्बालिका साहू जी, श्री पोषण यादव जी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।1
- कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश में उप संचालक खनिज प्रशासन के मार्गदर्शन में जिला खनिज जाँच अमला द्वारा अवैध उत्खनन/परिवहन/भंडारण कर्ताओं के विरुद्ध कार्यवाही में कुल नौ वाहनो को जप्त किया गया । जिसमे दो ट्रक चार हाइवा एक जेसीबी एक चैन माउंट मशीन एवम एक टिप्पर शामिल है। साथ ही दो स्थानों में अवैध रेत भंडारण के मामले में 700 घन मीटर रेत जप्त कर खनिज नियमानुसार कार्यवाही की गई। कार्यवाही में मिट्टी रेत एवं कोयला खनिज में कार्यवाही आगे भी लगातार जारी रहेगी।1
- तिल्दा शाखा इंडियन ओवरसीज बैंक ने ९० वं। स्थापना दिवस मनाया।1
- गौ दान पिक्चर अपने परिवार को जरूर दिखाए जाने कहां गए वो दिन1
- प्रदर्शनकारीयों ने फूका बीजेपी दफ्तर1
- बिलासपुर में आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोल कारोबार से जुड़े व्यापारियों पर छापेमारी की है। आयकर टीम ने कोलवाशरी संचालक व कोल व्यापारी प्रवीण झा के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। सूत्रों के अनुसार बड़ी संख्या में आईटी अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। कार्रवाई अभी जारी है।1
- घरेलू महिला से ‘लखपति दीदी’ तक भोजपुरी की निर्मला कोशले की प्रेरक उड़ान आज गुरुवार की शाम 5:00 बजे पी आर ओ द्वारा जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर, 12 फरवरी 2026/जिले के बिल्हा विकासखंड के भैंसबोड़ क्लस्टर के ग्राम भोजपुरी की निर्मला कोशले की कहानी हजारों महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है। एक साधारण गृहिणी से ‘लखपति दीदी’ बनने तक का उनका सफर न केवल आर्थिक प्रगति की मिसाल है, बल्कि ग्रामीण भारत में नारी सशक्तिकरण की जीवंत तस्वीर भी प्रस्तुत करता है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित ‘मिनी माता’ स्व-सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल कर निर्मला ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि सही अवसर, मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग मिल जाए, तो कोई भी महिला अपनी तकदीर स्वयं लिख सकती है। *जिम्मेदारी ने जगाई नेतृत्व क्षमता* समूह से जुड़ने से पहले निर्मला का जीवन सामान्य ग्रामीण महिलाओं की तरह घर-गृहस्थी और खेत तक सीमित था। 13 मार्च 2018 को जब ‘मिनी माता’ स्व-सहायता समूह का गठन हुआ और उन्हें समूह की जिम्मेदारी मिली, तभी से उनके जीवन ने नई दिशा पकड़ी। जिम्मेदारी ने उन्हें डराया नहीं, बल्कि उनके भीतर छिपी नेतृत्व क्षमता को जगाया। समूह के माध्यम से उन्हें 1 हजार रुपये की आरएफ (रिवॉल्विंग फंड) राशि, 20 हजार रुपये की सीआईएफ सहायता तथा 10 हजार रुपये का बैंक ऋण प्राप्त हुआ। बाद में समूह को भी 15 हजार रुपये आरएफ, 60 हजार रुपये सीआईएफ तथा 3 लाख रुपये का बैंक ऋण मिला। छोटी प्रतीत होने वाली ये राशियाँ उनके जीवन में बड़े परिवर्तन की आधारशिला बनीं। *बहुआयामी आजीविका से आय में वृद्धि* कृषि कार्य को जारी रखते हुए निर्मला ने एक साथ कई आजीविका गतिविधियाँ प्रारंभ कीं। उन्होंने हल्दी, मिर्च और मसालों का लघु प्रसंस्करण इकाई स्थापित की, श्रृंगार सामग्री की दुकान खोली तथा पशुपालन को भी आय का स्रोत बनाया। पहले उनकी वार्षिक आय केवल कृषि पर आधारित लगभग 55 हजार रुपये थी। लेकिन नई गतिविधियों से आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई-श्रृंगार दुकान से लगभग 65 हजार रुपये वार्षिक आय, मसाला प्रसंस्करण से लगभग 36 हजार रुपये, पशुपालन से लगभग 36 हजार रुपये अतिरिक्त आय। इस प्रकार उनकी कुल वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख 92 हजार रुपये तक पहुँच गई। अब उनका परिवार न केवल अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर पा रहा है, बल्कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, बचत और बेहतर भविष्य की योजनाएँ भी बना रहा है। *पहचान और आत्मविश्वास का विस्तार* निर्मला की प्रगति केवल आय वृद्धि तक सीमित नहीं रही। पहले वे केवल घर तक सीमित थीं, आज वे समूह की सचिव, सफल उद्यमी और ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचानी जाती हैं। वे घर के महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, बैंक से सीधे संवाद करती हैं और बाजार में आत्मविश्वास के साथ अपने उत्पाद बेचती हैं। समूह बैठकों और प्रशिक्षण ने उन्हें बचत की आदत, वित्तीय प्रबंधन, निवेश की समझ और व्यवसाय संचालन का ज्ञान दिया। एनआरएलएम टीम के मार्गदर्शन ने उन्हें यह आत्मविश्वास प्रदान किया कि किस गतिविधि में कितना निवेश करना है और बाजार की मांग के अनुसार व्यवसाय को कैसे आगे बढ़ाना है। आज निर्मला केवल स्वयं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। *प्रेरणा का स्त्रोत बनी निर्मला* निर्मला कोशले अब केवल एक नाम नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि यदि महिलाओं को अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिले, तो वे आर्थिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर सकती हैं। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि आत्मविश्वास, परिश्रम और सामूहिक प्रयास से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। रेहाना/71/285 --00--1
- रायपुर में मोदी का वीडियो चलाया जा रहा है1