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आस्था और भक्ति की अनोखी मिसाल: 72 दिनों में दंडवत प्रणाम करते हुए हरिद्वार से गाजियाबाद पहुंचा शिवभक्त हिमांशु कहते हैं कि जब दिल में भगवान भोलेनाथ के प्रति सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास हो, तो इंसान के भीतर ऐसी शक्ति जाग जाती है, जिसका उसे खुद भी अंदाजा नहीं होता। सावन के पवित्र महीने में ऐसी ही आस्था और भक्ति की अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है। दिल्ली के शाहदरा निवासी हिमांशु प्रजापति भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी गहरी आस्था के चलते हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर गाजियाबाद के लिए निकले। खास बात यह है कि हिमांशु ने यह यात्रा पैदल चलकर नहीं, बल्कि दंडवत प्रणाम करते हुए पूरी की हिमांशु कुछ कदम आगे बढ़ने के बाद वह जमीन पर दंडवत प्रणाम करते हैं और फिर उसी तरह अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हैं। इस कठिन और लंबी यात्रा को पूरा करने में उन्हें करीब 72 दिन लगे। रास्ते की तमाम मुश्किलों, थकान और मौसम की चुनौतियों के बावजूद हिमांशु की आस्था उनके कदमों को लगातार आगे बढ़ाती रही। हिमांशु प्रजापति की यह यात्रा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी भक्ति और संकल्प को देखकर लोग इसे भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा की मिसाल बता रहे हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह हिमांशु दंडवत प्रणाम करते हुए अपने कंधे पर भगवान भोलेनाथ की कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हिमांशु की कठिन यात्रा का उद्देश्य भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करना और गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचना है। हिमांशु की भक्ति यह संदेश देती है कि जब भगवान के प्रति इच्छा शक्ति और श्रद्धा मजबूत होती मन में भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास हो, तो कठिन से कठिन रास्ता भी आसान लगने लगता है।

4 hrs ago
user_Pramod Singh
Pramod Singh
Media company गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

आस्था और भक्ति की अनोखी मिसाल: 72 दिनों में दंडवत प्रणाम करते हुए हरिद्वार से गाजियाबाद पहुंचा शिवभक्त हिमांशु कहते हैं कि जब दिल में भगवान भोलेनाथ के प्रति सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास हो, तो इंसान के भीतर ऐसी शक्ति जाग जाती है, जिसका उसे खुद भी अंदाजा नहीं होता। सावन के पवित्र महीने में ऐसी ही आस्था और भक्ति की अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है। दिल्ली के शाहदरा निवासी हिमांशु प्रजापति भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी गहरी आस्था के चलते हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर गाजियाबाद के लिए निकले। खास बात यह है कि हिमांशु ने यह यात्रा पैदल चलकर नहीं, बल्कि दंडवत प्रणाम करते हुए पूरी की हिमांशु कुछ कदम आगे बढ़ने के बाद वह जमीन पर दंडवत प्रणाम करते हैं और फिर उसी तरह अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हैं। इस कठिन और लंबी यात्रा को पूरा करने में उन्हें करीब 72 दिन लगे। रास्ते की तमाम मुश्किलों, थकान और मौसम की चुनौतियों के बावजूद हिमांशु की आस्था उनके कदमों को लगातार आगे बढ़ाती रही। हिमांशु प्रजापति की यह यात्रा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी भक्ति और संकल्प को देखकर लोग इसे भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा की मिसाल बता रहे हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह हिमांशु दंडवत प्रणाम करते हुए अपने कंधे पर भगवान भोलेनाथ की कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हिमांशु की कठिन यात्रा का उद्देश्य भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करना और गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचना है। हिमांशु की भक्ति यह संदेश देती है कि जब भगवान के प्रति इच्छा शक्ति और श्रद्धा मजबूत होती मन में भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास हो, तो कठिन से कठिन रास्ता भी आसान लगने लगता है।

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  • मुरादनगर नगर पालिका के कारनामे देखकर दंग रह जाएंगे! ईदगाह के चौड़े खड़ंजे पर 15 दिन से बदहाल जनता, सोशल मीडिया पर तारीफों के पुल मुरादनगर। नगर पालिका परिषद मुरादनगर के कामकाज को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा है। कुछ यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली की जमकर तारीफ की जा रही है। लेकिन दूसरी ओर धरातल पर तस्वीर कुछ अलग ही नजर आ रही है। ईदगाह के चौड़े खड़ंजे पर पिछले करीब 15 दिनों से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि समस्या के बावजूद संबंधित जिम्मेदारों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। एक तरफ सोशल मीडिया पर नगर पालिका के विकास कार्यों की तारीफों के पुल बांधे जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ स्थानीय जनता बुनियादी समस्याओं से जूझती दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर सोशल मीडिया की चमक और जमीन पर मौजूद हकीकत में इतना बड़ा अंतर क्यों है? स्थानीय लोगों का कहना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता की समस्याओं को सामने लाना और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगना है। यदि किसी संस्था के अच्छे कार्य हैं तो उनकी सराहना होनी चाहिए, लेकिन जहां जनता परेशान हो वहां वास्तविक स्थिति भी जनता के सामने रखी जानी चाहिए। सोशल मीडिया पर नगर पालिका की लगातार प्रशंसा करने वाले कथित पत्रकारों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि किसी पत्रकार या यूट्यूबर की नीयत पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों की जांच जरूरी है, लेकिन यह जरूर पूछा जा सकता है कि क्या पत्रकारिता का काम सिर्फ तारीफ करना है या फिर जनता की आवाज बनकर सच्चाई सामने लाना भी है? ईदगाह के चौड़े खड़ंजे की स्थिति नगर पालिका के दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को उजागर करती नजर आ रही है। अब देखना होगा कि नगर पालिका परिषद मुरादनगर इस समस्या का संज्ञान लेकर कब तक समाधान करती है और जनता को राहत मिलती है।
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    मुरादनगर नगर पालिका के कारनामे देखकर दंग रह जाएंगे! ईदगाह के चौड़े खड़ंजे पर 15 दिन से बदहाल जनता, सोशल मीडिया पर तारीफों के पुल

मुरादनगर। नगर पालिका परिषद मुरादनगर के कामकाज को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा है। कुछ यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली की जमकर तारीफ की जा रही है। लेकिन दूसरी ओर धरातल पर तस्वीर कुछ अलग ही नजर आ रही है। ईदगाह के चौड़े खड़ंजे पर पिछले करीब 15 दिनों से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि समस्या के बावजूद संबंधित जिम्मेदारों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
एक तरफ सोशल मीडिया पर नगर पालिका के विकास कार्यों की तारीफों के पुल बांधे जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ स्थानीय जनता बुनियादी समस्याओं से जूझती दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर सोशल मीडिया की चमक और जमीन पर मौजूद हकीकत में इतना बड़ा अंतर क्यों है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता की समस्याओं को सामने लाना और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगना है। यदि किसी संस्था के अच्छे कार्य हैं तो उनकी सराहना होनी चाहिए, लेकिन जहां जनता परेशान हो वहां वास्तविक स्थिति भी जनता के सामने रखी जानी चाहिए।
सोशल मीडिया पर नगर पालिका की लगातार प्रशंसा करने वाले कथित पत्रकारों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि किसी पत्रकार या यूट्यूबर की नीयत पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों की जांच जरूरी है, लेकिन यह जरूर पूछा जा सकता है कि क्या पत्रकारिता का काम सिर्फ तारीफ करना है या फिर जनता की आवाज बनकर सच्चाई सामने लाना भी है?
ईदगाह के चौड़े खड़ंजे की स्थिति नगर पालिका के दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को उजागर करती नजर आ रही है। अब देखना होगा कि नगर पालिका परिषद मुरादनगर इस समस्या का संज्ञान लेकर कब तक समाधान करती है और जनता को राहत मिलती है।
    user_Virender Kumar
    Virender Kumar
    Social Media Manager Ghaziabad, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • ऐसे ही है सोसल मिडिया प्रभारी वीडियो देखो आप को भी बहुत अच्छा लगता होगा
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    ऐसे ही है सोसल मिडिया प्रभारी                                                                                                                                                                                                                                                      वीडियो देखो 
आप को भी बहुत अच्छा लगता होगा
    user_Tohidalamansari tohidalam
    Tohidalamansari tohidalam
    गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • 🛑 पोर्टर का सबसे बड़ा फ़र्ज़ीवाड़ा! 3-Wheeler Outstation बंद? (सच देखो) नमस्ते मेरे ड्राइवर भाइयों! मैं अरविंद कुमार, अपना कार्गो पार्टनर से। ​आज का वीडियो बहुत गंभीर है। पोर्टर कंपनी थ्री-व्हीलर कार्गो ड्राइवरों के साथ किस स्तर का बड़ा और खतरनाक खेल खेल रही है, आज उसका पर्दाफाश हो जाएगा। ​कंपनी कागजों पर तो 'Outstation Trips' का बटन चालू रखती है, लेकिन हकीकत में कस्टमर को बुकिंग का विकल्प ही नहीं मिल रहा है। जब कस्टमर लंबी दूरी की बुकिंग चेक करता है, तो थ्री-व्हीलर का विकल्प गायब हो जाता है और सिर्फ 'Eeco' का ऑप्शन आता है। और अगर कोई कोशिश करे, तो कंपनी झूठ बोलती है कि 'सरकारी नियमों की वजह से इस एरिया में गाड़ी प्रतिबंधित है'! ​जबकि हकीकत यह है कि हमने पहले 3-व्हीलर से आगरा और पंचकूला (हरियाणा) जैसे लंबे रूट के ट्रिप सफलतापूर्वक पूरे किए हैं! यह कंपनी की तरफ से ड्राइवरों के साथ किया जा रहा एक बहुत बड़ा छलावा है, क्योंकि उन्हें लोकल एनसीआर में ज्यादा मुनाफा चाहिए। ​इस वीडियो में हमने 5 पक्के सबूतों के साथ इस घोटाले का भांडाफोड़ किया है। वीडियो को पूरा देखें और सच जानें। ⚠️Disclaimer: यह वीडियो केवल ड्राइवरों की दैनिक समस्याओं, पारदर्शिता और जागरूकता के उद्देश्य से बनाई गई है। इसका मकसद किसी भी कंपनी या प्लेटफॉर्म की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि सिस्टम में सुधार और ड्राइवरों के अधिकारों की सही आवाज़ उठाना है। इस वीडियो में दी गई जानकारी व्यक्तिगत अनुभवों और उपलब्ध डेटा पर आधारित है। किसी भी व्यावसायिक निर्णय से पहले कंपनी की आधिकारिक नीतियों की जांच करें। #Porter #PorterIndia #PorterScam #DriverEkta #Porter3Wheeler #PorterPartner #CargoPartner #OutstationBlocked #TruthExposed #PorterFraud #Transport #Logistics #PorterDelhi #DriverRights
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    🛑 पोर्टर का सबसे बड़ा फ़र्ज़ीवाड़ा! 3-Wheeler Outstation बंद? (सच देखो) 


नमस्ते मेरे ड्राइवर भाइयों! मैं अरविंद कुमार, अपना कार्गो पार्टनर से।
​आज का वीडियो बहुत गंभीर है। पोर्टर कंपनी थ्री-व्हीलर कार्गो ड्राइवरों के साथ किस स्तर का बड़ा और खतरनाक खेल खेल रही है, आज उसका पर्दाफाश हो जाएगा।
​कंपनी कागजों पर तो 'Outstation Trips' का बटन चालू रखती है, लेकिन हकीकत में कस्टमर को बुकिंग का विकल्प ही नहीं मिल रहा है। जब कस्टमर लंबी दूरी की बुकिंग चेक करता है, तो थ्री-व्हीलर का विकल्प गायब हो जाता है और सिर्फ 'Eeco' का ऑप्शन आता है। और अगर कोई कोशिश करे, तो कंपनी झूठ बोलती है कि 'सरकारी नियमों की वजह से इस एरिया में गाड़ी प्रतिबंधित है'!
​जबकि हकीकत यह है कि हमने पहले 3-व्हीलर से आगरा और पंचकूला (हरियाणा) जैसे लंबे रूट के ट्रिप सफलतापूर्वक पूरे किए हैं! यह कंपनी की तरफ से ड्राइवरों के साथ किया जा रहा एक बहुत बड़ा छलावा है, क्योंकि उन्हें लोकल एनसीआर में ज्यादा मुनाफा चाहिए।
​इस वीडियो में हमने 5 पक्के सबूतों के साथ इस घोटाले का भांडाफोड़ किया है। वीडियो को पूरा देखें और सच जानें।
⚠️Disclaimer: यह वीडियो केवल ड्राइवरों की दैनिक समस्याओं, पारदर्शिता और जागरूकता के उद्देश्य से बनाई गई है। इसका मकसद किसी भी कंपनी या प्लेटफॉर्म की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि सिस्टम में सुधार और ड्राइवरों के अधिकारों की सही आवाज़ उठाना है। इस वीडियो में दी गई जानकारी व्यक्तिगत अनुभवों और उपलब्ध डेटा पर आधारित है। किसी भी व्यावसायिक निर्णय से पहले कंपनी की आधिकारिक नीतियों की जांच करें।
#Porter #PorterIndia #PorterScam #DriverEkta #Porter3Wheeler #PorterPartner #CargoPartner #OutstationBlocked #TruthExposed #PorterFraud #Transport #Logistics #PorterDelhi #DriverRights
    user_Apna Cargo Partner
    Apna Cargo Partner
    Content Creator (YouTuber) गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • मौलाना साजिद रशीदी के ब्यान पर गाजियाबाद की जनता की राय, विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने की कढ़ी कार्रवाई की मांग मौलाना साजिद रशीदी के ब्यान पर गाजियाबाद की जनता की राय, विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने की कढ़ी कार्रवाई की मांग
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    मौलाना साजिद रशीदी के ब्यान पर गाजियाबाद की जनता की राय, विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने की कढ़ी कार्रवाई की मांग
मौलाना साजिद रशीदी के ब्यान पर गाजियाबाद की जनता की राय, विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने की कढ़ी कार्रवाई की मांग
    user_पत्रकार  धीरेंद्र त्रिपाठी
    पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी
    Local News Reporter गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में 155 वा फ्री युनानी मेडिकल कैंप लगाया गया
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    दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में 155 वा फ्री युनानी मेडिकल कैंप लगाया गया
    user_न्यूज़ आइकॉन 24
    न्यूज़ आइकॉन 24
    Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    16 min ago
  • मुरादनगर नगर पालिका के दावों पर सवाल, ईदगाह के चौड़े खड़ंजे पर 15 दिन से बदहाल जनता। गाजियाबाद :- मुरादनगर नगर पालिका परिषद मुरादनगर की कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया पर जहां तारीफों के पुल बांधे जा रहे हैं, वहीं धरातल पर तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। ईदगाह के चौड़े खड़ंजे पर पिछले करीब 15 दिनों से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि समस्या की जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदारों की ओर से अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। एक तरफ सोशल मीडिया पर नगर पालिका के विकास कार्यों की सराहना हो रही है, तो दूसरी तरफ जनता बुनियादी समस्याओं से जूझती नजर आ रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सोशल मीडिया की चमक और जमीनी हकीकत में इतना अंतर क्यों है? स्थानीय लोगों का कहना है कि पत्रकारिता का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सामने लाना और जिम्मेदारों से जवाब मांगना भी है। अब देखना होगा कि नगर पालिका कब इस समस्या का समाधान कर जनता को राहत देती है।
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    मुरादनगर नगर पालिका के दावों पर सवाल, ईदगाह के चौड़े खड़ंजे पर 15 दिन से बदहाल जनता। 
गाजियाबाद :- मुरादनगर नगर पालिका परिषद मुरादनगर की कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया पर जहां तारीफों के पुल बांधे जा रहे हैं, वहीं धरातल पर तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। ईदगाह के चौड़े खड़ंजे पर पिछले करीब 15 दिनों से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि समस्या की जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदारों की ओर से अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
एक तरफ सोशल मीडिया पर नगर पालिका के विकास कार्यों की सराहना हो रही है, तो दूसरी तरफ जनता बुनियादी समस्याओं से जूझती नजर आ रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सोशल मीडिया की चमक और जमीनी हकीकत में इतना अंतर क्यों है? स्थानीय लोगों का कहना है कि पत्रकारिता का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सामने लाना और जिम्मेदारों से जवाब मांगना भी है। अब देखना होगा कि नगर पालिका कब इस समस्या का समाधान कर जनता को राहत देती है।
    user_पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    Media house गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • खबर का हुआ असर: वायरल खबर के बाद हरकत में आई नगर पालिका परिषद मुरादनगर, रातों-रात चला सफाई अभियान मुरादनगर (गाजियाबाद)। नगर पालिका परिषद मुरादनगर की कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि क्षेत्र में गंदगी और सफाई व्यवस्था को लेकर खबरें वायरल होने के बाद नगर पालिका परिषद ने देर रात तक सफाई अभियान चलाया और कई स्थानों पर सफाई कर्मियों को तैनात किया गया। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, जिन इलाकों में लंबे समय से नियमित सफाई नहीं हो रही थी, वहां अचानक सफाई कार्य शुरू कराया गया। लोगों का कहना है कि यदि यही सक्रियता पहले दिखाई जाती, तो नागरिकों को अपनी समस्याएं उजागर करने के लिए सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों का सहारा नहीं लेना पड़ता। इस घटनाक्रम के बाद नगर पालिका परिषद की कार्यशैली को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले तक सोशल मीडिया पर नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली की खुलकर प्रशंसा करने वाले लोग अब इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। नागरिकों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि व्यवस्था पहले से संतोषजनक थी, तो खबर वायरल होने के बाद तत्काल सफाई अभियान चलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। स्थानीय लोगों का मानना है कि किसी भी सरकारी संस्था की सफलता केवल प्रचार से नहीं, बल्कि नियमित, पारदर्शी और जवाबदेह कार्यशैली से तय होती है। नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि यह सक्रियता केवल खबरों तक सीमित न रहे, बल्कि भविष्य में भी नगर पालिका परिषद पूरे नगर में नियमित सफाई व्यवस्था और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दे।
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    खबर का हुआ असर: वायरल खबर के बाद हरकत में आई नगर पालिका परिषद मुरादनगर, रातों-रात चला सफाई अभियान

मुरादनगर (गाजियाबाद)। नगर पालिका परिषद मुरादनगर की कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि क्षेत्र में गंदगी और सफाई व्यवस्था को लेकर खबरें वायरल होने के बाद नगर पालिका परिषद ने देर रात तक सफाई अभियान चलाया और कई स्थानों पर सफाई कर्मियों को तैनात किया गया।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, जिन इलाकों में लंबे समय से नियमित सफाई नहीं हो रही थी, वहां अचानक सफाई कार्य शुरू कराया गया। लोगों का कहना है कि यदि यही सक्रियता पहले दिखाई जाती, तो नागरिकों को अपनी समस्याएं उजागर करने के लिए सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों का सहारा नहीं लेना पड़ता।
इस घटनाक्रम के बाद नगर पालिका परिषद की कार्यशैली को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले तक सोशल मीडिया पर नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली की खुलकर प्रशंसा करने वाले लोग अब इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। नागरिकों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि व्यवस्था पहले से संतोषजनक थी, तो खबर वायरल होने के बाद तत्काल सफाई अभियान चलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि किसी भी सरकारी संस्था की सफलता केवल प्रचार से नहीं, बल्कि नियमित, पारदर्शी और जवाबदेह कार्यशैली से तय होती है। नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि यह सक्रियता केवल खबरों तक सीमित न रहे, बल्कि भविष्य में भी नगर पालिका परिषद पूरे नगर में नियमित सफाई व्यवस्था और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दे।
    user_Virender Kumar
    Virender Kumar
    Social Media Manager Ghaziabad, Uttar Pradesh•
    16 hrs ago
  • कर्जा मुक्ति का दिव्य मंत्र 😮
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    कर्जा मुक्ति का दिव्य मंत्र 😮
    user_प्रमोद कुमार कश्यप
    प्रमोद कुमार कश्यप
    Local News Reporter लोनी, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • कांवड़ियों को लेकर मौलाना साजिद रशीदी के विवादित बयान पर यति नरसिंहानंद की तीखी प्रतिक्रिया गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने कांवड़ियों को लेकर मौलाना साजिद रशीदी के कथित विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। यति नरसिंहानंद ने रशीदी के बयान को गलत बताया की कावड़िया आतंकवादी नहीं है आतंकवादी तो वह है जो कलमा पढ़वाते है और अल्ला हु अकबर करते है और निर्दोष लोगों को मारते है आतंकवादी तो वह होते हैं जो सुरों की तरह जनसंख्या बढ़ाते हैं। और दूसरे देशों में जाकर भिखारी बनकर शरण मांगते हैं फिर उस देश पर कब्जा कर लेते हैं यति नरसिंहनन्द गिरि ने कहा कि मुझे सच्चा दुख है की कांवड़ियों को आतंकवादी होना चाहिए था वास्तव में अगर कांवरिया आतंकवादी होते तो मक्का में हमारा मंदिर नहीं टूटा होता आज भी मक्का के मंदिर मे गंगा जल चढ़ रहा होता कावड़ वहां भी चढ़ रही होती कांवरिया अगर आतंकवादी होते तो इस मौलाना का नाम साजिद रशदी नहीं होता इस का नाम श्याम सिंह अगर कांवरिया वास्तव में आतंकवादी होते तो मौलाना तुम्हारे 57 देश मुस्लिम नहीं होते सब जगह सनातन होता मैं तो महादेव से यह प्रार्थना करता हूं कि मौलाना रशीदी की बात सही निकल जाए कवदित हत्यार उठाएं और आतंकवादी बन जाए जिससे कि सनातन बच सके। अपने बयान के दौरान यति नरसिंहानंद ने भी बेहद आपत्तिजनक और उकसाऊ टिप्पणियां कीं उन्होंने आतंकवाद को लेकर धार्मिक समुदायों के विषय में कई विवादित व आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और यहां तक कहा कि कांवड़ियों को आतंकवादी होना चाहिए था। उन्होंने आगे धार्मिक वर्चस्व से जुड़ी बातें भी कहीं और हथियार उठाने की बात का उल्लेख किया।
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    कांवड़ियों को लेकर मौलाना साजिद रशीदी के विवादित बयान पर यति नरसिंहानंद की तीखी प्रतिक्रिया

गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने कांवड़ियों को लेकर मौलाना साजिद रशीदी के कथित विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। यति नरसिंहानंद ने रशीदी के बयान को गलत बताया की कावड़िया आतंकवादी नहीं है आतंकवादी तो वह है जो कलमा पढ़वाते  है और अल्ला हु अकबर  करते है और निर्दोष लोगों को मारते है आतंकवादी तो वह होते हैं जो सुरों की तरह जनसंख्या बढ़ाते हैं। और दूसरे देशों में जाकर भिखारी बनकर शरण  मांगते हैं फिर उस देश पर कब्जा कर लेते हैं यति नरसिंहनन्द गिरि ने कहा कि मुझे सच्चा दुख है की कांवड़ियों को आतंकवादी होना चाहिए था वास्तव में अगर कांवरिया आतंकवादी होते तो मक्का में हमारा  मंदिर नहीं टूटा होता आज भी मक्का के मंदिर मे गंगा जल चढ़ रहा होता कावड़ वहां भी चढ़ रही होती कांवरिया अगर आतंकवादी होते तो इस मौलाना का नाम साजिद रशदी  नहीं होता इस का नाम श्याम सिंह अगर कांवरिया वास्तव में आतंकवादी होते तो मौलाना तुम्हारे 57 देश मुस्लिम नहीं होते सब जगह सनातन होता मैं तो महादेव से यह प्रार्थना करता हूं कि मौलाना रशीदी की बात सही निकल जाए कवदित हत्यार उठाएं और आतंकवादी बन जाए जिससे कि सनातन बच सके।
अपने  बयान के दौरान यति नरसिंहानंद ने भी बेहद आपत्तिजनक और उकसाऊ टिप्पणियां कीं उन्होंने आतंकवाद को लेकर धार्मिक समुदायों के विषय में कई विवादित  व आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और यहां तक कहा कि कांवड़ियों को आतंकवादी होना चाहिए था। उन्होंने आगे धार्मिक वर्चस्व से जुड़ी बातें भी कहीं और हथियार उठाने की बात का उल्लेख किया।
    user_Pramod Singh
    Pramod Singh
    Media company गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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