श्रावणी उपाकर्म कार्यक्रम के दौरान बेबस नदी के तट पर 5 घंटे गूंजायमान रहे वेदमंत्र श्रावणी उपाकर्म कार्यक्रम के दौरान बरसते पानी के बीच बेबस नदी के तट पर 5 घंटे गुंजायमान रहे वेदमंत्र सागर में शुक्रवार को सुबह से ही बारिश जारी थी लोग घर से बाहर निकलने से बच रहे थे पर बेबस नदी के चितौरा घाट पर पांच घंटे वेदमन्त्र गूंजते रहे अवसर था ब्राह्मणों के श्रावणी उपाकर्म का जिसमें क्षेत्र के प्रतिष्ठित बड़े बड़े विद्वान एकत्रित हुए सनातन वैदिक और ऋषि परंपरा में चार प्रमुख त्योहार चार वर्णों में विभक्त किए गए है जिनमें श्रावणी ब्राह्मण,दशहरा क्षत्रिय,दीपावली वैश्य और होली शूद्र वर्ण का त्योहार माना जाता है।श्रावण पूर्णिमा पर श्रावणी का पर्व मनाया जाता है इसमें ब्राह्मण अपने तेज तप को जाग्रत करते हैं।सागर में बेबस नदी के तट चितौरा घाट पर वयोवृद्ध पुरोहित पुजारी विद्वत संघ के संभागीय अध्यक्ष पं.राजेंद्रप्रसाद पाण्डेय सानौधा के निर्देशन और पं.रामेश्वरप्रसाद तिवारी बंडा के आचार्यत्व में कल शुक्रवार को पुजारी पुरोहित विद्वतजन और ब्राह्मण समाज के लोग प्रातःकाल से जुटे भीगते हुए लगभग पांच घंटे श्रावणी उपाकर्म कार्यक्रम चला।युवा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पं. भरत तिवारी ने बताया कि पिछले कई वर्षो से हम लोग श्रावणी उपाकर्म सामूहिक रूप से ही करते आ रहे हैं ये हमारी ऋषि परंपरा का अंग माना जाता है।सबसे पहले प्रायश्चित संकल्प किया गया इस संकल्प में वर्ष भर के ज्ञात अज्ञात सकल दोषों का शमन किया प्रायश्चित हेमाद्रि संकल्प लगभग एक घंटे तक चला।पुरोहित पुजारी विद्वत संघ के अध्यक्ष पं.शिवप्रसाद तिवारी ने बताया संकल्प पश्चात बाहशुद्धि के लिए दशविध स्नान और आंतरिक शुद्धि के लिए पंचगव्य का पान सभी को कराया गया,स्नान में गाय का दूध,दही, घी,भस्म, गोबर, मृतिका, दूर्वोदक, कुशोदक,स्वर्णोदक, गोमूत्र एवम तीर्थजल प्रमुख रहते हैं पंचगव्य में गाय का दूध,दही,घी,गोबर, और गोमूत्र का पान किया जाता है। धर्माधिकारी पं.बृजेश जी महाराज ने बताया हम ब्राह्मण जो वर्ष भर आशीर्वाद देते रहते हैं उसमे अपने तेज को क्षीण करते रहते है अपने तेज के पुनः उत्सर्जन के लिए ऋषियों ने उपाकर्म की परंपरा बनाई है प्रत्येक ब्राह्मण खासतौर पर कर्मकांडी के लिए उपाकर्म अनिवार्य माना जाता है।गौ पीठाधीश्वर पं.विपिनबिहारी दास महाराज ने बताया श्रावणी उपाकर्म हम कथा वक्ताओं के लिए भी अति आवश्यक है हमारी बाणी से जाने अनजाने कोई दोष हो जाए तो आज इस कर्म से उसका शमन हो जाता है।वरिष्ठ विद्वान डॉ देवेंद्र गुरु ने बताया दशबिध स्नान पश्चात हमने कटि पर्यंत जल में प्रवेश करके सूर्य अर्घ्य और देव ऋषि पितृ तर्पण किया इससे ऊर्जा प्राप्त होती है।स्नान पश्चात गौरी गणेश विष्णु और ऋषियों की स्थापना करके षोडश उपचार पूजन किया गया। पं.श्रीराम शास्त्री ने बताया पूजन उपरांत देव ऋषि आदि के नाम से हवन में आहुतियां की गई।ज्योतिष प्रकोष्ठ के सचिव पं.बलराम भारद्वाज ने नवीन यज्ञोपवीत में देवताओं और ऋषियों के आवाहन कराके सभी को नया जनेऊ धारण कराया फिर आरती और देव विसर्जन किया गया।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शिवसेना के उपराज्य प्रमुख पं.पप्पू तिवारी, पं.रामचरण शास्त्री श्रीहरि पं.नवीनबिहारी दुबे, पं.दिनेश उपाध्याय,पं.हरिहर मिश्रा,पं.नंदन पाण्डेय, पं.गौरव शास्त्री महेश प्रसाद तिवारी, पं.त्रिलोक तिवारी,पं.प्रदीप दुबे, पं.शिव नारायण तिवारी, पं.मनोज कुमार तिवारी, शिवनारायण गोस्वामी, पं.रामसेवक पाठक, पं.द्वारका दुबे पं.रामाधार तिवारी,पं.बृजेश मिश्रा,पं.आशीष प्यारी,पं.शक्ति मिश्रा,पं.हरि नारायण मिश्रा,पं.कामता प्रसाद रिछारिया,पं.देवांश मिश्रा,पं.नरेंद्र रिछारिया,पं.रामकृष्ण शास्त्री, पं.दिनेश पाण्डेय,सुरेंद्र मिश्रा,महेश दुबे,राकेश प्यासी,शिवम मिश्रा, सहित बड़ी संख्या में पुरोहित पुजारी विद्वतजन एवं बिप्र समाज के लोग उपस्थित रहे।
श्रावणी उपाकर्म कार्यक्रम के दौरान बेबस नदी के तट पर 5 घंटे गूंजायमान रहे वेदमंत्र श्रावणी उपाकर्म कार्यक्रम के दौरान बरसते पानी के बीच बेबस नदी के तट पर 5 घंटे गुंजायमान रहे वेदमंत्र सागर में शुक्रवार को सुबह से ही बारिश जारी थी लोग घर से बाहर निकलने से बच रहे थे पर बेबस नदी के चितौरा घाट पर पांच घंटे वेदमन्त्र गूंजते रहे अवसर था ब्राह्मणों के श्रावणी उपाकर्म का जिसमें क्षेत्र के प्रतिष्ठित बड़े बड़े विद्वान एकत्रित हुए सनातन वैदिक और ऋषि परंपरा में चार प्रमुख त्योहार चार वर्णों में विभक्त किए गए है जिनमें श्रावणी ब्राह्मण,दशहरा क्षत्रिय,दीपावली वैश्य और होली शूद्र वर्ण का त्योहार माना जाता है।श्रावण पूर्णिमा पर श्रावणी का पर्व मनाया जाता है इसमें ब्राह्मण अपने तेज तप को जाग्रत करते हैं।सागर में बेबस नदी के तट चितौरा घाट पर वयोवृद्ध पुरोहित पुजारी विद्वत संघ के संभागीय अध्यक्ष पं.राजेंद्रप्रसाद पाण्डेय सानौधा के निर्देशन और पं.रामेश्वरप्रसाद तिवारी बंडा के आचार्यत्व में कल शुक्रवार को पुजारी पुरोहित विद्वतजन और ब्राह्मण समाज के लोग प्रातःकाल से जुटे भीगते हुए लगभग पांच घंटे श्रावणी उपाकर्म कार्यक्रम चला।युवा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पं. भरत तिवारी ने बताया कि पिछले कई वर्षो से हम लोग श्रावणी उपाकर्म सामूहिक रूप से ही करते आ रहे हैं ये हमारी ऋषि परंपरा का अंग माना जाता है।सबसे पहले प्रायश्चित संकल्प किया गया इस संकल्प में वर्ष भर के ज्ञात अज्ञात सकल दोषों का शमन किया प्रायश्चित हेमाद्रि संकल्प लगभग एक घंटे तक चला।पुरोहित पुजारी विद्वत संघ के अध्यक्ष पं.शिवप्रसाद तिवारी ने बताया संकल्प पश्चात बाहशुद्धि के लिए दशविध स्नान और आंतरिक शुद्धि के लिए पंचगव्य का पान सभी को कराया गया,स्नान में गाय का दूध,दही, घी,भस्म, गोबर, मृतिका, दूर्वोदक, कुशोदक,स्वर्णोदक, गोमूत्र एवम तीर्थजल प्रमुख रहते हैं पंचगव्य में गाय का दूध,दही,घी,गोबर, और गोमूत्र का पान किया जाता है। धर्माधिकारी पं.बृजेश जी महाराज ने बताया हम ब्राह्मण जो वर्ष भर आशीर्वाद देते रहते हैं उसमे अपने तेज को क्षीण करते रहते है अपने तेज के पुनः उत्सर्जन के लिए ऋषियों ने उपाकर्म की परंपरा बनाई है प्रत्येक ब्राह्मण खासतौर पर कर्मकांडी के लिए उपाकर्म अनिवार्य माना जाता है।गौ पीठाधीश्वर पं.विपिनबिहारी दास महाराज ने बताया श्रावणी उपाकर्म हम कथा वक्ताओं के लिए भी अति आवश्यक है हमारी बाणी से जाने अनजाने कोई दोष हो जाए तो आज इस कर्म से उसका शमन हो जाता है।वरिष्ठ विद्वान डॉ देवेंद्र गुरु ने बताया दशबिध स्नान पश्चात हमने कटि पर्यंत जल में प्रवेश करके सूर्य अर्घ्य और देव ऋषि पितृ तर्पण किया इससे ऊर्जा प्राप्त होती है।स्नान पश्चात गौरी गणेश विष्णु और ऋषियों की स्थापना करके षोडश उपचार पूजन किया गया। पं.श्रीराम शास्त्री ने बताया पूजन उपरांत देव ऋषि आदि के नाम से हवन में आहुतियां की गई।ज्योतिष प्रकोष्ठ के सचिव पं.बलराम भारद्वाज ने नवीन यज्ञोपवीत में देवताओं और ऋषियों के आवाहन कराके सभी को नया जनेऊ धारण कराया फिर आरती और देव विसर्जन किया गया।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शिवसेना के उपराज्य प्रमुख पं.पप्पू तिवारी, पं.रामचरण शास्त्री श्रीहरि पं.नवीनबिहारी दुबे, पं.दिनेश उपाध्याय,पं.हरिहर मिश्रा,पं.नंदन पाण्डेय, पं.गौरव शास्त्री महेश प्रसाद तिवारी, पं.त्रिलोक तिवारी,पं.प्रदीप दुबे, पं.शिव नारायण तिवारी, पं.मनोज कुमार तिवारी, शिवनारायण गोस्वामी, पं.रामसेवक पाठक, पं.द्वारका दुबे पं.रामाधार तिवारी,पं.बृजेश मिश्रा,पं.आशीष प्यारी,पं.शक्ति मिश्रा,पं.हरि नारायण मिश्रा,पं.कामता प्रसाद रिछारिया,पं.देवांश मिश्रा,पं.नरेंद्र रिछारिया,पं.रामकृष्ण शास्त्री, पं.दिनेश पाण्डेय,सुरेंद्र मिश्रा,महेश दुबे,राकेश प्यासी,शिवम मिश्रा, सहित बड़ी संख्या में पुरोहित पुजारी विद्वतजन एवं बिप्र समाज के लोग उपस्थित रहे।
- पनियरा गांव का युवक बड़ागांव नाला पार करते समय तेज बहाव में बहा सोहागी में नाले के तेज बहाव में युवक बहा सोहागी थाना क्षेत्र के पनियरा निवासी 36 वर्षीय सतीश यादव बड़ागांव नाला पार करते समय तेज बहाव में बह गया था। घटना के बाद से पुलिस प्रशासन और ग्रामीण मौके पर तलाश में जुटे हुए थे। लगातार हो रही बारिश और उफनते नाले के चलते रेस्क्यू अभियान में भी मुश्किलें आ रही थी। देर शाम से जारी तलाश के बावजूद सतीश यादव का कोई सुराग नहीं लग रहा था। बाइक नाले के पास से मिली, सोहागी थाना क्षेत्र के बड़ागांव नाले के तेज बहाव में बहे युवक का सोहागी पुलिस और SDERF की टीम ने कड़ी मस्कत के बाद शव को नाले से किया बरामद।।1
- किसी भी महिला को आंटी ना बोले उनको ठेस पहुंचती है उनको भूतपूर्व सुंदरी बोले बहुत अच्छा महसूस करेंगे 😂💯👈1
- बस्ती की बहनों और नन्ही बच्चियों के बीच मनाया रक्षाबंधन, कलेक्टर और उनके बेटे को बांधी राखी दतिया। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आज शहर की बस्ती में पहुंचकर स्थानीय परिवारों के साथ आत्मीयता से रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस अवसर पर कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के साथ उनकी पत्नी एवं बेटा भी मौजूद रहे। बस्ती की महिलाओं और नन्ही बच्चियों ने कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े एवं उनके बेटे की कलाई पर राखी बांधकर स्नेह और अपनत्व व्यक्त किया। नन्ही बच्चियों का उत्साह और बहनों का स्नेह इस अवसर को और भी खास बना गया। इस दौरान महिलाओं, बच्चों एवं स्थानीय परिवारों से आत्मीय बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। रक्षाबंधन का यह अवसर स्नेह, विश्वास, सुरक्षा और सामाजिक जुड़ाव का सुंदर संदेश लेकर आया।1
- सागर ताल पर भुजरिया मेले पर 22वीं मटकी फोड़ निशानेबाजी प्रतियोगिता का हुआ आयोजन, गिरधर दोहरे ने मारी बाजी भांडेर। सागर ताल पर आयोजित प्राचीन भुजरिया मेले में इस वर्ष भी मटकी फोड़ निशानेबाजी प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष बृजकिशोर बल्ले रावत द्वारा लगातार 22वीं बार कराया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्ण संगठन मंत्री जितेंद्र लिटोरिया तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा उपस्थित रहे। वही कार्यक्रम की अध्यक्षता हरीश मेवाफरोश ने की। इसमें क्षेत्र के करीब 25 बंदूक लाइसेंस धारक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और निशानेबाजी में अपना हुनर दिखाया। प्रतियोगिता के प्रथम चरण में गिरधर दोहरे निवासी बराना ने सटीक निशाना लगाकर मटकी फोड़ते हुए प्रथम स्थान हासिल किया और 5100 रुपए का प्रथम पुरस्कार जीता। वहीं सलोन के निवासी रामकुमार कुशवाहा ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर 3100 रुपए का रुपए का पुरस्कार प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व संगठन मंत्री जितेंद्र लिटोरिया ने कहा कि पारंपरिक प्रतियोगिताएं हमारी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस दौरान प्रमोद पुजारी, समीर माफीदार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे1
- रिंग रोड पुलिया पर बड़ा हादसा टला, प्लॉट मालिक की लापरवाही पर उठे सवाल दतिया में रिंग रोड स्थित मॉल के सामने पुलिया पर जर्जर दीवार अचानक गिरने से बड़ा हादसा टल गया। गनीमत रही कि एक युवक बाल-बाल बच गया और कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों के मुताबिक दीवार कई दिनों से हिल रही थी, लेकिन प्लॉट मालिक ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। बारिश के चलते आसपास के क्षेत्र में जलभराव का खतरा भी बढ़ गया है। यदि जल्द सफाई और उचित व्यवस्था नहीं की गई तो आसपास के घरों में पानी भर सकता है।प्रशासन एवं नगर पालिका से मांग है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर जर्जर दीवार और नाले की सफाई की व्यवस्था कराई जाए। रिंग रोड पुलिया पर बड़ा हादसा टला, प्लॉट मालिक की लापरवाही पर उठे सवाल दतिया में रिंग रोड स्थित मॉल के सामने पुलिया पर जर्जर दीवार अचानक गिरने से बड़ा हादसा टल गया। गनीमत रही कि एक युवक बाल-बाल बच गया और कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों के मुताबिक दीवार कई दिनों से हिल रही थी, लेकिन प्लॉट मालिक ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। बारिश के चलते आसपास के क्षेत्र में जलभराव का खतरा भी बढ़ गया है। यदि जल्द सफाई और उचित व्यवस्था नहीं की गई तो आसपास के घरों में पानी भर सकता है।प्रशासन एवं नगर पालिका से मांग है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर जर्जर दीवार और नाले की सफाई की व्यवस्था कराई जाए।1
- इंदरगढ़ में 4:00 बजे से भंडार सराय में बाजार में लगा जाम लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी चारों तरफ के वहां फंसे आज रक्षाबंधन के त्यौहार के अवसर पर सभी बहनों को अपने भाइयों को राखी बांधने जाना था परंतु बाजार में इतना जाम था की भंडार किराए पर गुलाबचंद शराब की दुकान के आगे से लेकर शीतला माता मंदिर तक जाम की भयावत स्थिति बनी लोगों ने बड़ी मुश्किलों से अपने बहनों को यहां वहां से कुदाया लेकिन फिर भी उनको मंजिल नसीब नहीं हुई सभी नागरिक जाम से एक घंटे से जूझ रहे हैं लेकिन उनको निकालने का रास्ता बा मुश्किल मिला जाम खुलवाने के लिए स्थान स्तर पर अभी तक कोई पुलिस प्रशासन का कर्मचारी उपलब्ध नहीं हुआ जिससे लोगों की स्थिति खराब हो गई1
- जिला जेल में बहनों ने बांधी भाइयों को राखी कही खुशी कही ग़म आया नजर जिला जेल में बहनों ने बांधी भाइयों को राखी कही खुशी कही ग़म आया नजर1
- श्रावणी उपाकर्म कार्यक्रम के दौरान बेबस नदी के तट पर 5 घंटे गूंजायमान रहे वेदमंत्र श्रावणी उपाकर्म कार्यक्रम के दौरान बरसते पानी के बीच बेबस नदी के तट पर 5 घंटे गुंजायमान रहे वेदमंत्र सागर में शुक्रवार को सुबह से ही बारिश जारी थी लोग घर से बाहर निकलने से बच रहे थे पर बेबस नदी के चितौरा घाट पर पांच घंटे वेदमन्त्र गूंजते रहे अवसर था ब्राह्मणों के श्रावणी उपाकर्म का जिसमें क्षेत्र के प्रतिष्ठित बड़े बड़े विद्वान एकत्रित हुए सनातन वैदिक और ऋषि परंपरा में चार प्रमुख त्योहार चार वर्णों में विभक्त किए गए है जिनमें श्रावणी ब्राह्मण,दशहरा क्षत्रिय,दीपावली वैश्य और होली शूद्र वर्ण का त्योहार माना जाता है।श्रावण पूर्णिमा पर श्रावणी का पर्व मनाया जाता है इसमें ब्राह्मण अपने तेज तप को जाग्रत करते हैं।सागर में बेबस नदी के तट चितौरा घाट पर वयोवृद्ध पुरोहित पुजारी विद्वत संघ के संभागीय अध्यक्ष पं.राजेंद्रप्रसाद पाण्डेय सानौधा के निर्देशन और पं.रामेश्वरप्रसाद तिवारी बंडा के आचार्यत्व में कल शुक्रवार को पुजारी पुरोहित विद्वतजन और ब्राह्मण समाज के लोग प्रातःकाल से जुटे भीगते हुए लगभग पांच घंटे श्रावणी उपाकर्म कार्यक्रम चला।युवा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पं. भरत तिवारी ने बताया कि पिछले कई वर्षो से हम लोग श्रावणी उपाकर्म सामूहिक रूप से ही करते आ रहे हैं ये हमारी ऋषि परंपरा का अंग माना जाता है।सबसे पहले प्रायश्चित संकल्प किया गया इस संकल्प में वर्ष भर के ज्ञात अज्ञात सकल दोषों का शमन किया प्रायश्चित हेमाद्रि संकल्प लगभग एक घंटे तक चला।पुरोहित पुजारी विद्वत संघ के अध्यक्ष पं.शिवप्रसाद तिवारी ने बताया संकल्प पश्चात बाहशुद्धि के लिए दशविध स्नान और आंतरिक शुद्धि के लिए पंचगव्य का पान सभी को कराया गया,स्नान में गाय का दूध,दही, घी,भस्म, गोबर, मृतिका, दूर्वोदक, कुशोदक,स्वर्णोदक, गोमूत्र एवम तीर्थजल प्रमुख रहते हैं पंचगव्य में गाय का दूध,दही,घी,गोबर, और गोमूत्र का पान किया जाता है। धर्माधिकारी पं.बृजेश जी महाराज ने बताया हम ब्राह्मण जो वर्ष भर आशीर्वाद देते रहते हैं उसमे अपने तेज को क्षीण करते रहते है अपने तेज के पुनः उत्सर्जन के लिए ऋषियों ने उपाकर्म की परंपरा बनाई है प्रत्येक ब्राह्मण खासतौर पर कर्मकांडी के लिए उपाकर्म अनिवार्य माना जाता है।गौ पीठाधीश्वर पं.विपिनबिहारी दास महाराज ने बताया श्रावणी उपाकर्म हम कथा वक्ताओं के लिए भी अति आवश्यक है हमारी बाणी से जाने अनजाने कोई दोष हो जाए तो आज इस कर्म से उसका शमन हो जाता है।वरिष्ठ विद्वान डॉ देवेंद्र गुरु ने बताया दशबिध स्नान पश्चात हमने कटि पर्यंत जल में प्रवेश करके सूर्य अर्घ्य और देव ऋषि पितृ तर्पण किया इससे ऊर्जा प्राप्त होती है।स्नान पश्चात गौरी गणेश विष्णु और ऋषियों की स्थापना करके षोडश उपचार पूजन किया गया। पं.श्रीराम शास्त्री ने बताया पूजन उपरांत देव ऋषि आदि के नाम से हवन में आहुतियां की गई।ज्योतिष प्रकोष्ठ के सचिव पं.बलराम भारद्वाज ने नवीन यज्ञोपवीत में देवताओं और ऋषियों के आवाहन कराके सभी को नया जनेऊ धारण कराया फिर आरती और देव विसर्जन किया गया।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शिवसेना के उपराज्य प्रमुख पं.पप्पू तिवारी, पं.रामचरण शास्त्री श्रीहरि पं.नवीनबिहारी दुबे, पं.दिनेश उपाध्याय,पं.हरिहर मिश्रा,पं.नंदन पाण्डेय, पं.गौरव शास्त्री महेश प्रसाद तिवारी, पं.त्रिलोक तिवारी,पं.प्रदीप दुबे, पं.शिव नारायण तिवारी, पं.मनोज कुमार तिवारी, शिवनारायण गोस्वामी, पं.रामसेवक पाठक, पं.द्वारका दुबे पं.रामाधार तिवारी,पं.बृजेश मिश्रा,पं.आशीष प्यारी,पं.शक्ति मिश्रा,पं.हरि नारायण मिश्रा,पं.कामता प्रसाद रिछारिया,पं.देवांश मिश्रा,पं.नरेंद्र रिछारिया,पं.रामकृष्ण शास्त्री, पं.दिनेश पाण्डेय,सुरेंद्र मिश्रा,महेश दुबे,राकेश प्यासी,शिवम मिश्रा, सहित बड़ी संख्या में पुरोहित पुजारी विद्वतजन एवं बिप्र समाज के लोग उपस्थित रहे।1